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  • बैंकिंग सेवाओं बनेंगी सुरक्षित… डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों में लागू होगा AI मॉडल

    बैंकिंग सेवाओं बनेंगी सुरक्षित… डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों में लागू होगा AI मॉडल


    नई दिल्ली।
    बैंकिंग सेवाओं (Banking services) को सुरक्षित (Safe) बनाने और डिजिटल फ्रॉड (Digital fraud) रोकने के लिए बैंकों में एआई मॉडल (AI Model) जल्द लागू होगा। धोखाधड़ी को समय रहते पहचानने के लिए डिजिटल पेमेंट्स इंटलीजेंस प्लेटफार्म सिस्टम (Digital Payments Intelligence Platform System) बड़े पैमाने पर लागू होगा।

    सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं से लेकर एमएसएमई ऋण बाजार तक डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम की कोशिश कर रही है। इससे वित्तीय क्षेत्र में एआई और मशीन लर्निंग के जरिये जवाबदेही, पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

    आरबीआई एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े सभी सुरक्षा मॉडलों को इसमें शामिल करने की तैयारी में है। थर्ड पार्टी एआई से उत्पन्न जोखिम को भी ध्यान में रखा जाएगा। ग्राहकों के सीधे संपर्क में आने वाली एआई प्रणालियों के लिए अतिरिक्त साइबर सुरक्षा उपाय लागू होंगे।

  • ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना मुख्य लक्ष्य…. आधे से आगे पहुंचा अभियान : नेतन्याहू

    ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना मुख्य लक्ष्य…. आधे से आगे पहुंचा अभियान : नेतन्याहू


    तेल अवीव।
    इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इस्राइल संयुक्त सैन्य अभियान (US-Israel Joint Military Operation) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अब आधे से आगे पहुंच चुका है और इसका अगला मुख्य लक्ष्य ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना या हटाना है।

    एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने दावा किया कि इस अभियान में अब तक अहम सफलताएं हासिल हुई हैं। उनके मुताबिक, ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।


    ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान

    नेतन्याहू ने बताया कि अमेरिका और इस्राइल की सेनाओं ने मिलकर ईरान के मिसाइल सिस्टम, हथियार फैक्ट्रियों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई प्रमुख वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है। इससे ईरान की युद्ध क्षमता को गंभीर झटका लगा है। उन्होंने कहा हमने उनकी मिसाइल क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है, फैक्ट्रियां तबाह कर दी हैं और उनके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम लोगों को खत्म किया है।


    अब यूरेनियम भंडार पर नजर

    इस्राइली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब ऑपरेशन का फोकस ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार पर है, जो परमाणु हथियार बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सामग्री को ईरान से हटाने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में देने की मांग की है।

    नेतन्याहू ने इस सैन्य कार्रवाई को सिर्फ मौजूदा खतरे से निपटने का नहीं, बल्कि भविष्य में संभावित बड़े संकट को रोकने का प्रयास बताया। उनका कहना है ईरान परमाणु हथियार बनाने और उन्हें अमेरिकी शहरों तक पहुंचाने की क्षमता विकसित कर रहा है। इस युद्ध का मकसद इसी खतरे को रोकना है।


    ईरान कमजोर, गठबंधन मजबूत

    नेतन्याहू ने दावा किया कि इस ऑपरेशन के चलते ईरान की स्थिति कमजोर हो रही है, जबकि अमेरिका-इस्राइल गठबंधन और मजबूत होकर उभर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के अंदर अस्थिरता बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने ऑपरेशन के खत्म होने की कोई समयसीमा नहीं बताई, लेकिन भरोसा जताया कि मिशन अपने लक्ष्य तक पहुंचने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।