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  • नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

    नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

    नई दिल्ली ।झारखंड के रांची स्थित छोटा घाघरा इलाके की 37 वर्षीय आदिवासी महिला मोनिका कच्छप को नर्सिंग की नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाने और वहां बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि मोनिका को अच्छी नौकरी, रहने, खाने और आवास की सुविधा का भरोसा देकर शारजाह ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसका मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उसकी सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।

    मोनिका ने रांची के बुंडू से साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स पूरा किया था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है और घर का खर्च खेती-किसानी से चलता है। इसी वजह से मोनिका नौकरी करना चाहती थी। इसी दौरान वह ऑनलाइन माध्यम से एक एजेंसी और उसकी एजेंट प्रियंका के संपर्क में आई। परिवार के मुताबिक, प्रियंका ने उसे दुबई में अच्छी नौकरी मिलने और विदेश में रहने, खाने तथा आवास की सुविधा उपलब्ध होने का भरोसा दिया। इस पर विश्वास करते हुए मोनिका ने 22 अप्रैल 2026 को प्रियंका द्वारा बताए गए बैंक खाते में फोनपे के जरिए 5 हजार रुपये भेजे। आगे की यात्रा और विमान टिकट की व्यवस्था एजेंसी ने की और 5 मई को मोनिका दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए रवाना हुई।

    परिवार की शिकायत के अनुसार, 6 मई को शारजाह पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजी गई गाड़ी के चालक ने मोनिका का मूल पासपोर्ट अपने पास रख लिया। अगले दिन उसे अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया। वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के लोगों ने अरबी भाषा में लिखे कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए। मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी। आरोप है कि उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और प्रियंका के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत मिटा दी गई। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे बताया गया कि उसने एजेंसी से 2600 दिरहम का कर्ज लिया है और 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।

    परिवार का आरोप है कि इसके बाद मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया, जहां करीब एक महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन साफ करने और बाथरूम की सफाई जैसे काम कराए गए। इसके बाद 22 जून को उसे बिना वैध वर्क परमिट के दूसरे घर में घरेलू देखभाल के काम के लिए भेजे जाने की बात सामने आई। वहां की भाषा समझने में परेशानी होने के कारण वह काम नहीं कर सकी और अगले ही दिन उसे वापस कार्यालय छोड़ दिया गया।

    मोनिका के पिता रतना कच्छप की शिकायत के आधार पर 29 सितंबर 2026 को रांची के एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में दुबई और अजमान में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन मजदूरी कराने और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने अब राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप कर मोनिका को सुरक्षित घर वापस लाने की मांग की है। परिवार और स्थानीय ग्रामीणों की अपील है कि उसे जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।

  • मोहन यादव ने शारजाह के उद्योग जगत को दिया जीआईएस 2027 का न्योता, फूड प्रोसेसिंग समेत कई क्षेत्रों में निवेश अवसर बताए

    मोहन यादव ने शारजाह के उद्योग जगत को दिया जीआईएस 2027 का न्योता, फूड प्रोसेसिंग समेत कई क्षेत्रों में निवेश अवसर बताए

    मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात के दौरे के दौरान शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं एक्सपो सेंटर के चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात की। यह बैठक एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग के दौरान हुई, जिसमें मध्य प्रदेश और शारजाह के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस को वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्य प्रदेश आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने शारजाह के व्यापारिक समुदाय और कंपनियों से प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह भी किया।

    मुख्यमंत्री ने शारजाह चैंबर के साथ दीर्घकालिक और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने चेयरमैन ओवैस से मध्य प्रदेश में एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का आग्रह किया। इसके साथ ही दोनों क्षेत्रों के कारोबारियों और उद्यमियों के बीच सेक्टर आधारित बिजनेस टू बिजनेस बैठकों के आयोजन के लिए मध्य प्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

    चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्यमों तथा निर्यातकों को खाड़ी देशों के प्रमुख खरीदारों और वितरकों से जोड़ने में शारजाह चैंबर के सहयोग की जरूरत पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री ने शारजाह की कंपनियों को मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

    इन क्षेत्रों में फूड पार्क, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन परियोजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। बैठक में इन क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं और दोनों पक्षों के बीच कारोबारी सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की निवेश क्षमता को रेखांकित करते हुए राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, औद्योगिक लैंड बैंक और इंफ्रास्ट्रक्चर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के बड़े बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण मध्य प्रदेश निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

    उन्होंने राज्य सरकार की निवेशक-अनुकूल व्यवस्था का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार पारदर्शी नीतियों, त्वरित सिंगल विंडो व्यवस्था और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

    बैठक में शारजाह के व्यापारिक नेटवर्क और कनेक्टिविटी को मध्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के निर्यात, कौशल संवर्धन, रोजगार सृजन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया। दोनों पक्षों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाने और उद्यमियों के लिए संभावित सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर जोर रहा।

    भारत और शारजाह के आर्थिक संबंधों को व्यापक भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी तथा सीईपीए का समर्थन प्राप्त है। शारजाह चैंबर की ओर से भारत में मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर ट्रेड मिशन और बिजनेस फोरम आयोजित किए गए हैं। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ज्वेलरी, एसएमई, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, फूड इंडस्ट्री, टूरिज्म और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।

    अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस मई 2014 से शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एक्सपो सेंटर शारजाह के चेयरमैन हैं। वे यूएई फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन भी हैं। उन्हें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, खाद्य उत्पादन, शिक्षा, कृषि और द्विपक्षीय व्यापारिक संस्थाओं में नेतृत्व का अनुभव है।

  • पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर

    पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर


    नई दिल्ली। यूएई में इजराइल-ईरान युद्ध के बीच फंसे इंदौर के पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत कई भारतीय यात्री अब सुरक्षित भारत लौट आए हैं। दुबई और शारजाह में जारी तनाव के कारण सैकड़ों यात्रियों की वापसी रुक गई थी और वे कई दिन होटल में मजबूरी में ठहरे रहे। इस सूची में पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी यात्री अब सुरक्षित अपने घर पहुंचे हैं, जिससे उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई।

    यूएई में हालात बिगड़ने के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 28 फरवरी से लगातार कैंसिल हो रही थी। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं हुई थी, जिससे इंदौर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए सैकड़ों यात्री वहां फंसे रहे। मिसाइल अलर्ट और युद्ध के खतरे ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कई यात्रियों ने बताया कि धमाकों और सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे काफी डर गए थे।

    2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू हुईं। फंसे हुए यात्री पहले मुंबई पहुंचे और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर आए। हालांकि शारजाह-इंदौर की सीधी उड़ान अभी भी शुरू नहीं हुई है। सरकार और एयरलाइन कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। इस बीच, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से बातचीत कर फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की पहल की। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्रियों की वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों ने भी बताया कि उनके होटल के पास धमाके हुए और तनावपूर्ण माहौल रहा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सभी राज्यों में भड़काऊ भाषणों और अशांति के मामलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    इसी बीच, इंडिगो एयरलाइन ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि वहां फंसे भारतीय यात्री जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें। इस दौरान यूएई में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार ने विशेष टीम और काउंसलर सहायता भी उपलब्ध कराई।

    इजराइल-ईरान युद्ध के चलते यह संकट चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने पूरे क्षेत्र की हवाई यात्रा को प्रभावित किया। दुबई, शारजाह और अबू धाबी एयरपोर्ट पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं, जिससे विदेशी और भारतीय यात्री दोनों ही फंसे। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और भारत लौटे सभी यात्री सुरक्षित हैं।

    इस बीच, मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए यह राहत की खबर है कि पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित लौट आए हैं। उनकी वापसी ने उन परिवारों के दिलों को शांति दी है, जो दिनों से उनके लिए चिंतित थे।