Tag: Shahdol News

  • शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर

    शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर


    नई दिल्ली।  शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोरवेल मशीन गाड़ी ने पैदल जा रहे एक परिवार को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

    हादसे में सूखा गांव की रहने वाली अंशु उरमलिया (30) और उनके 6 वर्षीय बेटे राधा रमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय बच्ची आस्था तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गई।

    गर्भवती महिला की मौके पर मौत, हादसे ने बढ़ाया दर्द

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि अंशु उरमलिया बोरवेल गाड़ी के टायर के नीचे आ गईं। वे 7 महीने की गर्भवती थीं और हादसे में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गंभीर चोटों के कारण उनका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतका अंशु उरमलिया, लाइनमैन राम गोपाल द्विवेदी की बेटी थीं।

     मासूम बेटे ने अस्पताल में तोड़ा दम, बच्ची की हालत नाजुक

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल 6 वर्षीय राधा रमन को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं 10 साल की आस्था तिवारी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में लगातार उपचार कर रही है।

     टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक, पुलिस ने दर्ज किया केस

    हादसे की सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
    फरार बोरवेल गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है।

    गांव में मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतकों के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहनों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का पालन और नियंत्रण होता, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।

  • शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें

    शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध नशे के कारोबार से जुड़े तीन युवकों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस से बचने की कोशिश में तीनों युवक भागते हुए एक कुएं में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत देर रात हुई जब डायल 112 की पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान कामता कॉलेज तिराहे के पास एक दुर्घटनाग्रस्त सफेद क्रेटा कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार में कोई मौजूद नहीं था लेकिन तलाशी लेने पर उसमें से करीब 5 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त किया और आगे की कार्रवाई के लिए लौट गई।

    हालांकि असली घटना का खुलासा अगले दिन सुबह हुआ जब पास के खेत में स्थित एक कुएं में तीन शव तैरते हुए मिले। यह खेत किसान कन्हैया लाल यादव का बताया जा रहा है। जैसे ही ग्रामीणों ने कुएं में लाशें देखीं इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक एक कर तीनों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान रोहित शर्मा निवासी बुढार तनुज शुक्ला निवासी शहडोल और सचिन सिंह बघेल निवासी बुढार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा पहले से ही गांजा तस्करी के मामलों में कुख्यात रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की गाड़ी देखकर कार सवार युवकों ने भागने की कोशिश की। तेज रफ्तार के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद घायल अवस्था में तीनों युवक अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भागे। लेकिन घबराहट और रात के अंधेरे में उन्हें सामने मौजूद कुआं दिखाई नहीं दिया और वे सीधे उसमें गिर गए। घायल होने के कारण वे खुद को बचा नहीं सके और कुएं से बाहर निकलने में असफल रहे जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    इस मामले में एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बताया कि देर रात एक दुर्घटनाग्रस्त कार से गांजा बरामद हुआ था और उसी कार में सवार तीन युवक भागने के दौरान कुएं में गिर गए जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के नेटवर्क में और कौन कौन लोग शामिल थे। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि अवैध नशे के कारोबार का अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है जहां कानून से बचने की कोशिश कभी कभी सीधे मौत तक ले जाती है।

  • गुफानुमा खदानों का अंत शहडोल में अवैध कोयला माफिया पर बड़ी कार्रवाई

    गुफानुमा खदानों का अंत शहडोल में अवैध कोयला माफिया पर बड़ी कार्रवाई

    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है लंबे समय से जानलेवा खतरा बनी गुफानुमा सुरंगों पर आखिरकार बुलडोजर चला दिया गया यह कार्रवाई न सिर्फ अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए की गई बल्कि स्थानीय लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी बेहद जरूरी मानी जा रही थी

    जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा और टिकुरीटोला इलाकों में जमीन के नीचे बनाई गई ये खदानें किसी हादसे का इंतजार करती नजर आ रही थीं संकरी और गहरी सुरंगों के जरिए अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा था जो कभी भी धंस सकती थीं और बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थीं

    लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते खतरे को देखते हुए अमलाई पुलिस और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया मौके पर पहुंची टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब पांच गुफानुमा सुरंगों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उन्हें मिट्टी से पाटकर बंद कर दिया गया

    कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित किया गया और खुले गड्ढों को भी भर दिया गया ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को खत्म किया जा सके प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है

    बताया जा रहा है कि इन अवैध खदानों को पहले भी कई बार बंद कराया जा चुका है लेकिन खनन माफिया हर बार नए तरीके से सुरंगें खोदकर फिर से कोयला निकालना शुरू कर देते हैं यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए व्यापक कार्रवाई की है

    यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि अवैध खनन सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं बल्कि लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है ऐसे में जरूरी है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके

  • स्वागत के नाम पर अव्यवस्था: भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से शहडोल की यातायात व्यवस्था चरमराई

    स्वागत के नाम पर अव्यवस्था: भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से शहडोल की यातायात व्यवस्था चरमराई


