Tag: Shajapur news

  • वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर

    वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर



    शाजापुर। गर्मी से राहत पाने के लिए वाटर पार्क में मस्ती करने पहुंचे एक युवक के साथ बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के पनवाड़ी गांव स्थित ड्रीम फन वैली वाटर पार्क में नहाते समय गोता लगाते हुए युवक का सिर किसी कठोर सतह से जोरदार टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया और पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। समय रहते मौजूद दोस्तों और वाटर पार्क कर्मचारियों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

    घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूल में अन्य लोगों के साथ मस्ती कर रहा युवक अचानक गहरे हिस्से में गोता लगाने लगा। इसी दौरान उसका सिर किसी सख्त हिस्से या तल से टकरा गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और वह पानी में ही अचेत हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हरकत में आते हुए उसे बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की।

    राजगढ़ का युवक, दोस्तों के साथ आया था घूमने
    घायल युवक की पहचान राजगढ़ जिले के भेसवा माताजी निवासी सुनील के रूप में हुई है। सुनील अपने दो दोस्तों के साथ गर्मी से राहत पाने और मनोरंजन के लिए वाटर पार्क पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी लोग सामान्य रूप से पूल में मस्ती कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी का माहौल दर्दनाक हादसे में बदल गया। दोस्तों के अनुसार, सुनील ने जैसे ही गोता लगाया, वैसे ही उसका सिर किसी कठोर सतह से टकराया और वह तुरंत नीचे की ओर डूबने लगा। इस दौरान कुछ सेकंड की देरी भी उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन सतर्कता के चलते उसे समय पर बचा लिया गया।

    शाजापुर जिला अस्पताल से इंदौर रेफर
    घटना के बाद घायल युवक को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गहरी चोट लगने और बेहोशी की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।

    फिलहाल युवक का इलाज इंदौर के अस्पताल में जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिवार में चिंता का माहौल है।

    प्रशासनिक जांच की संभावना
    इस हादसे के बाद वाटर पार्क की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना कैसे हुई और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, इसको लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक जांच की पुष्टि नहीं हुई है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में वाटर पार्क में भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित

    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने नियमित कार्यों का बहिष्कार करते हुए अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर देखने को मिला।

    हड़ताल के कारण खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। मरीजों को इलाज और नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    टीकाकरण, पंजीयन और दवाइयों पर असर
    कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, जन्म प्रमाण पत्र जारी करने और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा एनसीडी, टीबी, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित दवाइयां मिलने में भी कठिनाई हो रही है। सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों के निराकरण का काम भी बाधित बताया जा रहा है, जिससे आम लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं।

    आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश जैसी कुल आठ प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ के अनुसार, पहले चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया था, जिसके बाद 2 जून से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई।

    आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और लंबे समय से लंबित होने के कारण अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    प्रशासन पर बढ़ा दबाव
    हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संघ के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हैं।

  • श्मशान घाट के पास हमला, युवक घायल-दो आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी

    श्मशान घाट के पास हमला, युवक घायल-दो आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी


    शाजापुर। शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक हिंसक घटना सामने आई, जहां पुराने श्मशान घाट के पास एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दो युवकों ने उसे बेल्ट और प्लास्टिक के पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, फरियादी सूरज पंवार (22), निवासी बेरछा रोड रेलवे पुलिया क्षेत्र, नगर पालिका के कचरा वाहन में हेल्पर के रूप में कार्य करता है। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे वह राजेश्वरी मंदिर के पास स्थित चिल्लर नदी क्षेत्र में गया था। इसी दौरान वहां अनिल और उसका एक साथी मौजूद थे। कुछ समय बाद दोनों ने उसे पुराने श्मशान घाट के पास बुलाया, जहां विवाद की स्थिति बन गई।

    पीड़ित के अनुसार, नदी क्षेत्र में आने को लेकर आरोपियों ने उससे बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला बढ़ गया। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया। अनिल ने बेल्ट से और उसके साथी ने प्लास्टिक पाइप से सूरज पर लगातार वार किए। अचानक हुए इस हमले से वह खुद को बचा नहीं सका।

    मारपीट में युवक की पीठ, छाती, होंठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। हमले के निशान उसके शरीर पर साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह वह वहां से बचकर निकला और घर पहुंचा, जहां उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद दोनों आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि वह दोबारा उस क्षेत्र में आया तो उसकी जान ले ली जाएगी। इस धमकी से वह काफी दहशत में है।

