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  • MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?

    MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने इंसानी सोच और सिस्टम की खामियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जौनपुर की यह घटना किसी डार्क थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। एक छात्र का डॉक्टर बनने का जुनून इस कदर पागलपन में बदला कि उसने मेडिकल की सीट पाने के लिए खुद के ही शरीर को दांव पर लगा दिया। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में 25 वर्षीय सूरज भास्कर ने सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनने के लिए जो रास्ता चुना, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
    सूरज ने दिव्यांग कोटा (PH Quota) हासिल करने के लिए ग्राइंडर मशीन से अपना ही बायां पैर काटकर शरीर से अलग कर दिया।

    वारदात की क्रोनोलॉजी: साजिश से खुलासे तक
    शुक्रवार रात करीब 12 बजे सूरज ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।
    दवाओं का खेल खुद को दर्द से बचाने के लिए सूरज ने पहले एनेस्थीसिया (सुन्न करने वाला) इंजेक्शन लगाया। जब पैर सुन्न हो गया, तो बिजली से चलने वाली ग्राइंडर मशीन से अपने पंजे को काट डाला।

    गुमराह करने की कोशिश शनिवार सुबह सूचना फैली कि अज्ञात बदमाशों ने सूरज पर जानलेवा हमला कर उसका पैर काट दिया है। पुलिस ने तत्काल ‘हत्या के प्रयास’ का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

    कैसे खुला राज?
    सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों ने चौंका दिया। खेत में इंजेक्शन के रैपर और दवाइयां मिलीं, जो किसी राह चलते अपराधी के पास होना मुमकिन नहीं था। जब पुलिस ने सूरज की डायरी और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो साजिश की परतें खुल गईंडायरी का टारगेट, सूरज ने अपनी डायरी में लिखा था 2026 में किसी भी हाल में MBBS में दाखिला लेना है।

    BHU से ली ‘ट्रेनिंग’
    जांच में पता चला कि सूरज अक्टूबर में वाराणसी (BHU) गया था, जहाँ उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट के फायदे और प्रक्रिया की पूरी रेकी की थी।नीट (NEET) में कड़े कॉम्पिटिशन से बचने के लिए उसने खुद को स्थायी रूप से दिव्यांग बनाने का फैसला किया।

    सिस्टम और मानसिक दबाव का आईना
    यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि उस मानसिक दबाव की चरम सीमा है जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान महसूस करते हैं। फिलहाल सूरज अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसका यह कदम उसे कॉलेज की सीट दिलाएगा या जेल की कोठरी, यह पुलिसिया कार्रवाई तय करेगी।पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि सूरज को मेडिकल ग्रेड के इंजेक्शन और ग्राइंडर मशीन किसने मुहैया कराई।

  • ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जिसने शहर की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके के पास एक 20 वर्षीय छात्रा के साथ न केवल दिनदहाड़े मारपीट की गई बल्कि उसे बेहोश कर एक मकान में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। यह पूरी घटना उस समय हुई जब छात्रा अपनी स्टेनोग्राफी की कोचिंग खत्म कर स्कूटी से घर लौट रही थी।

    पीड़िता के अनुसार जब वह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी दतिया निवासी हर्ष ठाकुर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर उसकी स्कूटी में जानबूझकर जोरदार टक्कर मार दी। जब छात्रा ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी हर्ष ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके सिर पर डंडे से हमला कर दिया। हमले की वजह से छात्रा मौके पर ही अचेत हो गई। इसके बाद आरोपी उसे उठाकर पास ही के एक सुनसान मकान में ले गए जहाँ हर्ष ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब छात्रा को होश आया और उसने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने दोबारा उसके साथ मारपीट की और उसके सिर पर कांच की बोतल दे मारी जिससे वह फिर से लहूलुहान होकर बेहोश हो गई।

    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्रा को वापस उसकी स्कूटी के पास अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए। कुछ समय बाद जब छात्रा को होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। बदहवास हालत में परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे जहाँ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया।

    इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी हर्ष और पीड़िता पहले से परिचित थे। एडिशनल एसपी विदिता डागर ने बताया कि साल 2023 में भी छात्रा ने हर्ष के खिलाफ छेड़छाड़ और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था जिसका मुकदमा फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। संभवतः इसी पुरानी रंजिश और कोर्ट केस का बदला लेने के लिए आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हर्ष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके साथी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने ग्वालियर में सनसनी फैला दी है और लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।