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  • अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान के साथ काम का अनुभव किया साझा, बताया क्यों मुश्किल हालात में भी नहीं मानते हार

    अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान के साथ काम का अनुभव किया साझा, बताया क्यों मुश्किल हालात में भी नहीं मानते हार

    नई दिल्ली ।अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व की एक खास बात बताई है। उन्होंने कहा कि शाहरुख किसी भी परिस्थिति में हार नहीं मानते और मुश्किल समय में भी सामने वाले का आत्मविश्वास बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। दोनों कलाकारों ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी जोड़ी को दर्शकों ने अलग-अलग भूमिकाओं में देखा है।

    अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान ने ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘मोहब्बतें’, ‘वीर जारा’, ‘भूतनाथ’ और ‘कभी अलविदा ना कहना’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ काम करने के अनुभव के आधार पर अमिताभ ने शाहरुख के स्वभाव को लेकर अपनी बात रखी।

    यह बातचीत उस समय हुई जब अभिनेता राजकुमार राव एक फिल्म के प्रचार के लिए अमिताभ बच्चन के शो में पहुंचे थे। उनके साथ अभिनेत्री वामिका गब्बी भी मौजूद थीं। बातचीत के दौरान राजकुमार राव ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्मी यात्रा ने उन्हें अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    राजकुमार ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने कम उम्र में ही अभिनेता बनने का फैसला कर लिया था। उन्होंने अमिताभ बच्चन को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा कि उनके घर में अमिताभ का पोस्टर तक मौजूद था। इसके साथ ही उन्होंने शाहरुख खान की यात्रा से भी प्रभावित होने की बात कही।

    राजकुमार के अनुसार, शाहरुख की कहानी उन्हें इसलिए प्रेरित करती थी क्योंकि वह दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर थिएटर और छोटे-छोटे कार्यक्रमों से होते हुए हिंदी सिनेमा के बड़े सितारे बने। राजकुमार ने अपने शुरुआती मुंबई प्रवास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार एक शो के सिलसिले में मुंबई पहुंचे थे, तब उनका चयन नहीं हुआ था। उस दौर में वह शाहरुख के बंगले के बाहर तक खड़े रहते थे।

    राजकुमार की बात सुनने के बाद अमिताभ बच्चन ने शाहरुख के साथ काम करने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि शाहरुख ऐसे व्यक्ति हैं, जो किसी भी बात पर आसानी से हार नहीं मानते। उनके मुताबिक, किसी भी समस्या का सामना होने पर शाहरुख अपने व्यवहार से सामने वाले व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

    इस दौरान राजकुमार राव की आगामी फिल्म ‘प्रहार’ की भी चर्चा हुई। यह फिल्म सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के जीवन पर आधारित बताई गई है। फिल्म के ट्रेलर में 26/11 मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े मामले और अजमल कसाब के मुकदमे को भी दिखाया गया है।

    वहीं अमिताभ बच्चन के आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वह ‘कल्कि 2898 एडी’ और ‘सेक्शन 84’ से जुड़े हैं। ‘कल्कि 2898 एडी’ में उनके साथ प्रभास और कमल हासन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। दूसरी ओर ‘सेक्शन 84’ में अमिताभ के साथ निमृत कौर और अभिषेक बनर्जी नजर आएंगे।

    अमिताभ और शाहरुख की फिल्मों में साथ दिखाई देने की यात्रा के साथ अब उनके पुराने अनुभवों से जुड़े किस्से भी चर्चा में बने रहते हैं। इस बातचीत में अमिताभ की कही बात ने शाहरुख के काम करने के तरीके और संघर्ष के दौरान उनके रवैये की एक झलक पेश की।

  • राजामौली की फिल्म के लिए शाहरुख ने खुद बढ़ाया था मदद का हाथ, हिंदी दर्शकों के बीच पहचान बनने से पहले का है किस्सा

    राजामौली की फिल्म के लिए शाहरुख ने खुद बढ़ाया था मदद का हाथ, हिंदी दर्शकों के बीच पहचान बनने से पहले का है किस्सा

