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  • LPG टैंकर में घुसकर लापता क्रू की तलाश करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम को शौर्य चक्र, 78 वीरता पुरस्कारों की पूरी सूची

    LPG टैंकर में घुसकर लापता क्रू की तलाश करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम को शौर्य चक्र, 78 वीरता पुरस्कारों की पूरी सूची


    नई दिल्ली।
    80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार भी शामिल हैं। पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, 36 सेना पदक, 3 नौसेना पदक और 5 वायु सेना पदक शामिल हैं। इसके अलावा सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के लिए 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेज को भी मंजूरी दी गई है।

    इन पुरस्कारों में भारतीय नौसेना के INS त्रिकंद के NBCD ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार का नाम खास तौर पर सामने आया है। उन्हें अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

    जान की परवाह किए बिना चलाया था रेस्क्यू ऑपरेशन

    लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने अक्टूबर 2025 में अदन की खाड़ी में बेहद जोखिम भरे बचाव अभियान का नेतृत्व किया था। यह इलाका हूती हमलों के खतरे के कारण पहले से ही बेहद संवेदनशील माना जाता था।

    घटना 18 अक्टूबर 2025 की है। उस दिन कैमरून के झंडे वाला LPG टैंकर MT Falcon भीषण विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गया था। हादसे के बाद जहाज से खतरनाक LPG गैस का रिसाव हो रहा था और किसी भी समय दूसरा बड़ा विस्फोट होने का खतरा बना हुआ था।

    टैंकर पर सवार दो भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गए थे। ऐसे समय में लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने खुद आगे बढ़कर खोज और राहत अभियान की कमान संभाली।

    जहरीली गैस और धुएं के बीच बार-बार जहाज में घुसे

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शिवम कुमार ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना क्षतिग्रस्त टैंकर के बेहद खतरनाक हिस्सों में प्रवेश किया। वहां जहरीली गैस, तेज गर्मी और घना धुआं मौजूद था और किसी भी वक्त स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    उन्होंने तकनीकी और सुरक्षा जोखिमों का आकलन करते हुए अभियान को आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने लापता भारतीय क्रू सदस्यों के अवशेषों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

    उनका यह अभियान न केवल असाधारण साहस बल्कि संकट की स्थिति में नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का भी उदाहरण माना गया है।

    वीरता पुरस्कार विजेताओं की सूची

    कीर्ति चक्र
    1. लेफ्टिनेंट कर्नल मनियो फ्रांसिस पीएफ, एससी, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    2. मेजर जितेंद्र राठी, 2 पैरा (विशेष बल) – सेना
    3. हवलदार गजेंद्र सिंह, 2 पैरा (विशेष बल) (मरणोपरांत) – सेना
    4. श्री जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    5. श्री जसवंत सिंह, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    6. श्री बलविंदर सिंह, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    7. श्री तारिक हुसैन, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    8. श्री बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    9. श्री सुनील कुमार, इंस्पेक्टर एसटीएफ (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    बार टू शौर्य चक्र
    1. मेजर आदित्य प्रताप सिंह, एससी, एसएम, द राजपूताना राइफल्स, 44 असम राइफल्स – सेना
    शौर्य चक्र
    1. मेजर परमवीर, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    2. मेजर तरुण वासुदेवन, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    3. मेजर केशव कुमार, 12 डोगरा – सेना
    4. मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल, 21 ग्रेनेडियर्स – सेना
    5. मेजर विपीन कुमार, कोर ऑफ सिग्नल्स, 11 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    6. नायब सूबेदार शंकर राम, 3 असम राइफल्स – सेना
    7. नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    8. हवलदार जगतार सिंह, 4 पैरा (विशेष बल) – सेना
    9. लांस नायक नरेंद्र सिंधु, द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    10. लांस नायक कपिल देव, द डोगरा रेजीमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    11. सिपाही जसविंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री – सेना
    12. लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार – नौसेना
    13. स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    14. श्री धीरज सिंह कटोच, डिप्टी एसपी – गृह मंत्रालय (MHA)
    15. श्री अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर – गृह मंत्रालय (MHA)
    16. श्री सुखवीर सिंह, डिप्टी एसपी – गृह मंत्रालय (MHA)
    17. श्री नियाज अहमद, सहायक उप-निरीक्षक – गृह मंत्रालय (MHA)
    18. श्री अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट – गृह मंत्रालय (MHA)
    19. श्री दीपक साह, कांस्टेबल – गृह मंत्रालय (MHA)


