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  • आज बाजार में अस्थिरता के आसार, 22 जून को रह सकता है शेयर मार्केट में दबाव और रिकवरी दोनों

    आज बाजार में अस्थिरता के आसार, 22 जून को रह सकता है शेयर मार्केट में दबाव और रिकवरी दोनों


    नई दिल्ली । सप्ताह की शुरुआत में निवेशक आमतौर पर सतर्क रुख अपनाते हैं। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त या गिरावट दोनों ही देखने को मिल सकती है। यदि अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मजबूती रहती है तो भारतीय बाजार में भी सकारात्मक शुरुआत संभव है।

    बैंकिंग और IT सेक्टर पर नजर
    बाजार में बैंकिंग और IT सेक्टर हमेशा प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो इन सेक्टरों में तेजी देखी जा सकती है। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की हलचल बनी रह सकती है।

    वैश्विक संकेत तय करेंगे दिशा
    कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर इंडेक्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर कच्चे तेल में तेजी आती है तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, विदेशी बाजारों में स्थिरता या तेजी से घरेलू बाजार को समर्थन मिल सकता है।

     निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी
    विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। छोटे समय के ट्रेड में जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है।

    कुल मिलाकर 22 जून को शेयर बाजार में हल्की तेजी के साथ उतार-चढ़ाव का माहौल रह सकता है। बाजार किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड बनाने से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर सकता है।

  • आज शेयर बाजार में रह सकती है तेजी की धार, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और प्रमुख सेक्टरों पर

    आज शेयर बाजार में रह सकती है तेजी की धार, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और प्रमुख सेक्टरों पर


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सकारात्मक माहौल के साथ होने की उम्मीद जताई जा रही है। बीते कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार ने मजबूती दिखाई है और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीदें बाजार को मजबूती प्रदान कर सकती हैं। हालांकि दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और लगातार बढ़ रही निवेश गतिविधियां शेयर बाजार को समर्थन दे रही हैं। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी आज बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार में तेजी का रुख और मजबूत हो सकता है। वहीं किसी भी नकारात्मक वैश्विक संकेत का असर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है।

    आज आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। पिछले कुछ समय से आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली है, जबकि बैंकिंग सेक्टर भी बाजार को सहारा देता नजर आ रहा है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की विशेष नजर रह सकती है।

    कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में कमी से महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है। इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार की धारणा पर भी दिखाई देता है।

    विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं। यदि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में सफल रहता है, तो निवेशकों का उत्साह और बढ़ सकता है। हालांकि मुनाफावसूली के कारण बीच-बीच में दबाव भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में बाजार की दिशा दिनभर बदलती परिस्थितियों के अनुसार तय होगी।

    खुदरा निवेशकों के लिए सलाह दी जा रही है कि वे अफवाहों या त्वरित लाभ के लालच में निवेश करने के बजाय मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों का चयन करें। लंबी अवधि की निवेश रणनीति अपनाने वाले निवेशकों के लिए मौजूदा बाजार परिस्थितियां बेहतर अवसर प्रदान कर सकती हैं। वहीं अल्पकालिक निवेशकों को स्टॉप लॉस का उपयोग करते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए।

    कुल मिलाकर आज का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू हो सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू स्तर पर निवेशकों का भरोसा कायम रहता है, तो बाजार में मजबूती का रुख देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी भी अप्रत्याशित घटनाक्रम को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना होगा।

  • शेयर बाजार में 4 जून को हलचल: वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव जारी, निवेशकों की नजर प्रमुख इंडेक्स पर

    शेयर बाजार में 4 जून को हलचल: वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव जारी, निवेशकों की नजर प्रमुख इंडेक्स पर


    मुंबई। 4 जून 2026 को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच हल्की अस्थिरता के साथ देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बाजार ने सीमित दायरे में मूवमेंट किया, जहां कुछ सेक्टरों में खरीदारी का रुझान दिखा, वहीं कुछ में मुनाफावसूली के कारण दबाव भी नजर आया। कुल मिलाकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा और निवेशक बड़ी पोजिशन लेने से बचते दिखे।

    सुबह के सत्र में बाजार पर एशियाई बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर साफ दिखाई दिया। अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में हलचल ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके साथ ही डॉलर-रुपया विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ने भी बाजार की दिशा को सीमित दायरे में रखा।