    नई दिल्ली । एसएस राजामौली आज भारतीय सिनेमा के उन निर्देशकों में शामिल हैं, जिनकी फिल्मों का इंतजार देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में किया जाता है। उनकी कहानी कहने की शैली और बड़े स्तर पर फिल्म बनाने के तरीके ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। हालांकि, करियर के एक दौर में हिंदी दर्शकों के बीच उनका नाम आज जितना जाना-पहचाना नहीं था। उसी समय शाहरुख खान से जुड़ी एक घटना राजामौली के लिए बेहद यादगार बन गई थी।

    यह किस्सा उस समय का है, जब राजामौली अपनी फिल्म ‘ईगा’ को हिंदी दर्शकों तक ‘मक्खी’ नाम से पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। फिल्म के प्रचार के सिलसिले में वह कई लोगों से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात शाहरुख खान से हुई। शाहरुख उनकी पिछली फिल्म ‘मगधीरा’ देख चुके थे और उन्होंने राजामौली से उनके काम तथा नई फिल्म के बारे में बातचीत की।

    राजामौली ने बताया था कि शाहरुख ने उनसे पूछा कि वह उस समय क्या कर रहे हैं। जब उन्होंने बताया कि वह ‘मक्खी’ के प्रचार में व्यस्त हैं, तो शाहरुख ने बिना किसी आग्रह के फिल्म के बारे में लोगों को बताने का फैसला किया। उन्होंने खुद फिल्म को लेकर संदेश साझा किया और दर्शकों से इसे देखने की अपील की।

    शाहरुख ने ‘मक्खी’ को राजामौली की बनाई एक मौलिक फिल्म बताते हुए उसकी रिलीज की जानकारी दी थी। उन्होंने दर्शकों को परिवार और बच्चों के साथ फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित किया था। साथ ही उन्होंने राजामौली और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं भी दी थीं।

    राजामौली के लिए यह पहल इसलिए खास थी क्योंकि उस समय वह हिंदी फिल्म दर्शकों के बीच बहुत बड़ा नाम नहीं थे। ऐसे दौर में एक बड़े सितारे का उनकी फिल्म के बारे में खुद आगे आकर बात करना उनके लिए निश्चित तौर पर यादगार अनुभव बना। राजामौली ने इस घटना को शाहरुख के सहज और सहयोगी स्वभाव से जोड़कर याद किया था।

    इस घटना के बाद राजामौली ने शाहरुख के प्रति अपना आभार भी जाहिर किया था। उन्होंने कहा था कि किसी ऐसे व्यक्ति की मदद करना, जिसे उस समय हिंदी दर्शक बहुत ज्यादा नहीं जानते थे, शाहरुख के व्यक्तित्व की खासियत को दिखाता है। राजामौली के मन में इस घटना की याद लंबे समय तक बनी रही।

    राजामौली ने शाहरुख के साथ काम करने की इच्छा को लेकर भी सम्मान जाहिर किया था। उनका मानना था कि देश का कोई भी निर्देशक उनके साथ काम करना चाहेगा। उनके लिए शाहरुख केवल एक बड़े अभिनेता नहीं, बल्कि ऐसा व्यक्ति भी हैं जो दूसरे कलाकारों और फिल्मकारों के काम को पहचानने तथा प्रोत्साहित करने की क्षमता रखते हैं।

    राजामौली के करियर में इसके बाद कई बड़े पड़ाव आए और उनकी फिल्मों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। फिलहाल वह अपनी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, जबकि प्रियंका फीमेल लीड भूमिका निभा रही हैं।

    राजामौली और शाहरुख से जुड़ा यह पुराना किस्सा बताता है कि किसी कलाकार के करियर के शुरुआती दौर में मिला छोटा सा प्रोत्साहन भी उसके लिए लंबे समय तक यादगार रह सकता है। शाहरुख की वह पहल राजामौली के लिए ऐसी ही एक खास याद बन गई, जिसे वह आज भी सम्मान के साथ याद करते हैं।

  • शाहरुख खान ने अंबानी परिवार की गणपति पूजा में की आरती, कैमरों से बनाई दूरी, सामने आया समारोह का वीडियो