    बार टू सेना पदक (वीरता)
    1. मेजर डीएस पाओशो, एसएम, 7 मद्रास – सेना
    2. मेजर अनुज महाजन, एसएम, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 36 असम राइफल्स – सेना
    3. मेजर कृष्ण कांत, एसएम, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    4. सूबेदार रमेश कुमार, एसएम, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) – सेना
    5. नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह, एसएम, 2 पैरा (विशेष बल) – सेना
    सेना पदक (वीरता)
    1. लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी, 27 (इंडिपेंडेंट) आरएंडओ फ्लाइट – सेना
    2. लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम तोपदेन भूटिया, 2/8 गोरखा राइफल्स – सेना
    3. मेजर सुधांशु शेखर पाणी, पैरा रेजीमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    4. मेजर मोहित पोडिया, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 37 असम राइफल्स – सेना
    5. मेजर आर साहिल, द गढ़वाल राइफल्स, 33 असम राइफल्स – सेना
    6. मेजर बालेन्दु कुमार झा, 24 ग्रेनेडियर्स – सेना
    7. मेजर रवि शंकर जोशी, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    8. मेजर रूपम दास, 8 बिहार – सेना
    9. मेजर अर्णव बाली, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 9 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    10. मेजर अंशुमान रंजन, 4 पैरा (विशेष बल) – सेना
    11. मेजर अरविंद कुमार, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 33 असम राइफल्स – सेना
    12. कैप्टन करन सिंह चीमा, असम रेजीमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    13. कैप्टन हरीश सिंह देवाली, द मराठा लाइट इन्फैंट्री, 17 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    14. कैप्टन मोहित रावत, कोर ऑफ सिग्नल्स, 44 असम राइफल्स – सेना
    15. कैप्टन अंशुमान सिंह, 11 पैरा (विशेष बल) – सेना
    16. कैप्टन बाने स्वरांज सुधीर, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    17. कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंह निघोट, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    18. कैप्टन साविक, 5/9 गोरखा राइफल्स – सेना
    19. लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह, 12 डोगरा – सेना
    20. लेफ्टिनेंट अमन पांडे, 8 बिहार – सेना
    21. असिस्टेंट कमांडेंट बिकाश राय, 11 असम राइफल्स – सेना
    22. सूबेदार पवन कुमार, 11 पैरा (विशेष बल) – सेना
    23. सूबेदार परभात गौड़, पैरा रेजीमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    24. सूबेदार कणसे नामदेव बालकृष्ण, 18 मराठा लाइट इन्फैंट्री – सेना
    25. सूबेदार बलजिंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री – सेना
    26. नायब सूबेदार दयाल सिंह, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    27. हवलदार एल जोएल कॉम, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    28. हवलदार मुल्ला आबिदअली अशरफअली, 18 मराठा लाइट इन्फैंट्री – सेना
    29. लांस हवलदार पलाश घोष, पैरा रेजीमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    30. नायक अली मोहम्मद खान, 24 ग्रेनेडियर्स – सेना
    31. लांस नायक सुजय घोष, पैरा रेजीमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    32. लांस नायक अभिमन्यु सिंह, 21 ग्रेनेडियर्स – सेना
    33. लांस नायक बिधा सिंह, द जाट रेजीमेंट, 34 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    34. लांस नायक प्रीतपाल सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    35. सिपाही हरमिंदर सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    36. पैराट्रूपर हिमांशु कुमार, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    नौ सेना पदक (वीरता)
    1. कमांडर विनीत शर्मा – नौसेना
    2. कमांडर युवराज कुमार – नौसेना
    3. अविनाश अण्णासो, पीओए (एफडी) – नौसेना
    वायु सेना पदक (वीरता)
    1. ग्रुप कैप्टन राहुल जगोता, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    2. ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    3. विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    4. फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    5. मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह, पैराशूट जंप इंस्ट्रक्टर – वायु सेना
    मेंशन-इन-डिस्पैचेज
    राष्ट्रपति ने 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेज की भी मंजूरी दी है, जिनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 04 और भारतीय वायु सेना के 10 कर्मी शामिल हैं.
    भारतीय सेना
    ऑपरेशन रक्षक
    • कर्नल रणवीर सिंह, 207 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (UH)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक जोशी, एसएम, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल हिमांशु शर्मा, 21 काउंटर इंसर्जेंसी इंटेलिजेंस यूनिट
    • लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य जसरोटिया, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर देवश्री अरविंद शर्मा, 25 मद्रास
    • मेजर कुणाल नरूला, 662 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर स्वप्निल श्रीवास्तव, द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अक्षय सिंह, द डोगरा रेजीमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अरुण, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अब्दुलअजीज एम, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 26 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर रोहित शर्मा, 290 फील्ड रेजीमेंट
    • कैप्टन मुनिराज टी, आर्मी मेडिकल कोर, 19 राष्ट्रीय राइफल्स
