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  • सितंबर में होगा बड़ा शुक्र गोचर, 7 राशियों की चमकेगी किस्मत, नौकरी-कारोबार में मिलेंगे नए मौके

    सितंबर में होगा बड़ा शुक्र गोचर, 7 राशियों की चमकेगी किस्मत, नौकरी-कारोबार में मिलेंगे नए मौके


    नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत ग्रहों की चाल के लिहाज से खास रहने वाली है। 2 सितंबर 2026 को शुक्र अपनी ही राशि तुला में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्र को धन, सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। ऐसे में शुक्र का अपनी राशि तुला में गोचर कई राशियों के लिए आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

    शुक्र 2 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 6 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे। अपनी ही राशि में शुक्र की मौजूदगी को विशेष माना जाता है। इस दौरान कुछ राशि वालों के लिए नौकरी में नए अवसर, कारोबार में लाभ, आमदनी के नए साधन और रिश्तों में मजबूती के योग बन सकते हैं।

    मेष राशि- करियर में मिल सकता है नया मौका

    मेष राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर करियर और आर्थिक मामलों में लाभकारी रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या बेहतर नौकरी का ऑफर मिल सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को भी अच्छा विकल्प मिलने के संकेत हैं। कारोबारियों को नई डील से फायदा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आएगा। प्रेम संबंधों में भी मधुरता बढ़ने की संभावना है।

    कर्क राशि- काम की होगी सराहना, सुधरेगी आर्थिक स्थिति

    कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को नई डील या प्रोजेक्ट मिलने के योग हैं। परिवार का माहौल सुखद रहेगा। आय के लिहाज से भी समय पहले की तुलना में बेहतर हो सकता है।

    कन्या राशि- अटके काम पकड़ेंगे रफ्तार, कमाई के नए रास्ते

    कन्या राशि वालों को शुक्र गोचर के दौरान आर्थिक राहत मिल सकती है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कमाई का नया जरिया सामने आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिलने या नौकरी बदलने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक परेशानी को लेकर चल रहा तनाव कम होने की उम्मीद है। प्रेम जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

    तुला राशि- आत्मविश्वास बढ़ेगा, तरक्की के खुलेंगे रास्ते

    शुक्र का गोचर तुला राशि में ही होने वाला है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए इसे विशेष माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यक्तित्व में निखार आएगा। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके आर्थिक मामलों में भी गति आने के संकेत हैं। रिश्तों में मधुरता बढ़ सकती है।

    कुंभ राशि- मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

    कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रह सकता है। नौकरी से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं। नई जिम्मेदारियों के साथ तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। कारोबारियों को नया काम शुरू करने या निवेश का अवसर मिल सकता है। इस दौरान घर, वाहन या सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों पर खर्च होने की संभावना भी है।

    मकर राशि- करियर में नए अवसर, आय-व्यय में रहेगा संतुलन

    मकर राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में आगे बढ़ने के मौके लेकर आ सकता है। कारोबारियों को नए प्रोजेक्ट से फायदा मिलने की संभावना है। पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं। किसी बड़ी वस्तु की खरीदारी पर खर्च हो सकता है, लेकिन आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने में सफलता मिल सकती है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी से जुड़े फैसले भी सामने आ सकते हैं।

    धनु राशि- पैसा और प्रेम दोनों में शुभ संकेत

    धनु राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आर्थिक और प्रेम जीवन दोनों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पहले किए गए किसी निवेश से लाभ मिलने की संभावना है और पैसों से जुड़ी पुरानी चिंता कम हो सकती है। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी और पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। कारोबारियों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

    शुक्र गोचर क्यों है खास?