    शाहरुख खान ने अंबानी परिवार की गणपति पूजा में की आरती, कैमरों से बनाई दूरी, सामने आया समारोह का वीडियो

    नई दिल्ली ।गणेश चतुर्थी के अवसर पर अंबानी परिवार के घर एंटीलिया में आयोजित गणपति पूजा में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गणपति बप्पा की पूजा और आरती की। हालांकि, समारोह में पहुंचने के दौरान शाहरुख खान ने कैमरों से दूरी बनाए रखी और अन्य सितारों की तरह बाहर फोटोग्राफरों के सामने तस्वीरें नहीं खिंचवाईं। अब समारोह के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद उनके शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

    सामने आए वीडियो में शाहरुख खान गणपति बप्पा की आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह हाथ में आरती की थाली लिए भगवान गणेश के सामने खड़े नजर आए। इस दौरान अभिनेता सफेद शर्ट और काली पैंट में दिखाई दिए। उनका सादगी भरा अंदाज वीडियो में साफ नजर आ रहा है। गणपति पूजा में उनके साथ अभिनेता रणवीर सिंह भी मौजूद थे।

    एक तस्वीर में रणवीर सिंह आरती करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि शाहरुख खान उनके पास खड़े नजर आ रहे हैं। रणवीर सिंह ने सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ जैकेट पहनी थी। समारोह की सामने आई तस्वीरों और वीडियो में दोनों कलाकारों की मौजूदगी देखने को मिली है।

    गणपति उत्सव में बॉलीवुड के कई सितारे पहुंचे थे। इनमें से ज्यादातर कलाकारों ने बाहर मौजूद फोटोग्राफरों के सामने तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन शाहरुख खान ने ऐसा नहीं किया। वह बिना ज्यादा चर्चा के समारोह में पहुंचे और कैमरों से दूरी बनाए रखी। इसी वजह से शुरुआत में उनके आयोजन में शामिल होने को लेकर कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया था।

    बाद में समारोह के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सामने आए तो शाहरुख खान की मौजूदगी की जानकारी सामने आई। एक तस्वीर में वह मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के साथ भी दिखाई दिए। इससे पता चला कि अभिनेता अंबानी परिवार के गणपति उत्सव में शामिल हुए थे और उन्होंने पूजा में हिस्सा लिया।

    शाहरुख खान के आरती करते हुए वीडियो के सामने आने के बाद उनका यह अंदाज चर्चा में है। वीडियो में वह गणपति बप्पा के सामने आरती की थाली लिए दिखाई दे रहे हैं। समारोह के दौरान उन्होंने कैमरों से दूरी बनाए रखी, लेकिन अंदर की तस्वीरों में उनकी मौजूदगी दर्ज हुई।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान जल्द फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म की रिलीज 24 दिसंबर 2026 बताई जा रही है। ऐसे में गणपति उत्सव में शाहरुख की मौजूदगी के साथ उनकी आने वाली फिल्म ‘किंग’ भी चर्चा में बनी हुई है।

  • मुस्लिम बॉलीवुड और टीवी स्टार्स भी मनाते हैं गणेश चतुर्थी, सलमान से सारा अली खान तक बप्पा की भक्ति में रहते हैं लीन

    मुस्लिम बॉलीवुड और टीवी स्टार्स भी मनाते हैं गणेश चतुर्थी, सलमान से सारा अली खान तक बप्पा की भक्ति में रहते हैं लीन

    Bollywood Ganpati Celebration: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही पूरा देश भक्ति के रंग में रंग जाता है। हवाओं में ‘गणपति बाप्पा मोरिया’ की गूंज होती है और हर तरफ एक अलग ही पॉजिटिव वाइब देखने को मिलती है। भारत में त्यौहार सिर्फ किसी एक धर्म के नहीं होते, बल्कि ये सबको आपस में जोड़ने का काम करते हैं। हमारी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड और टीवी जगत में भी यह खूबसूरती साफ दिखाई देती है। स्क्रीन पर अपने अभिनय से दिल जीतने वाले कई मुस्लिम सेलेब्स हर साल अपने घरों में गणपति बप्पा का स्वागत बहुत ही धूमधाम से करते हैं। वे न सिर्फ अपने घर में बप्पा की स्थापना करते हैं, बल्कि पूरे विधि-विधान से पूजा और आरती भी करते हैं।

