Tag: Shiv Sena split

  • इंटिमेट सीन पर बड़ा दावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन को लेकर वायरल किस्सा

    इंटिमेट सीन पर बड़ा दावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन को लेकर वायरल किस्सा

    नई दिल्ली । हाल ही में एंटरटेनमेंट जगत से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर से चर्चा में आ गया है। यह मामला एक पॉडकास्ट बातचीत से सामने आया है जिसमें फेमस एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट सिमी चंदोक ने फिल्म शूटिंग के दौरान इंटिमेट सीन को लेकर कुछ कथित घटनाओं का जिक्र किया है। इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लोग इस पूरे मामले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    सिमी चंदोक ने बातचीत के दौरान कहा कि फिल्म सेट पर कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब इंटिमेट सीन की शूटिंग के दौरान अभिनेता और अभिनेत्री अपने किरदार में इतने ज्यादा डूब जाते हैं कि कट बोलने के बाद भी कुछ पल तक उसी भाव में बने रह जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक फिल्म के शूटिंग सेट पर सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस के बीच एक किसिंग सीन के दौरान ऐसा ही कुछ हुआ था। उनके अनुसार सीन खत्म होने के बाद और टेक बंद होने के बावजूद दोनों कलाकार कुछ देर तक उसी स्थिति में रहे।

    इस बातचीत में आगे सिमी ने एक और फिल्म का जिक्र किया और बताया कि एक एक्शन कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस के बीच भी एक इंटिमेट सीन फिल्माया गया था। उनके अनुसार उस समय भी सीन खत्म होने के बाद तुरंत अलग होने की स्थिति नहीं बनी और कुछ सेकंड तक दोनों कलाकार उसी इमोशनल फ्लो में रहे।

    हालांकि यह पूरा बयान एक जर्नलिस्ट के पॉडकास्ट इंटरव्यू पर आधारित है और इसमें किसी भी कलाकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे सीन शूट करना सामान्य माना जाता है लेकिन प्रोफेशनल सेट पर हर चीज स्क्रिप्ट और डायरेक्शन के अनुसार होती है और टेक खत्म होने के बाद सभी कलाकार अपने कैरेक्टर से बाहर आ जाते हैं।

    सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म एक जेंटलमैन साल दो हजार सत्रह में रिलीज हुई थी। यह एक एक्शन कॉमेडी फिल्म थी जिसे राज एंड डीके ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी और फ्लॉप रही थी। इसी तरह टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म ए फ्लाइंग जट्ट साल दो हजार सोलह में रिलीज हुई थी जिसे रेमो डिसूजा ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म भी दर्शकों के बीच ज्यादा सफल नहीं हो पाई थी।

    इन पुराने बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ शूटिंग का प्रोफेशनल हिस्सा बता रहे हैं जबकि कुछ इसे बेवजह बढ़ाया गया मुद्दा मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला केवल दावों और चर्चाओं तक ही सीमित है और किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि मौजूद नहीं है।

  • राजपत्र के बाद शिंदे गुट ने खेला नया कार्ड, नगरसेवक होटल से निकले, गुट गठन रद्द!

    राजपत्र के बाद शिंदे गुट ने खेला नया कार्ड, नगरसेवक होटल से निकले, गुट गठन रद्द!


    मुंबई। नगर विकास विभाग की राजपत्र अधिसूचना के बाद शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की राजनीतिक रणनीति में अचानक बदलाव देखने को मिला है। अधिसूचना जारी होते ही शिंदे गुट के नगरसेवकों की एंट्री और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया टल गई।
    सूत्रों के अनुसार, सोमवार को नवनिर्वाचित नगरसेवकों को कोंकण भवन जाकर अपने गुट के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन राजपत्र अधिसूचना के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इसके बाद शिंदे गुट ने फिलहाल इस प्रक्रिया से दूरी बनाना उचित समझा है।

    दस्तावेज पार्टी के पासक्या है संकेत?
    इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है कि शिंदे गुट ने अपने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवकों के मूल दस्तावेज अपने पास रख लिए हैं।

     शिंदे गुट किसी बड़े राजनीतिक मोड़ या नई चाल की तैयारी कर रहा है।

    ताज लैंड्स एंड होटल से चेकआउट
    इसी बीच, बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में ठहरे सभी शिवसेना नगरसेवकों को चेकआउट करने के निर्देश दिए गए। चौथे दिन आखिरकार सभी 29 नगरसेवकों को होटल से छुट्टी मिल गई। ये सभी पार्षद 17 जनवरी से होटल में ठहरे हुए थे, लेकिन अब अचानक उन्हें वापस बुला लिया गया। राजनीतिक गलियारों में इसे रणनीतिक वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

    बेलापुर में गुट गठन कार्यक्रम भी रद्द
    नवी मुंबई के बेलापुर में गुट गठन (ग्रुप फॉर्मेशन) के लिए जो कार्यक्रम तय था, वह भी फिलहाल रद्द कर दिया गया।

    इस फैसले से स्पष्ट है कि शिंदे गुट अंदरखाने अपनी रणनीति पर फिर से विचार-विमर्श कर रहा है और किसी भी घोषणा से पहले सभी विकल्पों को परख रहा है।

    अब सबकी नजरें दिल्ली बैठक पर
    अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली अहम बैठक पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद शिवसेना की आगे की राजनीतिक दिशा और रणनीति साफ हो सकती है। पार्टी फिलहाल चुप्पी साधे हुए है, लेकिन आने वाले घंटों में कोई बड़ा फैसला सामने आने की संभावना को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता।
    राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को बड़ी चाल माना जा रहा है। अब देखना होगा कि क्या शिंदे गुट किसी नए मोड़ पर जाएगा या यह सिर्फ रणनीतिक इंतजार हैयह सवाल अब दिल्ली बैठक के बाद ही साफ हो पाएगा।