    शहडोल । संभागीय मुख्यालय शहडोल में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम टेलर के नगर आगमन के दौरान किए गए स्वागत इंतजामों ने शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। स्वागत के नाम पर शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर भारी मशीनें खड़ी किए जाने से आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में चार से छह जेसीबी मशीनों को सड़कों पर खड़ा किया गया था। इन मशीनों को फूलों एवं गुब्बारों से सजाया गया था तथा युवा मोर्चा के पदाधिकारी इन पर सवार होकर स्वागत की तैयारी करते देखे गए। भारी मशीनों के कारण मार्ग संकरे हो गए, जिससे यातायात का प्रवाह बाधित हुआ और देखते ही देखते प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर जिले की प्रमुख शैक्षणिक संस्था रघुराज स्कूल के सामने देखने को मिला। स्कूल समय के दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को आवागमन में कठिनाई हुई। जाम में फंसे वाहनों में एंबुलेंस भी शामिल थीं, जिससे आपातकालीन सेवाओं की सुचारुता पर भी सवाल खड़े हो गए।

    स्थानीय नागरिकों ने बताया कि स्वागत की इस व्यवस्था में आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई। दिनभर लोग जाम में फंसे रहे और दैनिक कार्यों के लिए निकलने वालों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कई स्थानों पर यातायात पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सड़कों पर खड़ी भारी मशीनों के कारण यातायात को पूरी तरह सुचारू करना संभव नहीं हो सका।

    इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सार्वजनिक मार्गों का इस प्रकार उपयोग करना उचित है। नागरिकों का कहना है कि राजनीतिक या संगठनात्मक आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था और आपात सेवाओं को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है, ताकि आमजन को असुविधा न हो।

    मामले में शहडोल यातायात प्रभारी श्री संजय जायसवाल ने कहा कि वे वर्तमान में एक विभागीय बैठक में हैं, लेकिन यदि इस प्रकार से शहर में जाम की स्थिति बनी है तो इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • 16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान

    16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान


    शहडोल । मध्य प्रदेश की आदिवासी राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारत आदिवासी पार्टी BAP के इकलौते और चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार शहडोल जिले के दौरे पर पहुँचे। अपनी सादगी और मोटरसाइकिल से विधानसभा पहुँचकर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले सैलाना विधायक डोडियार ने शहडोल की धरती से न केवल राजनीतिक नब्ज टटोली, बल्कि प्रशासन और सत्ताधारी दल पर तीखे प्रहार कर आगामी विधानसभा सत्र के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

    शहडोल के बहाने प्रदेशव्यापी मिशन की तैयारी भारत आदिवासी पार्टी ने शहडोल से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनकी लड़ाई अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। विधायक डोडियार ने ऐलान किया कि आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वे शहडोल जिले के आदिवासियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से रखेंगे। उन्होंने साफ कहा कि आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए उनकी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार है।

    छात्राओं की सुरक्षा और छात्रावासों के हालात पर गहरी चिंता शहडोल दौरे के दौरान डोडियार ने आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने छात्रावासों से छात्राओं के लापता होने के मामलों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन इन मामलों में पारदर्शी जांच करने के बजाय लीपापोती करने में जुटा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यदि समाज की बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार के विकास के तमाम दावे महज कागजी और खोखले हैं।”

    माफिया तंत्र और चरमराती कानून व्यवस्था पर प्रहार जिले की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए विधायक डोडियार ने एक लंबी फेहरिस्त गिनाई। उन्होंने एएसआई और पटवारी की कुचलकर हुई हत्या, तहसीलदार पर रेत माफियाओं के हमले और पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों का हवाला देते हुए कहा कि शहडोल में माफिया तंत्र पूरी तरह हावी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज, भू और कोल माफिया प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

    विशेष रूप से अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए डोडियार ने कहा कि रेत ठेका नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर चोरी की रेत उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो पुलिस ने माफियाओं के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर हालातों में सुधार नहीं हुआ, तो भारत आदिवासी पार्टी शहडोल से एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी।

  • शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार

    शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जिले में लगातार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाएं यह साफ कर रही हैं कि अपराधियों के मन से वर्दी का खौफ खत्म होता जा रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला देवलौंद थाना क्षेत्र का है जहाँ बाणसागर बाजार में एक ज्वेलरी शॉप को लेकर हुए आपसी विवाद को सुलझाने गए सहायक उप निरीक्षक ASI महेश झा पर सरेआम हमला कर दिया गया।

    घटना के वक्त एएसआई महेश झा दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तभी मौके पर मौजूद सुनील सोनी नामक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला बोल दिया। इस झड़प में पुलिसकर्मी को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील सोनी को हिरासत में ले लिया है और उस पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर ही पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

    हैरानी की बात यह है कि शहडोल में पुलिस पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो हाल ही में बस स्टैंड पर ड्यूटी कर रहे महेश पाठक को एक बस ने कुचल दिया था वहीं ब्यौहारी में विवाद सुलझाने गए प्रधान आरक्षक और आरक्षक के साथ बस मालिकों द्वारा अभद्रता की गई थी। इसके साथ ही पुलिस लाइन में एक आरक्षक द्वारा सुसाइड की घटना ने विभाग के अंदरूनी तनाव और बाहरी चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

    जिले में कानून की रक्षा करने वालों पर हो रहे इन हमलों ने आम जनता के मन में असुरक्षा का भाव भर दिया है। जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। क्या यह हमलों का सिलसिला पुलिस की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है या प्रशासनिक ढिलाई का? यह एक बड़ा सवाल है।