    सलमान खान

    बॉलीवुड के ‘दबंग’ यानी सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट में हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बहुत ही ग्रैंड लेवल पर मनाया जाता है। सलमान की मां सुशीला चरक (सलमा खान) और पूरा खान परिवार बप्पा का स्वागत बहुत ही भक्ति-भाव से करता है। सलमान खान खुद आरती करते हैं, ढोल-नगाड़ों पर डांस करते हैं और विसर्जन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उनके घर का गणेशोत्सव पूरे बॉलीवुड में फेमस है।

    शाहरुख खान

    बॉलीवुड के ‘किंग’ शाहरुख खान भी हर साल अपने घर ‘मन्नत’ में गणपति बाप्पा को लेकर आते हैं। शाहरुख अपने छोटे बेटे अबराम और पूरे परिवार के साथ मिलकर बप्पा की पूजा करते हैं। सोशल मीडिया पर जब भी वे बप्पा के साथ अपनी फोटो शेयर करते हैं, तो फैंस उनके इस सेक्युलर अंदाज़ और सोच की जमकर तारीफ करते हैं। शाहरुख का मानना है कि हर त्यौहार हमें खुशियां और प्यार बांटना सिखाता है।

    सारा अली खान

    यंग जनरेशन की फेवरेट एक्ट्रेस सारा अली खान हमेशा से ही अपनी धार्मिक आस्था को लेकर खुलकर बात करती हैं। सारा हर साल अपने घर पर गणपति बाप्पा की मूर्ति स्थापित करती हैं और पीले या लाल पारंपरिक कपड़ों में बप्पा की पूजा करती हैं। वह लालबागचा राजा के दर्शन करने भी जाती हैं। सारा के लिए गणेश चतुर्थी का मतलब बप्पा से आशीर्वाद लेना और घर में पॉजिटिविटी लाना है।

    सैफ अली खान

    पटौदी खानदान के नवाब और बेहतरीन एक्टर सैफ अली खान भी गणेशोत्सव को बहुत ही सादगी और प्यार से मनाते हैं। करीना कपूर खान और अपने बच्चों तैमूर व जेह के साथ मिलकर सैफ घर पर क्ले (मिट्टी) के गणपति बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। सैफ का मानना है कि बच्चों को हर धर्म के त्यौहारों का सम्मान करना और उनसे जुड़ी अच्छी बातें सीखना बहुत जरूरी है।

    हिना खान

    टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस हिना खान भी बप्पा की बहुत बड़ी भक्त हैं। हिना हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने दोस्तों के घर बप्पा के दर्शन करने जाती हैं और सोशल मीडिया पर फैंस को विश भी करती हैं। मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी हिना की बप्पा पर श्रद्धा कभी कम नहीं हुई और वे हमेशा बप्पा से सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं।

    शहीर शेख

    टीवी के बेहद हैंडसम और मशहूर एक्टर शहीर शेख भी गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े ही प्यार से मनाते हैं। अपनी पत्नी रुचिका कपूर के साथ मिलकर शहीर घर को दीयों और फूलों से सजाते हैं। शहीर का मानना है कि गणपति बाप्पा घर में खुशियां और नई शुरुआत की एनर्जी लाते हैं, इसलिए वे इस त्यौहार को हर साल खास बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते।

    जैन इमाम

    टीवी के पॉपुलर एक्टर जैन इमाम भी उन सितारों में शामिल हैं जो गणेशोत्सव की रौनक को दिल से एन्जॉय करते हैं। जैन अक्सर अपने दोस्तों के घर जाकर बप्पा की आरती में शामिल होते हैं और विसर्जन के दौरान जमकर डांस भी करते हैं। उनका मानना है कि बप्पा सभी के विघ्न हर लेते हैं और मुंबई की गणेश चतुर्थी की बात ही कुछ अलग है।

