Tag: Shivpuri Police

  • घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला

    घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती ने अपने पड़ोसी युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि युवक उसके घर में जबरदस्ती घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी और इसी के सहारे उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। युवती ने 16 अगस्त की रात पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता के आरोपों के मुताबिक आरोपी युवक उसके पड़ोस में रहता है। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। युवती का आरोप है कि आरोपी की धमकियों के कारण वह लंबे समय तक परेशान रही और उसका शारीरिक शोषण जारी रहा। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की है।

    मामले में आरोपी युवक पर पीड़िता के भाई के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि बीते शाम आरोपी धर्मेंद्र पर पीड़िता के भाई के साथ विवाद और मारपीट करने का आरोप लगा। इसके बाद पीड़िता के भाई ने भी पुलिस को अपनी शिकायत दी। इस तरह मामले में युवती के आरोपों के साथ उसके भाई की शिकायत भी पुलिस जांच का हिस्सा बन गई है।

    पुलिस ने युवती और उसके भाई की शिकायत के आधार पर धर्मेंद्र शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने के साथ घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल करेगी।

    पुलिस का कहना है कि मामले में पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जाती है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती की शिकायत में घर में घुसकर दुष्कर्म करने और बाद में धमकी देकर शारीरिक शोषण जारी रखने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं उसके भाई की शिकायत में मारपीट का आरोप सामने आया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई

    पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई


    ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट ने शिवपुरी के एक एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल प्रभाव से देहात थाना प्रभारी समेत पांच अधिकारियों को लाइन अटैच कर दिया। यह मामला 1209 किलो पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है जिसमें थाने से 62 सैंपल बैग गायब होने की गंभीर जानकारी सामने आई।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने जैसी प्रतीत हो रही है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि कई मामलों में पुलिस केवल ड्राइवर या कैरियर तक कार्रवाई सीमित कर देती है, जबकि तस्करी के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जाता। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर जांचीय कमी मानते हुए कड़ा रुख अपनाया।

    यह मामला इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही 1209 किलो पोस्त भूसी की जब्ती से संबंधित है। अदालत ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की समुचित जांच हुई और न ही प्राप्तकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट की गई। सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि जब्त मादक पदार्थ से जुड़े 62 सैंपल बैग थाने से गायब पाए गए। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण का हवाला दिया, जबकि सैंपल बैग उपलब्ध नहीं थे और ट्रायल कोर्ट में जब्त सामग्री प्रस्तुत भी नहीं की गई।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की जाए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें किसी थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को यह निर्देश भी दिए गए कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में ‘एपेक्स परपेरेटर्स’ की पहचान और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    एसपी राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव और हरिशंकर शर्मा को लाइन अटैच किया है। इसके अतिरिक्त बालाघाट में पदस्थ उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा पर भी समान कार्रवाई की गई है। दो संबंधित अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

    इस मामले में विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15सी के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में सजा स्थगन संबंधी अर्जी वापस ले ली गई।

    ग्वालियर हाईकोर्ट की यह कार्रवाई न केवल शिवपुरी पुलिस के लिए चेतावनी है बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में जांच की गंभीरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकती है। न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि जांच अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम नहीं कर सकते, बल्कि तस्करी के असली सरगनाओं तक पहुंचने का प्रयास करना अनिवार्य है।