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  • 3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट

    3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट


    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में 3 जुलाई का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच शुरू होगा। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों कच्चे तेल की कीमतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है। ऐसे में आज का कारोबार भी काफी हलचल भरा रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत हल्की बढ़त या सीमित उतार चढ़ाव के साथ हो सकती है। यदि विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बैंकिंग आईटी ऑटो और कैपिटल गुड्स सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं वैश्विक स्तर पर किसी नकारात्मक खबर का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की खरीद बिक्री अहम भूमिका निभाएगी। यदि विदेशी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है जबकि बिकवाली बढ़ने पर मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिल सकता है।

    आईटी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर बनी रहेगी क्योंकि आने वाले दिनों में बड़ी कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे सामने आने वाले हैं। इसके अलावा बैंकिंग शेयरों में भी गतिविधि तेज रहने की उम्मीद है। यदि ब्याज दरों को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो वित्तीय शेयरों को समर्थन मिल सकता है।

    ऑटो सेक्टर में मासिक बिक्री के आंकड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अच्छी बिक्री दर्ज करने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर भी रक्षात्मक निवेश के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।

    ऊर्जा और तेल गैस कंपनियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का सीधा असर इन कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ता है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कई सेक्टर्स को राहत मिल सकती है।

    विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज का सत्र अवसरों के साथ जोखिम भी लेकर आ सकता है इसलिए स्टॉप लॉस का पालन करना जरूरी रहेगा।

    बाजार की चाल पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों वैश्विक महंगाई की स्थिति डॉलर इंडेक्स और एशियाई बाजारों के प्रदर्शन का भी प्रभाव रहेगा। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि किसी भी अप्रत्याशित अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से बाजार में अचानक उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर 3 जुलाई का कारोबारी दिन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। समझदारी से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बाजार में अच्छे अवसर बन सकते हैं जबकि बिना रणनीति के निवेश करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • शेयर बाजार में आज रहना होगा सतर्क! ग्लोबल दबाव के बीच उतार-चढ़ाव की आशंका, निवेशकों की नजर निफ्टी-सेंसेक्स पर

    शेयर बाजार में आज रहना होगा सतर्क! ग्लोबल दबाव के बीच उतार-चढ़ाव की आशंका, निवेशकों की नजर निफ्टी-सेंसेक्स पर


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहने की संभावना है। सोमवार को बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सेंसेक्स और निफ्टी संभल पाएंगे या फिर दबाव और बढ़ेगा। वैश्विक संकेत फिलहाल बाजार के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं। एशियाई बाजारों में कमजोरी, अमेरिका के बाजारों में बिकवाली, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

    पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे फिसल गए थे। बाजार पूंजीकरण में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये की कमी आई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर अभी भी बना हुआ है।

    आज के कारोबार में सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों का रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है। इससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार की धारणा पर पड़ता है।

    हालांकि बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी मौजूद हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदम और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार खरीदारी बाजार को समर्थन दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू निवेश प्रवाह बाजार में बड़ी गिरावट को सीमित कर सकता है।

    तकनीकी दृष्टि से देखें तो निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह स्तर बना रहता है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं इसके नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचने और गुणवत्ता वाले शेयरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

    बैंकिंग, एफएमसीजी और चुनिंदा डिफेंस शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है, जबकि आईटी और निर्यात आधारित सेक्टर वैश्विक दबाव के कारण कमजोर रह सकते हैं। कुल मिलाकर आज का दिन बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है, लेकिन चुनिंदा सेक्टरों में अवसर भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रणनीति के साथ बाजार में कदम रखने की जरूरत होगी।

  • सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम: शेयर बाजार की बड़ी गिरावट से निवेशकों में घबराहट

    सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम: शेयर बाजार की बड़ी गिरावट से निवेशकों में घबराहट


