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  • शरद पूर्णिमा की रात क्यों खास है? मां लक्ष्मी की पूजा, 108 बार मंत्र जाप और चांदनी में खीर रखने की जानें परंपरा

    शरद पूर्णिमा की रात क्यों खास है? मां लक्ष्मी की पूजा, 108 बार मंत्र जाप और चांदनी में खीर रखने की जानें परंपरा


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस वर्ष 25 अक्टूबर 2026 रविवार को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर आने वाले इस पर्व को मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की आराधना के लिए खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों को अमृत के समान गुणकारी माना जाता है। यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में लोग शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में खीर रखने और अगले दिन उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा निभाते हैं। अगर आप भी इस अवसर पर पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं तो जरूरी सामग्री पहले से जुटा लेना बेहतर रहेगा।

    शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि विधि विधान से पूजा करने पर घर में सुख समृद्धि आती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। पूजा की शुरुआत से पहले भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें। इसके बाद पूजा की थाली में रोली कुमकुम अक्षत फूल और फूलों की माला रखें। धूप दीपक घी रुई की बत्ती और गंगाजल भी पूजा के लिए तैयार रखें। इसके साथ ही शुद्ध जल से भरा पात्र चंद्रदेव की पूजा के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

    पूजन सामग्री में फल मिठाई बताशे दूध चावल चीनी और मेवे भी शामिल करें। शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने की विशेष परंपरा है इसलिए इसके लिए दूध चावल चीनी और अपनी पसंद के मेवे पहले से रख लें। पूजा में पान सुपारी नारियल और कलश का भी उपयोग किया जा सकता है। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार तुलसी दल भी रखें। पूजा के लिए थाली आसन और जल से भरा चांदी पीतल या तांबे का कलश तैयार कर लें। यदि आप इस दिन दान करना चाहते हैं तो अनाज वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा की व्यवस्था भी कर सकते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसी विश्वास के चलते कई लोग इस रात जागरण करते हैं और देवी की आराधना में समय बिताते हैं। पूजा के दौरान मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को फूल फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र जाप और स्तोत्र पाठ कर सकते हैं। कनकधारा स्तोत्र का पाठ और ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का 108 बार जाप करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे धन धान्य और समृद्धि की कामना की जाती है।

    शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा का भी विशेष महत्व है। रात में चंद्रमा के दर्शन कर जल अर्पित करने और सुख शांति की प्रार्थना करने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इस अवसर पर केसर और मेवों से खीर तैयार करके चांदनी में रखने की मान्यता है। बाद में इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। हालांकि खीर को चांदनी में रखने से उसमें औषधीय गुण बढ़ने का धार्मिक विश्वास है लेकिन इसे किसी प्रमाणित चिकित्सा लाभ के रूप में नहीं देखना चाहिए।

    शरद पूर्णिमा पर पूजा करते समय सबसे जरूरी बात श्रद्धा और स्वच्छता का ध्यान रखना है। पूजा की सामग्री अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार जुटाई जा सकती है। पहले से तैयारी करने से पूजा के समय किसी जरूरी वस्तु की कमी नहीं होगी और आप पूरे मन से मां लक्ष्मी तथा चंद्रदेव की आराधना कर सकेंगे।

  • शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की कृपा के संकेत, लक्ष्मी नारायण योग से इन 3 राशियों को मिल सकते हैं धन और करियर में लाभ

    शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की कृपा के संकेत, लक्ष्मी नारायण योग से इन 3 राशियों को मिल सकते हैं धन और करियर में लाभ


    नई दिल्ली। शरद पूर्णिमा 2026: हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है और उसकी चांदनी को विशेष शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इस बार शरद पूर्णिमा को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास चर्चा हो रही है। पंचांग के अनुसार 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर सर्वार्थसिद्धि योग बनने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने का ज्योतिषीय संयोग भी बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए अनुकूल रह सकता है। खासतौर पर वृषभ कन्या और मकर राशि के जातकों को धन करियर और पारिवारिक जीवन से जुड़े मामलों में अच्छे संकेत मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और इनके आधार पर भविष्य की घटनाओं की निश्चितता नहीं मानी जा सकती।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए शरद पूर्णिमा का यह संयोग आर्थिक मामलों में नई उम्मीदें लेकर आने वाला माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस राशि के लोगों को आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को कार्यक्षेत्र में कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को अपने काम का विस्तार करने के मौके मिल सकते हैं। लंबे समय से बनाई गई योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है। कुछ जातकों को रुके हुए काम पूरे होने से राहत मिल सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि किसी भी वित्तीय फैसले से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और जोखिम का आकलन करना जरूरी होगा।

    कन्या राशि के जातकों के लिए भी यह समय कई मामलों में सकारात्मक बदलाव का संकेत दे सकता है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है। इसके अलावा कमाई बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशने का अवसर मिल सकता है। जो लोग अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और परिवार की जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में भी आपसी तालमेल बेहतर होने और पुराने मतभेद दूर करने की संभावना जताई जा रही है। माता पिता का सहयोग मिलने से जरूरी काम पूरे करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में इस राशि के लोगों के लिए धैर्य और समझदारी के साथ फैसले लेना महत्वपूर्ण रहेगा।

    मकर राशि के जातकों के लिए शरद पूर्णिमा पर बनने वाले ज्योतिषीय संयोग को करियर और संपत्ति से जुड़े मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ने की उम्मीद हो सकती है। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं या पेशेवर जीवन में बदलाव करना चाहते हैं उन्हें नए अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। मकान या संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी परिस्थितियों का सही आकलन करके आगे बढ़ने का समय हो सकता है। परिवार के साथ संबंध मजबूत करने और घर से जुड़े जरूरी काम पूरे करने के लिहाज से भी सकारात्मक प्रयास किए जा सकते हैं। स्वास्थ्य और दिनचर्या को लेकर लापरवाही से बचना और नियमित देखभाल करना जरूरी है।

    कुल मिलाकर शरद पूर्णिमा पर सर्वार्थसिद्धि योग और लक्ष्मी नारायण राजयोग को लेकर धार्मिक तथा ज्योतिषीय मान्यताओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। वृषभ कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए धन करियर और पारिवारिक जीवन से जुड़े अच्छे संकेत बताए जा रहे हैं। इस दिन लोग चंद्रमा की पूजा और मां लक्ष्मी की आराधना भी करते हैं। हालांकि किसी भी राशि के लिए अमीर बनने या निश्चित रूप से सफलता मिलने की गारंटी नहीं दी जा सकती। जीवन में आर्थिक मजबूती और तरक्की के लिए मेहनत सही योजना और सोच समझकर लिए गए फैसले सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।