Tag: Secunderabad

  • भारतीय सेना की आर्मरी से हथियार और गोला-बारूद गायब, रिकॉर्ड में खामियों ने चोरी की जांच को बनाया पेचीदा

    भारतीय सेना की आर्मरी से हथियार और गोला-बारूद गायब, रिकॉर्ड में खामियों ने चोरी की जांच को बनाया पेचीदा


    नई दिल्ली । 
    सिकंदराबाद कैंट में भारतीय सेना के हथियार चोरी होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सेना और तेलंगाना पुलिस की जांच में अब एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से पूछताछ की गई है। जांच के दौरान आर्मरी में रखे हथियारों और गोला-बारूद से जुड़े रिकॉर्ड में भी कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित रजिस्टर कई महीनों से ठीक तरीके से मेंटेन नहीं किए गए थे।

    इस मामले में सिकंदराबाद कैंट की 20 मद्रास रेजिमेंट की एक यूनिट से जुड़े हथियार गायब पाए गए हैं। चोरी हुए सामान में चार AK-203 असॉल्ट राइफल, सात पिस्टल और एक INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अलावा एक हजार से अधिक राउंड गोला-बारूद और पैसिव नाइट-विजन बाइनोकुलर्स की एक जोड़ी भी गायब मिली है। हथियारों की संख्या और उनकी संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

    मामले की जांच के दौरान 20 मद्रास रेजिमेंट की संबंधित यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी से सेना के अधिकारियों ने पूछताछ की है। तेलंगाना पुलिस ने भी उनसे जानकारी ली है। पूछताछ का एक प्रमुख आधार आर्मरी के रिकॉर्ड से जुड़ी कथित लापरवाही बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि हथियारों से संबंधित बही-खाते या रजिस्टर कई महीनों तक सही तरीके से अपडेट नहीं किए गए थे।

    हथियार चोरी का मामला 31 अगस्त की सुबह करीब 7:50 बजे सामने आया था। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की ओर से मलकाजगिरी कमिश्नरेट के बोल्लाराम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार, जब हथियार और गोला-बारूद रखने की जगह खोली गई तो वहां के ताले टूटे हुए मिले। इसके बाद सामान और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।

    हथियारों और गोला-बारूद की आखिरी भौतिक गिनती 30 अगस्त को शाम करीब छह बजे की गई थी। इसके बाद संबंधित भंडारण स्थान को बंद कर दिया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने अनुमान लगाया था कि चोरी 30 और 31 अगस्त की दरम्यानी रात हुई होगी।

    हालांकि, अब जांच की दिशा कुछ बदलती नजर आ रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि हथियार ताले टूटे मिलने की घटना से पहले ही गायब हो चुके हों। आर्मरी के रिकॉर्ड में पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण यह स्पष्ट करना मुश्किल हो रहा है कि 30 अगस्त की शाम को वास्तविक रूप से सभी हथियार वहां मौजूद थे या नहीं।

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हथियारों के भंडारण वाले स्थान की सुरक्षा नियमित रूप से की जाती है। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भी किसी तरह की सेंधमारी देखने से इनकार किया है। उनके बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हथियारों का हिसाब नियमित रूप से किया जाना जरूरी है, लेकिन रिकॉर्ड में मिली कथित खामियां जांच के लिए महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही हैं।

    फिलहाल सेना और तेलंगाना पुलिस चोरी हुए हथियारों, गोला-बारूद और अन्य सामान का पता लगाने के साथ यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि वे आखिर कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए। रिकॉर्ड में कमी, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।

  • शबरी एक्सप्रेस में पत्नी के सामने पति और कथित प्रेमिका ने खाया जहरीला पदार्थ, सिकंदराबाद पहुंचते ही दोनों अस्पताल में भर्ती

    शबरी एक्सप्रेस में पत्नी के सामने पति और कथित प्रेमिका ने खाया जहरीला पदार्थ, सिकंदराबाद पहुंचते ही दोनों अस्पताल में भर्ती

    नई दिल्ली । शबरी एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक व्यक्ति और उसकी कथित प्रेमिका द्वारा जहरीला पदार्थ खाए जाने की घटना से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। घटना तेलंगाना के सिकंदराबाद के बाहरी क्षेत्र में चेर्लापल्ली रेलवे स्टेशन के पास सामने आई। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस पारिवारिक विवाद और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े तनाव को घटना का संभावित कारण मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के छपरा गांव निवासी सिरिश के रूप में हुई है। जांच के दौरान सामने आया कि उसका उसी गांव की एक विवाहित महिला नीलावेनी के साथ कथित तौर पर विवाहेतर संबंध था। बताया जा रहा है कि सिरिश अपनी पत्नी सुलोचना को छोड़कर नीलावेनी के साथ कोयंबटूर में रह रहा था। बाद में पत्नी को उनके ठिकाने की जानकारी मिलने पर वह कोयंबटूर पहुंची और दोनों को वापस गांव चलने के लिए राजी किया।

    इसके बाद तीनों शबरी एक्सप्रेस से श्रीकाकुलम लौट रहे थे। यात्रा के दौरान जब ट्रेन सिकंदराबाद की ओर बढ़ रही थी, तभी सिरिश और नीलावेनी ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे कोच के भीतर बेहोश होकर गिर पड़े। यह देखकर अन्य यात्रियों ने तुरंत रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

    सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक सहायता देने के बाद हैदराबाद स्थित गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों का इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया के तहत दोनों की निगरानी कर रहा है, जबकि पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है।

    घटना के बाद सिकंदराबाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी दोनों के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों और ट्रेन में मौजूद यात्रियों से जानकारी जुटा रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जहरीला पदार्थ ट्रेन में कैसे लाया गया और उसे किन परिस्थितियों में सेवन किया गया। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों घायलों का उपचार जारी है और पुलिस अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।