    परिजनों के साथ सूरज थाने पहुंचा और कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान और लोकेशन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शाजापुर सड़क हादसा: ब्रेक फेल बस ने कई वाहनों को रौंदा, लोग घायल

    शाजापुर सड़क हादसा: ब्रेक फेल बस ने कई वाहनों को रौंदा, लोग घायल


    शाजापुर। शाजापुर शहर में शनिवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंडी के पास निर्माणाधीन पुलिया के नजदीक एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित हो गई। सारंगपुर की ओर से आ रही बालाजी बस के ब्रेक फेल हो जाने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कुछ ही पलों में सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो बाइक और दो चार पहिया वाहनों सहित कुल चार वाहन चपेट में आ गए, जबकि तीन लोग घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई। बताया जाता है कि जैसे ही बस निर्माणाधीन पुलिया के पास पहुंची, अचानक उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने बस को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण वाहन अनियंत्रित होता चला गया। देखते ही देखते बस पहले सड़क पर चल रहे बाइक सवारों से टकराई और फिर आगे बढ़ते हुए अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर जोरदार आवाजें सुनाई दीं और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को वाहन से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें चोटें आई हैं।

    घायलों में मझनिया निवासी जितेंद्र शामिल हैं, जो किसी आवश्यक कार्य से शाजापुर की ओर आ रहे थे और बस की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अन्य घायलों में लक्ष्मण और उनकी मां सानूबाई भी शामिल हैं, जो बैंक संबंधी कार्य के लिए शहर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया और वे बस की चपेट में आ गए। तीनों घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी।

    घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ चालक के बयान भी दर्ज कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    हादसे के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारु कराया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के पुराने और तकनीकी रूप से कमजोर वाहनों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • शाजापुर में शादी के नाम पर ठगी: लुटेरी दुल्हन गैंग ने लाखों रुपए ऐंठे, शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू

    शाजापुर में शादी के नाम पर ठगी: लुटेरी दुल्हन गैंग ने लाखों रुपए ऐंठे, शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू


    शाजापुर । शाजापुर जिले में शादी के नाम पर ठगी करने वाले कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का मामला सामने आया है। पनवाड़ी गांव के दो अलग-अलग परिवारों ने आरोप लगाया है कि दलालों और महिलाओं के एक संगठित गिरोह ने उनसे करीब साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी की है। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों दुल्हनें घर छोड़कर फरार हो गईं और अब तक वापस नहीं लौटीं। पीड़ित परिवारों ने 21 मई को सुनेरा थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, हालांकि आरोप है कि शिकायत के कई दिन बाद भी पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

    पहला मामला: 15 दिन बाद ‘दादी की तबीयत’ का बहाना बनाकर फरार
    पहले मामले में पनवाड़ी निवासी निर्भय सिंह ने बताया कि उनके बेटे धर्मेंद्र की शादी कराने के लिए दलाल नारायण पांडा, बाबू और सुखराम ने झाबुआ निवासी ज्योति से संपर्क कराया था। शादी तय कराने के एवज में करीब दो लाख रुपये लिए गए।

    परिवार का कहना है कि 19 नवंबर 2025 को विवाह से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए गए थे। शादी के बाद ज्योति मात्र 15 दिन तक ही घर में रही और फिर ‘दादी की तबीयत खराब’ होने का बहाना बनाकर घर से चली गई, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी।

    दूसरा मामला: तीन लाख लेकर शादी, फिर मोबाइल और जेवर लेकर फरार
    दूसरे मामले में अर्जुन नामक युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी शादी रानू बाई मिश्रा से कराने के नाम पर करीब तीन लाख रुपये वसूले गए। आरोप है कि दलालों ने खुद को लड़की का रिश्तेदार बताकर विवाह संपन्न कराया। अर्जुन के अनुसार, शादी के लगभग 15 दिन बाद रानू बाई इंदौर जाने की बात कहकर घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। वह अपने साथ मोबाइल फोन और चांदी की पायजेब भी ले गई। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

    दलालों का संगठित नेटवर्क, मुख्य आरोपी पर आरोप
    शिकायत में बताया गया है कि इस पूरे मामले में दलालों का एक नेटवर्क सक्रिय है। इसमें नारायण पांडा (शाजापुर), बाबू (तराना, उज्जैन) और सुखराम (धार) शामिल हैं। सुखराम को इस गिरोह का मुख्य दलाल बताया जा रहा है, जो लड़कियों से संपर्क कर शादी तय कराने का काम करता है और पैसों का लेन-देन भी संभालता है। पीड़ित परिवारों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ठगी की राशि वापस दिलाने की मांग की है।

