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  • शहजाद पूनावाला के एक कमेंट से भड़कीं प्रियंका टीवी की नागिन ने खोया आपा बोलीं यहां भी थप्पड़ खाएगा

    शहजाद पूनावाला के एक कमेंट से भड़कीं प्रियंका टीवी की नागिन ने खोया आपा बोलीं यहां भी थप्पड़ खाएगा


    नई दिल्ली। रियलिटी शो राइज एंड फॉल 2 इन दिनों अपने कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाले विवादों को लेकर चर्चा में बना हुआ है। शो के लेटेस्ट एपिसोड में प्रियंका चाहर चौधरी और शहजाद पूनावाला के बीच तीखी बहस देखने को मिली। दोनों के बीच बातचीत इतनी बढ़ गई कि मामला व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गया। बहस के दौरान शहजाद ने प्रियंका को गोल्ड डिगर कहा जिसके बाद एक्ट्रेस काफी नाराज हो गईं। प्रियंका ने भी शहजाद पर पलटवार किया और गुस्से में उन्हें थप्पड़ मारने तक की बात कह दी।

    दरअसल विवाद की शुरुआत प्रियंका की एक टिप्पणी से हुई थी। उन्होंने शहजाद को मैनचाइल्ड कहा था। इसका मतलब ऐसे व्यक्ति से है जो उम्र में बड़ा होने के बावजूद बचकानी हरकतें करता है। प्रियंका की इस बात पर शहजाद ने जवाब देते हुए उन्हें गोल्ड डिगर कह दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रियंका पर विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप भी लगाया। शहजाद की यह टिप्पणी प्रियंका को काफी बुरी लगी और इसके बाद उनके तेवर बदल गए।

    प्रियंका ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शहजाद को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें शहजाद के बारे में कई लोगों से ऐसी बातें सुनने को मिली हैं जिनका जिक्र उन्होंने बहस के दौरान किया। इसी दौरान प्रियंका ने गुस्से में कहा कि शहजाद यहां भी उनसे थप्पड़ खाएंगे। उनकी यह बात शो में मौजूद लोगों के साथ साथ दर्शकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई।

    विवाद के बाद प्रियंका काफी भावुक भी नजर आईं। उन्होंने बताया कि शहजाद की कही बात उनके मन में रह गई थी। प्रियंका ने अपनी जिंदगी और परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने परिवार के खर्च में योगदान देती हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने छह भाई बहनों की पढ़ाई में मदद की है और उनकी शादियों में भी जिम्मेदारी निभाई है। प्रियंका के मुताबिक उन्होंने अपने परिवार के लिए घर तक बनवाए हैं। ऐसे में बिना उनकी परिस्थितियों को समझे उन्हें गोल्ड डिगर कहना उन्हें बेहद अपमानजनक लगा।

    प्रियंका ने अपनी बात रखते हुए यह भी बताया कि वह अपने परिवार के लिए लगातार मेहनत करती रही हैं। उनके लिए आर्थिक जिम्मेदारियां और परिवार की जरूरतें हमेशा महत्वपूर्ण रही हैं। इसी वजह से शहजाद की टिप्पणी ने उन्हें भावुक कर दिया। बहस के बाद उन्होंने अपने गुस्से को खुलकर जाहिर किया और कैमरे के सामने शहजाद को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शो का माहौल काफी गर्म हो गया। प्रियंका ने बातचीत के दौरान शहजाद की एनर्जी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने स्वरा भास्कर से बात करते हुए कहा कि रात में सोते समय भी उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे शहजाद की एनर्जी आसपास मौजूद हो। उनकी इस टिप्पणी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बहस का असर उन पर काफी देर तक रहा।

    राइज एंड फॉल 2 में कंटेस्टेंट्स के बीच समीकरण लगातार बदलते दिखाई दे रहे हैं। कभी साथ नजर आने वाले प्रतिभागियों के बीच भी रणनीति और मतभेद को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। प्रियंका और शहजाद का यह विवाद भी इसी माहौल का हिस्सा है। गोल्ड डिगर वाली टिप्पणी के बाद प्रियंका का भावुक होना और फिर थप्पड़ मारने की बात कहना अब शो के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गया है। आने वाले एपिसोड में दोनों के बीच यह विवाद आगे किस तरह बढ़ता है यह देखने वाली बात होगी।

  • राइज एंड फॉल में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला आमने-सामने, पति को टिकट मिलने के तंज पर भड़कीं एक्ट्रेस

    राइज एंड फॉल में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला आमने-सामने, पति को टिकट मिलने के तंज पर भड़कीं एक्ट्रेस


