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  • मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी भोपाल समेत विदिशा सीहोर शाजापुर रायसेन राजगढ़ और कई अन्य जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। विदिशा में बाढ़ के पानी में बच्चों समेत 17 लोग फंस गए जिन्हें पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं भोपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई जिसके बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों तक पानी पहुंच गया।

    भोपाल में बारिश का असर रेलवे स्टेशन से लेकर पुलिस थाने तक दिखाई दिया। भोपाल रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भरने से रेल परिचालन प्रभावित होने की स्थिति बनी वहीं ईंटखेड़ी थाना परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेमरा इलाके में करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी भरने की सूचना है जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए। अपोलो अस्पताल के आसपास की कॉलोनियों कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी और पुलिस हाउसिंग कॉलोनी में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पेड़ गिरने के कारण वीआईपी रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    बारिश का असर भोपाल के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। भोपाल बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के आसपास पानी बढ़ने और कई नदियों नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बैरसिया और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण कई रास्तों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया है। सीहोर में भी कई रास्तों पर पानी बहने लगा और श्यामपुर समेत कई इलाकों में मकानों के भीतर बारिश का पानी घुस गया। सेवनिया में मंदिर के डूबने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    विदिशा में ग्राम बामनखेड़ा के लश्करपुर रोड पर बाढ़ का पानी भरने के बाद करीब 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण जिले में नदी नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर जिले के अकोदिया क्षेत्र में कालीसिंध नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नलखेड़ा रोड की पड़ाव कॉलोनी में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं उकावल जाने वाले मार्ग के रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई।

    रतलाम में भी सुबह से हो रही बारिश के कारण नदी नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। सैलाना के आडवानिया स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना तेज धार के साथ बहने लगा। सावन के दूसरे सोमवार के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी पहुंची। सीहोर में उफनते नाले के बीच एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने का मामला भी सामने आया। वहीं कई गांवों में रास्ते पानी में डूब गए हैं।

    पिछले 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल में करीब 7 इंच बारिश हुई। नर्मदापुरम में 5 इंच रायसेन में 4.9 इंच राजगढ़ और शाजापुर में करीब 4.5 इंच तथा सीहोर में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में नर्मदा का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। उमरिया के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    लगातार बारिश से जहां किसानों को फसलों के लिए राहत मिली है वहीं जलभराव और बाढ़ ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी लोग पानी में फंस रहे हैं वहां रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से नदी नालों पुलों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी भोपाल समेत विदिशा सीहोर शाजापुर रायसेन राजगढ़ और कई अन्य जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। विदिशा में बाढ़ के पानी में बच्चों समेत 17 लोग फंस गए जिन्हें पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं भोपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई जिसके बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों तक पानी पहुंच गया।

    भोपाल में बारिश का असर रेलवे स्टेशन से लेकर पुलिस थाने तक दिखाई दिया। भोपाल रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भरने से रेल परिचालन प्रभावित होने की स्थिति बनी वहीं ईंटखेड़ी थाना परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेमरा इलाके में करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी भरने की सूचना है जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए। अपोलो अस्पताल के आसपास की कॉलोनियों कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी और पुलिस हाउसिंग कॉलोनी में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पेड़ गिरने के कारण वीआईपी रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    बारिश का असर भोपाल के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। भोपाल बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के आसपास पानी बढ़ने और कई नदियों नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बैरसिया और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण कई रास्तों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया है। सीहोर में भी कई रास्तों पर पानी बहने लगा और श्यामपुर समेत कई इलाकों में मकानों के भीतर बारिश का पानी घुस गया। सेवनिया में मंदिर के डूबने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    विदिशा में ग्राम बामनखेड़ा के लश्करपुर रोड पर बाढ़ का पानी भरने के बाद करीब 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण जिले में नदी नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर जिले के अकोदिया क्षेत्र में कालीसिंध नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नलखेड़ा रोड की पड़ाव कॉलोनी में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं उकावल जाने वाले मार्ग के रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई।

    रतलाम में भी सुबह से हो रही बारिश के कारण नदी नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। सैलाना के आडवानिया स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना तेज धार के साथ बहने लगा। सावन के दूसरे सोमवार के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी पहुंची। सीहोर में उफनते नाले के बीच एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने का मामला भी सामने आया। वहीं कई गांवों में रास्ते पानी में डूब गए हैं।

    पिछले 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल में करीब 7 इंच बारिश हुई। नर्मदापुरम में 5 इंच रायसेन में 4.9 इंच राजगढ़ और शाजापुर में करीब 4.5 इंच तथा सीहोर में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में नर्मदा का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। उमरिया के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    लगातार बारिश से जहां किसानों को फसलों के लिए राहत मिली है वहीं जलभराव और बाढ़ ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी लोग पानी में फंस रहे हैं वहां रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से नदी नालों पुलों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

  • सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात

    सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार और सोमवार के दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी तथा 22 जुलाई से जिले में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

    भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार 20 जुलाई को जिले में औसतन 0.28 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश जावर और रेहटी क्षेत्र में हुई जहां क्रमशः 0.98 इंच और 0.93 इंच पानी गिरा। इसके अलावा इछावर में 0.20 इंच आष्टा में 0.12 इंच और बुधनी में 0.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। वहीं सीहोर शहर श्यामपुर और भैरूंदा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम ठंडा बना रहा।

    मानसून सीजन की शुरुआत एक जून से अब तक जिले में कुल औसतन 14.30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 17.71 इंच की तुलना में कम है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 45.21 इंच मानी जाती है। ऐसे में अभी भी सामान्य बारिश के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अच्छी वर्षा की जरूरत बनी हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सबसे अधिक बारिश आष्टा क्षेत्र में दर्ज की गई है जहां अब तक 19.76 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद जावर में 17.87 इंच भैरूंदा में 15.31 इंच इछावर में 14.88 इंच और रेहटी में 14.60 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर सीहोर शहर में अब तक 12.94 इंच और बुधनी में 11.48 इंच बारिश हुई है जबकि श्यामपुर सबसे पीछे है जहां केवल 7.73 इंच वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से पर्याप्त नमी प्रदेश में पहुंच रही है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मालवा और मध्य क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियां लगातार बढ़ने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं 22 और 23 जुलाई से जिले में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। यदि मौसम प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रहती है तो आने वाले दिनों में जिले में झमाझम बारिश से जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।