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  • बिहार के मोतिहारी में घोड़ागाड़ी से विदेशी शराब की तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने दो सौ बोतलें जब्त कीं

    बिहार के मोतिहारी में घोड़ागाड़ी से विदेशी शराब की तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने दो सौ बोतलें जब्त कीं


    नई दिल्ली । 
    बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए पारंपरिक परिवहन साधनों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने एक घोड़ागाड़ी को रोककर भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है।

    पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर वाहनों की नियमित जांच से बचने के लिए घोड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस आधार पर पुलिस टीम ने बेघर गांव के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध घोड़ागाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान उसमें विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों से विभिन्न ब्रांडों की लगभग दो सौ बोतलें विदेशी शराब बरामद की गईं।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तस्करी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि उसका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं और खरीदारों का पता लगाया जा सके।

    जांच अधिकारियों के अनुसार, राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमतौर पर चार पहिया वाहनों, ट्रकों या यात्री बसों का उपयोग किया जाता था, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण अब ग्रामीण इलाकों के कच्चे रास्तों और जानवरों का सहारा लिया जा रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह खेप पड़ोसी क्षेत्रों से लाकर स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में खपाने की योजना थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय तस्करों से जुड़े हैं और क्या पूर्व में भी इस माध्यम का उपयोग किया गया था।

    शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। संदेह के आधार पर कृषि कार्यों या माल ढुलाई में लगे पारंपरिक साधनों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि तस्करी के किसी भी प्रयास को विफल किया जा सके।

    उल्लेखनीय है कि अवैध मादक पदार्थों और शराब की अंतरराज्यीय तस्करी की रोकथाम के लिए बिहार पुलिस के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी विशेष जांच अभियान चलाए जाते रहे हैं, जिससे तस्करों के नेटवर्क पर अंकुश लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भागे हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जब्त शराब और वाहन को कानूनी प्रक्रिया के तहत सील कर दिया गया है तथा संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।

  • दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई

    दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई


    दमोह । दमोह शहर में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार शहर में लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 4 करोड़ 68 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे वसूलने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
    बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटने की कार्रवाई के बावजूद कई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए हैं। ऐसे मामलों में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच के लिए मामला सौंपा है। ये आरोपी अवैध रूप से लाइन से छेड़छाड़ कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
    विभाग ने बकाया राशि जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 एवं 147 के तहत आरआरसी नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।इसी क्रम में अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में 24 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान फीडर नंबर 24 में कार्रवाई करते हुए शिवशक्ति मंदिर के पास रहने वाली माया/देवेंद्र जाटव, जिन पर 64 हजार रुपये बकाया था, तथा मल्लपुरा नया बाजार क्षेत्र के निवासी दयाशंकर/डल्लू प्रसाद अहिरवार, जिन पर 42,178 रुपये बकाया था, के दो वाहनों को जब्त किया गया।
    अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क कर नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक अभियंताओं को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे राजस्व वसूली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
    अपील:
    बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करें, अन्यथा उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।