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  • सीहोर पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चोर गिरफ्तार; दो घरों की चोरी का खुलासा, लाखों के गहने बरामद

    सीहोर पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चोर गिरफ्तार; दो घरों की चोरी का खुलासा, लाखों के गहने बरामद


    सीहोर । सीहोर जिले की भैरूंदा थाना पुलिस को अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाहन चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो घरों में हुई नकबजनी और दो मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों का भी खुलासा कर दिया। आरोपी की निशानदेही पर करीब एक लाख रुपए कीमत के चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से थाना क्षेत्र में दर्ज कुल चार मामलों की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद उपजेल भेज दिया है, जबकि उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार, 21 और 24 मार्च को भैरूंदा निवासी अंकित तिवारी और कामिल खान ने अपने घरों में चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में अज्ञात बदमाश रात के समय मकानों के ताले तोड़कर अंदर घुसे और अलमारियों में रखी नकदी तथा कीमती गहने लेकर फरार हो गए थे। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम का गठन किया।

    एसडीओपी रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार संदिग्धों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर भैरूंदा निवासी मुहास उर्फ मुहाज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले वाहन चोरी और बाद में घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब एक लाख रुपए मूल्य के चांदी के आभूषण बरामद किए। जब्त सामान में चांदी का हार, बच्चों के दो कड़े, दो पायजेब, दो चांदी की पट्टियां और चार बिछिया शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी गया अन्य सामान और आरोपी के संभावित साथियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने गुड़ बाजार और कॉलोनी क्षेत्र से दो मोटरसाइकिलें भी चोरी की थीं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने वाहन चोरी के दोनों मामलों को भी सुलझा लिया। एक ही आरोपी की गिरफ्तारी से चोरी और वाहन चोरी से जुड़े कुल चार मामलों का पर्दाफाश होना पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे चारों मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस का मानना है कि आगे की पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

  • सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात

    सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार और सोमवार के दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी तथा 22 जुलाई से जिले में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

    भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार 20 जुलाई को जिले में औसतन 0.28 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश जावर और रेहटी क्षेत्र में हुई जहां क्रमशः 0.98 इंच और 0.93 इंच पानी गिरा। इसके अलावा इछावर में 0.20 इंच आष्टा में 0.12 इंच और बुधनी में 0.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। वहीं सीहोर शहर श्यामपुर और भैरूंदा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम ठंडा बना रहा।

    मानसून सीजन की शुरुआत एक जून से अब तक जिले में कुल औसतन 14.30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 17.71 इंच की तुलना में कम है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 45.21 इंच मानी जाती है। ऐसे में अभी भी सामान्य बारिश के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अच्छी वर्षा की जरूरत बनी हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सबसे अधिक बारिश आष्टा क्षेत्र में दर्ज की गई है जहां अब तक 19.76 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद जावर में 17.87 इंच भैरूंदा में 15.31 इंच इछावर में 14.88 इंच और रेहटी में 14.60 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर सीहोर शहर में अब तक 12.94 इंच और बुधनी में 11.48 इंच बारिश हुई है जबकि श्यामपुर सबसे पीछे है जहां केवल 7.73 इंच वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से पर्याप्त नमी प्रदेश में पहुंच रही है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मालवा और मध्य क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियां लगातार बढ़ने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं 22 और 23 जुलाई से जिले में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। यदि मौसम प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रहती है तो आने वाले दिनों में जिले में झमाझम बारिश से जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम

    जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम


    सीहोर । सीहोर जिले में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जमोनिया रोड स्थित ऋषभ वाटिका के सामने दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों सवारों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शेरपुर निवासी 30 वर्षीय अकबर खान पुत्र बसारत खान और जमोनिया निवासी 20 वर्षीय रितेश पुत्र लक्ष्मीनारायण भिलाला के रूप में हुई है। दोनों युवक अपनी अपनी मोटरसाइकिल से विपरीत दिशा से आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहन तेज गति में थे। अचानक आमने सामने आने के बाद दोनों चालक बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके और भीषण टक्कर हो गई। टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मंडी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए शवों को कब्जे में लिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी या फिर किसी अन्य कारण से यह दुर्घटना हुई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक पल की लापरवाही और तेज रफ्तार ने दो युवाओं की जिंदगी खत्म कर दी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह देते हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि तेज रफ्तार से बचें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

  • सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

    सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी


    सीहोर। सीहोर जिले के बिजौरी गांव में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग की समस्या ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से परेशान लोग सड़क पर उतर आए और विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली आपूर्ति का कोई तय समय नहीं है। कभी भी बिजली गुल हो जाती है और लंबे समय तक बहाल नहीं होती। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। रात के समय जहां लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, वहीं दिन में जरूरी घरेलू और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

    बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर और पंप बंद रहने से गांव में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई घरों में पीने के पानी तक की किल्लत हो रही है।

    इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और अंधेरे के कारण छात्र-छात्राएं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और बीमार लोग भी लगातार परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी समय पर बिल वसूलने में कोई देरी नहीं करती, लेकिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे जमीन पर दिखाई नहीं देते।

    लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।

  • फार्मर आईडी और सर्वर डाउन से अटकी खाद बुकिंग, सीहोर में बढ़ी मुश्किलें

    फार्मर आईडी और सर्वर डाउन से अटकी खाद बुकिंग, सीहोर में बढ़ी मुश्किलें


    सीहोर। सीहोर जिले में खाद वितरण की नई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सरकार द्वारा खाद वितरण को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिए जाने और इसे फार्मर आईडी से जोड़ने के बाद किसानों को खाद खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब किसान सीधे दुकानों से खाद नहीं खरीद सकते, बल्कि उन्हें पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी अनिवार्य कर दी गई है।

    इस बदलाव से जिले के किसान नाराज हैं और वे खुलकर इसका विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिकांश के पास अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है, जिसके कारण वे खाद बुक करने से वंचित रह जा रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना तैयारी के इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया, जिससे खेती के सीजन में उन्हें भारी संकट झेलना पड़ रहा है।

    खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसान अपनी पुरानी उपज बेचकर खेतों की तैयारी कर चुके हैं और अब मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में खाद की तत्काल आवश्यकता होगी, लेकिन नई प्रणाली ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    किसानों का कहना है कि उनके खसरे आधार से लिंक नहीं हैं और कई खातों की केवाईसी भी पूरी नहीं हो पाई है। उनका तर्क है कि पहले सभी किसानों को फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, उसके बाद ही इस तरह की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए थी।

    जिले में करीब 1 लाख 45 हजार किसानों में से केवल 13,445 किसानों ने ही अब तक फार्मर आईडी बनवाई है, जिससे साफ है कि बड़ी संख्या में किसान अभी भी सिस्टम से बाहर हैं। इसके अलावा, तकनीकी समस्याएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कई बार सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही, जिससे किसान पर्ची जनरेट नहीं कर पा रहे हैं।

    किसानों की एक और समस्या यह है कि पर्ची जनरेट होने के बाद भी कई बार सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं होता। निर्धारित समय में खाद न मिलने पर पर्ची स्वतः समाप्त हो जाती है, जिससे किसानों को दोबारा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

    हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था खाद की कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई है। डीडीए अशोक उपाध्याय के अनुसार, किसान अब घर बैठे खाद बुक कर सकते हैं और लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में फार्मर आईडी बनाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान इस व्यवस्था से जुड़ सकें।

  • तहसील चौराहे पर लापरवाही पर सवाल: खस्ताहाल भवन से बढ़ा हादसे का डर

    तहसील चौराहे पर लापरवाही पर सवाल: खस्ताहाल भवन से बढ़ा हादसे का डर


    मध्य प्रदेश । सीहोर के तहसील चौराहे के पास स्थित एक पुरानी और जर्जर धर्मशाला अब गंभीर खतरे का कारण बन गई है। बारिश के मौसम को देखते हुए इसके कभी भी ढहने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आसपास रहने वाले और आने-जाने वाले हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

    यह धर्मशाला शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक तहसील चौराहे के पास स्थित है, जहां दिनभर लोगों की भारी आवाजाही रहती है। कलेक्ट्रेट, तहसील और न्यायालय से जुड़े कामों के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में यह जर्जर भवन सीधे तौर पर आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का हिस्सा कमजोर हो चुका है। बारिश शुरू होते ही इसके गिरने की आशंका और बढ़ जाती है।

    समाजसेवी विवेक राठिया ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस इमारत को सुरक्षित नहीं किया गया या हटाया नहीं गया, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। राठिया ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल यह जर्जर धर्मशाला लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है और मानसून से पहले कार्रवाई न होने पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

  • सीहोर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा के साथ मां-बेटा गिरफ्तार

    सीहोर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा के साथ मां-बेटा गिरफ्तार


    नई दिल्ली । सीहोर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से कुल 8 किलो 459 ग्राम गांजा बरामद किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बुदनी के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रवि शर्मा के मार्गदर्शन और शाहगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदिरा कॉलोनी निवासी किरण कुचबंदिया अवैध रूप से गांजे की बिक्री कर रही है।

    सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में दबिश दी और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। इसके बाद आरोपी महिला को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

    जांच के दौरान पुलिस ने महिला के बेटे अजय कुचबंदिया को भी हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया जा रहा था और किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच तेज कर दी गई है।

  • सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है।
    स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
    हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
    नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
    स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
    एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • एक बूंद पानी को तरसे गांव इछावर में बिगड़े हालात जल जीवन मिशन पर उठे सवाल

    एक बूंद पानी को तरसे गांव इछावर में बिगड़े हालात जल जीवन मिशन पर उठे सवाल


    इछावर। मध्यप्रदेश के इछावर क्षेत्र में इन दिनों जल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है जहां लोगों की जिंदगी का सबसे बड़ा संघर्ष अब पानी बन चुका है। भीषण गर्मी के बीच हालात इतने खराब हो चुके हैं कि गांवों में रहने वाले लोगों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी की तलाश करनी पड़ रही है। सीहोर जिले के आलमपुरा जमनी और बड़ी कुलास जैसे गांवों में पानी के लिए जूझ रहे लोगों की तस्वीरें किसी त्रासदी से कम नहीं हैं

    सुबह होते ही महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग खाली बर्तन लेकर घर से निकल पड़ते हैं और दिनभर पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। चिलचिलाती धूप में तपती जमीन पर नंगे पांव या चप्पल पहनकर लंबी दूरी तय करना उनकी मजबूरी बन चुका है। कई बार घंटों की मशक्कत के बाद भी उन्हें साफ पानी नहीं मिल पाता और जो पानी मिलता है वह भी पीने लायक नहीं होता

    ग्रामीणों के अनुसार इलाके के अधिकांश हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं और नलों में कई दिनों से पानी नहीं आया है। पानी की कमी ने न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित किया है बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है

    इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय समाजसेवी और किसान एम.एस. मेवाड़ा ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि यह केवल पानी का संकट नहीं बल्कि मानवता की परीक्षा है जहां हर किसी को मिलकर आगे आना होगा

    सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन भी इस क्षेत्र में बेअसर साबित होती नजर आ रही है। इस योजना का उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना था लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। कई गांवों में नल तो लगाए गए लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा जिससे लोगों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं

    जल संकट का असर अब सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है क्योंकि उन्हें भी पानी लाने में परिवार का साथ देना पड़ता है। महिलाएं घर के कामकाज के साथ साथ पानी लाने की जिम्मेदारी निभाते हुए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से थक चुकी हैं

    ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए ताकि लोगों को इस भीषण संकट से राहत मिल सके। जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उनका सही तरीके से क्रियान्वयन हो और हर गांव तक पानी की पहुंच सुनिश्चित की जाए

  • समर्थन मूल्य पर खरीदी ने बदली तस्वीर किसानों ने जश्न में किया डांडिया स्वागत

    समर्थन मूल्य पर खरीदी ने बदली तस्वीर किसानों ने जश्न में किया डांडिया स्वागत


    इछावर । मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की शुरुआत ने किसानों के चेहरे पर लंबे समय बाद सच्ची मुस्कान ला दी है सीहोर जिले के चंदेरी गांव में इसका अनोखा और उत्साहपूर्ण नजारा देखने को मिला जहां किसानों ने खुशी में डांडिया नृत्य कर जश्न मनाया खेतों की मेहनत का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद ने पूरे गांव का माहौल उत्सव में बदल दिया

    दरअसल बीते दिनों सीहोर जिले के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था किसानों का कहना था कि उनकी फसल तैयार होने के बावजूद खरीदी में देरी हो रही थी और बाजार में उन्हें गेहूं का सही दाम नहीं मिल पा रहा था मंडियों में गेहूं 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था वहीं दूसरी ओर कर्ज का दबाव और खराब होती फसल ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी

    इस स्थिति को देखते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जल्द खरीदी शुरू कराने की मांग की थी किसानों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी है अब किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है

    खरीदी शुरू होते ही चंदेरी गांव समेत आसपास के राम खेड़ी और अन्य गांवों के किसानों ने एकजुट होकर अपनी खुशी का इजहार किया पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से किसानों ने न केवल जश्न मनाया बल्कि सरकार के प्रति आभार भी जताया यह दृश्य न केवल गांव के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गया जहां मेहनत करने वाले अन्नदाता अपनी जीत का जश्न मना रहे थे

    किसानों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद किया उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे

    यह पहल केवल आर्थिक राहत ही नहीं बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाली साबित हो रही है लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों के लिए यह फैसला उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है गांवों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल है और किसान भविष्य को लेकर अब पहले से ज्यादा आश्वस्त नजर आ रहे हैं

    गेहूं खरीदी की यह शुरुआत प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा देगी इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जब किसानों की आवाज सुनी जाती है तो उसका परिणाम खुशहाली और उत्सव के रूप में सामने आता है