Tag: Shivpuri Police

  • डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान

    डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान


    शिवपुरी। शिवपुरी में डोल ग्यारस और आगामी गणेश विसर्जन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है। सोमवार शाम पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त पर निकलीं। इस दौरान उन्होंने अलग अलग स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति को देखा तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

    एसपी ने हॉस्पिटल चौराहा कोर्ट रोड सब्जी मंडी माधव चौक गुरुद्वारा चौराहा राजेश्वरी रोड और पोलो ग्राउंड क्षेत्र का भ्रमण किया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजारों में लोगों की आवाजाही और वाहनों की स्थिति का जायजा लिया। माधव चौक पर दुकानों के सामने बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों को देखकर एसपी ने यातायात प्रभारी रणवीर यादव को पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित रखा जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

    पैदल भ्रमण के दौरान एसपी ने दुकानदारों और आम लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भीड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त करने के साथ वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बाजारों और अन्य संवेदनशील तथा भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को भी कहा गया है। त्योहारों के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    शिवपुरी में गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े स्तर पर होता है। गणेश प्रतिमाओं और झांकियों के साथ डीजे और बैंड के जरिए जुलूस अलग अलग मार्गों से निकलते हैं। कस्टम गेट पर आयोजकों की ओर से बड़ा मंच भी लगाया जाता है जहां विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। कार्यक्रम देर रात तक चलने के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में पुलिस के सामने भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने डोल ग्यारस और गणेश विसर्जन के तय रूट तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त बल तैनात करने की तैयारी की है। पुलिस की ओर से जुलूस के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस की नजर रहेगी।

    एसपी ने लोगों से अपील की है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थानों पर ही करें। उन्होंने लोगों से विसर्जन के दौरान पानी में उतरने से बचने की अपील भी की है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों से सहयोग की अपील की है।

    इस दौरान सीएसपी सचिन कुमार धुर्वे यातायात थाना प्रभारी रक्षित निरीक्षक रणवीर यादव कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे रक्षित निरीक्षक गायत्री इटोरिया और सूबेदार प्रियंका घोष सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

  • शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत

    शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध को लेकर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया जब अमोला थाना क्षेत्र के अमोल गांव में महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी विभाग की टीम के बीच विवाद हो गया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर पहुंची महिलाओं ने कथित तौर पर लाठियां उठा लीं और पुलिस तथा आबकारी कर्मचारियों की ओर बढ़ गईं। स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार को पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पहले से ही शराब दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं वहां पहुंचीं और दुकान बंद कराने की मांग करने लगीं। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने लाठियां हाथ में ले लीं और टीम की ओर बढ़ने लगीं। हालात को देखते हुए पुलिस और आबकारी कर्मचारियों ने पीछे हटना उचित समझा। दोपहर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस मौके पर मौजूद रही।

    शिवपुरी जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध पिछले करीब एक महीने से अलग अलग इलाकों में जारी है। महिलाओं की ओर से अवैध और कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। पिछोर और खनियाधाना क्षेत्र में भी महिलाओं ने शराब के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर महिलाओं ने शराब बेचने वालों के ठिकानों से कच्ची और अवैध शराब बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दी थी। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चक्काजाम की स्थिति भी बनी।

    अमोला क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से सरकारी शराब दुकानों को लेकर लगातार विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। 8 सितंबर को नया अमोला नंबर दो में महिलाओं ने शराब दुकान में पहुंचकर शराब की पेटियां बाहर निकाल दी थीं और उनमें आग लगा दी थी। इसके बाद 9 सितंबर को भी महिलाएं दुकान हटाने की मांग को लेकर देर शाम तक मौके पर डटी रहीं। आबकारी विभाग की ओर से पांच दिन में दुकान हटाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ था।

    इसी दौरान देर रात थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां दुकान के भीतर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालने की बात सामने आई। इसके अगले दिन अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी टीम के बीच विवाद हो गया। लगातार तीन दिनों से सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

    लगातार हो रहे विरोध के बीच शराब ठेकेदारों ने भी जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि नया अमोला थरखेड़ा अमोल मायापुर और खोड़ की सरकारी शराब दुकानों में पिछले तीन दिनों के दौरान तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि दुकानों की सुरक्षा नहीं हो पाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने इन परिस्थितियों के बीच शराब दुकानों के लाइसेंस सरेंडर करने की बात कही है।

