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  • तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तूफानी तेजी सेंसेक्स 800 अंक उछला निफ्टी 24550 के पार

    तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तूफानी तेजी सेंसेक्स 800 अंक उछला निफ्टी 24550 के पार


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत तेजी लेकर आया, जहां निवेशकों के बीच उत्साह और भरोसा दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। पूरे दिन के कारोबार में बाजार ने सकारात्मक रुख बनाए रखा और प्रमुख सूचकांक लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ते नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने इस तेजी को और मजबूती दी।

    कारोबार के दौरान सेंसेक्स में करीब 800 अंकों की तेज बढ़त दर्ज की गई और यह 79 हजार 296 के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 24 हजार 550 के पार कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया और खरीदारी का रुझान बढ़ा।

    इस उछाल का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड के दाम 94 से 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं। तेल की कीमतों में नरमी से कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ी, जिसका असर सीधे तौर पर शेयर बाजार पर देखने को मिला।

    इसके साथ ही एशियाई बाजारों में आई मजबूती ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया। एशिया के प्रमुख बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी और घरेलू बाजार में भी खरीदारी तेज हो गई। वैश्विक स्तर पर स्थिरता के संकेतों ने भारतीय निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।

    सेक्टोरल स्तर पर देखें तो बैंकिंग शेयरों ने बाजार की तेजी में सबसे अहम भूमिका निभाई। बड़े निजी बैंकों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे निफ्टी बैंक इंडेक्स में करीब डेढ़ प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। वित्तीय शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    रियल्टी सेक्टर ने आज सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें करीब तीन प्रतिशत के आसपास की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएसयू बैंक सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इससे यह साफ संकेत मिला कि बाजार में व्यापक स्तर पर निवेशकों की भागीदारी बनी हुई है और तेजी केवल कुछ ही सेक्टरों तक सीमित नहीं है।

    आईटी सेक्टर ने भी आज मजबूती दिखाई और शुरुआती कमजोरी से उबरकर इसमें सुधार देखने को मिला। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि कुछ इंश्योरेंस शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली, लेकिन इसका असर पूरे बाजार पर सीमित रहा।

    बाजार के आंकड़ों के अनुसार अधिकतर शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना और मजबूत हुई। वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार में घबराहट कम हुई है और निवेशक अधिक आत्मविश्वास के साथ ट्रेडिंग कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24 हजार 300 के ऊपर बने रहना बाजार के लिए मजबूत संकेत है। आने वाले समय में 24 हजार 450 से 24 हजार 500 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि नीचे की ओर 24 हजार 150 से 24 हजार 200 का स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। हालांकि वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा पर असर डाल सकते हैं।

  • तीसरे दिन भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स की रफ्तार के पीछे ये बड़े कारण

    तीसरे दिन भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स की रफ्तार के पीछे ये बड़े कारण


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन रैपिड का स्ट्रिप जारी है, जिससे निवेशक का भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रमुख शोधकर्ता बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 इस दौरान शेयर बाजार में उछाल दिखा रहे हैं। डीजेस के तीन सत्रों में 2,000 अंक के करीब भुगतान किया गया है, जबकि ड्यूस में 700 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। शनिवार दोपहर 12:47 बजे आटा 636 अंक 0.84% ​​की तेजी के साथ 76,707 पर कारोबार हो रहा था, मलेशिया 191 अंक 0.81% 23,770 पर पहुंच गया। खास बात यह है कि इस तेजी में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि बात मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर में भी बराबर की भागीदारी निभा रहे हैं, जो बाजार में व्यापक बाजार का संकेत है।

    बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में रिटर्न्स की खरीदारी है। निफ्टी आईटी करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ टॉप जेनर बन गया है। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज आईटी कंपनियां इनफॉरमेंस शॉपिंग को मिल रही हैं। इसकी एक बड़ी वैश्विक ग्लोबल ब्रोकरेज सीएलएसए की रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के नए इंजीनियरिंग टूल्स से इंडस्ट्री को कोई बड़ा खतरा नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद वोडाफोन की चिंता कम हुई और सेक्टर में तेजी से पैसा लौटा।

