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  • बुमराह के विकल्प की तलाश में बीसीसीआई, चयनकर्ताओं की रडार पर आए चार युवा तेज गेंदबाज

    बुमराह के विकल्प की तलाश में बीसीसीआई, चयनकर्ताओं की रडार पर आए चार युवा तेज गेंदबाज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका दौरे के आगाज से ठीक पहले एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने की समस्या के कारण आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। हाल ही में संपन्न हुई एक दिवसीय श्रृंखला के दौरान उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ा था। बेंगलुरु स्थित क्रिकेट सेंटर में जांच के बाद मेडिकल टीम ने उन्हें पूर्ण विश्राम और उपचार की सलाह दी है।

    टीम प्रबंधन आगामी लंबे और महत्वपूर्ण क्रिकेट सीजन को देखते हुए अपने मुख्य गेंदबाज के साथ कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। बुमराह के बाहर होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी जगह कौन लेगा। हालांकि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और बोर्ड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उनके विकल्प के नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन चार युवा गेंदबाजों के नाम इस समय सबसे आगे चल रहे हैं।

    विकल्प की इस दौड़ में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले आकिब ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इसके अलावा उन्हें हाल ही में इंडिया-ए के साथ श्रीलंका में खेलने का अनुभव भी प्राप्त है, जो उनके पक्ष में एक बड़ा मजबूत बिंदु माना जा रहा है।

    रेसिंग में हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और पंजाब के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का नाम भी शामिल है। अंशुल कंबोज पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं और गाले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कमी को पूरा करने के लिए अर्शदीप सिंह को भी लाल गेंद के प्रारूप में मौका दिया जा सकता है।

    इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश और विदर्भ क्रिकेट से जुड़े युवा तेज गेंदबाज यश ठाकुर पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों के प्रारूप में पदार्पण कर चुके यश ने इंडिया-ए की ओर से श्रीलंका की पिचों पर भी प्रभावी गेंदबाजी की थी।

    बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति जल्द ही बैठक कर बुमराह के आधिकारिक विकल्प की घोषणा कर सकती है। मध्य प्रदेश सहित देशभर के खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि चयनकर्ता श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए किस युवा तेज गेंदबाज पर अपना भरोसा जताते हैं।

  • श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंताएं

    श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंताएं


    नई दिल्ली ।
    अगस्त माह से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम की चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं। आगामी दौरे के लिए टीम की घोषणा से पूर्व कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पांच प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने या पूरी तरह से फिट न होने के कारण टीम प्रबंधन और कप्तान के सामने सही संयोजन तैयार करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज गेंदबाज हर्षित राणा और उभरते हुए ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण श्रीलंका दौरे के लिए चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। इन दोनों युवा खिलाड़ियों की अनुपस्थिति टीम के संतुलन के लिहाज से एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने ही हालिया समय में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से प्रभावित किया था। इनके बाहर होने से तेज गेंदबाजी और ऑलराउंडर विभाग में नए विकल्पों की तलाश बढ़ गई है।

    इसके अतिरिक्त, स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मध्यक्रम के बल्लेबाज साई सुदर्शन के खेलने पर भी संशय बना हुआ है। दोनों खिलाड़ी इस समय अपनी रिकवरी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और उन्हें अपनी फिटनेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में चिकित्सा परीक्षण पास करने के बाद ही उनके चयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि ये खिलाड़ी पूरी तरह से फिट घोषित नहीं होते हैं, तो उन्हें भी इस दौरे से आराम दिया जा सकता है।

    ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी पूरी तरह फिट न होने के कारण गाले में आयोजित होने वाले पहले टेस्ट मैच से बाहर रह सकते हैं। हालांकि, दूसरे टेस्ट तक उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है, जो उनकी अंतिम फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर, टीम के लिए राहत की बात यह है कि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है, जिससे स्पिन विभाग को मजबूती मिलेगी।

    खिलाड़ियों के एक साथ चोटिल होने के कारण चयनकर्ताओं को अब नए और युवा चेहरों को मौका देने पर विचार करना पड़ सकता है। आगामी दिनों में होने वाले वार्म-अप मैच और फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर ही श्रृंखला के लिए अंतिम भारतीय दल की तस्वीर साफ हो पाएगी।