    निफ्टी और सेंसेक्स में सीमित दायरे का कारोबा
    कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स सीमित दायरे में घूमते नजर आए। निफ्टी में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जबकि ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव बना रहा। विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में फिलहाल स्पष्ट ट्रेंड की कमी है और निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। यही कारण है कि बड़ी तेजी या गिरावट की बजाय बाजार में साइडवेज मूवमेंट देखने को मिल रहा है।

    सेक्टोरल प्रदर्शन: कहीं खरीदारी तो कहीं दबाव
    आज के कारोबार में बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा देने का काम किया। कई प्रमुख बैंकिंग शेयरों में हल्की तेजी देखी गई, जबकि आईटी कंपनियों में भी विदेशी मांग की उम्मीदों ने सपोर्ट दिया। वहीं दूसरी ओर, ऑटो सेक्टर में बिक्री के आंकड़ों को लेकर चिंता बनी रही, जिससे कुछ प्रमुख शेयर दबाव में आ गए। एफएमसीजी सेक्टर में भी मुनाफावसूली का असर देखा गया।

    निवेशकों की रणनीति: सतर्क रुख बरकरार
    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स जहां हल्के मुनाफे की तलाश में सक्रिय हैं, वहीं लॉन्ग टर्म निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर बनाए हुए हैं।

    आगे की दिशा: डेटा और वैश्विक संकेत तय करेंगे रुझान
    विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक डेटा, विदेशी निवेश प्रवाह और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अगर विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ती है, तो बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार में स्थिरता के साथ हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

  • अस्थिर बाजार में भी चुनिंदा बड़े शेयर दे सकते हैं बेहतर रिटर्न, विशेषज्ञों ने वॉचलिस्ट में रखने की सलाह दी

    अस्थिर बाजार में भी चुनिंदा बड़े शेयर दे सकते हैं बेहतर रिटर्न, विशेषज्ञों ने वॉचलिस्ट में रखने की सलाह दी


    नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में इस समय उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है, जहां निवेशकों को लगातार अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इसी अनिश्चितता के बीच कुछ चुनिंदा लार्जकैप स्टॉक्स ऐसे भी हैं, जिन पर बाजार विशेषज्ञों का भरोसा बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत फंडामेंटल्स और स्थिर बिजनेस मॉडल के चलते ये कंपनियां आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं और निवेशकों को आकर्षक रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।

    बाजार में हाल के दिनों में जिस तरह की हलचल देखने को मिल रही है, उसमें कई बार बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण कंपनियों की आंतरिक स्थिति नहीं, बल्कि वैश्विक फंड फ्लो और विदेशी निवेश से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। जब विदेशी संस्थागत निवेशक अपनी पोजीशन में बदलाव करते हैं या उभरते बाजारों में निवेश घटाते हैं, तो उसका असर ब्लूचिप कंपनियों पर भी देखने को मिलता है। इसी कारण वर्तमान समय में बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है, लेकिन इसे दीर्घकालिक नजरिए से अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।

    इसी बीच कुछ लार्जकैप स्टॉक्स को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं, जिनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और नेस्ले इंडिया जैसे मजबूत नाम शामिल हैं। इन कंपनियों को अपने-अपने सेक्टर में स्थिर प्रदर्शन और मजबूत बिजनेस मॉडल के लिए जाना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर इन शेयरों में आगे चलकर अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है और कुछ मामलों में यह तेजी लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है।

    विभिन्न सेक्टरों से जुड़े अन्य प्रमुख लार्जकैप शेयरों पर भी एनालिस्ट्स की नजर बनी हुई है, जहां उन्हें मध्यम से लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की उम्मीद दिखाई दे रही है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस समय निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अस्थिरता के दौर में गुणवत्ता वाले स्टॉक्स ही बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

    हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन यह स्थिति उन निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकती है जो लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करते हैं। मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर आय और भरोसेमंद बिजनेस मॉडल वाली कंपनियां इस तरह के माहौल में अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती हैं।

