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  • नई दिल्ली में शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आए..

    नई दिल्ली में शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आए..


    नई दिल्ली । में भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में कमजोरी देखने को मिली और दिन बढ़ने के साथ गिरावट और गहरी होती गई। सेंसेक्स में लगभग 600 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इस अचानक आई बिकवाली ने निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना दिया।

    बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डाला। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बाजारों में गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे घरेलू बाजार में भी दबाव बढ़ गया। इसके साथ ही भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को जोखिम कम करने की ओर प्रेरित किया।

    भारतीय बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा असर आईटी सेक्टर पर देखने को मिला, जहां भारी बिकवाली दर्ज की गई। आईटी सूचकांक में तेज गिरावट ने पूरे सेक्टर को नीचे खींच लिया। कुछ बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन और भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपनाने से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ, जिससे इस क्षेत्र में बिकवाली और तेज हो गई।

    इसके अलावा हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। लगातार बढ़त के बाद ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने लाभ सुरक्षित करने के लिए शेयरों की बिक्री शुरू की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। यह मुनाफावसूली गिरावट का एक अहम कारण बनकर उभरी और बाजार की दिशा को प्रभावित किया।

    हालांकि बाजार में पूरी तरह नकारात्मक माहौल नहीं रहा और कुछ सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली। उपभोक्ता आधारित कंपनियों और कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती दर्ज की गई, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला। इसके बावजूद समग्र रूप से बाजार में अस्थिरता और अनिश्चितता का माहौल बना रहा।

    कच्चे तेल की कीमतों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाए रखी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचे दाम और आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण तेल की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है और बाजार में अस्थिरता बढ़ती है।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार बाजार में कुछ महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार इन स्तरों से नीचे जाता है तो गिरावट और बढ़ सकती है, जबकि स्थिरता आने पर सुधार की संभावना भी बनी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।

  • वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी 1.6% उछले

    वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी 1.6% उछले


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार तेजी दिखाई। कारोबारी सत्र के अंत में BSE Sensex और Nifty 50 दोनों करीब 1.6% की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखा।

    दिनभर ऐसा रहा बाजार का हाल
    30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,263.67 अंक (1.63%) चढ़कर 78,111.24 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 388.65 अंक (1.63%) की तेजी के साथ 24,231.30 के स्तर पर पहुंच गया।
    दिन के दौरान सेंसेक्स 77,981.10 पर खुला और 78,270.42 का हाई छुआ, जबकि निफ्टी ने 24,163.80 से शुरुआत कर 24,280.90 का इंट्रा-डे उच्च स्तर हासिल किया। यह पूरे सत्र में मजबूत खरीदारी का संकेत देता है।

    मिडकैप-स्मॉलकैप में और ज्यादा तेजी
    मुख्य इंडेक्स के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.20% और स्मॉलकैप 100 में 2.35% की बढ़त दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ मिड और स्मॉल कंपनियों में भी भरोसा जता रहे हैं।

     हर सेक्टर में खरीदारी, आईटी-रियल्टी में जोरदार उछाल
    बुधवार को लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। आईटी, मेटल, पीएसयू बैंक, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं ऑटो, एफएमसीजी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी 1% से अधिक की बढ़त देखने को मिली।

     किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी
    निफ्टी 50 के ज्यादातर शेयरों में खरीदारी रही। खासतौर पर Wipro, Tata Consultancy Services, Tech Mahindra, Larsen & Toubro और Hindalco Industries जैसे दिग्गज शेयरों में 3% से 4% तक की तेजी दर्ज की गई।
    हालांकि Bharti Airtel, ICICI Bank, Axis Bank और ONGC जैसे कुछ शेयरों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली।

    क्यों आई बाजार में तेजी?
    विशेषज्ञों के मुताबिक, United States और Iran के बीच तनाव कम होने और शांति वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीदों ने बाजार का मूड पॉजिटिव किया। Donald Trump के बयान ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे बाजार में खरीदारी तेज हुई।

    कच्चे तेल में नरमी, रुपये को मिला सहारा
    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (94-95 डॉलर के आसपास) से भारत के आयात बिल पर दबाव कम हुआ है। इससे रुपये को मजबूती मिली और यह करीब 93.50 के स्तर तक पहुंच गया। यह भी बाजार की तेजी का एक बड़ा कारण रहा।