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  • रिया अहीर और शहजाद पूनावाला में छिड़ी जुबानी जंग, ‘अंकल’ कहने पर राहुल गांधी और IQ का जिक्र कर भड़के

    रिया अहीर और शहजाद पूनावाला में छिड़ी जुबानी जंग, ‘अंकल’ कहने पर राहुल गांधी और IQ का जिक्र कर भड़के

    नई दिल्ली । रियलिटी शो बिग बॉस 20 में एंट्री नहीं मिलने के बाद मॉडल रिया अहीर और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है। पूनावाला ने रिया पर निशाना साधते हुए उनके वायरल प्रोटेस्ट वीडियो और बिग बॉस में एंट्री को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में रिया ने उन्हें ‘अंकल’ कहते हुए अपनी उम्र से तुलना की। इसके बाद पूनावाला ने भी पलटवार किया और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए रिया की ‘मैथ्स’ और ‘आईक्यू’ पर तंज कसा।

    बिग बॉस में एंट्री नहीं मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद

    मुंबई की मॉडल रिया अहीर उस समय चर्चा में आई थीं, जब विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन को रोकने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद वह बिग बॉस 20 में जनता के वोट से एंट्री पाने की दौड़ में शामिल हुईं। हालांकि, इस वोटिंग में पंजाबी अभिनेत्री लव गिल ने बाजी मारी और रिया शो में जगह नहीं बना सकीं।

    इसके बाद शहजाद पूनावाला ने एक रील के जरिए रिया पर निशाना साधा। उन्होंने उनके वायरल फोटो और बिग बॉस में एंट्री की कोशिश को लेकर सवाल उठाए। पूनावाला ने दावा किया कि रिया को ‘लेफ्ट-विंग इकोसिस्टम’ और ‘एंटी-मोदी यूट्यूबर्स’ का समर्थन हासिल था।

    पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि रिया बिग बॉस के मंच का इस्तेमाल ‘एंटी-नेशनल’ और ‘एंटी-सनातन’ विचार फैलाने के लिए करना चाहती थीं। उन्होंने राहुल गांधी का भी जिक्र करते हुए रिया की हार पर तंज कसा।

    रिया ने शहजाद को कहा- ‘अंकल’

    पूनावाला की रील का जवाब रिया अहीर ने दो वीडियो के जरिए दिया। उन्होंने अपने जवाब की शुरुआत शहजाद पूनावाला को ‘अंकल’ कहकर की। रिया ने उनसे कहा कि उन्हें अपनी उम्र के लोगों के साथ राजनीति करनी चाहिए, ‘छोटी लड़कियों’ के साथ नहीं। रिया ने कहा कि पूनावाला उनकी उम्र से ‘दोगुने से भी ज्यादा’ हैं।

    रिया ने पूनावाला के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें उन्होंने राजनीतिक नेताओं के साथ उनके जुड़ाव की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ इस्तेमाल की जा रही यही स्क्रिप्ट 50 अन्य ‘चीप इन्फ्लुएंसर्स’ भी इस्तेमाल कर चुके हैं।

    भारतीय सेना पर टिप्पणी को लेकर भी दिया जवाब

    रिया ने भारतीय सेना के सम्मान को लेकर लगाए गए आरोप पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह कह रहा है कि वह भारतीय सेना का सम्मान नहीं करतीं, तो उन्हें इसका सबूत दिखाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि उन्होंने भारतीय सेना, किसी प्रोफेशनल, संस्था, धर्म या किसी व्यक्ति का कब अपमान किया है।

    रिया ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन से जुड़ी अपनी टिप्पणी पर भी सफाई दी। उन्होंने लव गिल के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ड्राइवर वाहन नहीं रोकता तो शायद उसी समय उनकी जिंदगी का उद्देश्य पूरा हो जाता।

    रिया ने अपने सोशल वर्क का भी किया जिक्र

    अपने दूसरे वीडियो में रिया ने लोगों की मदद करते हुए कुछ वीडियो साझा किए। इनमें महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक कुष्ठ प्रभावित गांव का दौरा और स्कूली बच्चों को स्टेशनरी देने की कोशिशें शामिल थीं।

    रिया ने पूनावाला और उनके जैसे लोगों पर उन लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिनकी राजनीतिक सोच उनसे अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि बिग बॉस का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा या धर्म को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता क्योंकि यह शो मनोरंजन के लिए है।

    अपने वीडियो के अंत में रिया ने महिलाओं, मंदिर, इंस्टाग्राम और अपनी उम्र से आधी उम्र की लड़कियों को छोड़ देने की बात कहते हुए पूनावाला पर निशाना साधा।

    पूनावाला का पलटवार- ‘आप 28 की हैं, यंग गर्ल नहीं’

    रिया के जवाब के बाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें अफसोस है कि रिया बिग बॉस के घर में एंट्री करने से पहले ही बाहर हो गईं।

