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  • शनि देव की कृपा से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, बढ़ सकती है सैलेरी

    शनि देव की कृपा से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, बढ़ सकती है सैलेरी


    नई दिल्ली। शनिवार, 16 मई 2026 को शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का करियर, पैसा, प्रेम, स्वास्थ्य, शुभ रंग, शुभ अंक और उपाय।

    मेष राशि
    आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 8
    उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं।

    वृषभ राशि
    पारिवारिक मामलों में धैर्य रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। प्रेम संबंधों में संवाद बनाए रखें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी रहेगा।
    शुभ रंग: सफेद
    शुभ अंक: 6
    उपाय: पीपल के नीचे दीपक जलाएं।
    मिथुन राशि
    आज का दिन करियर और व्यापार के लिए बेहद शुभ रहेगा। आपकी बातचीत और बुद्धिमत्ता से लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    शुभ रंग: हरा
    शुभ अंक: 5
    उपाय: काले तिल का दान करें।
    कर्क राशि
    मानसिक तनाव थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा। नौकरी में धैर्य बनाए रखें। रिश्तों में पारदर्शिता जरूरी होगी।
    शुभ रंग: सिल्वर
    शुभ अंक: 2
    उपाय: चंद्रमा को जल अर्पित करें।
    सिंह राशि
    छोटी बातों पर विवाद से बचें। करियर में सामान्य स्थिति रहेगी लेकिन समझदारी से काम लेने पर लाभ होगा। प्रेम जीवन में संयम जरूरी रहेगा।
    शुभ रंग: लाल
    शुभ अंक: 9
    उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    कन्या राशि
    आज सफलता के अच्छे संकेत मिल रहे हैं। नौकरी और व्यापार में प्रशंसा मिलेगी। प्रेम जीवन में विश्वास और नजदीकियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
    शुभ रंग: हरा
    शुभ अंक: 5
    उपाय: हरी मूंग का दान करें।
    तुला राशि
    पारिवारिक जीवन में सामंजस्य रहेगा। नए कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और मानसिक शांति बनी रहेगी।
    शुभ रंग: सफेद
    शुभ अंक: 6
    उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद फूल चढ़ाएं।
    वृश्चिक राशि
    आज बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी। प्रेम संबंधों में खुलकर संवाद करें। तनाव से बचें।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 7
    उपाय: शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    धनु राशि
    भावनात्मक उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखना जरूरी होगा।
    शुभ रंग: ग्रे
    शुभ अंक: 4
    उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
    मकर राशि
    आज आत्मविश्वास और मानसिक शांति बनी रहेगी। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार और प्रेम जीवन दोनों में खुशियां रहेंगी।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 8
    उपाय: काले कपड़े का दान करें।
     कुंभ राशि
    नई पहचान और सम्मान मिलने के संकेत हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में ईमानदारी रिश्तों को मजबूत करेगी।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 4
    उपाय: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
    मीन राशि
    भावनात्मक मामलों में धैर्य रखें। नौकरी और व्यापार में सोच-समझकर फैसले लें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
    शुभ रंग: हल्का नीला
    शुभ अंक: 7
    उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
    किन राशियों पर रहेगी शनि देव की विशेष कृपा?
    आज मेष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए शनि जयंती बेहद शुभ मानी जा रही है। इन राशियों के लोगों को करियर, धन और सम्मान के मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
  • त्रिवेणी शनि मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, सुबह से शिप्रा स्नान जारी

    त्रिवेणी शनि मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, सुबह से शिप्रा स्नान जारी

      उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार को आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब 13 साल बाद शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का विशेष महासंयोग बना। इस अवसर पर त्रिवेणी स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से आए भक्तों ने शिप्रा नदी में स्नान कर शनिदेव के दर्शन किए और तेल, काले तिल, नारियल तथा काले वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

      शिप्रा स्नान के लिए विशेष इंतजाम, फव्वारों से स्नान कर रहे श्रद्धालु

      श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शिप्रा नदी के त्रिवेणी घाट पर विशेष व्यवस्था की है। नदी में जल स्तर कम होने के कारण नर्मदा जल से फव्वारे लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु स्नान कर सकें।

      सुबह से ही भक्त स्नान कर शुद्धि प्राप्त कर मंदिर पहुंच रहे हैं और शनिदेव के दर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, होमगार्ड और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

      मंदिर में विशेष अनुष्ठान, 24 घंटे तेल अभिषेक जारी
      त्रिवेणी शनि मंदिर में सुबह तड़के ही पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजा के साथ दिन की शुरुआत हुई। मंदिर को फूलों और विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया गया है। महंत राकेश बैरागी के अनुसार गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं की एंट्री बंद रखी गई है, जबकि शनि प्रतिमा पर 24 घंटे तक तिल के तेल का अभिषेक जारी रहेगा।

      श्रद्धालुओं की आस्था, दान और परंपराओं का पालन
      श्रद्धालु शिप्रा स्नान के बाद पुराने वस्त्र और जूते-चप्पल मंदिर परिसर में दान कर रहे हैं। भक्त अपने साथ लाए काले तिल, नारियल और तेल शनिदेव को अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

