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  • इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट

    इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट


    रतलाम । रतलाम में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब कानूनी विवाद का बड़ा मामला बन गई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे युवक ने अपनी पत्नी पर बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(1) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने आरोपी महिला को 25 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार रतलाम की राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से साक्षी नकुम से हुई थी। दोनों के बीच करीब छह महीने तक बातचीत चली और फिर परिवारों की सहमति के बाद 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह संपन्न हुआ। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

    आकाश के अनुसार अप्रैल 2023 में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सांस की नली का कैंसर होने की पुष्टि की। बीमारी का पता चलते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया और उसने साथ निभाने के बजाय दूरी बनानी शुरू कर दी। आकाश का आरोप है कि पत्नी ने यह तक कहा कि यदि उनकी मृत्यु हो गई तो उसका भविष्य क्या होगा। इसी दौरान उसने महिला थाने में मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई, हालांकि मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पत्नी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।

    इसी बीच विवाद तब और गहरा गया जब तलाक का मामला अदालत में लंबित रहने के बावजूद महिला ने 10 जून 2024 को छतरपुर निवासी युवक से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह से एक बेटी भी होने की बात सामने आई है। जब आकाश को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।

    इस मामले में फैमिली कोर्ट ने 18 अप्रैल 2026 को महिला की तलाक याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी के लगाए गए कई आरोप उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। न्यायालय ने यह भी माना कि जब पति गंभीर बीमारी से जूझ रहा था तब उसके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप परिस्थितियों के अनुरूप प्रतीत नहीं होते।

    इसके बाद आकाश ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में आपराधिक परिवाद दायर किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ बिना वैध तलाक दूसरी शादी करने के आरोप में मामला दर्ज किया। कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

    आकाश की व्यक्तिगत जिंदगी भी लगातार मुश्किलों से घिरी रही। कैंसर से उपचार के दौरान पहले पिता और फिर मां का निधन हो गया। अब वे अकेले रह रहे हैं और उनके इलाज तथा अन्य जरूरतों में दोस्त मदद कर रहे हैं। उनके अधिवक्ता भी बिना फीस लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। आकाश का कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से ही इंसाफ मिलने की उम्मीद है। वहीं मामले में आगे की सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की गई है।

  • कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप

    कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप




    नई दिल्ली। कानपुर के चकेरी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी के मायके जाने के दौरान पति ने चुपके से दूसरी शादी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा स्नैपचैट पर आई तस्वीरों से हुआ, जिसमें पति दूसरी महिला के साथ “पत्नी” लिखकर नजर आया। मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गंभीर शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और दो बार जबरन गर्भपात कराया गया। महिला का कहना है कि ससुराल वालों ने खाने में दवा मिलाकर उसे नुकसान पहुंचाया, जिससे उसका गर्भ गिर गया। इसके अलावा, ननदोई पर भी कमरे में घुसकर गलत हरकत और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया गया है।

    शादी 2022 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तय हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी से पहले ही ससुराल पक्ष ने भारी दहेज की मांग की थी, जिसमें 50 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और अन्य सामान शामिल थे। शादी के बाद भी लगातार पैसों की मांग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना जारी रही।

    पीड़िता के अनुसार, मई 2025 में वह गर्भावस्था के दौरान मायके आ गई थी, और इसी दौरान पति ने दूसरी शादी कर ली। जब उसने इस बात की जानकारी परिवार से ली तो उसे टाल दिया गया और बाद में मामले की पुष्टि खुद सोशल मीडिया से हुई।

    पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • विवियन डीसेना: धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया, रमजान में रोजा और पांच वक्त की नमाज, गुपचुप रचाई दूसरी शादी

    विवियन डीसेना: धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया, रमजान में रोजा और पांच वक्त की नमाज, गुपचुप रचाई दूसरी शादी


    नई दिल्ली। टीवी के मोस्ट पॉपुलर स्टार विवियन डीसेना ने साल 2019 में अपने जीवन का बड़ा फैसला लिया और धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया। इस बदलाव के बाद उन्होंने मिस्र की नागरिक नौरान से गुपचुप शादी रचाई। विवियन की पहली शादी टीवी अभिनेत्री वाहबिज दोराबजी से 2013 में हुई थी, लेकिन कुछ सालों बाद तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने निजी जीवन और आस्था के अनुसार नई राह चुनी।

    विवियन ने खुलासा किया कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपनी आस्था और जीवनशैली में कई बदलाव किए। वे अब पांच वक्त की नमाज नियमित रूप से पढ़ते हैं और रमजान के महीने में रोजा रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनका रोजा बहुत सादगी से खुलता है—तीन खजूर, एक गिलास दूध और थोड़ा पानी। इसके अलावा, वे घर पर विशेष ‘डेट मिल्क’ तैयार करते हैं जिसमें खजूर, शहद, सूखे मेवे और ताजे फल मिलाते हैं। इस परंपरा के माध्यम से वे अपनी इफ्तार करते हैं।

    HT को दिए इंटरव्यू में विवियन ने कहा कि रमजान उनका जीवन बदलने वाला महीना रहा। उन्होंने बताया, “रमजान आस्था का महीना है। यह हमें संस्कार और मूल्य सिखाता है। इस दौरान हमें यह भी समझ आता है कि जिन लोगों के पास भोजन नहीं है, वे किस तरह की कठिनाइयों से गुजरते हैं।” विवियन ने यह भी कहा कि रमजान का महीना हमारी आदतों को ‘रीसेट’ करने और आत्म-अनुशासन बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें अपनी सुबह की कॉफी छोड़नी पड़ती है, और पानी भी नहीं पीते। इससे शरीर वैज्ञानिक रूप से 30 दिनों के लिए ‘डिटॉक्स मोड’ में चला जाता है।

    विवियन ने जकात (चैरिटी) देने की भी अहमियत पर जोर दिया और कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। उनका मानना है कि चैरिटी का उद्देश्य केवल प्रचारित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी के रूप में निभाना चाहिए।

    विवियन की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही है। धर्म परिवर्तन और दूसरी शादी के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन इसका असर उनके खुशहाल जीवन पर नहीं पड़ा। विवियन और नौरान अब साथ में संतुलित और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वे अपने करियर और परिवार दोनों में संतुलन बनाए हुए हैं।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पांच वक्त की नमाज और रोजा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, चाहे रमजान का महीना हो या न हो। विवियन का यह अनुभव यह दिखाता है कि चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ आएं, आस्था और अपने सिद्धांतों का पालन हमेशा मार्गदर्शक होता है।

    विवियन डीसेना की कहानी बताती है कि धर्म और आस्था के बदलाव से जीवन में स्थिरता और संतुलन पाया जा सकता है, और निजी निर्णयों को अपनाकर भी कोई व्यक्ति खुशहाल और संतुलित जीवन जी सकता है।