Tag: Shaurya Yatra

  • हर-हर महादेव की गूंज, ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो: पीएम मोदी ने सोमनाथ की दिव्यता को किया प्रदर्शित, शौर्य यात्रा में शामिल हुए

    हर-हर महादेव की गूंज, ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो: पीएम मोदी ने सोमनाथ की दिव्यता को किया प्रदर्शित, शौर्य यात्रा में शामिल हुए


    गुजरात सोमनाथ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गुजरात यात्रा के दूसरे दिन सोमनाथ मंदिर में दिव्य अनुभव का अनोखा प्रदर्शन किया। शनिवार शाम को पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर के परिसर में हर-हर महादेव की गूंज के साथ प्रवेश किया और उसके बाद पवित्र महाआरती में हिस्सा लिया। इस अवसर पर ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो ने समां बांध दिया, जिसे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी साझा किया।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और 1000 साल की यात्रा

    सोमनाथ मंदिर इस समय दो महत्वपूर्ण कारणों से चर्चा में है। एक तरफ, यह वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा मंदिर पर हमले और इसके ध्वस्त होने के 1000 साल पूरे होने का समय है। दूसरी तरफ यह 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ भी है। पीएम मोदी ने इस खास मौके पर इस समारोह को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का नाम दिया।

    सोमनाथ की दिव्यता का उद्घाटन

    पीएम मोदी ने कहा सोमनाथ शाश्वत दिव्यता की एक ज्योति के रूप में खड़ा है। सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है। उनके मुताबिक सोमनाथ सिर्फ एक मंदिर नहीं बल्कि यह हमारे समाज और संस्कृति की हिम्मत और गौरव का प्रतीक है।

    ड्रोन शो और आधुनिक तकनीक का संगम

    पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्य ड्रोन शो देखने का अनुभव साझा किया। इस अद्भुत शो में प्राचीन आस्थाओं के साथ आधुनिक तकनीक का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का यह प्रकाशपुंज पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।

    ॐ का महत्व

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पीएम मोदी ने ॐ का विशेष महत्व बताया। उन्होंने कहा, ॐ हमारे वेदों, शास्त्रों पुराणों उपनिषदों और वेदांत का सार है। ॐ ही ध्यान का मूल है, और योग का आधार है। ॐ ही साधना में साध्य है और ॐ ही शब्द ब्रह्म का स्वरूप है। पीएम मोदी ने इस दौरान 1000 सेकंड्स तक सामूहिक रूप से ओंकार नाद का उच्चारण किया जिससे माहौल में अद्भुत ऊर्जा का संचार हुआ।

    शौर्य यात्रा का आयोजन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा की शुरुआत शौर्य यात्रा से की, जो सोमनाथ के शंख सर्किल से शुरू हुई। इस यात्रा में पीएम मोदी ने डमरू बजाया और यात्रा एक किलोमीटर लंबी रही। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की।

    अगला कदम सार्वजनिक सभा

    इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह 11 बजे सद्भावना ग्राउंड में सार्वजनिक सभा को संबोधित किया जहां उन्होंने अपने संदेशों और विचारों से उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।

  • सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    नई दिल्ली। सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस पर्व को विशेष बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को इस शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। इस अवसर पर मणिपुर, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर से आए कलाकारों ने यहां ‘वसंत रास’ और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, तो गुजरात के कलाकार गरबा और देवी दुर्गा की झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर रहे हैं।

    कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान

    कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।

    शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व

    सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा

    शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।