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  • मार्केट क्रैश: निवेशकों को झटका, Sensex लुढ़का, Nifty में भारी गिरावट से मचा हड़कंप

    मार्केट क्रैश: निवेशकों को झटका, Sensex लुढ़का, Nifty में भारी गिरावट से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली । गुरुवार, 23 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही निवेशकों को झटका लगा और दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

    सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में
    30 शेयरों वाला BSE Sensex करीब 532 अंक की गिरावट के साथ 77,983 के आसपास खुला। वहीं NSE Nifty 50 भी 175 अंक से ज्यादा गिरकर 24,202 के स्तर पर ओपन हुआ। दिन की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

    बुधवार को भी रहा था बाजार कमजोर
    इससे पहले बुधवार, 22 अप्रैल को भी बाजार में गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स 756 अंक टूटकर 78,516 पर बंद हुआ था निफ्टी 198 अंक गिरकर 24,378 के स्तर पर बंद हुआ लगातार दूसरे दिन गिरावट से बाजार में कमजोरी का संकेत मिल रहा है। बाजार में कई सेक्टरों में दबाव देखने को मिला आईटी सेक्टर में कमजोरी बैंकिंग शेयरों में गिरावट ऑटो सेक्टर भी दबाव में हालांकि, कुछ सेक्टर जैसे FMCG और मिडकैप शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।

    किन शेयरों ने किया निराश?
    गिरावट के बीच कई दिग्गज कंपनियों के शेयर टूटे, जिनमें शामिल हैं HCL Technologies, TCS, ICICI Bank, Mahindra & Mahindra, वहीं कुछ कंपनियों जैसे Reliance Industries और NTPC में हल्की तेजी देखी गई।

    निवेशकों के लिए क्या संकेत?
    लगातार गिरते बाजार से यह संकेत मिल रहा है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। 23 अप्रैल को शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि दिन के आगे के कारोबार में बाजार संभलता है या गिरावट जारी रहती है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट

    मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। सुबह करीब 9:19 बजे BSE Sensex 963 अंक यानी लगभग 1.25 प्रतिशत गिरकर 75,899 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 303 अंक यानी करीब 1.27 प्रतिशत फिसलकर 23,563 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला।

    कई सेक्टरों में दिखा भारी दबाव
    शुरुआती कारोबार में बाजार के लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखी गई। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। निवेशकों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हुए कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की। इस वजह से बाजार का मूड नकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
    केवल लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का असर देखा गया। Nifty Midcap 100 इंडेक्स करीब 1,070 अंक यानी 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,390 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स लगभग 286 अंक यानी 1.75 प्रतिशत गिरकर 16,127 पर पहुंच गया। इससे साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक स्तर पर देखने को मिला।

    सेंसेक्स के कई बड़े शेयरों में गिरावट
    सेंसेक्स पैक के कई बड़े शेयर शुरुआती कारोबार में नुकसान में दिखाई दिए। इनमें प्रमुख रूप से Mahindra & Mahindra, Tata Steel, ICICI Bank, Titan Company, Larsen & Toubro, Maruti Suzuki, Bajaj Finance, State Bank of India, Axis Bank, Infosys और HDFC Bank जैसे शेयर शामिल रहे। दूसरी ओर आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जहां Tech Mahindra और HCLTech हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत
    वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite, Hang Seng Index और KOSPI भी गिरावट के साथ खुले। वहीं अमेरिका में भी पिछला कारोबारी सत्र कमजोर रहा, जहां Dow Jones Industrial Average लाल निशान में बंद हुआ था। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
    बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक Brent Crude लगभग 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था, जबकि WTI Crude भी करीब 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी बना हुआ है। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 6,267.31 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को कुछ सहारा देते हुए लगभग 4,965.53 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में गिरावट का रुख बना रहा।