    अदा खान

    ‘नागिन’ फेम एक्ट्रेस अदा खान बप्पा की बहुत बड़ी फैन और भक्त हैं। अदा हर साल गणेश चतुर्थी पर अपने घर में इको-फ्रेंडली गणपति लाती हैं या फिर अपने करीबी दोस्तों के घर जाकर बप्पा के सामने माथा टेकती हैं। वे बप्पा के लिए मोदक बनाती हैं और बप्पा का आशीर्वाद लेकर ही अपने नए कामों की शुरुआत करती हैं।

    रक्षंदा खान

    टीवी की सीनियर और टैलेंटेड एक्ट्रेस रक्षंदा खान भी गणेश चतुर्थी को बहुत ही उत्साह के साथ सेलिब्रेट करती हैं। अपने पति सचिन त्यागी और परिवार के साथ मिलकर रक्षंदा घर में बप्पा का स्वागत करती हैं। वे इस त्योहार के जरिए अपने फैंस और समाज को एकता और भाईचारे का बहुत ही खूबसूरत मैसेज देती हैं।

    टीवी के अन्य मुस्लिम सेलेब्स का सपोर्ट

    इन बड़े सितारों के अलावा टीवी इंडस्ट्री के कई और मुस्लिम एक्टर्स और एक्ट्रेसेस भी हैं जो गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के अलग-अलग पंडालों में जाकर बप्पा के दर्शन करते हैं। इनमें आमना शरीफ और अली गोनी जैसे सितारे भी शामिल हैं जो अपने दोस्तों के साथ बप्पा की भक्ति में लीन नजर आते हैं। यह दिखाता है कि मुंबई का गणेशोत्सव सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा इमोशन है जो हर मजहब के इंसान को एक धागे में पिरो देता है।

  • 30 साल बाद भी कायम है ‘दिल की तन्हाई’ का जादू, शाहरुख खान और रम्या कृष्णन का यह गीत आज भी है यादगार

    30 साल बाद भी कायम है ‘दिल की तन्हाई’ का जादू, शाहरुख खान और रम्या कृष्णन का यह गीत आज भी है यादगार

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय गीतों में शामिल ‘दिल की तन्हाई’ ने अपनी रिलीज के तीन दशक पूरे कर लिए हैं। वर्ष 1996 में आई फिल्म ‘चाहत’ का यह भावनात्मक गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। इस अवसर पर फिल्म के संगीतकार अनु मलिक ने पुराने दिनों को याद करते हुए अभिनेता शाहरुख खान के अभिनय, उनकी भाव-भंगिमाओं और गीत की स्थायी लोकप्रियता की सराहना की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके संदेश ने एक बार फिर इस गीत को चर्चा का विषय बना दिया है।

    अनु मलिक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ‘दिल की तन्हाई’ गीत का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि शाहरुख खान के प्रभावशाली अभिनय और भावनात्मक अभिव्यक्तियों ने इस गीत को एक अलग पहचान दी। उन्होंने कहा कि अभिनेता ने अपने प्रदर्शन से गीत की संवेदनाओं को और गहराई प्रदान की, जिसकी वजह से यह आज भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि समय बदलने के बावजूद इस गीत की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।

    संगीतकार ने फिल्म के निर्देशक महेश भट्ट की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि वे मानवीय भावनाओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से पर्दे पर प्रस्तुत करने की विशेष क्षमता रखते थे। उनके अनुसार, ‘चाहत’ में संगीत और कहानी का तालमेल ही इस गीत की सबसे बड़ी ताकत बना। अनु मलिक ने यह भी माना कि भावनात्मक विषयों पर आधारित गीतों को यादगार बनाने में निर्देशन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    उन्होंने गीत के गायक कुमार सानू के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। अनु मलिक ने कहा कि कुमार सानू की आवाज ने ‘दिल की तन्हाई’ को ऐसी भावनात्मक गहराई दी, जिसने इसे लंबे समय तक श्रोताओं की यादों में जीवित रखा। उनका मानना है कि कुछ गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि लोगों की व्यक्तिगत यादों और भावनाओं का हिस्सा बन जाते हैं और यह गीत भी उन्हीं में से एक है।