    पुलिस जांच जारी
    सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती ने बताया कि शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

  • शाजापुर कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों का प्रदर्शन: शासकीय भूमि पर कब्जे के आरोप, कलेक्टर के आश्वासन के बाद मामला शांत

    शाजापुर कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों का प्रदर्शन: शासकीय भूमि पर कब्जे के आरोप, कलेक्टर के आश्वासन के बाद मामला शांत


    शाजापुर। शाजापुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पोलायखुर्द गांव के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर कथित कब्जे के मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी कलेक्टर की वाहन पार्किंग के पास पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठकर विरोध जताने लगे। ग्रामीणों ने कलेक्टर के खिलाफ भी नारे लगाए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
    घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर उस समय जनसुनवाई कक्ष में मौजूद थीं। सुंदरसी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश दी और स्थिति को नियंत्रित किया। लंबी समझाइश के बाद ग्रामीणों ने शांत रुख अपनाया और अपने पांच प्रतिनिधियों को कलेक्टर से बातचीत के लिए भेजा गया।

    कलेक्टर के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
    प्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर से मुलाकात के दौरान उन्हें मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और स्थिति सामान्य हो गई।

    शासकीय भूमि पर कब्जे और फर्जी नामांतरण का आरोप
    ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि ग्राम पोलायखुर्द स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1396 (रकबा 2.045 हेक्टेयर) पर कुछ लोगों ने राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी नामांतरण कर लिया है।

    ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि पर गांव का प्राचीन मंदिर और बच्चों का श्मशान स्थल स्थित है, जिससे यह जमीन सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत द्वारा अनुसूचित जाति समाज के लिए मांगलिक भवन निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है।

    जातिसूचक गाली और धमकी देने का भी आरोप
    प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर संबंधित लोगों द्वारा उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि फर्जी नामांतरण को तत्काल निरस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और अवैध कब्जे का मामला दर्ज किया जाए।

  • सोशल मीडिया पोस्ट पर बड़ा फैसला: शाजापुर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 2 साल की सजा दी

    सोशल मीडिया पोस्ट पर बड़ा फैसला: शाजापुर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 2 साल की सजा दी


    शाजापुर । शाजापुर जिले की न्यायालय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट डालने के मामले में आरोपी मोहसिन (पिता मुबारिक, निवासी ज्योति नगर, शाजापुर) को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। आरोपी ने फेसबुक पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट साझा की थी, जिसे राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने वाला माना गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, शाजापुर ने मंगलवार दोपहर सुनवाई के बाद आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया और सजा का आदेश दिया।

    धाराओं के तहत अलग-अलग सजा और जुर्माना
    कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 153-बी के तहत 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 505(1)(बी) के तहत 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये का अर्थदंड तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 67-ए के तहत 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

    2019 में दर्ज हुई थी शिकायत
    जिला मीडिया सेल प्रभारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला 16 फरवरी 2019 का है। उस समय फरियादी रोहित राठौर ने थाना कोतवाली शाजापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि ‘मोहसिन लाला’ नाम की फेसबुक आईडी से यह विवादित पोस्ट डाली गई थी। फरियादी ने पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपा था, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।

    राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने का आरोप
    शिकायत में यह भी कहा गया था कि इस तरह की पोस्ट से लोगों की राष्ट्रीय भावनाएं आहत हुईं और समाज में तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर इसे न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

    कोर्ट में साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
    न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी प्रतीक श्रीवास्तव और तुलसी मानकर द्वारा की गई। यह फैसला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

  • शाजापुर में बिजली कटौती का अलर्ट, कल 3 घंटे बाधित रहेगी सप्लाई

    शाजापुर में बिजली कटौती का अलर्ट, कल 3 घंटे बाधित रहेगी सप्लाई


    शाजापुर  शाजापुर शहर के निवासियों को रविवार, 17 मई 2026 को तीन घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग ने जानकारी दी है कि सुबह 7 बजे से 10 बजे तक लालघाटी उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। यह कटौती आवश्यक तकनीकी रखरखाव और लाइन सुधार कार्य के चलते की जा रही है। विभाग के अनुसार, 33 केवी धनलक्ष्मी लाइन और न्यू कलेक्टर फीडर पर 11 केवी कंडक्टर बदलने एवं सुधार कार्य किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 केवी जेल फीडर और 11 केवी इमरजेंसी फीडर को भी अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।