    पूनावाला ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह अपने चुनाव नहीं जीत सकते तो रिया को कैसे जिताएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मूल वीडियो मुख्य रूप से पत्रकार अरफा खानम शेरवानी को लेकर थी और रिया का जिक्र उसमें केवल एक हिस्से के तौर पर आया था।

    उम्र को लेकर रिया की टिप्पणी पर पूनावाला ने कहा कि रिया 28 साल की हैं और वह 38 साल के हैं, इसलिए तकनीकी रूप से वह उनकी उम्र से दोगुने नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद स्कूल में ‘मैथ्स’ रिया का मजबूत विषय नहीं था।

    पूनावाला ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद रिया ने उन्हें ‘56 साल के राहुल गांधी’ समझ लिया है। इसके बाद उन्होंने रिया के पुराने इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन का भी जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा।

    ‘आपका IQ और ज्ञान राहुल गांधी जैसा है’- पूनावाला

    पूनावाला ने अपने जवाब में रिया के ‘आईक्यू और नॉलेज’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रिया उन्हें नहीं जानतीं तो यह ठीक है, लेकिन उनके मुताबिक रिया का आईक्यू और ज्ञान राहुल गांधी जैसा है। उन्होंने रिया के वंदे मातरम से जुड़े सवाल के दौरान दिए गए जवाब का भी जिक्र किया।

    इस तरह बिग बॉस 20 में एंट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर दोनों के बीच उम्र, राजनीति, प्रदर्शन और विचारधारा को लेकर तीखी बयानबाजी तक पहुंच गया है।

    कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए पूनावाला ने भाजपा भी छोड़ी

    शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे। हालांकि, अगस्त 2026 में उन्होंने भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पूनावाला ने अपने फैसले के पीछे आर्थिक और निजी परिस्थितियों को वजह बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने बुनियादी खर्चों के लिए पैसे की जरूरत है और अब वह निजी क्षेत्र में जाने की योजना बना रहे हैं।

    हालांकि इस बीच अटकलें लगाई जाने लगीं कि शहजाद पूनावाला फिर से कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। बाद में खुद शहजाद पूनावाला ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए इस तरह की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। भाजपा छोड़ने के बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात कही थी।

  • शहजाद पूनावाला BJP छोड़ कांग्रेस में जाने की अटकलों के बीच पवन खेड़ा संग वायरल तस्वीर पर खुद दी सफाई, बताया क्या है पूरा मामला

    शहजाद पूनावाला BJP छोड़ कांग्रेस में जाने की अटकलों के बीच पवन खेड़ा संग वायरल तस्वीर पर खुद दी सफाई, बताया क्या है पूरा मामला

    नई दिल्ली । शहजाद पूनावाला फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ सामने आई उनकी तस्वीरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यह अटकलें लगने लगीं कि क्या पूनावाला भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में वापसी करने वाले हैं। हालांकि, पूनावाला ने खुद इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को खारिज कर दिया है।

    वायरल तस्वीर में शहजाद पूनावाला और पवन खेड़ा साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं और दोनों एक-दूसरे से हाथ मिला रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद इसे लेकर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे। इन चर्चाओं के बीच पूनावाला ने सोशल मीडिया पर तस्वीर के पीछे की पूरी कहानी बताई और कहा कि इसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

    पूनावाला के मुताबिक, वह एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जो पायल मेहता के पिता की याद में आयोजित किया गया था। उनके अनुसार, कार्यक्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेता भी मौजूद थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कई नेताओं से हुई और पवन खेड़ा भी वहां पहुंचे।

    उन्होंने बताया कि वह अपने करीबी मित्र और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से बातचीत कर रहे थे। बातचीत के दौरान पत्रकार रिजिजू से उनकी स्विमिंग से जुड़ी तस्वीरों को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी बीच पवन खेड़ा का जिक्र हुआ और संयोग से खेड़ा वहां से गुजरते हुए सामने आ गए। पूनावाला ने उन्हें बातचीत में शामिल किया और राज्यसभा के लिए चुने जाने पर बधाई दी। इसी दौरान दोनों की तस्वीर सामने आई।

    पूनावाला ने कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कार्यक्रम में वह मौजूद थे, वह एक शोकसभा थी और ऐसी जगह पर राजनीतिक दल बदलने जैसी बातचीत करना उचित नहीं है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि पूनावाला पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में कांग्रेस से दूरी बनाई थी और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे। बीजेपी में रहते हुए वह पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे और कांग्रेस तथा उसके नेतृत्व पर लगातार मुखर होकर हमला करते रहे।

    कांग्रेस में वापसी के सवाल पर पूनावाला पहले भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अगस्त में एक बातचीत के दौरान उनसे कांग्रेस में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने शर्त रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि यदि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को हटा दिया जाए तथा नेहरू के कार्यों के लिए माफी मांगी जाए, तभी वह कांग्रेस में शामिल होंगे।