    वर्ष 1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘चाहत’ में शाहरुख खान, पूजा भट्ट, नसीरुद्दीन शाह, रम्या कृष्णन और अनुपम खेर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म में शाहरुख खान ने रूप सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था, जबकि पूजा भट्ट उनकी प्रेमिका की भूमिका में नजर आई थीं। वहीं रम्या कृष्णन ने भी अपनी दमदार उपस्थिति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। बाद के वर्षों में ‘बाहुबली’ श्रृंखला में शिवगामी देवी की भूमिका निभाकर रम्या कृष्णन को नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी व्यापक पहचान मिली।

    ‘चाहत’ अपने संगीत, भावनात्मक कहानी और कलाकारों के अभिनय के कारण उस दौर की चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। इसके गीतों ने फिल्म की लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। विशेष रूप से ‘दिल की तन्हाई’ को उन गीतों में शामिल किया जाता है, जिन्हें आज भी रेडियो, डिजिटल प्लेटफॉर्म और संगीत कार्यक्रमों में पसंद किया जाता है। इसकी धुन, बोल और प्रस्तुति ने इसे समय के साथ भी प्रासंगिक बनाए रखा है।

    फिल्म से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि वर्ष 2013 में शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी ने इसके अधिकार अपने पास ले लिए थे। इसके अलावा फिल्म की कहानी से प्रेरित होकर ओड़िया भाषा में भी इसका रीमेक बनाया गया था। तीन दशक बाद भी ‘दिल की तन्हाई’ की लोकप्रियता यह साबित करती है कि बेहतरीन संगीत, सशक्त अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति समय की सीमाओं से परे जाकर दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखती है।

  • शाहरुख के बाद अब सलमान संग दिखेंगी हीरोइन बनेंगी साउथ एक्ट्रेस नयनतारा?

    शाहरुख के बाद अब सलमान संग दिखेंगी हीरोइन बनेंगी साउथ एक्ट्रेस नयनतारा?

    मुंबई। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) जल्द ही साउथ की चर्चित अभिनेत्री नयनतारा (Nayanthara) के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आ सकते हैं। खबर है कि निर्देशक वामशी पैदिपल्ली (Vamshi Paidipally) की अगली बड़े बजट की फिल्म में यह नई जोड़ी दिखाई दे सकती है। हालांकि फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक वामशी पैदिपल्ली एक बड़े स्केल की एंटरटेनर फिल्म बना रहे हैं, जिसमें सलमान खान मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म को निर्माता Dil Raju प्रोड्यूस कर सकते हैं। चर्चा है कि इस पैन इंडिया हिंदी फिल्म के लिए नयनतारा को लीड एक्ट्रेस के तौर पर अप्रोच किया गया है। अगर सब कुछ तय होता है, तो पहली बार सलमान और नयनतारा की जोड़ी बड़े पर्दे पर नजर आएगी।

    शाहरुख के साथ ‘जवान’ में नजर आई थीं नयनतारा

    नयनतारा को हिंदी दर्शकों ने सबसे ज्यादा Jawan में देखा था, जिसमें उन्होंने Shah Rukh Khan के साथ अहम भूमिका निभाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना था कि फिल्म में Deepika Padukone के कैमियो के कारण नयनतारा का रोल थोड़ा फीका पड़ गया था।

    वामशी पैदिपल्ली दे चुके हैं कई हिट फिल्में

    निर्देशक वामशी पैदिपल्ली साउथ सिनेमा के सफल फिल्मकारों में गिने जाते हैं।

    उन्होंने Munna से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने Brindavanam, Yevadu, Oopiri और Maharshi जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। फिल्म महार्षि को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

    सलमान पर बड़ी हिट देने का दबाव

    पिछले कुछ वर्षों में Salman Khan की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan, Tiger 3 और Sikandar को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। ऐसे में फैंस को उनकी अगली बड़ी हिट का इंतजार है।

    आने वाले प्रोजेक्ट्स

    सलमान खान इन दिनों बैटल ऑफ गलवान पर आधारित फिल्म में व्यस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास Kick 2 और Babbar Sher जैसे प्रोजेक्ट्स की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वामशी पैदिपल्ली वाली फिल्म की शूटिंग अप्रैल से शुरू हो सकती है और इसे अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज किया जा सकता है।