    वैदिक ज्योतिष में शुक्र को धन, भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, कला, सौंदर्य, विलासिता और दांपत्य जीवन का कारक माना जाता है। शुक्र का तुला राशि में गोचर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि तुला उसकी अपनी राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुक्र से जुड़े क्षेत्रों में मजबूती देखने को मिल सकती है।

    हालांकि, किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र किस भाव में गोचर कर रहा है और उसका परिणाम कितना शुभ रहेगा, यह उसकी जन्मकुंडली, लग्न और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसलिए इसे सिर्फ सामान्य ज्योतिषीय संकेत के तौर पर ही देखना चाहिए और महत्वपूर्ण आर्थिक या व्यक्तिगत फैसले केवल राशिफल के आधार पर नहीं लेने चाहिए।

  • मंगल बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों को करियर-धन से जुड़े मामलों में मिलेगा लाभ

    मंगल बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों को करियर-धन से जुड़े मामलों में मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत में मंगल की चाल में बदलाव होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ नक्षत्र परिवर्तन का भी राशियों पर प्रभाव पड़ता है। मंगल 2 सितंबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाले पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 सितंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। मंगल और गुरु की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए शुभ मानी जा रही है। इस अवधि में करियर, कारोबार, धन और संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं।

    मेष राशि

    मंगल का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के लोगों के लिए आर्थिक लिहाज से फायदेमंद रह सकता है। अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। कारोबारियों को काम के विस्तार का मौका मिल सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से किसी काम के लिए किए जा रहे प्रयास भी सफल हो सकते हैं।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल का यह बदलाव परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत ला सकता है। पुरानी पारिवारिक परेशानियों का समाधान निकलने की उम्मीद है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। मकान, जमीन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। करियर में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग भी मिल सकता है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कार्यक्षेत्र में नए अवसर लेकर आ सकता है। काम में आ रही बाधाएं कम हो सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पद मिलने के योग बन सकते हैं। अधिकारियों की ओर से आपके काम की तारीफ हो सकती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

    धनु राशि

    धनु राशि के लोगों के लिए यह अवधि नई शुरुआत के लिहाज से बेहतर साबित हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने की संभावना है। जीवनसाथी और परिवार का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और निवेश के नए अवसर सामने आ सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने से भी राहत मिल सकती है।

    मीन राशि

    मीन राशि के जातकों के लिए मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में जाना सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। कामकाज की बाधाएं दूर होने से तनाव कम हो सकता है। नौकरी और रोजगार से जुड़े मामलों में तरक्की के योग बन सकते हैं। इस दौरान किसी खास व्यक्ति से मुलाकात भी भविष्य में लाभ दे सकती है।

    मंगल के नक्षत्र परिवर्तन को क्यों माना जा रहा खास?

    ज्योतिषीय मान्यताओं में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और संपत्ति का कारक माना गया है। वहीं पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। ऐसे में मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए नई शुरुआत, प्रगति और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है।

  • LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा

    LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा


    नई दिल्ली। अगस्त का महीना खत्म होने वाला है और 1 सितंबर से देश में कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर सीधे आपकी रसोई के बजट, गैस कनेक्शन, हवाई यात्रा और कार खरीदने के खर्च पर पड़ सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी और एटीएफ की नई कीमतें जारी करेंगी, जबकि टाटा और हुंडई की कारें महंगी होने की तैयारी में हैं। वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया भी आसान होने वाली है।

    1. LPG सिलेंडर के दाम बदलेंगे
    हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किए जा सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 202 रुपए की कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर में होने वाला बदलाव सीधे घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।

    2. LPG e-KYC के लिए 31 अगस्त तक मौका
    घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी जरूरी है। IOCL, BPCL और HPCL ने e-KYC पूरा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई थी। अगर तय समय सीमा में e-KYC पूरी नहीं की जाती है, तो आगे गैस सिलेंडर की सुविधा या सब्सिडी से जुड़ी दिक्कत सामने आ सकती है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं की KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उन्हें समय रहते इसे पूरा करना होगा।

    3. ATF के साथ CNG-PNG के दाम भी बदल सकते हैं
    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन करती हैं। सितंबर में भी नई दरें जारी होने की उम्मीद है। ATF महंगा या सस्ता होने का असर एयरलाइंस की परिचालन लागत और आगे चलकर हवाई किराए पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ शहरों में CNG और PNG की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

    4. टाटा की कारें 25 हजार रुपए तक महंगी
    कार खरीदने वालों को सितंबर से झटका लग सकता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी करने वाली है।

    कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल यानी ICE मॉडल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगी। हालांकि, कीमत में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। टाटा के अलावा हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल कारों की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

    5. विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर बदलेगा नियम
    विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

    यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

    आपकी जेब पर सीधा असर
    सितंबर की शुरुआत में होने वाले इन बदलावों में सबसे सीधा असर LPG, कार और हवाई यात्रा से जुड़ा होगा। वहीं, CNG-PNG और ATF की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भी आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।

  • 7 सितंबर को बनेगा भद्रा राजयोग, इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा

    7 सितंबर को बनेगा भद्रा राजयोग, इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार और अर्थव्यवस्था का कारक ग्रह माना जाता है। 7 सितंबर को बुध के अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करने से भद्रा राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग का असर करियर, कारोबार, संपत्ति और आर्थिक मामलों में देखने को मिल सकता है।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध के कन्या राशि में गोचर से कुछ राशियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। खासतौर पर वृषभ, मिथुन, कन्या, धनु और मकर राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है।

    वृषभ: अचानक धन लाभ के योग
    बुध का गोचर वृषभ राशि के पांचवें भाव में होगा। निवेश, शेयर बाजार या पुराने किसी स्रोत से अचानक धन लाभ हो सकता है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

    मिथुन: संपत्ति खरीदने के योग
    मिथुन राशि के जातकों के चौथे भाव में भद्रा राजयोग बनेगा। नया वाहन, मकान या जमीन खरीदने के योग बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहने की संभावना है और माता से जुड़ी चिंताओं में भी राहत मिल सकती है।

    कन्या: करियर में मिल सकती है बड़ी सफलता
    बुध आपकी राशि में ही गोचर करेगा, इसलिए इसका प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे सकता है। निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबारियों के नए सौदे फाइनल होने के योग हैं।

    धनु: नौकरी और कारोबार में तरक्की
    धनु राशि के दसवें भाव में यह योग बनेगा। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। नई नौकरी, मनचाहे ट्रांसफर या करियर में बदलाव की कोशिश सफल हो सकती है। व्यापार में भी लाभ के अवसर बनेंगे।

    मकर: भाग्य का मिलेगा साथ
    मकर राशि के नौवें भाव यानी भाग्य स्थान में भद्रा राजयोग बनेगा। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक रह सकती हैं। धर्म-कर्म के प्रति रुचि बढ़ने के साथ विदेश यात्रा के अवसर भी बन सकते हैं।

    शुभ फल बढ़ाने के ज्योतिषीय उपाय
    – बुधवार को ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
    – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
    – जरूरतमंद व्यक्ति को हरी सब्जियां, हरा कपड़ा या मूंग की दाल दान करें।

  • आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय

    आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है, जबकि राहु को छाया ग्रह कहा गया है। अब मंगल राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र बदलाव, उथल-पुथल और मानसिक तनाव से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में मंगल की उग्र ऊर्जा के कारण कुछ राशियों के लिए यह अवधि चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

    मंगल 2 सितंबर तक आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों को आर्थिक, करियर, पारिवारिक और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को सतर्क रहना होगा।

    मेष राशि
    मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में इस अवधि में गुस्सा और जल्दबाजी बढ़ सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। जल्दबाजी में लिया गया आर्थिक फैसला नुकसान करा सकता है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को वाणी और धन से जुड़े मामलों में संयम रखना होगा। गुस्से में कही गई बात रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है। अचानक होने वाले खर्च से बजट प्रभावित हो सकता है। इस दौरान किसी को उधार देने में सावधानी बरतें।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों को मानसिक तनाव और कार्यक्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर ध्यान दें। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लोगों को इस दौरान गुप्त विरोधियों और विवादों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कानूनी और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूरी जांच के बाद ही कदम उठाएं। जोखिम वाले निवेश से दूरी रखना बेहतर होगा।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों को पारिवारिक और आर्थिक मामलों में संयम रखना होगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। अचानक होने वाला बड़ा खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है, इसलिए लेन-देन में सावधानी बरतें।

    अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल की उग्रता को शांत रखने के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करने की भी परंपरा है। बड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचें और जरूरी मामलों में अनुभवी लोगों की सलाह लें।

  • सात महीने से ISRO की लॉन्चिंग पर ब्रेक, सितंबर में GISAT-1A से फिर शुरू होगा अभियान, नवंबर में NVS-03 की तैयारी