    नई दिल्ली । राइज एंड फॉल के दूसरे एपिसोड में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला के बीच तनाव खुलकर सामने आया। शो की शुरुआत से ही दोनों के बीच मतभेद देखने को मिल रहे थे, लेकिन दूसरे एपिसोड में यह विवाद तीखी बहस में बदल गया। बातचीत के दौरान शहजाद ने स्वरा पर कई तंज कसे, जिसके बाद स्वरा ने भी उन्हें खुलकर जवाब दिया।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब शो के होस्ट वीरेंद्र सहवाग ने शहजाद से पूछा कि वह सोशल मीडिया पर स्वरा के बारे में काफी कुछ बोलते हैं, लेकिन यहां उनसे बातचीत नहीं कर रहे हैं। इस सवाल के बाद शहजाद ने स्वरा को लेकर एक के बाद एक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।

    शहजाद ने कहा कि उनका स्वर दबाने वाला अभी तक कोई पैदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वह नकारात्मकता के साथ नहीं बैठते और अगर कोई उनसे उंगली करेगा तो वह शब्दों के जरिए जवाब देंगे। उन्होंने अपने विचारों और सिद्धांतों पर कायम रहने की बात भी कही।

    शहजाद की बात सुनकर वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें फिल्मी डायलॉग बोलने वाला बताया। इस पर शहजाद ने कहा कि ये फिल्मी डायलॉग नहीं बल्कि उनके जीवन के वसूल हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने विचारों से डगमगाते नहीं हैं और किसी के दबाव में नहीं आते।

    इसके बाद शहजाद ने स्वरा की हंसी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों को नजरअंदाज करते हैं और स्वरा को नजरअंदाज किए जाने की आदत होने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने 2019 में गणपति विसर्जन से जुड़े एक पुराने वीडियो का भी जिक्र किया।

    शहजाद की टिप्पणियों पर स्वरा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नजरअंदाज करने का मतलब किसी को भाव नहीं देना होता है। स्वरा ने दावा किया कि शो के ऐलान के बाद शहजाद की ओर से उनके बारे में 36 ट्वीट और तीन-चार वीडियो किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ वोट की अपील की जा रही है और उन्हें शो में नीचे पहुंचाने के लिए पैसे जुटाए जा रहे हैं।

    इसके बाद बातचीत राजनीतिक मुद्दे तक पहुंच गई। शहजाद ने कहा कि जो देश के खिलाफ बोलेगा, उसके खिलाफ वह हमेशा बोलेंगे, चाहे वह उनके पक्ष में हो या नहीं। स्वरा ने जवाब देते हुए कहा कि यह गेम है, चुनाव नहीं। उन्होंने शहजाद के राजनीतिक करियर का भी जिक्र किया।

    शहजाद ने स्वरा से कहा कि उन्हें उनके करियर की चिंता करने की जरूरत नहीं है और वह अपने पति को जिताने पर ध्यान दें। इस पर स्वरा ने अपने पति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 32 साल की उम्र में टिकट मिल गया था। उन्होंने शहजाद पर टिकट के लिए दर-दर भटकने का तंज भी कसा।

    बहस आगे बढ़ने पर स्वरा ने कहा कि वह शहजाद के बारे में बहुत कुछ जानती हैं, लेकिन यहां उन बातों का जिक्र करने से बातचीत का स्तर गिर जाएगा। उन्होंने शहजाद से उनसे बात नहीं करने को कहा।

    आखिर में स्वरा ने शहजाद को मर्यादा में रहने की सलाह दी। इस दौरान वीरेंद्र सहवाग ने भी दोनों को मर्यादा बनाए रखने की बात कही। शो के दूसरे एपिसोड में हुई यह बहस निजी टिप्पणियों से लेकर राजनीतिक मुद्दों तक पहुंच गई।

  • BJP से अलग होने के बाद खुलकर बोले शहजाद पूनावाला: मोदी से राहुल गांधी तक कई मुद्दों पर रखी अपनी बात

    BJP से अलग होने के बाद खुलकर बोले शहजाद पूनावाला: मोदी से राहुल गांधी तक कई मुद्दों पर रखी अपनी बात


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने भाजपा छोड़ने से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा से अलग होने के बाद अब पार्टी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह भाजपा को दूसरी पार्टियों की तुलना में बेहतर मानते हैं।

    वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के साथ इनसाइड आउट पॉडकास्ट में शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक सफर और भाजपा छोड़ने के फैसले को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि अब जब वह भाजपा में नहीं हैं तो अपनी बात खुलकर रख सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने पार्टी के काम करने के तरीके और कुछ राजनीतिक मुद्दों पर अपनी असहमति भी सामने रखी।

    शहजाद पूनावाला ने कहा कि भाजपा छोड़ने के बाद पार्टी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब उन्हें भाजपा की ओर से कोई पैसा नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा कि भाजपा में अभी भी कुछ जवाबदेही दिखाई देती है। उन्होंने अपने तर्क के तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख किया।

    पूनावाला ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कर्नाटक पंजाब और झारखंड में पेपर लीक से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए पूछा कि वहां संबंधित शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया। उनका कहना था कि अलग अलग राज्यों में सामने आए ऐसे मामलों पर राजनीतिक जवाबदेही का सवाल उठना स्वाभाविक है।

    पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। पूनावाला ने मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग से जुड़ी बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना देश के अलग अलग दौर के नेताओं के संदर्भ में करते हुए अपनी राजनीतिक राय रखी। यह टिप्पणी उनके निजी राजनीतिक आकलन के तौर पर सामने आई है।

    राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर भी शहजाद पूनावाला ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2026 के बीच राहुल गांधी में बदलाव आया है और उन्होंने खुद में कुछ सुधार किए हैं। हालांकि उनके मुताबिक अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली में निरंतरता की कमी होने की बात भी कही।

    पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी को कई मुद्दों पर लगता है कि उन्हें सब कुछ पता है। उन्होंने अपने और राहुल गांधी के बीच एक समानता का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कुछ आंदोलनों और उनके कथित फंडिंग से जुड़े दावों का जिक्र किया।

    शहजाद पूनावाला का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा से उनके अलग होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा जारी है। जुलाई में भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे आर्थिक कारणों का उल्लेख किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के प्रवक्ताओं को वेतन नहीं मिलता है। अब पॉडकास्ट में दिए गए उनके बयान से साफ है कि भाजपा से अलग होने के बावजूद वह राष्ट्रीय राजनीति और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रख रहे हैं।

  • TMC में बढ़ी कलह? भाजपा का दावा- 60 विधायक नाराज, ममता-अभिषेक से बना रहे दूरी..

    TMC में बढ़ी कलह? भाजपा का दावा- 60 विधायक नाराज, ममता-अभिषेक से बना रहे दूरी..


    नई दिल्ली । 
    पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी All India Trinamool Congress के भीतर कथित असंतोष को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने दावा किया है कि पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर नाराजगी बढ़ रही है और कई नेता वर्तमान नेतृत्व से दूरी बना रहे हैं।

    पूनावाला ने आरोप लगाया कि करीब 60 विधायक खुद को “असली टीएमसी” बता रहे हैं और Mamata Banerjee तथा Abhishek Banerjee के नेतृत्व से असहज हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में परिवारवाद हावी हो गया है, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

    भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसद भी पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं और संगठन के भीतर मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति तृणमूल कांग्रेस के अंदर नेतृत्व संकट की ओर इशारा करती है।

    विवाद उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक कथित सूची वायरल हुई। इस सूची में दावा किया गया कि टीएमसी के 20 सांसदों का एक समूह केंद्र की एनडीए सरकार को समर्थन देने की तैयारी कर रहा है। सूची में पार्टी के कई वरिष्ठ और नए सांसदों के नाम होने की बात कही गई।

    हालांकि टीएमसी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी नेता Kirti Azad ने वायरल सूची को फर्जी और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि सूची में शामिल कई सांसदों ने ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार किया है।

    कीर्ति आजाद ने भाजपा पर “ऑपरेशन लोटस” के जरिए पार्टी में फूट डालने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एकजुट है और विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का कोई असर नहीं पड़ेगा।

    फिलहाल भाजपा के आरोपों और टीएमसी के खंडन के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पार्टी के भीतर वास्तविक स्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।

  • बंगाल कैबिनेट पर जाति विवाद के बीच शहजाद पूनावाला का तीखा बयान, बताया भारतीय और बंगाली पहचान सबसे ऊपर

    बंगाल कैबिनेट पर जाति विवाद के बीच शहजाद पूनावाला का तीखा बयान, बताया भारतीय और बंगाली पहचान सबसे ऊपर