    कुल मिलाकर, मौजूदा बाजार परिदृश्य भले ही अनिश्चितता से भरा हो, लेकिन कुछ चुनिंदा लार्जकैप स्टॉक्स निवेशकों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं, जहां सही रणनीति अपनाकर बेहतर रिटर्न हासिल किए जा सकते हैं।

  • मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान

    मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान


    नई दिल्ली। बुधवार सुबह 9:18 बजे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स 306 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,193 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 88 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,085 पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक संकेतों में सुधार और निवेशकों की मजबूत धारणा के चलते बाजार में शुरुआती खरीदारी हावी रही।

    डिफेंस और ऑटो सेक्टर बने बाजार के स्टार परफॉर्मर

    शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी डिफेंस और ऑटो सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑटो इंडेक्स टॉप गेनर्स में रहे। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, FMCG, एनर्जी और फार्मा सेक्टर भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि दूसरी ओर मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज और पीएसई सेक्टर में हल्की गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार में सेक्टोरल मिक्स ट्रेंड बना रहा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी जारी

    बाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,125 पर पहुंच गया।
    निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 208 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,628 पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ है कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में मारुति सुजुकी, आईटीसी, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, टीसीएस और एसबीआई जैसे शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। वहीं टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और एचसीएल टेक में हल्का दबाव देखने को मिला।

    वैश्विक बाजारों और तेल की कीमतों का असर

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यूएई के ओपेक से बाहर होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है, हालांकि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी है, जिसका फैसला आज रात आने वाला है। यह निर्णय वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख

    एशियाई बाजारों में भी बुधवार को मजबूती देखने को मिली। शंघाई, हांगकांग, सोल, जकार्ता और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि जापानी बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहे।

    अमेरिकी बाजारों में कमजोरी

    इसके विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले।

    कुल मिलाकर वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है। हालांकि निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड के फैसले पर है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।

  • Share Market: शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा Sensex; Nifty भी 110 अंक नीचे

    Share Market: शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा Sensex; Nifty भी 110 अंक नीचे


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के कारोबार में हल्की बढ़त के बाद बाजार में अचानक गिरावट आ गई। BSE Sensex करीब 435 अंक गिरकर 77,770.74 पर कारोबार करता नजर आया। यह अपने पिछले बंद 78,205.98 के मुकाबले लगभग 0.56% नीचे है। वहीं Nifty 50 भी करीब 110 अंक गिरकर 24,150 के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया।

    एशियाई बाजारों में दिखी तेजी
    जहां भारतीय बाजार में गिरावट देखी गई, वहीं एशियाई बाजारों में तेजी का रुख नजर आया। Nikkei 225 में 1.36% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि TOPIX इंडेक्स 1.22% ऊपर रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.52% चढ़ा, जबकि स्मॉल-कैप इंडेक्स KOSDAQ में 1.39% की बढ़त देखी गई। वहीं Hang Seng Index फ्यूचर्स 25,936 के स्तर पर कारोबार करते नजर आए।

    वॉल स्ट्रीट लाल निशान में बंद
    मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पर बनी हुई है। S&P 500 0.21% गिरकर 6781.48 पर बंद हुआ। वहीं Dow Jones Industrial Average 34.29 अंक गिरकर 47,706.51 पर बंद हुआ। हालांकि Nasdaq Composite में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 0.01% बढ़कर 22,697.10 पर बंद हुआ।

    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
    बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। WTI Crude की कीमत 0.03% गिरकर 83.43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। वहीं Brent Crude पिछले सत्र के हाई लेवल 119.50 डॉलर से गिरकर अब 87 से 90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार International Energy Agency ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। एजेंसी ने अपने इतिहास के सबसे बड़े Emergency Oil Reserve को जारी करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत 182 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल बाजार में जारी किया जा सकता है ताकि कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।

  • अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला हफ्ता बेहद अहम रहने वाला है। 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में देश में चार नए आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इनमें से तीन पब्लिक इश्यू मेनबोर्ड सेगमेंट से जुड़े हैं जबकि एक आईपीओ एसएमई सेगमेंट का है। इसके अलावा पहले से खुले दो आईपीओ में भी निवेश का मौका मिलेगा। ऐसे में निवेशकों के पास अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाने का अच्छा अवसर रहेगा।