    अगर यह प्रोजेक्ट फाइनल होता है तो सलमान खान और नयनतारा की नई जोड़ी फैंस के लिए खास सरप्राइज साबित हो सकती है।

  • बांग्लादेशी क्रिकेटर पर सियासी वबाल… विपक्षी नेता और पूर्व क्रिकेटरों ने किया शाहरूख का समर्थन

    बांग्लादेशी क्रिकेटर पर सियासी वबाल… विपक्षी नेता और पूर्व क्रिकेटरों ने किया शाहरूख का समर्थन


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनावी सरगर्मी (Election activity) के बीच अब राजनीति का नया मैदान खेल बनता नजर आ रहा है. इस बार निशाने पर हैं फिल्म अभिनेता और आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL team Kolkata Knight Riders- KKR) के मालिक शाहरुख खान (Shahrukh Khan). वजह बनी है आईपीएल के आगामी सीजन के लिए केकेआर द्वारा बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) को टीम में शामिल किया जाना. इस फैसले को लेकर भाजपा नेता संगीत सोम, कुछ धार्मिक नेताओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय समूहों ने तीखा विरोध शुरू कर दिया है।

    भाजपा नेताओं का कहना है कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और हत्याओं की खबरें सामने आ रही हैं, तब ऐसे देश के खिलाड़ियों को आईपीएल में शामिल करना गलत है. संगीत सोम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की सरकार, वहां के खिलाड़ी और सेलिब्रिटी हिंदुओं के पक्ष में आवाज नहीं उठा रहे, ऐसे में भारतीय लीग में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को क्यों जगह दी जा रही है. उन्होंने सीधे तौर पर इस फैसले के लिए शाहरुख खान को जिम्मेदार ठहराया।

    इस मुद्दे को बंगाल की सियासत से जोड़ते हुए भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. भाजपा नेताओं का कहना है कि शाहरुख खान को सिर्फ मजहब के आधार पर तरजीह दी जा रही है. आरोप लगाए गए कि राज्य सरकार उनके कार्यक्रमों में सहयोग करती है, ईडन गार्डन्स से जुड़े ठेके कथित तौर पर मुस्लिम ठेकेदारों को दिए जाते हैं और शाहरुख को बंगाल का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया. भाजपा का दावा है कि यह सब तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है।


    शाहरुख के समर्थन में आए विपक्षी नेता और पूर्व क्रिकेटर

    लेकिन टीएमसी से लेकर कांग्रेस तक और आम आदमी पार्टी से लेकर समाजवादी पार्टी तक सवाल उठा रही है कि हिंदुओं की हत्या पर अगर बांग्लादेश का विरोध करना है तो बांग्लादेशी खिलाड़ी को खिलाने पर भारत सरकार क्यों चुप है? बीसीसीआई उन खिलाड़ियों की नीलामी क्यों करवाती है? विदेश मंत्री ढाका क्यों जाते हैं? शेख हसीना भारत में क्यों रहती हैं? से तमाम सवाल विपक्ष उठा रहा है और कह रहा है कि ऐसे में सिर्फ शाहरुख खान को निशाना बनाना राजनीति से प्रेरित है।


    फिर शेख हसीना को भारत में रखना कैसे ठीक: संजय सिंह

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शाहरुख खान को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह दरिंदगी की पराकाष्ठा है. हिंदुओं को टारगेट करके जो मारा जा रहा है, उस पर भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए. लेकिन प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर खामोश हैं. क्रिकेट खिलाड़ी को टीम रखने पर शाहरुख खान को गद्दार करार दिया जा रहा है तो शेख हसीना को भारत में रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को क्या संज्ञा दी जाएगी?