    कच्चे तेल की गिरावट और ज्वालामुखी वोलैटिलिटी ने स्केल फ़्रॉम

    बाज़ार की सूची में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों का भी बहुत बड़ा योगदान है। कच्चे तेल की बिक्री में आई गिरावट से उपज की सेंटि बेहतर हुई है। WTI क्रूड ऑयल में करीब 3.43% की गिरावट दर्ज की गई और 92.91 डॉलर प्रति शेयर के आसपास रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 2.02% बढ़कर 101.3 डॉलर के करीब रहा। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत जैसे औद्योगिक देश के लिए अर्थव्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होता है, जिससे शेयर बाजार को समर्थन मिलता है।

    इसके अलावा भारत VIX में गिरावट के लिए भी बाजार सकारात्मक संकेत है। इंडिया विक्स 4.30% ग्रुप 18.94 पर आया है, जो बताता है कि बाजार में स्थिरता कम हो रही है और स्थिरता बढ़ रही है। आम तौर पर जब अस्थिरता कम होती है, तो निवेशक अधिकांश स्वामित्व के साथ बाजार में पैसा विकल्प होते हैं।

    मिडकैप और स्मॉलकैप स्टूडियो में भी मजबूत तेजी से देखने को मिल रही है। मैथ्यू मिडकैप 100 स्टॉल 1.77% और मैडकैप 100 स्टॉल 1.52% तक चढ़े, जिससे यह पता चलता है कि रैली व्यापक है और केवल साइंटिस्ट स्टॉक तक सीमित नहीं है।

    कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर में विश्वास की वापसी, कच्चे तेल के क्षेत्र में गिरावट और कम होने वाली बाजार अस्थिरता ने मिलकर इस तेजी को जगह दी है। अगर यही ट्रेंड जारी हो रहा है, तो आने वाले दिनों में बाजार में नए व्यापारियों को चुना जा सकता है।

  • शेयर बाजार में मजबूती, IPO बाजार में हलचल, विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों का सहारा

    शेयर बाजार में मजबूती, IPO बाजार में हलचल, विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों का सहारा


    नई दिल्ली।/मुंबई से शेयर बाजार के लिए आज का दिन उत्साह भरा रहा। Bombay Stock Exchange का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 500 अंकों की मजबूती के साथ 83300 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि National Stock Exchange of India का निफ्टी 150 अंक की बढ़त लेकर 25700 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में मजबूत खरीदारी के कारण देखने को मिली।

    कारोबार की शुरुआत से ही सरकारी बैंकों और प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक रुख दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की आक्रामक खरीद और वैश्विक बाजारों से मिले स्थिर संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया। घरेलू निवेशकों का लगातार समर्थन इस समय बाजार के लिए संबल बना हुआ है।

    हालांकि बाजार की इस तेजी के बीच एक बड़ा झटका भी देखने को मिला। IDFC First Bank के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में करीब 590 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद बैंक का शेयर लगभग 20 प्रतिशत टूटकर 67 रुपये तक पहुंच गया। सरकारी विभाग की ओर से संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट मिलने के बाद मामला उजागर हुआ। बैंक प्रबंधन ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेत मिश्रित रहे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेजी दर्ज की गई, जबकि जापान का बाजार अवकाश के कारण बंद रहा। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक बंदी ने एशियाई बाजारों को सीमित समर्थन दिया।

    निवेश प्रवाह के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीद जारी रखी है। फरवरी माह में विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली और घरेलू निवेशकों की मजबूती बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है।

    प्राथमिक बाजार में भी हलचल तेज रही। Clean Max Enviro Energy Solutions का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम निवेश के लिए खुल गया है। कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाकर ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की योजना बना रही है। इससे निवेशकों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अवसर मिल सकते हैं।

    विश्लेषकों का कहना है कि अल्पकाल में बाजार की चाल बैंकिंग सेक्टर के प्रदर्शन, वैश्विक संकेतों और निवेश प्रवाह पर निर्भर रहेगी। यदि घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है। फिलहाल निवेशक सतर्क आशावाद के साथ बाजार की अगली दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।