नौका विहार के दौरान हुआ हादसा
चट्टान से टकराने के बाद पलटी नाव
होमगार्ड की तत्परता से बची जानें
गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती
पुलिस कर रही जांच

नौका विहार के दौरान हुआ हादसा
चट्टान से टकराने के बाद पलटी नाव
होमगार्ड की तत्परता से बची जानें
गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती

पुलिस ने गेर मार्ग के ऊंचे स्थानों, संकरी गलियों और संवेदनशील चौराहों पर विशेष निगरानी रखी है। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड कंट्रोल रूम तक भेजी जा रही है, जिससे अधिकारी भीड़ के घनत्व, यातायात और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को मोड़ने और मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश तुरंत दिए जा रहे हैं।
गेर शुरू होने से पहले पुलिस ने संवेदनशील स्थानों और छतों की भी जांच की। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी पत्थर, कांच या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं जमा न हों। इसके साथ ही गेर में हड़बड़ी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शहर में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि रंगपंचमी गेर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, आनंददायक और व्यवस्थित बने।
पुलिस ने बताया कि ड्रोन निगरानी और लाइव फीड के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। गेर मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी और विशेष सुरक्षा दल भीड़ प्रबंधन में सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गेर में किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। ड्रोन और हाई-टेक कैमरों की मदद से प्रशासन पूरे गेर मार्ग का हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।
इस हाई-टेक निगरानी से रंगपंचमी गेर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मार्ग व्यवस्थित रहेगी। प्रशासन की यह पहल गेर को सुरक्षित बनाने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 5 महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।
मृतक महिला के परिजन मौके पर पहुंचकर आयोजकों और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और भीड़ नियंत्रण के उपाय न के बराबर थे। साथ ही आपातकालीन सुविधाओं की कमी और आयोजन स्थल पर समुचित व्यवस्था न होने का आरोप भी लगाया।
यह आयोजन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा किया जा रहा है। 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस 11 दिवसीय महोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम), प्रदीप मिश्रा और कुमार विश्वास जैसे संत-कवि शामिल होंगे। आयोजक समिति ने घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवार को सहायता देने की बात कही है।
कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह यादव पहले ही आयोजन की तैयारियों का जायजा ले चुके थे, लेकिन आज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।इस दुखद घटना ने महोत्सव की शुरुआत को ही झकझोर दिया है और लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है।

घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,
पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।

दरअसल तुर्कमान गेट इलाके में हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की तैनाती की गई है। मस्जिद परिसर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग कर दी गई है, वहीं हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जुमे की नमाज के बाद भी सुरक्षा बल इलाके में तैनात रहेंगे। ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त सीसीटीवी की मदद से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तुर्कमान गेट हिंसा की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की टीम तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास पहुंची थी। इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों पर पथराव किया, जिसमें 10 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग, आंसू गैस और लाठीचार्ज करना पड़ा था। घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा के मद्देनजर सील कर दिया गया था और बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई थी, जिसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई। पुलिस ने इस मामले में दंगा, सरकारी काम में बाधा और हिंसा से जुड़ी धाराओं में कई एफआईआर दर्ज की हैं।
जांच और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने हिंसा की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक और तकनीकी जांच शुरू की है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं हिंसा किसी संगठित साजिश का हिस्सा तो नहीं थी। अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शांति भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी दोहराया गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी और इसका उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाना था।
जुमे की नमाज को लेकर मस्जिद की अपील आई सामने
फैज-ए-इलाही मस्जिद के मुख संरक्षक नजमुद्दीन चौधरी ने हालात की नजाकत को देखते हुए लोगों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो लोग अपने घर या नजदीकी मस्जिद में नमाज अदा करें, ताकि अनावश्यक भीड़ न जुटे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। अफवाहों पर रोक लगाने के लिए साइबर सेल को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
तुर्कमान गेट हिंसा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी बहस तेज है। कुछ विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन और सत्तापक्ष का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जा रही। जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने दोहराया कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसी सहयोग से इलाके में सामान्य स्थिति बहाल कराए जाने का प्रयास जारी रहेगा।

अमित शाह ग्वालियर में अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट का शुभारंभ करेंगे.जिसमें 2 लाख करोड़ के निवेश और उद्योगों के शिलान्यास की घोषणा की जाएगी। यह कार्यक्रम मेला ग्राउंड पर होगा और इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य प्रदेश मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन में ग्वालियर-चंबल अंचल के एक लाख से अधिक लोग शामिल होने की संभावना है और यह प्रदेश में उद्योग-निवेश के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेगा।