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  • नर्मदा घाट पर पानी में डूबा युवक, खोज अभियान जारी

    नर्मदा घाट पर पानी में डूबा युवक, खोज अभियान जारी


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित पीपरपानी नर्मदा घाट पर आज सुबह एक युवक डूबने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार युवक रमेश दलित निवासी छेना कछार गांव चीचली ब्लॉक अपने परिवार के साथ अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया।

    घटना के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई और बहाव के कारण वह पानी में दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद से ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश जारी है। मौके पर पीएससी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कुछ स्वयंसेवी लोग भी मदद कर रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी का यह हिस्सा बारिश और पानी के बहाव के कारण खतरनाक माना जाता है। घाट पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होने के कारण ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। पुलिस ने परिवार को शांति बनाए रखने और घटनास्थल पर सहयोग करने की सलाह दी है।

    पुलिस ने बताया कि तलाश अभियान रात और दिन दोनों समय जारी रहेगा। डुबे हुए युवक को निकालने के लिए गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की टीम लगाए गए हैं। नदी के आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई और दुर्घटना न हो।

    स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी के गहरे हिस्सों में न जाएं और बच्चों या युवाओं को अकेले न जाने दें। साथ ही उन्होंने नहाने के लिए सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करने की चेतावनी दी है।

    परिवार ने बताया कि रमेश दलित अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था और वे सब नर्मदा घाट पर नहाने आए थे। वह अचानक गहरे पानी में चला गया और उसके डूबने के बाद से उसे खोजा जा रहा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी सदस्यों ने प्रशासन से पूरी मदद की अपील की है।

    घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस ने कहा है कि नदी और घाट पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द ही कुछ उपाय किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    इस बीच डूबे युवक की तलाश जारी है और गोताखोर एवं पुलिस टीम सभी प्रयास कर रही है कि रमेश दलित को सुरक्षित निकाला जा सके। यह हादसा नर्मदा घाटों पर सुरक्षा के अभाव और नदी के खतरनाक बहाव को लेकर एक चेतावनी भी है।

  • भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद के 6 वर्षीय बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं शहीद की पत्नी शिवानी ने अदम्य साहस दिखाते हुए लोगों से कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।”

    जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरने से शैलेंद्र सिंह समेत 10 जवान शहीद हुए थे।

    पत्नी का दर्दनाक लेकिन साहसी रुख
    शहीद की पत्नी शिवानी ने अपने पति के शव के पास बैठकर बार-बार बलाएं लेकर अपने पति के गाल चूमा और सभी को हिम्मत दी। उनका यह साहस देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी की रात शैलेंद्र से आखिरी कॉल पर शैलेंद्र ने कहा था कि उन्हें डर लग रहा है। उन्होंने सपना देखा था कि उनकी बेटियाँ पढ़ाई के बावजूद सफल नहीं हो रही हैं, और परिवार शादी के लिए परेशान है। शिवानी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रिटायरमेंट के बाद प्लॉट बेचकर बेटियों की शादी कर देंगे, लेकिन शैलेंद्र ने कहा, “मुझे बहुत डर लग रहा है, कुछ होने वाला है।”

    इसके बाद उनकी शहादत की खबर आई।

    परिवार की शौर्य गाथा: दादा भी थे शहीद
    शैलेंद्र के पिता हनुमत सिंह ने गर्व और आंसूओं के साथ बताया कि उनके तीनों बेटे सेना में हैं और शैलेंद्र उनके दूसरे बेटे थे। उन्होंने कहा कि उनका दादा भी 1972 में शहीद हुए थे, और आज उनका बेटा भी देश के लिए शहीद हुआ है।

    शहीद के बड़े भाई देव सिंह ने कहा कि परिवार को दुख है, लेकिन फौजी होने पर गर्व भी है। उन्होंने बताया कि वे तीनों भाई सेना में सेवा कर चुके हैं और देश रक्षा में शैलेंद्र की शहादत पर उन्हें गर्व है।

    अंतिम यात्रा में भावुक माहौल
    अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा की और “शैलेंद्र सिंह भदौरिया अमर रहें” के नारे लगाए। शमशान घाट पर जब मासूम भावेश ने पिता का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और मुखाग्नि देने से पहले पिता से लिपट गया। इस मौके पर मेजर अक्षय कुमार, एसडीएम शिवानी अग्रवाल, तहसीलदार जगन सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    ब्रिगेडियर अमित वर्मा ने कहा कि पूरा आर्मी परिवार शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है और परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

  • J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी

    J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) (International Border – IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Control – LoC) के पास कई फॉरवर्ड इलाकों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ड्रोन (Suspicious drone) की हलचल देखी। उन्होंने बताया कि सभी उड़ने वाली चीजें पाकिस्तान की तरफ से आई थीं, और कुछ मिनट तक भारतीय इलाके के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गईं।

    अधिकारियों के अनुसार, फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखने के बाद सुरक्षा बलों ने जमीन पर तलाशी अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि राजौरी में LoC के पास नौशेरा सेक्टर की रखवाली कर रहे सेना के जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां ​​गांव के ऊपर ड्रोन की हलचल देखने के बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।

    राजौरी जिले के टेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि चमकती रोशनी वाली यह उड़ने वाली चीज कालाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आई और भरख की ओर चली गई। उन्होंने बताया कि सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबराल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे चमकती रोशनी वाली ड्रोन जैसी एक चीज़ कई मिनट तक मंडराती हुई देखी गई। पुंछ जिले में LoC के पास मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन की तरफ से टोपा की ओर एक और ड्रोन जैसी चीज जाती हुई देखी गई।

    इससे पहले, शुक्रवार रात को, सुरक्षा बलों ने सांबा जिले में बॉर्डर के पास घगवाल के पालूरा गांव में पाकिस्तान से आए एक ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों का जखीरा बरामद किया। उन्होंने बताया कि बरामदगी में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। बता दें कि मई महीने में भी पाकिस्तान की ओर से कई ड्रोन भारतीय सीमा में आए थे। तब भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें नाकाम कर दिया था। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और चार दिनों तक दोनों देशों में बड़ा संघर्ष देखने को मिला। इसके बाद, फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर का फैसला हो गया।