    आने वाले सप्ताह में जिन कंपनियों के आईपीओ खुलने वाले हैं उनमें राजपूताना स्टेनलेस, इनोविजन, एप्सिस एरोकॉम और राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए बाजार से हजारों करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

    सबसे पहले राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ 9 मार्च को खुलेगा और 11 मार्च को बंद होगा। यह लगभग 254.98 करोड़ रुपये का इश्यू है। कंपनी ने इसके लिए 116 से 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है और एक लॉट में 110 शेयर होंगे। इस कंपनी के शेयर 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके बाद इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च को खुलेगा और 12 मार्च को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य लगभग 322.84 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए 521 से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और एक लॉट में 27 शेयर शामिल होंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।

    तीसरा आईपीओ एप्सिस एरोकॉम का है जो 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। यह एसएमई सेगमेंट का इश्यू है और कंपनी करीब 35.77 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए 104 से 110 रुपये प्रति शेयर का प्राइस तय किया गया है और लॉट साइज 1200 शेयर का है। इस कंपनी के शेयर 18 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके अलावा राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का बड़ा आईपीओ भी 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। करीब 6000 करोड़ रुपये के इस इश्यू के लिए कंपनी ने 99 से 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

    इन नए आईपीओ के अलावा दो ऐसे आईपीओ भी हैं जो पहले से खुले हुए हैं और जिनमें निवेशक अब भी पैसा लगा सकते हैं। एल्फिन एग्रो इंडिया का आईपीओ 5 मार्च को खुला था और 9 मार्च को बंद होगा। कंपनी करीब 25.03 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और इसका प्राइस 47 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 3000 शेयर हैं और कंपनी के शेयर 12 मार्च को बीएसई एसएमई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    वहीं श्रीनिबासा प्रधान कंस्ट्रक्शन्स का आईपीओ 6 मार्च को खुला था और 10 मार्च को बंद होगा। करीब 20.32 करोड़ रुपये के इस इश्यू को अभी तक लगभग 9 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके लिए 91 से 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी के शेयर 13 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर सकते हैं।

    आने वाला सप्ताह आईपीओ बाजार के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। मेनबोर्ड और एसएमई दोनों सेगमेंट में कई कंपनियां बाजार में उतर रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे निवेश करने से पहले कंपनियों के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिम कारकों का सावधानी से विश्लेषण करें, ताकि सही निर्णय लेकर बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सके।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार

    शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार


    नई दिल्ली। गुरुवार, 22 जनवरी को घरेलू शेयर बाजार ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 850 अंकों की छलांग लगाकर 82,750 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 250 अंकों की तेजी रही और यह 25,400 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस उछाल ने निवेशकों को बड़ी राहत दी और बाजार में दोबारा भरोसे का माहौल बना।

    बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 2 शेयरों में हल्का दबाव रहा। जोमैटो, एशियन पेंट्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और तेजी व्यापक आधार पर दिखाई दी।

    बाजार में इस मजबूती के पीछे सबसे अहम भूमिका ग्लोबल संकेतों की रही। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक रुझानों ने घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी बाजार की चिंता को कम किया। ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने और नाटो देशों के साथ बातचीत के संकेत देने से भू-राजनीतिक तनाव को लेकर आशंकाएं घटी हैं। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उनके सकारात्मक रुख से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है।एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,706 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.87 प्रतिशत चढ़कर 5,001 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती का असर दिखा, जहां 21 जनवरी को डाउ जोंस 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

    निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 1,787 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने 4,520 करोड़ रुपये की जोरदार खरीदारी कर बाजार को मजबूत सहारा दिया। दिसंबर 2025 में FIIs की भारी बिकवाली के बावजूद DIIs की सक्रिय भागीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा है।गौरतलब है कि बुधवार को बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर और निफ्टी 75 अंक टूटकर 25,157 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार की तेजी ने संकेत दिया है कि बाजार में रिकवरी की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी खबरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त


    नई दिल्ली । साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन शुक्रवार 2 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही खरीदारी का दबाव बना रहा और बीएसई सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक चढ़कर 85350 के पार कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 26250 के स्तर पर पहुंच गया। आज के कारोबार में बैंकिंग ऑटो और मेटल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर हरे निशान में रहे जबकि केवल 6 शेयर लाल निशान में थे। निफ्टी 50 के अधिकांश शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