  • श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    नई दिल्ली । इंग्लैंड दौरे की समाप्ति के उपरांत भारतीय क्रिकेट टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में अपनी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 जुलाई से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुरू हो रही इस श्रृंखला के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में युवा और ऊर्जावान खिलाड़ियों से सुसज्जित टीम की घोषणा की है। इस दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय टीम में शामिल किए गए चार नए चेहरे—विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह, स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, तथा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और यश ठाकुर हैं। घरेलू प्रतियोगिताओं एवं इंडियन प्रीमियर लीग में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर राष्ट्रीय टीम का टिकट हासिल करने वाले इन खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में स्थान बनाकर नीली जर्सी पहनने की होड़ लगी हुई है।

    टीम प्रबंधन के सामने पहले मुकाबले की अंतिम एकादश के चयन को लेकर सुखद धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है। पंजाब किंग्स के लिए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके प्रभसिमरन सिंह शीर्ष क्रम में एक विस्फोटक बल्लेबाज और बैकअप विकेटकीपर के रूप में एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने टी20 प्रारूप में 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से निरंतर रन बनाए हैं। दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी और किफायती गेंदबाजी से टीम संतुलन को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू कर चुके हर्ष टी20 प्रारूप में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रहे हैं।

    गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए राजस्थान के 145-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अशोक शर्मा और डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले विदर्भ के यश ठाकुर कड़े दावेदार हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले अशोक शर्मा अपनी तीखी गति से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं, जबकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए 110 विकेट चटका चुके यश ठाकुर अंतिम ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन परिस्थितियों और पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो नए खिलाड़ियों को पदार्पण का अवसर दे सकता है।

    तीन मैचों की इस टी20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई तथा अंतिम मैच 26 जुलाई को हरारे में ही आयोजित किया जाएगा। आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का ध्यान इस श्रृंखला के माध्यम से बेंच स्ट्रेंथ को परखने पर केंद्रित है। युवा खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपयोगिता साबित करने का यह स्वर्णिम अवसर होगा। मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीतिक योजना में इन नए चेहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है, और क्रिकेट विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 23 जुलाई को हरारे के मैदान पर कौन सा युवा खिलाड़ी भारत के लिए अपनी पहली टी20 कैप हासिल करने में सफल रहता है।

  • रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाजी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआती दो मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बाद उनके प्रदर्शन और भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। उनका कहना है कि रोहित जैसे अनुभवी और सफल खिलाड़ी पर किसी भी तरह का दबाव होने की बात सही नहीं है और कुछ मैचों के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन करना उचित नहीं होगा।

    कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने माना कि पिछले दो मैचों में रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन इससे उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोटक के अनुसार, दूसरे वनडे में भी रोहित अच्छी लय में दिखाई दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन एक गलती के कारण उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन इस स्थिति को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं कर रहा है।

    इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाए। वह शुरुआत में संभलकर खेलते नजर आए, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। मौजूदा वर्ष में वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने इस साल खेले गए आठ मुकाबलों में 241 रन बनाए हैं, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल है। यही कारण है कि उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

    रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि भारतीय टीम के चयनकर्ता अब वनडे टीम के लिए लंबी अवधि की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में यह भी दावा किया गया है कि युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई घोषणा नहीं की गई है और टीम प्रबंधन की ओर से भी कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    चयन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। घरेलू और सीमित अवसरों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद उन्हें वनडे टीम में नियमित मौका नहीं मिल पाया है। माना जा रहा है कि भविष्य की टीम तैयार करने की रणनीति के तहत चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चयन समिति और टीम प्रबंधन की रणनीति पर ही निर्भर करेगा।

    फिलहाल भारतीय टीम की पूरी प्राथमिकता इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने पर है। ऐसे में टीम प्रबंधन का मानना है कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी का अनुभव और नेतृत्व अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण है। आगामी मुकाबलों में सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि रोहित अपनी फॉर्म में वापसी कर आलोचनाओं का जवाब बल्ले से देते हैं या नहीं। साथ ही चयन और भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी आने वाले दिनों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

  • सीनियर खिलाड़ियों के समर्थन में उतरा भारतीय क्रिकेट टीम प्रशासन, गेंदबाजी कोच ने कहा- सिर्फ एक युवा प्रतिभा के आने से रातों-रात नहीं बदला जाएगा शीर्ष क्रम का बल्लेबाजी संतुलन

    सीनियर खिलाड़ियों के समर्थन में उतरा भारतीय क्रिकेट टीम प्रशासन, गेंदबाजी कोच ने कहा- सिर्फ एक युवा प्रतिभा के आने से रातों-रात नहीं बदला जाएगा शीर्ष क्रम का बल्लेबाजी संतुलन