    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल ही में बने मंत्रिमंडल को लेकर एक नई तरह की बहस ने जोर पकड़ लिया है, जहां सोशल मीडिया पर मंत्रियों की जातीय पहचान और सामाजिक पृष्ठभूमि को लेकर चर्चाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि अलग-अलग स्तर पर लोग अपने-अपने नजरिए से मंत्रिमंडल के स्वरूप और प्रतिनिधित्व पर टिप्पणी कर रहे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla का बयान इस चर्चा का प्रमुख केंद्र बन गया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि मंत्रिमंडल में शामिल सभी सदस्य भारतीय नागरिक हैं और उनकी पहचान बंगाली समाज और संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है।

    पूनावाला के इस बयान को उन चर्चाओं के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं और जिनमें मंत्रियों की जातीय पहचान को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। उन्होंने अपने संदेश में यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी जनप्रतिनिधि की भूमिका उसके कार्य और जिम्मेदारी से तय होती है, न कि उसकी जातीय या सामाजिक पृष्ठभूमि से। उनके अनुसार इस तरह की बहसें समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा कर सकती हैं और राजनीतिक विमर्श को विकास के मूल मुद्दों से भटका सकती हैं।

    इस बीच पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों में भी लगातार बदलाव और हलचल देखने को मिल रही है, जहां सत्ता संरचना और नेतृत्व को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विश्लेषण सामने आ रहे हैं। Shubhendu Adhikari का नाम भी इन चर्चाओं में प्रमुखता से लिया जा रहा है, क्योंकि राज्य की राजनीति में हालिया घटनाक्रम के बाद नई राजनीतिक दिशा और रणनीतियों पर लगातार चर्चा हो रही है। इस पूरे परिदृश्य ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की राजनीति हमेशा से ही सामाजिक विविधता और जटिल राजनीतिक समीकरणों के लिए जानी जाती है, जहां विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है। ऐसे में जातीय पहचान को लेकर होने वाली बहसें समय-समय पर उभरती रहती हैं, लेकिन इन्हें राजनीतिक संतुलन और जिम्मेदारी के साथ संभालना बेहद जरूरी होता है। यदि इन चर्चाओं को सही दिशा नहीं दी गई, तो यह सामाजिक तनाव और राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ा सकती हैं।

    डिजिटल युग में राजनीतिक जानकारी और विचार तेजी से फैलते हैं, जिससे कई बार अधूरी या अपुष्ट बातें भी व्यापक बहस का रूप ले लेती हैं। यही कारण है कि इस तरह के मामलों में नेताओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि उनके बयान सीधे तौर पर जनता की सोच और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करते हैं। पूनावाला का बयान इसी संदर्भ में एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने जाति आधारित बहसों से हटकर शासन और विकास पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है।

    फिलहाल यह मुद्दा राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आ सकते हैं। बंगाल की राजनीति में यह बहस एक बार फिर यह संकेत देती है कि पहचान, प्रतिनिधित्व और विचारधारा जैसे मुद्दे अभी भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने हुए हैं।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • प्रियंका और राहुल गांधी के बीच परिवारिक कलह केंद्रीय मंत्री ने झगड़े का दावा किया

    प्रियंका और राहुल गांधी के बीच परिवारिक कलह केंद्रीय मंत्री ने झगड़े का दावा किया


    नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही आंतरिक कलह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच गंभीर विवाद चल रहा है जिससे राहुल गांधी ने परिवार और पार्टी से लड़कर विदेश जाने का निर्णय लिया। बिट्टू ने कहा राहुल गांधी का विदेश में होना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस परिवार में कुछ गहरे मतभेद हैं। राहुल गांधी पार्टी और परिवार से झगड़कर विदेश गए हैं जबकि उनकी बहन प्रियंका गांधी भी लगातार अपनी बात रख रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के अंदर ‘टीम प्रियंका बनाम टीम राहुल’ का झगड़ा अब खुलकर सामने आ चुका है।

    केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जर्मनी में हैं जहां उनकी तस्वीरें दिखाई दी हैं जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए दुनिया भर में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं को महात्मा गांधी से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि वे अपनी आंतरिक लड़ाई में उलझे हुए हैं। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस की आंतरिक कलह का दावा किया था और इसे टीम प्रियंका बनाम टीम राहुल के रूप में पेश किया था। पूनावाला ने कहा था कांग्रेस की आंतरिक कलह अब बाहर आ गई है जो कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति के लिए चिंता का विषय है।

    बिट्टू के बयान के बाद कांग्रेस से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर कोई बड़ा विवाद चल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान न आने से अटकलें और भी तेज हो गई हैं। इस आंतरिक कलह को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए सवाल उठाए हैं जबकि कांग्रेस के नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।