Tag: Shiva worship

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

    नई दिल्ली। उज्जैन: प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित पवित्र महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने मंदिर में आयोजित आरती में भाग लिया और पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर में बिताए गए समय को उन्होंने बेहद दिव्य और ऊर्जावान अनुभव बताया और कहा कि यहां आकर उन्हें एक अलग ही शांति और शक्ति का एहसास हुआ, जो जीवन में एक विशेष प्रेरणा देता है।

    अनुपम खेर समय-समय पर अपनी धार्मिक यात्राओं को लेकर चर्चा में रहते हैं। वे देशभर के विभिन्न मंदिरों और पवित्र स्थलों पर जाकर आस्था व्यक्त करते हैं और अपने अनुभवों को फैंस के साथ साझा करते हैं। इसी क्रम में उनकी उज्जैन यात्रा भी बेहद खास रही, जहां उन्होंने महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर की भव्यता और वातावरण की आध्यात्मिक ऊर्जा को करीब से महसूस किया।

    अभिनेता ने अपनी इस यात्रा की झलक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की, जहां उन्होंने कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। इन दृश्यों में वे मंदिर परिसर में घूमते हुए और आरती में शामिल होते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय रहा और उन्होंने देशवासियों की शांति, सुख और समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और धार्मिक स्थलों की प्राचीनता और भव्यता विश्व में अद्वितीय है।

    वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने उत्साह के साथ ‘जय महाकाल’ का उद्घोष किया और बताया कि आरती के दौरान का अनुभव अत्यंत दिव्य था। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण मन और आत्मा दोनों को एक अलग ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि यहां भक्तों के लिए सुव्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था की गई है, जिससे सभी श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर सकें।

    अनुपम खेर ने यह भी बताया कि उन्होंने महाकाल के दर्शन के साथ-साथ सभी के कल्याण और देश की प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके अनुसार यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं थी, बल्कि आत्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने का एक माध्यम भी रही।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला’ के दूसरे भाग में नजर आएंगे, जिसमें वे एक बार फिर कमल किशोर खोसला के किरदार में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन दिबाकर बनर्जी कर रहे हैं और इसमें कई अनुभवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। इसके अलावा वे निर्देशक सूरज बड़जात्या के आगामी प्रोजेक्ट का भी हिस्सा हैं, जिससे उनके प्रशंसकों में उत्साह बना हुआ है।

    महाकालेश्वर मंदिर की यह यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि अनुपम खेर अपने व्यस्त फिल्मी करियर के बावजूद आध्यात्मिकता और आस्था से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनका यह अनुभव न केवल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश लेकर आया है।

  • महाशिवरात्रि 2026: महादेव क्यों पहनते हैं सांपों की माला? वासुकी नाग से जुड़ी कथा और ज्योतिषीय मान्यता

    महाशिवरात्रि 2026: महादेव क्यों पहनते हैं सांपों की माला? वासुकी नाग से जुड़ी कथा और ज्योतिषीय मान्यता


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना के लिए शुभ होता है और मान्यता है कि इस दिन शिव पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है तथा घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।भगवान शिव का स्वरूप रहस्यमयी और अलौकिक है। जहां अन्य देवता स्वर्ण आभूषण धारण करते हैं, वहीं महादेव भस्म, रुद्राक्ष और सांप को अपने आभूषण के रूप में अपनाते हैं। इसी कारण शिव को ‘नागेश्वर’ भी कहा जाता है।

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, नागराज वासुकी भगवान शिव के परम भक्त थे और हमेशा उनके समीप रहना चाहते थे। समुद्र मंथन के दौरान जब देवताओं और असुरों ने समुद्र से अमृत और कई रत्नों के साथ-साथ हलाहल विष निकाला, तो उसका प्रभाव पृथ्वी पर भारी पड़ने लगा। इस विष को खत्म करने के लिए भगवान शिव ने अपने कंठ में हलाहल विष पी लिया, जिससे उनका शरीर जलने लगा। इस संकट की घड़ी में वासुकी ने भी महादेव का साथ दिया और विष के प्रभाव को सहने में उनकी मदद की। वासुकी की भक्ति से प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें अपने गले में धारण करने का वरदान दिया और तभी से वासुकी अमर हो गए। यही कारण है कि भगवान शिव अपने गले में सांपों की माला धारण करते हैं।

    शिव और नाग के इस संबंध का उल्लेख शिव पुराण और स्कंद पुराण में मिलता है। इन ग्रंथों में शिव-नाग की कथा का विस्तार से वर्णन है और इसे भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शिव के साथ नाग की पूजा करने से कालसर्प दोष और पितृ दोष से राहत मिलती है। खासकर महाशिवरात्रि या सोमवार के दिन चांदी के नाग-नागिन की जोड़ी अर्पित करने से राहु-केतु शांत होते हैं और जीवन में बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

    महाशिवरात्रि के दिन भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, और बेलपत्र अर्पित करते हैं। वहीं नाग-नागिन की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इससे जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सुरक्षा बनी रहती है। इस महापर्व के दिन भक्त विशेष व्रत रखते हैं और रात भर जागरण करके शिव की भक्ति में लीन रहते हैं। महाशिवरात्रि के दौरान शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शिव-प्रसाद का आयोजन होता है, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

  • हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम

    हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम


    उज्जैन । आज सुबह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन कर एक विशेष अभियान की शुरुआत की। यह अभियान विशेष रूप से सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में भगवान शिव की उपासना के माध्यम से समाज में शांति समृद्धि और सौहार्द बनाए रखना है। इस अभियान को प्रधानमंत्री की ओर से पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक शांति की भावना के तहत शुरू किया गया है।

    महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद खंडेलवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के खिलाफ पूरे देश में एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए और उनके आशीर्वाद से देश में शांति और समृद्धि की स्थापना हो सकती है। खंडेलवाल ने इस अभियान के तहत महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों जिला अध्यक्ष और अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ पूजा अर्चना की और जयकारा लगाया।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपील की कि देशभर के लोग शिव मंदिरों में जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और देश के हर कोने में शांति समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की स्थापना के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें और हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें।खंडेलवाल ने इस अभियान की शुरुआत महाकाल मंदिर से करने का कारण बताते हुए कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह जगह पूरी दुनिया में श्रद्धा का केंद्र है।

    प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस अभियान के जरिए पार्टी का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद देशभर में इस अभियान को लेकर आक्रोश है और इससे जुड़े लोग इसे एकता की शक्ति के रूप में देख रहे हैं।महाकाल मंदिर से अभियान की शुरुआत के साथ ही बीजेपी ने यह संदेश दिया कि हम सभी को देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह कदम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी यह एक प्रेरणास्त्रोत साबित हो सकता है।

  • मौनी अमावस्या 2026 18 जनवरी को चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत महादेव होंगे मेहरबान

    मौनी अमावस्या 2026 18 जनवरी को चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत महादेव होंगे मेहरबान


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में माघ मास की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। यह दिन विशेष रूप से तप ध्यान और आत्म-चिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष मौनी अमावस्या 18 जनवरी रविवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगी। खासकर कर्क मकर और कुंभ राशियों के जातकों के लिए यह दिन एक वरदान साबित हो सकता है क्योंकि इस दिन भगवान शिव की विशेष कृपा उन पर बरसने वाली है।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के जातकों के लिए मौनी अमावस्या का दिन बेहद शुभ और लाभकारी रहेगा। भगवान शिव की कृपा से आपके रुके हुए मांगलिक कार्य संपन्न होंगे और जो कार्य पहले कठिन लग रहे थे वे अब सुगमता से पूरे होंगे। इस दिन के दौरान खासकर बिजनेस और वित्तीय मामलों में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    लाभ

    व्यापार में लाभ के प्रबल योग हैं। निवेश के लिए यह समय उत्तम रहेगा और आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता और समृद्धि की संभावनाएं बन रही हैं।

    उपाय

    मानसिक शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। यह उपाय आपके जीवन में शांति और समृद्धि लाएगा।

    मकर राशि

    मकर राशि के स्वामी शनिदेव हैं और इनके आराध्य भगवान शिव हैं। मौनी अमावस्या पर यह दिन मकर राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ होगा। इस दिन आपको बड़ी उपलब्धियों की प्राप्ति हो सकती है जिनकी आप लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। इसके अलावा पार्टनर का सहयोग और समर्थन भी प्राप्त होगा जिससे आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक कार्यों में गति आएगी।

    लाभ

    लंबे समय से अटके हुए काम अब गति पकड़ेंगे। मानसिक तनाव में कमी आएगी जिससे जीवन में शांति और संतुलन स्थापित होगा। पार्टनर और सहयोगियों से पूरी मदद मिलेगी।

    उपाय

    इस दिन काले तिल का दान करना आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। इससे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होगा और कार्यों में सफलता मिलेगी।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह मौनी अमावस्या बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। ग्रहों की स्थिति कुंभ राशि के लिए शुभ संकेत दे रही है। इस दिन महादेव की विशेष कृपा से आपके जीवन में आने वाली चुनौतियों से मुक्ति मिल सकती है और जो भी कष्ट चल रहे थे वे दूर हो सकते हैं। आप मानसिक शांति और संतुलन महसूस करेंगे जो आपके व्यक्तिगत जीवन में सुधार लाएगा।

    लाभ

    किसी भी पुराने या लंबित कार्य में सफलता मिलने की संभावना है। इस दिन आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी और घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा कोई नई शुरुआत करने के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल रहेगा।

    उपाय

    इस दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने और धूप-दीप से पूजा करने से विशेष लाभ मिलेगा। इससे आपके कार्यों में आ रही अड़चनें दूर होंगी और आपकी जिंदगी में सुख-समृद्धि आएगी। 18 जनवरी 2026 को होने वाली मौनी अमावस्या आपके जीवन में नए बदलाव ला सकती है खासकर कर्क मकर और कुंभ राशियों के जातकों के लिए। इस दिन भगवान शिव की कृपा से आपकी मेहनत का फल मिलेगा रुके हुए कार्य पूरे होंगे और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इन तिथियों पर शिव पूजा और दान का महत्व अधिक बढ़ जाता है और ये उपाय आपके जीवन में शांति समृद्धि और सफलता लाने में सहायक होंगे।