    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से पहले मैनचेस्टर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल ने टीम के शीर्ष क्रम को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक रुख स्पष्ट किया है। पिछले कुछ समय से 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण को लेकर क्रिकेट जगत में भारी उत्सुकता देखी जा रही थी, लेकिन टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि किसी एक नई प्रतिभा के आने मात्र से मौजूदा स्थापित ओपनिंग जोड़ी को तुरंत टीम से बाहर नहीं किया जाएगा। टीम प्रशासन का मानना है कि बड़े मंच पर देश को जीत दिलाने वाले खिलाड़ियों को कुछ खराब पारियों के आधार पर टीम से ड्रॉप करना सही रणनीति नहीं है।

    वर्तमान दौरे पर भारतीय सलामी जोड़ी के दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी भिन्न रहा है। जहां एक ओर अभिषेक शर्मा ने अपनी पिछली तीन पारियों में एक अर्धशतक और 49 रनों की उपयोगी पारी खेलकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया है, वहीं दूसरी ओर विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं। सैमसन के बल्ले से पिछली तीन पारियों में क्रमशः पांच, शून्य और एक रन की बेहद संक्षिप्त पारियां निकली हैं। इस असंतुलित फॉर्म के बावजूद कोचिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि प्रबंधन किसी भी खिलाड़ी की योग्यता का आकलन महज तीन मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं करता है, बल्कि उनके पिछले योगदान को पूरा महत्व दिया जाता है।

    गेंदबाजी कोच ने अनुभवी खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि अभिषेक शर्मा पूर्व में टी20 क्रिकेट के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों में शुमार रह चुके हैं और संजू सैमसन विश्व कप विजेता टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं। इसके साथ ही सैमसन का पिछला आईपीएल सीजन भी बेहद शानदार रहा था। ऐसी स्थिति में कोचिंग स्टाफ और प्रबंधन की यह सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने खिलाड़ियों के मुश्किल दौर में उनके साथ खड़े रहें और टीम के भीतर एक सुरक्षित तथा सकारात्मक सांस्कृतिक माहौल का निर्माण करें। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक अत्यंत युवा खिलाड़ी लगातार टीम का दरवाजा खटखटा रहा है, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से काफी सुखद पहलू है।

    टीम प्रबंधन ने रणनीतिक तौर पर यह भी साफ कर दिया है कि केवल वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह देने के उद्देश्य से अन्य बल्लेबाजों की बल्लेबाजी पोजीशन में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। कोच के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को उसकी स्वाभाविक भूमिका और पसंदीदा पोजीशन से हटाना पूरी टीम के रणनीतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कठिन परिस्थितियों में मैच जिताने वाले अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना पहली प्राथमिकता है, जिसके बाद ही परिस्थितियों के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ शीर्ष क्रम का निर्धारण किया जाएगा।

    भले ही मोर्ने मॉर्कल ने वैभव सूर्यवंशी के आधिकारिक डेब्यू की किसी निश्चित तारीख या मैच का खुलासा नहीं किया, लेकिन उन्होंने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी की तकनीकी क्षमता और परिपक्वता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय ड्रेसिंग रूम के दबाव को झेलना और वहां सहज रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। वैभव ने अपने आत्मविश्वास और बेहतरीन व्यवहार से बेहद कम समय में सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल बिठा लिया है। अंतरराष्ट्रीय नेट सेशन्स के दौरान इस युवा खिलाड़ी ने अपनी बल्लेबाजी तकनीक से पूरे कोचिंग स्टाफ को बेहद प्रभावित किया है।

    शीर्ष क्रम के अलावा गेंदबाजी कोच ने भारतीय टीम के युवा गेंदबाजी संसाधनों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की प्रतिभा को रेखांकित करते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट और नेट गेंदबाज के रूप में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव की परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की प्रिंस की क्षमता टीम के लिए उपयोगी साबित हो रही है। इसके साथ ही चोट के बाद टीम में वापसी करने वाले तेज गेंदबाज हर्षित राणा की रफ्तार और आक्रामकता को भी भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक बेहद सकारात्मक और राहत देने वाला संकेत बताया गया है।

  • श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

    श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

    नई दिल्ली ।  भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर पूर्व महान कप्तान राहुल द्रविड़ के परिवार से एक और प्रतिभावान खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दस्तक दे दी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने अगले महीने से शुरू होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए भारत की पुरुष अंडर-19 टीम का आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है। इस घोषित टीम में राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को पहली बार भारतीय अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है। 17 वर्षीय युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू क्रिकेट के आयु वर्ग में लगातार बेहतरीन खेल दिखाने का यह सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है।