    इन प्रमुख इलाकों में रहेगा असर
    बिजली कटौती के दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। इनमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला जेल, डाइट कॉलेज, कलेक्ट्रेट सर्कल ऑफिस, मजिस्ट्रेट निवास, बापू की कुटिया, स्टेडियम, राजराजेश्वरी मंदिर, विजय नगर, ज्योति नगर, बस स्टैंड और ट्रॉमा सेंटर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में सुबह के समय सामान्य जनजीवन, कार्यालय कार्य और घरेलू गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। विशेषकर सरकारी कार्यालयों और अस्पताल क्षेत्र में पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है।

    विद्युत विभाग की अपील: पहले से कर लें जरूरी काम
    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लोग बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेंटेनेंस कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति निर्धारित समय से पहले भी बहाल की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और इस तकनीकी कार्य में सहयोग करें, ताकि भविष्य में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    तकनीकी सुधार से भविष्य में मिलेगी राहत
    विद्युत विभाग का कहना है कि यह मेंटेनेंस कार्य आने वाले दिनों में ट्रिपिंग, वोल्टेज उतार-चढ़ाव और लाइन फॉल्ट जैसी समस्याओं को कम करेगा। इससे शाजापुर शहर को अधिक स्थिर और मजबूत बिजली आपूर्ति प्रणाली का लाभ मिलेगा।

  • रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच

    रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच


    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब देवास रेलवे फाटक के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री पड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

    मौके से बरामद हुईं 6 पेटी जिलेटिन रॉड
    पुलिस ने मौके से करीब 6 पेटी जिलेटिन रॉड बरामद की हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर खदानों में ब्लास्टिंग कार्य के लिए किया जाता है। संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों की सूचना से खुला मामला
    जानकारी के अनुसार, रेलवे फाटक के पास संदिग्ध पेटियां देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    CCTV और जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल से पड़ताल
    मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, बरामद सामग्री फिलहाल जिलेटिन रॉड जैसी प्रतीत हो रही है। सभी पेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री वहां कैसे और किसने रखी।

    ट्रक कटिंग से जुड़ने की आशंका भी जांच में शामिल
    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रतलाम क्षेत्र में विस्फोटक भंडारण स्थल से चोरी और ट्रक कटिंग की घटना हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    मक्सी में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। पुलिस हर संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन और क्या मकसद था।

  • शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शुक्रवार रात नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी AC बस (MP-07 ZL 9090) में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस कुछ ही मिनटों में आग के गोले में बदल गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

    4 साल का मासूम जिंदा जला, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस दर्दनाक हादसे में शिवपुरी निवासी अभिषेक जैन का 4 वर्षीय बेटा अनय बस के अंदर ही फंस गया और आग में जिंदा जल गया। परिजन और यात्रियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन को मासूम का शव निकालने में करीब 2 घंटे लग गए।

     चेतावनी के बावजूद लापरवाही, यात्रियों ने सुनाई आपबीती
    यात्रियों के मुताबिक, सफर के दौरान बस में वायरिंग जलने की बदबू आ रही थी। कई लोगों ने इसकी शिकायत ड्राइवर से की, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। रात करीब 12 बजे बस जब हाईवे पर एक ढाबे के पास रुकी, तभी कुछ ही मिनटों बाद आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।

    न इमरजेंसी गेट, न फायर सिस्टम-बचाव में बड़ी दिक्कत
    हादसे के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। बताया गया कि बस में न तो इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम कर रहा था और न ही अग्निशमन यंत्र मौजूद था। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोगों को खिड़कियां और शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।

    फायर ब्रिगेड पर भी सवाल, देर से पहुंची मदद
    स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड करीब आधे घंटे बाद पहुंची और शुरुआती गाड़ी में पानी तक नहीं था। बाद में 5 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    पिता ने बचाई कई जानें, पर बेटा नहीं बच सका
    दुखद घटना के बीच पिता अभिषेक जैन ने कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और मिले लाखों के जेवर पुलिस को सौंपे। लेकिन अपने बेटे को नहीं बचा सके।

    शाजापुर का यह हादसा बस सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।