    सेक्टोरल प्रदर्शन

    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में लगातार खरीदारी हुई जिससे सेक्टर मजबूती के साथ बंद हुआ। ऑटो सेक्टर में भी मांग मजबूत रही जिससे प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़े। मेटल सेक्टर में भी सकारात्मक रुख देखा गया।इसके विपरीत FMCG सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव रहा और यह सेक्टर लाल निशान में बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनिंदा सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग और घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII की खरीद ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

    वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
    वैश्विक बाजारों में आज मिले-जुले संकेत मिले। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.29 प्रतिशत बढ़कर 4268 पर पहुंचा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.37 प्रतिशत गिरकर 50339 पर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 26205 पर बंद हुआ जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 3968 पर कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों में 1 जनवरी को डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत गिरकर 48063 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट और S&P 500 में क्रमशः 0.76 और 0.74 प्रतिशत की कमजोरी रही।

    निवेशकों की गतिविधि

    आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकोंFII ने लगभग 3268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII ने 1525 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34349 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि DIIs ने लगभग 79620 करोड़ रुपये की खरीदारी की। नवंबर 2025 में भी घरेलू निवेशकों की खरीद ने बाजार को मजबूती दी थी।

    पिछले कारोबारी दिन का हाल

    साल के पहले कारोबारी दिन 1 जनवरी 2026 को बाजार लगभग सपाट बंद हुआ था। सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 85189 पर और निफ्टी 17 अंकों की बढ़त के साथ 26147 पर बंद हुआ था।कुल मिलाकर आज के कारोबार में घरेलू निवेशकों के भरोसे और सेक्टोरल खरीदारी के दम पर बाजार में मजबूती देखी गई। आगे की चाल वैश्विक संकेतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी। निवेशक बैंकिंग और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर नजर बनाए रख सकते हैं जबकि FMCG में मुनाफावसूली का दबाव जारी रह सकता है।

  • Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई

    Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई


    नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho Limited का शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ एंट्री ली। बुधवार को Meesho का IPO NSE और BSE पर लिस्ट हुआ और यह अपने अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 46% प्रीमियम पर डेब्यू किया। 111 रुपये वाले शेयर ने 162 रुपये के पार मार्केट डेब्यू किया, जिससे IPO में पैसे लगाने वाले निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    दमदार लिस्टिंग के साथ मार्केट में एंट्री

    NSE पर लिस्टिंग: 162.50

    BSE पर लिस्टिंग: 161.20

    प्रीमियम: 46.40% (NSE), 45.23% (BSE)

    इस शानदार लिस्टिंग के कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को तुरंत लाभ हुआ।

    निवेशकों को हुआ सीधा फायदा

    Meesho का IPO कुल 5,421.20 करोड़ का था, प्राइस बैंड 105-111 प्रति शेयर तय किया गया और लॉट साइज 135 शेयरों का था।

    एक लॉट के लिए निवेश: 14,985

    लिस्टिंग के समय मूल्य: 21,937.50

    एक लॉट पर सीधा मुनाफा: 6,952

    HNI निवेशकों के लिए उदाहरण:

    अधिकतम 14 लॉट (1,890 शेयर)

    निवेश राशि: 2,09,790

    लिस्टिंग मूल्य के हिसाब से कमाई: 97,335

    निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस

    Meesho का IPO बहुत अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल 79.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    कुल आवेदन: 62.75 लाख से अधिक

    कुल बोली राशि: 2,43,830 करोड़ से अधिक

    QIB: 120.18 गुना

    NII: 38.16 गुना

    रिटेल: 19.08 गुना

    इस IPO को निवेशकों ने बहुत उत्साह के साथ लिया और इसके दमदार लिस्टिंग प्रदर्शन ने सभी को फायदा पहुँचाया।

    Meesho का परिचय

    2015 में स्थापित बेंगलुरु स्थित Meesho एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों को किफायती उत्पादों की विस्तृत रेंज प्रदान करता है। इसका फोकस छोटे व्यापारियों और घर से काम करने वाले विक्रेताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म देना है।

    निवेशकों के लिए सुझाव

    Meesho IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ शानदार लाभ हुआ।

    हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है, इसलिए निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।