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  • जंग के बीच भारत पहुंचा पहला LPG जहाज: शिवालिक में 32.4 लाख सिलेंडर के बराबर गैस, नंदा देवी और जग लाडकी कल मुंद्रा पोर्ट पर

    जंग के बीच भारत पहुंचा पहला LPG जहाज: शिवालिक में 32.4 लाख सिलेंडर के बराबर गैस, नंदा देवी और जग लाडकी कल मुंद्रा पोर्ट पर


    नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत को राहत देने वाला पहला LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सोमवार शाम पहुंच गया। यह मात्रा लगभग 32.4 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर है। जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि कल नंदा देवी नामक जहाज भी लगभग 46 हजार टन LPG लेकर और जग लाडकी जहाज 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचेंगे।

    भारत सरकार ने फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि की। वर्तमान में 22 भारतीय झंडा वाले जहाज वहां सक्रिय हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर शिवालिक जहाज के लिए सभी दस्तावेजी और बर्थिंग व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान से जमीन मार्ग के जरिए 90 भारतीय नागरिक सुरक्षित अजरबैजान पहुंचे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों को वीजा और इमिग्रेशन सहायता प्रदान की।

    वहीं, मिडिल-ईस्ट में सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन, जर्मनी और ग्रीस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान में भाग नहीं लेंगे। इजराइल ने ईरान के तेहरान में एयरस्ट्राइक कर एक विमान नष्ट करने का दावा किया है, जिसका इस्तेमाल ईरानी नेतृत्व और सीनियर अधिकारियों द्वारा किया जाता था।

    यह भारत के लिए जंग के बीच ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में पहला बड़ा कदम है, जिससे घरेलू LPG और कच्चा तेल की निरंतर आपूर्ति बनी रहेगी।

  • होर्मुज के खतरे के बीच सुरक्षित निकला भारत का LPG जहाज ‘शिवालिक’, ट्रम्प का दावा,ईरान के खार्ग आइलैंड पर सैन्य ठिकाने तबाह

    होर्मुज के खतरे के बीच सुरक्षित निकला भारत का LPG जहाज ‘शिवालिक’, ट्रम्प का दावा,ईरान के खार्ग आइलैंड पर सैन्य ठिकाने तबाह


    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का आज 15वां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का एलपीजी टैंकर जहाज शिवालिक सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है। जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार यह जहाज 7 मार्च को कतर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था और शुक्रवार रात खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया। इस जहाज की क्षमता करीब 55 हजार टन एलपीजी ढोने की है, इसलिए इसके सुरक्षित निकलने को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दूसरी ओर युद्ध के मोर्चे पर अमेरिका की ओर से बड़ा दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के सबसे अहम तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर मौजूद सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के तेल ढांचे को भी निशाना बना सकता है। खार्ग आइलैंड ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है क्योंकि देश के करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है।

    इस बीच ईरान की राजनीति को लेकर भी चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और फिलहाल कोमा में हैं। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा और उनके लिवर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के जिस हिस्से में उन्हें रखा गया है, वहां भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

    वहीं ईरान ने भारत को लेकर एक नरम रुख भी दिखाया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। इन टैंकरों के जल्द भारत की ओर रवाना होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो भारत में रसोई गैस की सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके अलावा सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आने वाला एक टैंकर भी मार्च की शुरुआत में होर्मुज पार कर चुका है और शनिवार तक भारत पहुंच सकता है।

    हालांकि अमेरिका और इजराइल की लगातार दो हफ्तों से चल रही एयरस्ट्राइक के बावजूद ईरान की सरकार फिलहाल मजबूत नजर आ रही है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा हालात में ईरान की सत्ता के गिरने की संभावना बेहद कम है और सरकार अभी भी देश की जनता पर नियंत्रण बनाए हुए है।

    युद्ध के कारण दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हो गई है। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक इस महीने अब तक केवल 77 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं। गौरतलब है कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है, इसलिए यहां पैदा हुआ संकट पूरी दुनिया की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।