      धार्मिक अनुष्ठानों और उपायों का महत्व
      पंडितों के अनुसार शनि जयंती के दिन पीपल वृक्ष पर जल अर्पण, काले तिल चढ़ाना और तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है। शनि स्तोत्र, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी शनि दोष शांति के लिए लाभकारी बताया गया है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।

      उज्जैन में बना यह दुर्लभ संयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि आस्था और परंपरा के अद्भुत संगम का प्रतीक भी बन गया। त्रिवेणी शनि मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि शनिदेव के प्रति श्रद्धा जनमानस में गहराई से स्थापित है।
  • देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय

    देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय


    नई दिल्ली।
    आज ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) की अमावस्या (Amavasya) है और आज के ही दिन शनि जयंती भी है। देशभर में आज शनि जयंती (Shani Jayanti 2026) धूमधाम से मनाई जा रही है। इस अवसर पर शनि मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही मंदिर परिसर में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डालीं। भक्तों ने न्याय के देवता शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसी के साथ, बट सावित्री पर्व भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।

    हिंदू धर्म में शनि देव (Shani Dev) को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि आज ही के दिन सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. आज शनिवार का दिन होने के कारण इस जयंती का महत्व अनंत गुना बढ़ गया है, क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव को समर्पित है.


    1. आज का शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2026 Muhurat)

    आज 16 मई को पूजा के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार अमावस्या तिथि का विवरण इस प्रकार है:
    – अमावस्या तिथि का आरंभ: 15 मई 2026 को दोपहर से.
    – अमावस्या तिथि का समापन: आज 16 मई 2026 को शाम 05:40 बजे तक.
    – अमृत काल (पूजा के लिए श्रेष्ठ): सुबह 09:15 से 10:45 तक.
    – संध्या काल पूजा: शाम 06:30 से रात 08:30 तक (शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद विशेष फलदायी होती है.


    2. शनि जयंती पूजा विधि

    आज के दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए भक्त इन चरणों का पालन करें.
    – ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: आज सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
    – संकल्प: हाथ में जल लेकर शनि देव के व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें.
    – मंदिर दर्शन: पास के शनि मंदिर जाएं. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर के पश्चिम कोने में एक चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर शनि देव की यंत्र या प्रतिमा स्थापित करें.
    – तैल अभिषेक: शनि देव की शिला या प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें. ध्यान रहे कि तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में न देखें, बल्कि चरणों की ओर दृष्टि रखें.
    – नैवेद्य: उन्हें नीले फूल, काले तिल, अक्षत और भोग में इमरती या काली उड़द की खिचड़ी अर्पित करें.
    – मंत्र जाप: आज कम से कम 108 बार “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” इस मंत्र का जाप करें.


    3. शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय (Effective Remedies)

    अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है, तो आज 16 मई को ये उपाय जरूर करें.
    – पीपल के पेड़ की पूजा: आज शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें.
    – छाया दान: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें, फिर उस तेल को दान कर दें या मंदिर में रख आएं.
    – हनुमान जी की भक्ति: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वह उनके भक्तों को परेशान नहीं करेंगे. इसलिए आज हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें.


    4. क्या दान करें? (Donation Guide)

    आज के दिन दान का फल कई जन्मों तक मिलता है. इन वस्तुओं का दान करना शुभ है.
    – काले वस्त्र और छाता.
    – लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल.
    – काली उड़द की दाल और काले तिल.
    – जरूरतमंदों और कुष्ठ रोगियों को भोजन कराना.


    5. राशि अनुसार विशेष लाभ (Zodiac Insights)

    आज का दिन विशेष रूप से कुंभ, मकर और मीन राशि (साढ़ेसाती के प्रभाव वाली), कर्क और वृश्चिक राशि (ढैय्या के प्रभाव वाली) के जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन राशियों के जातकों को आज सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए ताकि शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम हो सकें.

  • बेहद खास है 16 मई की अमावस्या, शनि जयंती के साथ बन रहा दुर्लभ संयोग, इन गलतियों से बचें

    बेहद खास है 16 मई की अमावस्या, शनि जयंती के साथ बन रहा दुर्लभ संयोग, इन गलतियों से बचें

    नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष महत्व प्राप्त है और ज्येष्ठ मास की अमावस्या को और भी महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई को पड़ रही है, जो कई धार्मिक संयोगों के कारण खास मानी जा रही है। इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी और यह वर्ष की पहली शनि अमावस्या भी होगी।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे शुरू होगी और 17 मई 2026 को रात 01:30 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर अमावस्या का स्नान और दान 16 मई, शनिवार को ही किया जाएगा।

    शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या का संयोग
    इस दिन शनि जयंती, वट सावित्री व्रत और ज्येष्ठ अमावस्या का एक साथ संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

    इन कार्यों से बचने की सलाह
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन कुछ कार्यों से परहेज करना चाहिए, अन्यथा जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।

    बाल और नाखून काटने से बचें
    मान्यता है कि अमावस्या के दिन बाल और नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। विशेषकर शनिवार को शनि जयंती होने के कारण यह नियम और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

