Tag: Shanishchari Amavasya

  • शुक्र गोचर 2026: शनिश्चरी अमावस्या से पहले शुक्र का राशि परिवर्तन, 12 राशियों पर दिखेगा बड़ा असर

    शुक्र गोचर 2026: शनिश्चरी अमावस्या से पहले शुक्र का राशि परिवर्तन, 12 राशियों पर दिखेगा बड़ा असर

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार शनिश्चरी अमावस्या 16 मई को पड़ रही है, लेकिन उससे दो दिन पहले यानी 14 मई को शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के मुताबिक, 14 मई सुबह 10:35 बजे शुक्र अपनी स्वराशि वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

    ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र का यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और बुध-शुक्र के बीच मित्रता का संबंध है। ऐसे में यह परिवर्तन कई राशियों के लिए प्रेम, वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति और सुख-सुविधाओं के लिहाज से शुभ संकेत लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं कि शुक्र के मिथुन राशि में प्रवेश का असर सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा।

    मेष
    शुक्र का गोचर मेष राशि के तीसरे भाव में होगा। मित्रों और भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी। करियर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं।

    वृषभ
    वृषभ राशि के दूसरे भाव में शुक्र का प्रवेश धन और समृद्धि बढ़ाने वाला रहेगा। बचत में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। व्यापार में लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।

    मिथुन
    शुक्र का गोचर आपकी ही राशि में होने जा रहा है। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी ओर प्रभावित होंगे। मानसिक संतोष मिलेगा। वाहन, संपत्ति या संतान सुख के योग बन रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

    कर्क
    कर्क राशि के द्वादश भाव में शुक्र का प्रवेश खर्च बढ़ा सकता है। मानसिक तनाव और असहजता महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।

    सिंह
    सिंह राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आमदनी बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन और शिक्षा के लिहाज से भी समय अनुकूल रहेगा।

    कन्या
    कन्या राशि के दशम भाव में शुक्र का प्रवेश करियर में सफलता और नई उपलब्धियां दिला सकता है। रुके हुए काम पूरे होंगे। नौकरीपेशा लोगों को पद और प्रतिष्ठा मिलने के योग हैं।

    तुला
    तुला राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यवृद्धि और अचानक धन लाभ का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुका पैसा वापस मिल सकता है। परिवार और रिश्तों में सहयोग बढ़ेगा।

    वृश्चिक
    वृश्चिक राशि के अष्टम भाव में शुक्र का गोचर आकस्मिक लाभ दे सकता है। निवेश से फायदा होने की संभावना है। हालांकि प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    धनु
    धनु राशि वालों के सप्तम भाव में शुक्र का प्रवेश वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ाएगा। जीवनसाथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी रहेगी।

    मकर
    मकर राशि वालों को स्वास्थ्य और खर्च दोनों मामलों में सावधानी रखनी होगी। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। हालांकि शिक्षा और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

    कुंभ
    कुंभ राशि के पंचम भाव में शुक्र का गोचर प्रेम संबंधों को मजबूत करेगा। बुद्धिमत्ता और समझने की क्षमता बढ़ेगी। धन लाभ और संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिलने के योग हैं। आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ सकती है।

    मीन
    मीन राशि के चौथे भाव में शुक्र का प्रवेश पारिवारिक मामलों में कुछ तनाव पैदा कर सकता है। छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि ससुराल पक्ष से सहयोग मिलने के संकेत हैं।

  • Amavasya 2026: जानें साल 2026 में अमावस्या की सभी 13 तिथियां, मौनी और सोमवती अमावस्या सहित

    Amavasya 2026: जानें साल 2026 में अमावस्या की सभी 13 तिथियां, मौनी और सोमवती अमावस्या सहित


    नई दिल्ली/हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष 12 या कभी-कभी 13 अमावस्याएं होती हैं। अमावस्या वह तिथि है जब चंद्रमा पूरी तरह लुप्त हो जाता है और कृष्ण पक्ष समाप्त हो जाता है। साल 2026 में कुल 13 अमावस्या पड़ने वाली हैं। इनमें मौनी अमावस्या और सोमवती अमावस्या विशेष महत्व रखती हैं। आइए जानते हैं 2026 में आने वाली सभी अमावस्याओं की तिथियां और उनके महत्व के बारे में।

    साल 2026 की पहली अमावस्या – मौनी अमावस्या

    साल की पहली अमावस्या माघ मास में पड़ रही है, जिसे मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मौनी अमावस्या पर व्रत रखने, दान देने और पितरों का तर्पण करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। साथ ही भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करने का भी खास महत्व है। मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखने की परंपरा प्रचलित है। इस साल मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को पड़ रही है।

    सोमवती अमावस्या 2026
    जब अमावस्या का दिन सोमवार को पड़ता है, उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। साल 2026 में दो बार सोमवती अमावस्या है। पहली सोमवती अमावस्या 15 जून 2026 को और दूसरी 9 नवंबर 2026 को है। इस दिन व्रत और विशेष पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और पितृ दोष से मुक्ति का लाभ माना जाता है।

    शनिश्चरी अमावस्या 2026
    शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा का विधान होता है। साल 2026 में शनिश्चरी अमावस्या दो बार पड़ रही है – 16 मई और 10 अक्टूबर 2026। इस दिन शनिदेव की पूजा और रुद्राभिषेक करने से कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

    अमावस्या का धार्मिक महत्व

    अमावस्या की रात चंद्रमा पूरी तरह गायब हो जाता है और इसे काली रात कहा जाता है। इस दिन किया गया दान, व्रत और पितरों के लिए तर्पण अत्यंत लाभकारी माना जाता है। कई बार अमावस्या तिथि दो दिन तक चलती है – पहला दिन स्नान-दान के लिए शुभ होता है और दूसरा दिन तर्पण, व्रत और पूजा-अर्चना के लिए।

    साल 2026 की सभी अमावस्या तिथियां:

    मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026 अग्रहायण अमावस्या: 16 फरवरी 2026 फाल्गुन अमावस्या: 18 मार्च 2026 चैत्र अमावस्या: 16 अप्रैल 2026 वैशाख अमावस्या: 16 मई 2026 शनिश्चरी ज्येष्ठ अमावस्या: 15 जून 2026 सोमवती  आषाढ़ अमावस्या: 15 जुलाई 2026 श्रावण अमावस्या: 13 अगस्त 2026 भाद्रपद अमावस्या: 12 सितंबर 2026 आश्विन अमावस्या: 10 अक्टूबर 2026 शनिश्चरी
    कार्तिक अमावस्या: 9 नवंबर 2026 सोमवती मार्गशीर्ष अमावस्या: 8 दिसंबर 2026 पौष अमावस्या: 6 जनवरी 2027

    विशेष सलाह:

    अमावस्या पर व्रत रखने, पितरों का तर्पण करने और दान देने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मौनी और सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व अधिक माना जाता है।साल 2026 में अमावस्या के दिन धार्मिक अनुष्ठान और पूजा के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।