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  • पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा

    पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के एक मामले में कोर्ट ने गूगल सर्च हिस्ट्री को अहम साक्ष्य मानते हुए पति राकेश गायरी को आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये की जुर्माना सजा सुनाई है। रतलाम की प्रधान सत्र न्यायाधीश निना आशापुरे ने यह फैसला सुनाया जिसमें गूगल पर सर्च किए गए ‘गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम’ के बारे में जानकारी को महत्वपूर्ण सबूत माना गया।

    पति और पत्नी के बीच विवाद

    जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका बुलबुल और उसके पति राकेश के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। बुलबुल को राकेश का आदत से शराब पीना और देर रात घर लौटने की आदत बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। यही विवाद राकेश और बुलबुल के रिश्ते में तनाव का कारण बनता था। शराब पीने को लेकर बार-बार विवाद होने के बाद राकेश ने एक दिन गुस्से में आकर बुलबुल के साथ मारपीट की और फिर उसे गला दबाकर हत्या कर दी।

    गूगल सर्च हिस्ट्री से खुला सच

    हत्या के बाद राकेश ने पत्नी के शरीर पर गला दबाने के निशान मिटाने के लिए गूगल पर “गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम” की तलाश की। यह सर्च उसकी गहरी चिंता को दर्शाता था क्योंकि वह हत्या के बाद निशान को छिपाना चाहता था। यही सर्च हिस्ट्री अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी जिससे राकेश की अपराध में संलिप्तता साबित हुई। इस साक्ष्य के आधार पर उसे सजा सुनाई गई।

    कोर्ट का फैसला और सजा

    कोर्ट ने राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री शव पर पाई गई चोटों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई और साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है। इस मामले में कोर्ट ने तकनीकी साक्ष्यों के महत्व को भी स्वीकार किया जो आजकल के समय में अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। गूगल सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्य अब अपराधों को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं जैसे कि इस मामले में हुआ।

    रतलाम में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री के आधार पर सजा मिलना इस बात का उदाहरण है कि कैसे डिजिटल साक्ष्य अब अपराधियों को पकड़ने में अहम साबित हो रहे हैं। यह घटना घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून के सख्त कदमों और तकनीकी सहायता से जांच के महत्व को उजागर करती है।

  • इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा, करप्शन केस में PAK कोर्ट का फैसला

    इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा, करप्शन केस में PAK कोर्ट का फैसला


    नई दिल्ली । पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को करारा झटका लगा है. फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की विशेष अदालत ने तोशाखाना II भ्रष्टाचार मामले में दोनों को 17-17 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई. अदालत ने इमरान खान और बुशरा बीबी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया ।
    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला वर्ष 2021 से जुड़ा है जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस द्वारा इमरान खान को एक बेहद कीमती बुल्गारी ज्वेलरी सेट गिफ्ट में दिया गया था. जांच में सामने आया कि इस गहनों की वास्तविक कीमत 7 करोड़ 15 लाख पाकिस्तानी रुपये से अधिक थी लेकिन इसे मात्र 58 लाख रुपये में खरीदकर नियमों का उल्लंघन किया गया. अदालत ने इसे सरकारी विश्वास के साथ धोखाधड़ी और भ्रष्ट आचरण करार दिया ।
    इमरान खान 2023 से जेल में बंद
    यह फैसला अदियाला जेल में बनाए गए विशेष कोर्ट रूम में विशेष न्यायाधीश शाहरुख अरजुमंद ने सुनाया. गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त 2023 से ही विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं. इससे पहले जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भी इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई जा चुकी है. तोशाखाना केस पर हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक हालांकि तोशाखाना मामले में अप्रैल 2024 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी थी. इमरान खान की कानूनी टीम ने संकेत दिए हैं कि वे तोशाखाना मामले के इस फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती देंगे ।