    ऐसे में पवन खेड़ा के साथ उनकी तस्वीर सामने आने के बाद शुरू हुई राजनीतिक अटकलों को पूनावाला की सफाई ने फिलहाल विराम दे दिया है। तस्वीर को लेकर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं की मुलाकात एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी और इसे राजनीतिक दल बदलने से जोड़ना सही नहीं है। फिलहाल उनके बयान से यह साफ है कि वायरल तस्वीर के आधार पर कांग्रेस में उनकी वापसी की चर्चा को उन्होंने सिरे से खारिज किया है।

  • शहजाद पूनावाला ने बीजेपी छोड़ने की बताई वजह, आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच लिया बड़ा फैसला

    शहजाद पूनावाला ने बीजेपी छोड़ने की बताई वजह, आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच लिया बड़ा फैसला

    नई दिल्ली । बीजेपी के चर्चित प्रवक्ताओं में शामिल रहे शहजाद पूनावाला ने पार्टी की जिम्मेदारी से अलग होने के बाद अपने फैसले की वजह स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे के पीछे केवल राजनीतिक कारण नहीं थे, बल्कि आर्थिक परिस्थितियों और परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंबे समय तक पार्टी के लिए पूर्णकालिक भूमिका निभाने के कारण उनके लिए आय का कोई दूसरा नियमित माध्यम बनाए रखना मुश्किल हो गया था। अब उन्होंने प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।

    शहजाद पूनावाला ने बताया कि राजनीति में सक्रिय रहते हुए घर चलाने से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही थीं। किराया, रोजमर्रा के खर्च और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए कठिन होता जा रहा था। पार्टी के काम को पूरा समय देने के कारण वह किसी अन्य नौकरी या पेशेवर गतिविधि में नियमित रूप से शामिल नहीं हो पा रहे थे। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में बचत के सहारे खर्च चलाया गया, लेकिन समय के साथ बचत भी समाप्त होने लगी।

    परिवार से जुड़ी परिस्थितियों ने भी उनके फैसले को प्रभावित किया। शहजाद पूनावाला के अनुसार, उनकी मां कुछ समय पहले एक दुर्घटना का शिकार हुई थीं। ऐसे समय में उनके साथ रहना और उनकी देखभाल करना उनके लिए प्राथमिकता बन गया। राजनीतिक गतिविधियों में लगातार व्यस्त रहने के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों को संतुलित करना मुश्किल हो रहा था। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने 30 जुलाई को अपना इस्तीफा दिया, जिसे बातचीत के बाद पार्टी ने स्वीकार कर लिया।

    पार्टी से अलग होने के बावजूद शहजाद पूनावाला ने स्पष्ट किया कि उनके वैचारिक रुख में बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक बने हुए हैं। उनके मुताबिक, पार्टी की जिम्मेदारी छोड़ना उनके राजनीतिक विचारों से दूरी बनाने का संकेत नहीं है। उन्होंने अपने फैसले को मुख्य रूप से व्यक्तिगत, आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़ा बताया है।

    अब शहजाद पूनावाला निजी क्षेत्र में नौकरी तलाशने की तैयारी कर रहे हैं। वह पहले भी कॉरपोरेट क्षेत्र में काम कर चुके हैं, इसलिए उनका मानना है कि पेशेवर जीवन में वापस लौटना उनके लिए नया अनुभव नहीं होगा। हालांकि उन्होंने अभी किसी विशेष कंपनी या पद को लेकर अंतिम निर्णय नहीं किया है। उनका अगला कदम प्राइवेट सेक्टर में रोजगार हासिल करने की दिशा में होगा।

    बीजेपी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद शहजाद ने मीडिया और सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की भी बात कही है। उनका कहना है कि पार्टी पद से जुड़े दायित्वों के कारण जिन सीमाओं और जिम्मेदारियों का पालन करना पड़ता था, अब उनमें बदलाव आएगा। वह सार्वजनिक मुद्दों और राजनीतिक विषयों पर अपनी राय पहले की तुलना में अधिक स्वतंत्रता के साथ रखने की कोशिश करेंगे।

    शहजाद पूनावाला ने बीजेपी को युवाओं से जुड़ने को लेकर भी सुझाव दिया है। उनके अनुसार, बदलते दौर में राजनीतिक दलों को युवाओं की भाषा, उनकी प्राथमिकताओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका को अधिक गंभीरता से समझना चाहिए। उनका मानना है कि सोशल मीडिया और नए डिजिटल माध्यमों के जरिए युवा वर्ग से संवाद मजबूत किया जा सकता है। बीजेपी से उनकी औपचारिक जिम्मेदारी समाप्त होने के बावजूद पार्टी के प्रति उनका समर्थन कायम रहने की बात उन्होंने दोहराई है। इस्तीफे के बाद उनका फोकस अब आर्थिक स्थिरता, परिवार की जिम्मेदारियों और पेशेवर जीवन में वापसी पर रहेगा।