    सात महीने से ISRO की लॉन्चिंग पर ब्रेक, सितंबर में GISAT-1A से फिर शुरू होगा अभियान, नवंबर में NVS-03 की तैयारी


    नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) करीब सात महीने के अंतराल के बाद एक बार फिर अपने लॉन्च अभियान को रफ्तार देने की तैयारी में है। तकनीकी दिक्कतों के चलते लगातार मिशनों में सामने आई समस्याओं के बाद लॉन्चिंग पर ब्रेक लगा हुआ था। अब अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट GISAT-1A को सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च करने की तैयारी है। इसके बाद नवंबर में NVS-03 को लॉन्च किए जाने की संभावना है।

    GISAT-1A क्यों है अहम?
    GISAT-1A को जियो इमेजिंग सैटेलाइट और नई नामकरण व्यवस्था के तहत EOS-05 भी कहा जाता है। यह 2021 में लॉन्च किए गए GISAT-1 यानी EOS-03 का रिप्लेसमेंट है। पिछला मिशन रॉकेट के अंतिम प्रोपल्सिव सेगमेंट के इग्नाइट नहीं होने के कारण अपनी तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका था।

    नया GISAT-1A करीब 10 साल की मिशन लाइफ के लिए तैयार किया गया है। यह बड़े इलाकों की बार-बार तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। इससे प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के साथ कृषि और वानिकी से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

    नवंबर में NVS-03 की लॉन्चिंग संभव
    GISAT-1A के बाद NVS-03 को लॉन्च किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक यह सैटेलाइट श्रीहरिकोटा में ईंधन भरने के बाद लॉन्च के लिए तैयार है। इसकी लॉन्चिंग नवंबर में संभावित है।

    NVS-03 का मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले लॉन्च किए गए NVS-02 को तय कक्षा तक पहुंचाने में सफलता नहीं मिली थी। इसके चलते भारत के NavIC नेविगेशन सिस्टम की स्वतंत्र कवरेज प्रभावित हुई है।

    जनवरी में PSLV-C62 मिशन हुआ था फेल
    2026 में ISRO ने अब तक सिर्फ एक लॉन्च किया है। 12 जनवरी को PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के तहत अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-N1 को कक्षा में स्थापित किया जाना था, लेकिन रॉकेट के तीसरे चरण में आई तकनीकी ‘एनोमली’ के कारण मिशन असफल हो गया। इसकी जांच के लिए बनाई गई फेलियर एनालिसिस कमेटी की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

    2025 में भी दो बड़े मिशनों को झटका
    2025 में ISRO ने पांच लॉन्च किए थे। इनमें PSLV-C61 से EOS-9 की लॉन्चिंग भी शामिल थी, लेकिन तीसरे चरण में आई एनोमली के कारण यह मिशन भी विफल हो गया था। ISRO ने दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से असंबंधित बताया था।

    वहीं GSLV-F16 से NASA के साथ विकसित NISAR सैटेलाइट का लॉन्च सफल रहा। GSLV-F15 से NVS-02 को भी लॉन्च किया गया, लेकिन ऑर्बिट बढ़ाने की प्रक्रिया में समस्या के कारण सैटेलाइट तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका। इसके अलावा LVM3 के जरिए Bluebird-2 और CMS-03 के लॉन्च भी किए गए।

    लॉन्चिंग के लक्ष्य से पीछे चल रहा ISRO
    ISRO की वार्षिक योजना के मुताबिक 2025-26 में 15 और 2026-27 में 27 मिशन का लक्ष्य रखा गया था। मौजूदा लॉन्चिंग इस लक्ष्य से काफी पीछे है। 2026-27 में ISRO ने कम से कम पांच SSLV, चार PSLV, तीन GSLV और एक LVM3 मिशन की योजना बनाई है। इसके अलावा गगनयान कार्यक्रम के तहत भी कई मिशन निर्धारित हैं।

    अब सितंबर में GISAT-1A की लॉन्चिंग ISRO के लिए सिर्फ एक सैटेलाइट मिशन नहीं, बल्कि लगातार सामने आई तकनीकी चुनौतियों के बाद लॉन्च कार्यक्रम को फिर पटरी पर लाने की बड़ी परीक्षा होगी।