    • सुल्तान महमूद, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, उधमपुर
    • सूबेदार मनोज कुमार, 4 पैरा (विशेष बल)
    • नायब सूबेदार करमबीर, 21 ग्रेनेडियर्स
    • नायक मुकेश सिंह, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • नायक रोशन कुमार, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 3 राष्ट्रीय राइफल्स
    • नायक रजत शर्मा, 12 डोगरा
    • नायक नंदन सिंह गुसाईं, 4 पैरा (विशेष बल)
    • राइफलमैन रंजीत सिंह, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
    • राइफलमैन रमेश सिंह, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स
    • राइफलमैन गोविंद सिंह, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
    • पैराट्रूपर मधुकर शैलेश चौगुले, 2 पैरा (विशेष बल)
    • आर्मी डॉग टाइसन (C071), रिमाउंट वेटनरी कोर, 2 पैरा (विशेष बल)
    ऑपरेशन हिफाजत
    • मेजर सी साई विवेक, एसएम, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 33 असम राइफल्स
    • मेजर राजकुमार संजीव, जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स, 31 असम राइफल्स
    • कैप्टन अथर्व श्रीरंग जाधव, 5/9 गोरखा राइफल्स
    • सूबेदार तिल बहादुर डांगी, 21 पैरा (विशेष बल)
    • सूबेदार अमित कुमार, 2 महार
    • सूबेदार जरनैल सिंह, 2 महार
    • हवलदार देवेंद्र सिंह नेगी, 21 पैरा (विशेष बल)
    • हवलदार डोंगरे गुलाबराव शामराव, 2 महार
    • नायक कपिल देव, 21 पैरा (विशेष बल)
    • नायक सुनील कुमार, 2 महार
    • लांस नायक बिन्नार योगेश पोपट, 21 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर राहुल कुमार यादव, 21 पैरा (विशेष बल)
    • अग्निवीर हरिओम, 2 महार
    • अग्निवीर कृष्ण कुमार, 2 महार
    ऑपरेशन आर्किड
    • मेजर लक्ष्यद्वीप कांकेर, आर्मी एयर डिफेंस, 4 असम राइफल्स
    • पैराट्रूपर बिकाश काकती, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर योग राज, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर लालतन सांगा, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर दीपचंद कारगवाल, एसएम, 21 पैरा (विशेष बल)
    ऑपरेशन मेघदूत
    • मेजर देवेश भंडारी, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर ऋषिकेश पाठक, 24 पंजाब
    ऑपरेशन स्नो लेपर्ड
    • लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश वशिष्ठ, 301 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (SO)
    • मेजर अभिमन्यु यादव, 16 पंजाब
    • मेजर राजीव मील, 203 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (UH)
    • मेजर राहुल मेहता, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 5 विकास (SFF)
    • कैप्टन मोहित गंजू, असम रेजीमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स
    • कैप्टन गौरव कुमार, 60 आर्मर्ड रेजीमेंट
    ऑपरेशन चक्रव्यूह
    • मेजर अमित नैन, 19 गढ़वाल राइफल्स
    ऑपरेशन चेथेबा
    • मेजर देबाशीष पुस्टी, आर्मर्ड रेजीमेंट, 13 असम राइफल्स
    ऑपरेशन खोइजुमान
    • मेजर अभिषेक कुमार सिंह, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन माउंट कांगतो
    • मेजर कार्तिक यादव, आर्मी एयर डिफेंस, 667 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    ऑपरेशन तलाश
    • मेजर विशाल राणा, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    • मेजर ज़ुबैर अहमद इटू, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 19 असम राइफल्स
    ऑपरेशन अवांग लेखाई
    • मेजर शर्मा तनुज दिलीप, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन खोज
    • लेफ्टिनेंट शिवम पांडे, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन नोंगरेन II
    • सिपाही शुभम कुमार, 8 बिहार
    ऑपरेशन माओवा-कियेवी
    • राइफलमैन एच यांग पांग शानयेई फोम, 22 असम राइफल्स
    ऑपरेशन सिक्योर शील्ड-XLII
    • राइफलमैन देलबोर अली मोंडल, 3 असम राइफल्स
    • राइफलमैन अडेपु राकेश, 3 असम राइफल्स
    ऑपरेशन चानबिरोक
    • राइफलमैन भोज बहादुर राना मगर, 2/8 गोरखा राइफल्स
    विविध ऑपरेशन
    • लांस नायक जसपुनीत सिंह, 22 सिख
    • लेफ्टिनेंट कर्नल रोहित सिंह साही (सेवानिवृत्त)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल सुहेल सिंह गिल, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल सौबाम किनोबाबू सिंह, एसएम, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    • लेफ्टिनेंट कर्नल विकास पांडे, 667 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर निकम निखिल जनार्दन, 2/8 गोरखा राइफल्स
    • मेजर अभिषेक अर्जुन, द गढ़वाल राइफल्स, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • कैप्टन अरुण कुमार सोलानिया, 2 महार
    • हवलदार ऐजाज अहमद, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • हवलदार नेहखोहाओ हाओकिप, 165 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • हवलदार नरेश शर्मा, 18 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स
    भारतीय नौसेना
    1. कमांडर निखिल चुघ
    2. लेफ्टिनेंट अजय जोस एन जोसेफ
    3. अश्विन संतोष, एवीआर सी (सीडी)
    4. अभिषेक सी धनवड़े, सी I (सीडी)
    भारतीय वायु सेना
    1. विंग कमांडर राजा रेड्डी ललिता नागेश कुमार, फ्लाइंग (पायलट)
    2. विंग कमांडर अम्मर हैदर नकवी, फ्लाइंग (पायलट)
    3. विंग कमांडर मनोज पुरी गोस्वामी, एडमिनिस्ट्रेशन/एयर ट्रैफिक कंट्रोलर
    4. स्क्वाड्रन लीडर कुंदरापु कौशिक, फ्लाइंग (पायलट)
    5. फ्लाइट लेफ्टिनेंट पार्थसारथी मुले, फ्लाइंग (पायलट)
    6. मास्टर वारंट ऑफिसर ब्रह्म प्रकाश, पैरा जंपिंग इंस्ट्रक्टर (सेवानिवृत्त)
    7. मास्टर वारंट ऑफिसर अनूप सिंह, पैरा जंपिंग इंस्ट्रक्टर
    8. कॉर्पोरल मोहन लाल सैनी, भारतीय वायु सेना (सुरक्षा)
    9. विंग कमांडर सीआर प्रदीप, फ्लाइंग (पायलट)
    10. स्क्वाड्रन लीडर अविरल गांधी, फ्लाइंग (पायलट)

  • तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत

    तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत


    मध्यप्रदेश। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के बाद सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी बुधवार को अपने गृह जिले रीवा पहुंचे, जहां उनका भव्य और भावनात्मक स्वागत किया गया। सिरमौर तहसील के डेलही गांव निवासी संजय तिवारी के सम्मान में रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की बारिश और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच विंध्य के इस वीर सपूत का अभिनंदन किया गया।

    संजय तिवारी को यह प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया गया है। सुरक्षा बलों को एक विशेष अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान के दौरान आतंकियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।

    मुठभेड़ के दौरान संजय तिवारी अग्रिम हमला दल का हिस्सा थे। भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने साहसपूर्वक आगे बढ़ते हुए मोर्चा संभाले रखा। इस दौरान उनके बांह, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों में तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी पोजीशन नहीं छोड़ी और जवाबी कार्रवाई जारी रखी। उनके साहस और दृढ़ संकल्प के चलते एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली।

    रीवा पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में संजय तिवारी ने कहा कि उनके लिए देश सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान लगी चोटों की उन्हें कोई चिंता नहीं थी। उनका एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि आतंकी किसी भी हालत में बचकर न निकल पाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उनके कर्तव्य का हिस्सा है और इसी भावना के साथ उन्होंने अभियान को अंजाम दिया।

    संजय तिवारी की इस उपलब्धि पर पूरे विंध्य क्षेत्र में गर्व का माहौल है। उनके स्वागत के लिए स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या स्टेशन पहुंची। लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके साहस को राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

    इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि संजय तिवारी ने अपने शौर्य, साहस और समर्पण से न केवल रीवा और विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि तीन गोलियां लगने के बावजूद जिस तरह संजय ने मोर्चा संभाले रखा, वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे जवान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

    संजय तिवारी की वीरता की यह कहानी केवल एक सैनिक के साहस का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की उस भावना को भी दर्शाती है, जो भारतीय सुरक्षा बलों को दुनिया की सबसे सक्षम और सम्मानित सेनाओं में शामिल करती है। रीवा की धरती अपने इस वीर पुत्र की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है।