    शरत श्रीधरन की अगुवाई वाली जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज और दो मल्टी-डे मुकाबलों के लिए दो अलग-अलग टीमों का चयन किया है। आगामी दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा मैदान पर शुरू होने जा रहा है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ से जुड़े होनहार खिलाड़ी यशवर्धन सिंह चौहान को चयनकर्ताओं ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए वनडे टीम की कप्तानी सौंपकर उन पर बड़ा भरोसा जताया है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरें इस दौरे के माध्यम से युवा खिलाड़ियों की क्षमता को परखने पर टिकी हैं।

    अन्वय द्रविड़ को मुख्य रूप से 15 सदस्यीय वनडे टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज शामिल किया गया है, जहां उनके साथ रजत बघेल दूसरे विकेटकीपर के विकल्प के रूप में मौजूद रहेंगे। अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़ भी कर्नाटक की अंडर-19 टीम की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने का मौका पाने वाले अन्वय अपने परिवार के पहले युवा सदस्य बन गए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी रूप से सक्षम इस युवा खिलाड़ी में अपने पिता की तरह लंबी और धैर्यपूर्ण पारियां खेलने की अद्भुत क्षमता मौजूद है।

    घरेलू स्तर पर अन्वय द्रविड़ के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो वे लगातार चयनकर्ताओं के रडार पर बने हुए थे। हाल ही में आयोजित हुई वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका अदा की थी। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की छह पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 220 रन बनाए थे। टूर्नामेंट के दौरान हिमाचल प्रदेश के खिलाफ एक बेहद दबाव वाले मैच की दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 82 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी, जिसने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से आकर्षित किया था। इससे पूर्व वे अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में भी शानदार शतक जमा चुके हैं।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के राष्ट्रीय चयनकर्ता इस आगामी श्रीलंका दौरे को वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले अंडर-19 विश्व कप की तैयारियों के शुरुआती रोडमैप के रूप में देख रहे हैं। चूंकि अन्वय द्रविड़ की उम्र वर्तमान में केवल 17 वर्ष है, इसलिए वे दो साल बाद होने वाले अगले आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में खेलने के लिए पूरी तरह पात्र रहेंगे। ऐसे में श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण पिचों और उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में मिलने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके क्रिकेट कौशल को और अधिक निखारने में बेहद गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारतीय जूनियर टीम जून के अंतिम सप्ताह में पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए उड़ान भरेगी।

    प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, भारत और श्रीलंका के बीच पहला वनडे मैच 4 जुलाई को हंबनटोटा में खेला जाएगा, जिसके बाद दूसरा और तीसरा वनडे क्रमशः 6 और 9 जुलाई को इसी मैदान पर आयोजित होगा। सीमित ओवरों की यह सीरीज समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच गॉल और कोलंबो के ऐतिहासिक मैदानों पर चार दिवसीय मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के फैंस के साथ-साथ तमाम विश्लेषकों की निगाहें अब यशवर्धन सिंह चौहान की कप्तानी और विकेट के पीछे तथा आगे अन्वय द्रविड़ के प्रदर्शन पर टिकी रहने वाली हैं।

  • 'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां मात्र 15 वर्ष की आयु में एक युवा बल्लेबाज ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर सीनियर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने बल्ले से रनों का अंबार लगाने वाले युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को चयनकर्ताओं ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया है। इस चयन के साथ ही वैभव के पास मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दशकों पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का एक बेहद सुनहरा अवसर आ गया है।

    यदि वैभव सूर्यवंशी को आगामी दौरों पर किसी भी मुकाबले में भारत की ओर से खेलने का अवसर प्राप्त होता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इस अभूतपूर्व प्रतिभा को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव की जमकर सराहना की है। उन्होंने अपने आधिकारिक डिजिटल मंच पर बयान देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है, तो वैभव सूर्यवंशी में क्रिकेट के भगवान का बेटा बनने की पूरी क्षमता दिखाई देती है।