    नई दिल्ली।  घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव और बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन बाजार खुलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया। बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में तेज बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स सैकड़ों अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी अहम स्तर के नीचे फिसल गया।
    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। मिडिल ईस्ट तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अस्थिरता ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया।
    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कई दिग्गज बैंकिंग स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार करते रहे। आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे टेक इंडेक्स पर असर पड़ा। मेटल और ऑटो सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि कुछ एफएमसीजी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड नकारात्मक बना रहा।
    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
    इस गिरावट के चलते निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए। छोटे निवेशकों में सबसे ज्यादा बेचैनी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर भी बाजार की गिरावट को लेकर चर्चा तेज रही। कई निवेशकों ने इसे हाल के महीनों की बड़ी गिरावटों में से एक बताया।
  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार


    नई दिल्ली | हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही खरीदारी का दबाव देखने को मिला, जिससे पूरा बाजार सकारात्मक रुख में आ गया।

    BSE Sensex में आज करीब 358 अंकों की तेजी देखने को मिली और यह मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी 101 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा। इस तेजी ने निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहा।

    बाजार में खरीदारी का दबदबा

    सुबह से ही बाजार में बैंकिंग, आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। कई लार्जकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का मूड सकारात्मक रहा।

     वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर

    वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और तेल बाजार में हलचल ने निवेशकों को सतर्क रखा। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई।

    अमेरिकी बाजारों में हाल की गिरावट जहां Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average में कमजोरी देखने को मिली उसका भी हल्का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, लेकिन भारत में इसका प्रभाव सीमित रहा।

    एशियाई बाजारों का रुख

    एशिया के अन्य बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज की गई। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।

    निवेशकों के लिए संकेत

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

  • Share Market Today: लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 487 अंक उछला, डिफेंस शेयर चमके

    Share Market Today: लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 487 अंक उछला, डिफेंस शेयर चमके

    नई दिल्ली |  भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 487.20 अंक (0.60%) की तेजी के साथ 82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंक (0.66%) चढ़कर 25,342.75 पर पहुंच गया।

    डिफेंस शेयर बने बाजार की जान
    बाजार में तेजी की अगुवाई डिफेंस सेक्टर ने की।
    निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 6.95 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ।
    डेटा पैटर्न्स, बीईएमएल, सोलार इंडस्ट्रीज और बीईएल आज के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले डिफेंस शेयर रहे।

    PSU, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों में मजबूती
    अन्य सेक्टोरल इंडेक्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली-

    निफ्टी PSE: +4.61%

    निफ्टी ऑयल एंड गैस: +3.40%

    निफ्टी मेटल: +2.34%

    निफ्टी कमोडिटी: +2.26%

    निफ्टी मीडिया: +2.13%

    निफ्टी PSU बैंक: +1.68%

    निफ्टी रियल्टी: +1.57%

    FMCG और फार्मा शेयरों पर दबाव
    दूसरी ओर कुछ सेक्टरों में कमजोरी रही—

    निफ्टी FMCG: -0.71%

    निफ्टी फार्मा: -0.22%

    निफ्टी हेल्थकेयर: -0.20%

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त तेजी
    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी दिखी।

    निफ्टी स्मॉलकैप 100: 2.26% या 371.60 अंक की तेजी के साथ 16,790.95

    निफ्टी मिडकैप 100: 1.66% या 954.95 अंक की बढ़त के साथ 58,438.60

    बाजार क्यों चढ़ा? जानिए वजह
    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
    इसका सीधा फायदा मेटल, फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस शेयरों को मिला।
    वहीं, वैश्विक बाजारों में निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना बेहद कम है।

    आगे क्या रहेगा फोकस?
    जानकारों के अनुसार, आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर फेड की ब्याज दरों पर कमेंट्री और वैश्विक संकेतों पर बनी रहेगी।

    भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 487 और निफ्टी 167 अंक चढ़ा।
    डिफेंस, PSU और मेटल शेयरों में जोरदार खरीदारी रही, जबकि FMCG और फार्मा शेयर दबाव में रहे।