    अब प्रशासन के सामने एक ओर महिलाओं की शराब विरोधी मांग और दूसरी ओर शराब ठेकेदारों की सुरक्षा तथा कारोबार से जुड़ी शिकायतें हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और विरोध कर रही महिलाओं की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • कृषि प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के कमरे से स्मैक बरामद पुलिस ने 14 पुड़िया जब्त कीं NDPS एक्ट में केस दर्ज

    कृषि प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के कमरे से स्मैक बरामद पुलिस ने 14 पुड़िया जब्त कीं NDPS एक्ट में केस दर्ज


    शिवपुरी । शिवपुरी में कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ प्राचार्य की टेबल से कथित तौर पर स्मैक की 14 पुड़िया बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से कुल 1.66 ग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया है। मामले में कृषि प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया उम्र 59 वर्ष के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान प्राचार्य का मोबाइल फोन और कार्यालय में लगे सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर भी जब्त की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार को कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे शहर में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में एक कर्मचारी के पास स्मैक की पुड़िया मौजूद हैं और उन्हें छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ तत्काल कृषि प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे।

    पुलिस जब केंद्र पहुंची तो प्राचार्य कक्ष में लक्ष्मीनारायण चौरसिया मौजूद मिले। वहां मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्राचार्य की टेबल की दराज में नशीले पदार्थ की पुड़िया रखी हुई हैं। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में टेबल की दराज की जांच की गई। दराज में सफेद पॉलिथीन के अंदर कागज में लिपटी हुई कई पुड़िया मिलीं। बताया गया कि कर्मचारियों ने इन पुड़ियों को दराज से निकालकर टेबल पर रख दिया था।

    पुलिस ने मौके पर पुड़ियों की गिनती की तो कुल 14 पुड़िया मिलीं। इसके बाद पुलिस ने तौल कांटा और जांच किट मंगवाई। पुड़ियों को खोलकर जांच की गई तो उनमें भूरे रंग का पाउडर मिला जिसे पुलिस ने स्मैक बताया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौल करने पर नशीले पदार्थ का कुल वजन 1.66 ग्राम पाया गया। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई ताकि जब्ती की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखा जा सके।

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान प्राचार्य ने पंचनामा और जब्ती पत्र सहित नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके हस्ताक्षर नहीं करने की बात का अलग से पंचनामा तैयार किया। मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने प्राचार्य के मोबाइल फोन के साथ कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी जब्त की है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ वहां कैसे पहुंचा और इससे जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से मिलने वाली जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • दूसरे के दस्तावेज पर सिम एक्टिवेट कर थमा दी किसी और को: शिवपुरी में ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    दूसरे के दस्तावेज पर सिम एक्टिवेट कर थमा दी किसी और को: शिवपुरी में ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई


    शिवपुरी । मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल हो रही फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत भौंती और मायापुर थाना पुलिस ने जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ अलग अलग मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सिम कार्ड की जांच के दौरान की गई। जांच में कुछ ऐसे मोबाइल नंबर सामने आए जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया गया था। पुलिस ने सिम धारकों के साथ सिम जारी करने की प्रक्रिया में लापरवाही या गड़बड़ी करने वालों को भी जांच के दायरे में लिया है।

    भौंती थाना पुलिस के सामने साइबर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ठगी की शिकायत पहुंची थी। राजस्थान के डीडवाना कुचामन सिटी निवासी किशनलाल ने शिकायत में बताया कि उन्हें दो मोबाइल नंबरों से फोन आया था। कॉल करने वाले लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और एफआईआर दर्ज होने का डर दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने कार्रवाई का डर दिखाते हुए किशनलाल से 12520 रुपए फीनो पेमेंट्स बैंक के खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि 7067915249 और 6267266154 नंबर ग्राम महोबा डामरौन निवासी राहुल जाटव और भानुप्रताप जाटव के नाम पर दर्ज थे। इसके बाद भौंती पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के साथ 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबरों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इनके जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क से कौन कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    इसी अभियान के तहत मायापुर पुलिस ने सिम जारी करने वाले एजेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पुलिस को मिली एक एक्सेल शीट की जांच के दौरान POS कोड 8085309715 से जारी एक सिम साइबर फ्रॉड से जुड़ी मिली। जांच में सिम नंबर 7898219481 रेखा पत्नी हल्के आदिवासी निवासी ग्राम पड़ोरा के नाम पर दर्ज पाया गया। पुलिस ने जब रेखा से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सिम कभी खरीदी ही नहीं थी। परिवार के किसी सदस्य द्वारा भी इस सिम का इस्तेमाल किए जाने से उन्होंने इनकार किया।