    पूर्व मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने हालांकि टीम प्रबंधन को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह भी दी है। उनका मानना है कि इस युवा खिलाड़ी के चयन में उम्र कोई बाधा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन और रनों के आधार पर टीम में जगह बनाई है। इसके बावजूद, टीम मैनेजमेंट को उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग XI) में शामिल करने की जल्दबाजी से बचना चाहिए। श्रीकांत के अनुसार, वैभव को आगामी तीन वर्षों के लिए 16 सदस्यीय मुख्य टीम में स्थान की गारंटी दी जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर खेल की बारीकियों को सीख सकें और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह परिपक्व कर सकें।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, वैभव का यह फास्ट्रैक चयन उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन का परिणाम है, जहां उन्होंने पूरे सीजन में कुल 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ पर अपना अधिकार जमाया था। अपने करियर के दूसरे ही सीजन में यह कीर्तिमान रचने वाले वे दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, इस 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने एक ही आईपीएल सीजन में कुल 72 गगनचुंबी छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के बरसों पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी नेस्तनाबूद कर दिया था, जिसने चयनकर्ताओं को उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने के लिए मजबूर किया।

    भारतीय टीम का आगामी आयरलैंड दौरा 26 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जिसके तुरंत बाद टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलनी है। इसके अतिरिक्त, चयनकर्ताओं ने दूरगामी सोच का परिचय देते हुए वैभव सूर्यवंशी को आगामी एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय क्रिकेट दल में भी स्थान दिया है। वर्तमान में शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के बीच, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन इस युवा खिलाड़ी को कब और किस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करता है।

  • श्रेयस अय्यर बनेंगे नए टी20 कप्तान, आईपीएल स्टार 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में जगह मिलने के संकेत

    श्रेयस अय्यर बनेंगे नए टी20 कप्तान, आईपीएल स्टार 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में जगह मिलने के संकेत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में आगामी दौरों को लेकर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बीसीसीआई शनिवार को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम की घोषणा करने जा रही है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ता न केवल नए खिलाड़ियों को आजमाने के मूड में हैं, बल्कि टी20 टीम के नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर चुके हैं।

    मौजूदा टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर इस समय खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में मार्च में उनकी कप्तानी में भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ता उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का मन बना रहे हैं। उनकी जगह मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम का नया कप्तान नियुक्त किया जा सकता है।

    नेतृत्व परिवर्तन का यह सिलसिला केवल कप्तानी तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। टीम के उप-कप्तान अक्षर पटेल को भी इस जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है, और उनकी जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को नया उप-कप्तान बनाया जा सकता है। चयनकर्ताओं का यह कड़ा रुख भविष्य की योजनाओं, विशेषकर 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक और उसी वर्ष होने वाले अगले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।

    सूर्यकुमार यादव के लिए यह बदलाव दोहरा झटका साबित हो सकता है क्योंकि उन्हें न सिर्फ कप्तानी से हाथ धोना पड़ सकता है, बल्कि खराब फॉर्म के चलते पूरी टीम से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। टी20 वर्ल्ड कप की नौ पारियों में उनका स्ट्राइक रेट तो ठीक था, लेकिन वे केवल 242 रन बना सके। इसके बाद आईपीएल 2026 के सीजन में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने 13 पारियों में सिर्फ 20.76 के औसत से 270 रन बनाए।

    दूसरी ओर, नए कप्तान के रूप में उभर रहे 31 वर्षीय श्रेयस अय्यर ने दिसंबर 2023 के बाद से कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। उस समय सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की मध्यक्रम में मौजूदगी के कारण अय्यर को टीम संयोजन में जगह नहीं मिल पा रही थी। इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान उन्हें चोटिल खिलाड़ी के विकल्प के रूप में शामिल जरूर किया गया था, लेकिन मैच खेलने का मौका नहीं मिला क्योंकि प्रबंधन तब वर्ल्ड कप की कोर टीम को आजमाना चाहता था।

    भारतीय चयनकर्ताओं द्वारा कप्तानों को बदलने का यह लगातार दूसरा बड़ा फैसला है। इससे पहले साल 2025 में भी ऐसा ही देखने को मिला था, जब रोहित शर्मा ने मार्च में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताया था, लेकिन अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया था, हालांकि रोहित टीम में बने रहे थे।

    इस आगामी चयन में सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी हो सकते हैं। आईपीएल 2026 के एक धमाकेदार सीजन में 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाने वाले सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह 1980 के दशक के उत्तरार्ध में सचिन तेंदुलकर के डेब्यू के बाद भारत की सीनियर पुरुष टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे।

    राष्ट्रीय टीम के दौरों से ठीक पहले, सूर्यवंशी 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली इंडिया ए की ट्राई-सीरीज का हिस्सा होंगे, जिसमें अफगानिस्तान की टीम भी शामिल है। इसके ठीक बाद सीनियर भारतीय टीम को 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैच खेलने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 1 से 11 जुलाई तक इंग्लैंड के लंबे दौरे पर रहेगी, जहां पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली जानी है।