    बुजुर्गों का सम्मान जरूरी
    इस दिन पितरों का स्मरण और तर्पण किया जाता है। ऐसे में बुजुर्गों का सम्मान करना आवश्यक माना गया है। उनका अपमान या अनादर करने से पारिवारिक अशांति बढ़ सकती है।

    तामसिक भोजन से परहेज
    अमावस्या के दिन सात्विक आहार लेने और तामसिक भोजन से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही स्वच्छता बनाए रखना और सुबह जल्दी स्नान करना भी शुभ माना जाता है।

    सुनसान जगहों से दूरी
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय मानी जाती है। इसलिए श्मशान घाट या सुनसान स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

    नए कार्यों की शुरुआत न करें
    इस दिन नए कार्य शुरू करना या बड़ी खरीदारी करना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे कार्यों में बाधा या असफलता आ सकती है।

    धार्मिक महत्व और मान्यताएं
    ज्येष्ठ अमावस्या को पितरों को समर्पित तिथि माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य, स्नान और पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि सही तरीके से किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाते हैं।

  • ज्योतिषीय बदलाव: बुधादित्य राजयोग से शनि जयंती पर बदल सकता है भाग्य का खेल

    ज्योतिषीय बदलाव: बुधादित्य राजयोग से शनि जयंती पर बदल सकता है भाग्य का खेल

    नई दिल्ली। शनि जयंती के अवसर पर बनने वाला बुधादित्य राजयोग कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। इस खगोलीय संयोग को ज्योतिष में बेहद प्रभावशाली माना जाता है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव, आर्थिक सुधार और नए अवसरों के योग बनते हैं। माना जा रहा है कि इस अवधि में रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी और आय के नए स्रोत भी खुल सकते हैं।

    जानकारी के अनुसार, 15 मई को सूर्य और बुध का वृषभ राशि में एक साथ प्रवेश होगा, जिससे बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिषियों के मुताबिक इसका प्रभाव शनि जयंती के आसपास और अधिक मजबूत होगा। 16 मई से 29 मई तक का समय कई जातकों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत भी लाभकारी साबित हो सकती है। इस योग का सबसे अधिक प्रभाव कुछ चुनिंदा राशियों पर पड़ने की संभावना है।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी बदलने या बेहतर ऑफर मिलने के योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ की स्थिति मजबूत होगी और विदेश से जुड़े अवसर भी मिल सकते हैं।

    सिंह राशि के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से काफी लाभकारी माना जा रहा है। आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

    कन्या राशि वालों के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा रह सकता है। नौकरी में प्रगति, लाभकारी सौदे और संपत्ति या वाहन से जुड़े फायदे मिलने के योग बन रहे हैं। धार्मिक या आध्यात्मिक यात्राओं के अवसर भी बन सकते हैं।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह योग सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय के विभिन्न स्रोत बन सकते हैं। निवेश से लाभ और पैतृक संपत्ति से जुड़े फायदे मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

    कुल मिलाकर यह खगोलीय संयोग कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक मजबूती और जीवन में स्थिरता का संकेत लेकर आ रहा है।

  • शनि जयंती से पहले शुक्र-बुध का बड़ा राशि परिवर्तन, इन राशियों पर बरसेगी धन और तरक्की की कृपा

    शनि जयंती से पहले शुक्र-बुध का बड़ा राशि परिवर्तन, इन राशियों पर बरसेगी धन और तरक्की की कृपा

    नई दिल्ली । इस बार शनि जयंती और शनैश्चरी अमावस्या से पहले ग्रहों की चाल खास संयोग बना रही है। 14 मई को शुक्र ग्रह वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि 15 मई को बुध ग्रह भी वृषभ राशि में गोचर करेंगे। 16 मई को मनाई जाने वाली शनि जयंती पर इन दोनों ग्रहों का प्रभाव कई राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र को सुख-सुविधा, वैभव, प्रेम और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धिमत्ता, व्यापार, वाणी और निर्णय क्षमता से जुड़ा ग्रह है। ऐसे में दोनों ग्रहों का एक ही राशि में आना कई लोगों के करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर सकारात्मक असर डाल सकता है।

    वृषभ राश
    वृषभ राशि वालों के लिए यह समय बेहद लाभकारी माना जा रहा है। शुक्र अपनी ही राशि में रहेंगे और बुध के साथ उनका संयोग आर्थिक उन्नति, करियर में सफलता और आकर्षण बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन और नए अवसर मिलने के योग हैं।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों को अचानक लाभ मिल सकता है। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। नई योजनाएं शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों की आय में वृद्धि के संकेत हैं। मित्रों और संपर्कों से फायदा मिल सकता है। निवेश से भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के लोगों को करियर में प्रगति मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। सामाजिक मान-सम्मान भी बढ़ेगा।

    कन्या राश
    कन्या राशि वालों के लिए भाग्य मजबूत रहेगा। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। शिक्षा, यात्रा और नई शुरुआत के मामलों में भी सफलता मिलने के संकेत हैं।