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  • Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय

    Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय


     नई दिल्ली।  शनिवार के दिन शनिदेव की विशेष पूजा और वास्तु उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। शनि देव की कृपा पाने के लिए केवल पूजा ही नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष उपाय करना भी जरूरी है। अगर आपके घर में लगातार आर्थिक तंगी, कामों में रुकावट या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नजर आ रहा है, तो आज के दिन ये उपाय विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

    1. शनि मंदिर जाएं और सरसों के तेल का दिया जलाएं

    शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर पूजा करना बेहद लाभकारी माना गया है। इस दौरान सरसों के तेल का दिया जलाना चाहिए। शनि देव को काला रंग प्रिय है, इसलिए इस दिन काले कपड़े पहनकर मंदिर जाएं। इसके साथ ही काली दाल का दान करने से भी शनिदेव की कृपा बनी रहती है।

    2. घर के मुख्य द्वार पर शनि यंत्र लगाएं

    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर के मुख्य द्वार पर शनि यंत्र लगाने से घर में आने वाली नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। यह उपाय घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है और परिवार में सुख-शांति लाता है।

    3. शमी का पौधा लगाएं और पत्तियां चढ़ाएं

    शनिवार को शमी का पौधा लगाना विशेष लाभकारी माना गया है। शमी देवता को प्रिय होने के कारण यह पौधा शनि देव की कृपा बढ़ाता है। शमी की पत्तियों को शनिदेव को चढ़ाने से घर में आर्थिक तंगी और अन्य परेशानियां कम होती हैं।

    4. नकारात्मकता बढ़ाने वाली आदतों से बचें

    शनिवार के दिन कुछ विशेष सावधानियां रखना भी जरूरी है। जैसे, नाखून और बाल काटना इस दिन वर्जित माना गया है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए शनिवार को अपने बाल और नाखून न काटें।

    5. नियमित पूजा और उपाय से घर में खुशहाली

    इन उपायों को नियमित रूप से अपनाने से घर और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। शनि देव प्रसन्न रहते हैं और किसी भी बाधा, आर्थिक तंगी या मानसिक परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। शनिवार के दिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ये उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के सभी सदस्य मानसिक और आर्थिक रूप से मजबूत रहते हैं।

  • शनि देव को प्रसन्न करने का आसान उपाय: शनिवार का व्रत और पूजा विधि पूरी जानकारी

    शनि देव को प्रसन्न करने का आसान उपाय: शनिवार का व्रत और पूजा विधि पूरी जानकारी


    नई दिल्ली।क्या आप भी शनिवार का व्रत रखने का सोच रहे हैं? तो जानिए कब और कैसे शुरू करें
    शनि देव को प्रसन्न करने के लिए रखना चाहिए शनिवार का व्रत, जानिए कब रखना चाहिए ये व्रत और कैसे करें शुरू इससे जुड़ी सारी जानकारी।

    शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन लोग उनकी पूजा अर्चन करते है। कई लोग आज के दिन व्रत भी रखते हैं ताकि उनकी कृपा पा सकें। अगर आप भी शनिवार का व्रत रखना चाहते हैं और ये समस्या आ रही हैं कि, इसकी शुरूआत कैसे करें। तो चलिए इस व्रत से जुड़ी सारी जानकारी आपको बताते हैं।

    कब से शुरू करें व्रत
    शनिवार का व्रत किसी भी शनिवार से शुरू किया जा सकता है, लेकिन शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार से आरंभ करना अधिक शुभ माना जाता है। व्रत शुरू करने से पहले मन में संकल्प लेना चाहिए कि आप कितने शनिवार तक व्रत रखेंगे आमतौर पर 11, 21 या 51 शनिवार का व्रत रखा जाता है।

    व्रत के दिन की पूजा विधि
    व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे काले या नीले रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद शनि देव की पूजा करें। पूजा के दौरान शनि देव की प्रतिमा या चित्र के सामने सरसों का तेल चढ़ाएं, काले तिल अर्पित करें और दीपक जलाएं। इसके साथ ही “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है।शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व है। पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर परिक्रमा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।

    व्रत का महत्त्व
    शनिवार का व्रत नियमित रूप से करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और मानसिक शांति मिलती है। शनि देव की कृपा से व्यक्ति को न्याय, सफलता और स्थिरता प्राप्त होती है। इसलिए श्रद्धा और नियम से यह व्रत करने से अच्छे फल मिलते हैं।

    शनि देव की आरती
    जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
    सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

    जय जय श्री शनिदेव…॥

    श्याम अंग वक्र दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
    नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥

    जय जय श्री शनिदेव…॥

    क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है ललाट।
    मुक्तन की माला गले शोभित बलिहाट॥

    जय जय श्री शनिदेव…॥

    मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
    लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

    जय जय श्री शनिदेव…॥

    देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
    विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

    जय जय श्री शनिदेव…॥