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  • जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन का शीशा टूटा; वंदेभारत को रास्ते में रोका, जांच में जुटीं एजेंसियां

    जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन का शीशा टूटा; वंदेभारत को रास्ते में रोका, जांच में जुटीं एजेंसियां


    सांबा।
    जम्मू-कश्मीर के सांबा के पास सोमवार देर रात जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई। करीब 9:30 बजे हुई इस घटना में ट्रेन के इंजन का सामने का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद सुरक्षा बलों और पुलिस ने मौके तथा आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी।

    घटना की सूचना मिलने के बाद डीजीपी नलिन प्रभात भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच किए जाने की जानकारी दी। पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें रेलवे ट्रैक के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जांच कर रही हैं।

    चालक ने पहले फायरिंग की दी थी जानकारी

    सांबा के एसपी अनुज कुमार ने बताया कि ट्रेन के इंजन का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ है। उनके अनुसार, ट्रेन चालक ने शुरुआत में फायरिंग की बात कही थी, लेकिन रात करीब 1:30 बजे तक की जांच में मामला पथराव का सामने आया।

    उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ सुरक्षा बल भी रेलवे ट्रैक की जांच कर रहे हैं और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

    वंदेभारत को रास्ते में रोका गया

    जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से दिल्ली-कटरा वंदेभारत एक्सप्रेस को भी कठुआ और सांबा के बीच रोक दिया गया। इसके चलते ट्रेन करीब तीन घंटे की देरी से जम्मू पहुंची।

    घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पथराव करने वालों का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों की जांच कर रही हैं।

    पहले भी आतंकी वारदात का गवाह रहा है यह रेल मार्ग

    सांबा-जम्मू रेल मार्ग का सुरक्षा के लिहाज से पुराना संवेदनशील इतिहास रहा है। 10 फरवरी 2000 को इसी रेल मार्ग पर जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस के सात डिब्बे आईईडी विस्फोट में पटरी से उतर गए थे। इस आतंकी वारदात में पांच यात्रियों की मौत हुई थी।

    मौजूदा घटना के बाद रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा

    जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा


    नई दिल्ली।
    जनवरी में जब सोने-चांदी की कीमतें (Gold and Silver Prices) आसमान पर थी सोने के आयात (Gold Import) ने तो सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, जो पिछले साल जनवरी के 2.66 अरब डॉलर के मुकाबले इस बार 350 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, इसने भारत के व्यापार घाटे (Trade Deficits) पर बड़ा इंपैक्ट डाला। भारत का व्यापार घाटा जनवरी 2026 में बढ़कर 35 अरब डॉलर हो गया है। यह आंकड़ा दिसंबर में दर्ज 24 अरब डॉलर से कहीं अधिक है।


    सोने की चमक ने बढ़ाई व्यापार घाटे की टेंशन

    सोने का आयात भारत के व्यापार घाटे में उतार-चढ़ाव की एक अहम वजह बनकर उभरा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से साफ होता है कि बढ़ती सोने की कीमतों ने आयात बिल को काफी प्रभावित किया है। पिछले छह वर्षों में सोने के आयात मूल्य में 76 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 32.9 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 58.0 अरब डॉलर हो गया।


    आयात की मात्रा घटी, बिल बढ़ा

    हैरानी की बात यह है कि इस दौरान आयात की मात्रा में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 982.7 टन से घटकर 757.1 टन रह गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहां कीमतों में बढ़ोतरी आयात बिल बढ़ाने की मुख्य वजह है, न कि ज्यादा खपत।

    चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान ही सोने का आयात बिल 49.39 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि इस दौरान सिर्फ 474.99 टन सोना आयात किया गया। अप्रैल-जनवरी की अवधि में यह आंकड़ा 61.46 अरब डॉलर हो गया। नवंबर में सोने के आयात के आंकड़ों में भी भारी संशोधन देखने को मिला था, जो शुरुआती 14.8 अरब डॉलर से घटाकर 9.84 अरब डॉलर कर दिया गया था, जो इसकी अस्थिरता को रेखांकित करता है।


    चांदी के आयात में भी जोरदार उछाल

    सोने के साथ-साथ चांदी के आयात ने भी रफ्तार पकड़ी है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान चांदी के आयात मूल्य में 128.95 प्रतिशत का उछाल आया है। यह 3.39 अरब डॉलर से बढ़कर 7.77 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसकी वजह आयात की मात्रा में 56.07 प्रतिशत और कीमतों में 46.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई जा रही है।


    अमेरिका और चीन के साथ व्यापारिक रिश्ते

    टैरिफ के दबाव के बावजूद, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात स्थल बना हुआ है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान अमेरिका को निर्यात लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 72.46 अरब डॉलर रहा। हालांकि, दिसंबर की तुलना में जनवरी में अमेरिका को निर्यात में 4.5 प्रतिशत की गिरावट जरूर आई है। वहीं, चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत बना हुआ है। अप्रैल-जनवरी के दौरान चीन से आयात 13 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 108.18 अरब डॉलर हो गया। सकारात्मक पहलू यह है कि इसी अवधि में चीन को निर्यात में भी 38 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 15.88 अरब डॉलर तक पहुंच गया।