    इसके बाद पुलिस ने सिम जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि मायापुर स्थित एयरटेल स्टोर के एजेंट पवन कुमार लोधी ने ग्राहक के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम से सिम एक्टिवेट की और उसे किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया। बाद में इसी सिम का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया। पुलिस की जांच में इस नंबर से कुल 13040 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है।

    मायापुर पुलिस ने पवन कुमार लोधी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के साथ 66(C) आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(E) और 42(6) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की विवेचना कर रही है। इस कार्रवाई से साफ है कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस केवल ठगी करने वालों पर ही नहीं बल्कि संदिग्ध सिम उपलब्ध कराने वाले लोगों पर भी नजर रख रही है। ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत फर्जी सिम के नेटवर्क पर की जा रही यह कार्रवाई साइबर ठगी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

  • घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला

    घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती ने अपने पड़ोसी युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि युवक उसके घर में जबरदस्ती घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी और इसी के सहारे उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। युवती ने 16 अगस्त की रात पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता के आरोपों के मुताबिक आरोपी युवक उसके पड़ोस में रहता है। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। युवती का आरोप है कि आरोपी की धमकियों के कारण वह लंबे समय तक परेशान रही और उसका शारीरिक शोषण जारी रहा। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की है।

    मामले में आरोपी युवक पर पीड़िता के भाई के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि बीते शाम आरोपी धर्मेंद्र पर पीड़िता के भाई के साथ विवाद और मारपीट करने का आरोप लगा। इसके बाद पीड़िता के भाई ने भी पुलिस को अपनी शिकायत दी। इस तरह मामले में युवती के आरोपों के साथ उसके भाई की शिकायत भी पुलिस जांच का हिस्सा बन गई है।

    पुलिस ने युवती और उसके भाई की शिकायत के आधार पर धर्मेंद्र शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने के साथ घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल करेगी।

    पुलिस का कहना है कि मामले में पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जाती है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती की शिकायत में घर में घुसकर दुष्कर्म करने और बाद में धमकी देकर शारीरिक शोषण जारी रखने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं उसके भाई की शिकायत में मारपीट का आरोप सामने आया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई

    पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई


    ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट ने शिवपुरी के एक एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल प्रभाव से देहात थाना प्रभारी समेत पांच अधिकारियों को लाइन अटैच कर दिया। यह मामला 1209 किलो पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है जिसमें थाने से 62 सैंपल बैग गायब होने की गंभीर जानकारी सामने आई।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने जैसी प्रतीत हो रही है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि कई मामलों में पुलिस केवल ड्राइवर या कैरियर तक कार्रवाई सीमित कर देती है, जबकि तस्करी के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जाता। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर जांचीय कमी मानते हुए कड़ा रुख अपनाया।

    यह मामला इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही 1209 किलो पोस्त भूसी की जब्ती से संबंधित है। अदालत ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की समुचित जांच हुई और न ही प्राप्तकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट की गई। सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि जब्त मादक पदार्थ से जुड़े 62 सैंपल बैग थाने से गायब पाए गए। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण का हवाला दिया, जबकि सैंपल बैग उपलब्ध नहीं थे और ट्रायल कोर्ट में जब्त सामग्री प्रस्तुत भी नहीं की गई।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की जाए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें किसी थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को यह निर्देश भी दिए गए कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में ‘एपेक्स परपेरेटर्स’ की पहचान और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    एसपी राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव और हरिशंकर शर्मा को लाइन अटैच किया है। इसके अतिरिक्त बालाघाट में पदस्थ उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा पर भी समान कार्रवाई की गई है। दो संबंधित अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

    इस मामले में विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15सी के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में सजा स्थगन संबंधी अर्जी वापस ले ली गई।

    ग्वालियर हाईकोर्ट की यह कार्रवाई न केवल शिवपुरी पुलिस के लिए चेतावनी है बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में जांच की गंभीरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकती है। न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि जांच अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम नहीं कर सकते, बल्कि तस्करी के असली सरगनाओं तक पहुंचने का प्रयास करना अनिवार्य है।