    आम आदमी पार्टी नेता ने आगे कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों को मारा गया, उसके बाद पूरे देश ने कहा पाकिस्तान संग क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. जय शाह ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेला. इसको क्या कहेंगे? क्या इनको गद्दार की संज्ञा में लाया जाएगा? अभी बेगम खालिदा जिया की मौत पर दुख प्रकट करने के लिए विदेश मंत्री जयशंकर बांग्लादेश गए. ऐसे में हमें सलेक्टिव नहीं होना चाहिए. हमें दो तरह की बातें नहीं करनी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि सरकार की नीति क्या है, ये स्पष्ट होना चाहिए. कोई भी कुछ भी बोल देता है. इस तरह से शाहरुख को आरोपी बनाना ठीक नहीं. आईपीएल में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को नहीं लिया जाता, इसी तरह बांग्लादेश को भी बैन करिए फिर.


    भाजपा सांसद खुद संगीत सोम का बयान गलत बता चुके: सपा

    वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने भी शाहरुख खान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश आज भारी कट्टरता के रास्ते पर चल रहा है. मोहम्मद युनूस जैसा आदमी वहां का केयरटेकर बना हुआ है, खुद पीएम मोदी ने उसका समर्थन किया था. ये संगीत सोम जो सरधना से विधायक थे, बुरी तरह हारे. अब इन्हें कवरेज नहीं मिलती इसलिए सु्र्खियों के लिए ये ऐसे बयान देते हैं. खुद भाजपा के वरिष्ठ सांसद इनके बयान को गलत बता चुके हैं.


    सिर्फ शाहरुख को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है: अतुल वासन

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन से जब सवाल पूछा गया कि क्रिकेट आयोजन कराने वाले बोर्ड पर कोई सवाल नहीं उठाता है. इसके जवाब में वासन ने कहा कि इसके लिए टाइमलाइन समझने की जरूरत है. शाहरुख खान ने इस बांग्लादेशी प्लेयर को नहीं चुना. एक क्रिकेट मैनेजमेंट कमेटी है जो चयन करती है. साथ ही बीसीसीआई ने बांग्लादेशी क्रिकेटरों का नाम रखा था निलामी में, वहां से शाहरुख की टीम ने अपनी जरूरत के हिसाब से इस खिलाड़ी को उठाया. मुझे लगता है कि शाहरुख का नाम एकदम से लेना ठीक नहीं है. उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए क्योंकि उनकी टीम ने इस खिलाड़ी को अपने हिसाब से लिया है.

    उन्होंने कहा कि शाहरुख खान भी एक देशभक्त हैं और मुझे लगता है कि जिस तरह से बांग्लादेश का विरोध हो रहा है तो वह बांग्लादेशी खिलाड़ी को अपनी टीम में नहीं रखेंगे. पाकिस्तान से इस मामले की तुलना करना ठीक नहीं है क्योंकि पाकिस्तान का इतिहास बांग्लादेश से अलग रहा है. भारत सरकार भी अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में नजर आ रही है. ऐसे में एक आदमी (शाहरुख) को निशाना बनाना बिल्कुल ठीक नहीं है. क्रिकेट को राजनीति के लिए इस्तेमाल करना गलत है. केकेआर के और भी मालिक हैं शाहरुख के अलावा. इनमें जुही चावला भी है, तो उन्हें कोई क्यों निशाना नहीं बनाता? और मान लिजिए कि बांग्लादेशी खिलाड़ी को निकाल भी दिया जाता है तो इससे क्या कुछ बदल जाएगा?

    पहले भी अलग-अलग टीम से खेलते रहे हैं रहमान
    वैसे, मुस्तफिजुर रहमान पिछले कई सीजन से अलग अलग टीमों के लिए आईपीएल खेल रहे हैं. लेकिन इस बार विवाद के पीछे चुनावी सियासत बड़ी वजह नजर आ रही है. हालांकि इन तमाम सियासी जुगालियों पर भारत सरकार या बीसीसीआई की ओर से न तो कोई सवाल उठाया गया है और न आपत्ति जताई गई है. लेकिन आईपीएल से पहले शाहरुख और उनकी टीम को लेकर सियासत खूब हो रही है।

    दिलचस्प बात यह है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर आपत्ति कुछ मुस्लिम संगठनों की ओर से भी जताई गई है. ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी ने कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों को वहां हो रहे अत्याचारों पर खुद आवाज उठानी चाहिए. वहीं, कुछ धर्मगुरुओं ने शाहरुख खान से माफी और बयान देने की मांग तक कर डाली।