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  • MP: विस्थापित आदिवासी परिवारों को 15 लाख की मदद देंगे शिवराज….5 एकड़ जमीन देने का भी किया ऐलान

    MP: विस्थापित आदिवासी परिवारों को 15 लाख की मदद देंगे शिवराज….5 एकड़ जमीन देने का भी किया ऐलान


    रायसेन।
    बीते दिनों मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीलगढ़ में कई आदिवासी परिवारों (Tribal Families) को विस्थापित कर दिया गया था, जिसपर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने नाराजगी जताई थी। इस मामले को लेकर अब शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा ऐलान किया है। चौहान विस्थापित हुए सभी परिवारों के लिए 15 लाख रुपए राहत कोष से देने का ऐलान किया है। शिवराज सिंह ने 15 लाख रुपए के साथ आदिवासी परिवारों को 5 एकड़ खेती की जमीन भी देने का ऐलान किया है।


    क्या बोले शिवराज सिंह चौहान

    नीलगढ़ के विस्थापित आदिवासी परिवारों के लिए ऐलान करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये आदिवासी परिवार नीलगढ़ में सालों से रहते आ रहे हैं और जंगल बचाने के लिए अपनी जमीन, अपनी घर और अपना गांव छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं, इसके लिए मैं उनके लिए सम्मान प्रकट करना चाहता हूं। उन्होंने कहा आदिवासी परिवारों का ये त्याग जंगल को बचाने के लिए है।

    इस मामले पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब वो मुख्यमंत्री थे, तभी उनके लिए राहत पैकेज का ऐलान किया गया था। चौहान ने कहा कि अब इन परिवारों को नया नीलगढ़ में विस्थापित किया जा रहा है, जहां उन्हें 15 लाख रुपए और खेती करने के लिए हाईवे से लगी हुई 5 एकड़ जमीन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ये सभी ऐलान विस्थापित परिवारों की राहत के लिए किए जा रहे हैं।


    विस्थापित परिवारों ने दिया न्योता

    विस्थापित परिवारों के लिए ऐलान करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इन आदिवासी परिवार के लोगों ने उन्हें नया नीलगढ़ में विस्थापित होने से पहले उन्हें और स्थानीय विधायक को अपने प्रोग्राम में आमंत्रित किया था। उन्होंने बताया कि आदिवासी परिवार ये प्रोग्राम सालों से करते आ रहे हैं।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन परिवारों के बीच प्रोग्राम में जाना बहुत ही भावुक पल होगा। उन्होंने कहा कि जंगल बचाने के लिए गांव के लोग अपना घर, अपना गांव सब छोड़कर दूसरी जगह जा रहे होंगे। ऐसे में उनके साथ रहना एक भावुक पल होगा। चौहान ने कहा कि वो इन परिवारों के साथ बैठेंगे और उनकी विस्थापन के लिए हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं।

  • बुधनी में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के शिवराज सिंह चौहान, अफसरों पर बरसे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से की बात

    बुधनी में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के शिवराज सिंह चौहान, अफसरों पर बरसे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से की बात

    मध्य प्रदेश। के बुधनी क्षेत्र के कुसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी नाराजगी जताई है। गांव पहुंचकर उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। वहां घरों के टूटने और फसलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति देखकर शिवराज अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। इस घटना के बाद प्रदेश में प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में अन्याय और जुल्म की हद पार कर दी गई है। उन्होंने गांव की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जिन घरों में सुबह तक परिवार रह रहे थे और बच्चों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहां अब बच्चों की चीखें गूंज रही हैं। उनके मुताबिक, घरों को गिरा दिया गया और फसलें भी दब गईं। उन्होंने प्रभावित महिलाओं के रोने और परिवारों की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को संवेदनहीन बताया।

    गुस्से में शिवराज ने संबंधित अधिकारियों के लिए बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘नरपिशाच’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रखेंगे। शिवराज की मांग है कि जिन अधिकारियों ने यह कार्रवाई की, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। उन्होंने इस मामले को केवल प्रशासनिक कार्रवाई का विषय नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के साथ हुए व्यवहार से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

    घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों नेताओं को घटनाक्रम की जानकारी दी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बातचीत के बाद सरकार या प्रशासन की ओर से लिए गए किसी अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है। फिलहाल शिवराज की नाराजगी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग इस मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं।

    इस घटनाक्रम ने शिवराज सिंह चौहान की वर्तमान राजनीतिक भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। वर्ष 2023 से पहले तक वह मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में सक्रिय थे। उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व की पहचान आम लोगों से जुड़ाव, ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले नेता के रूप में रही। कभी उन्हें ‘पांव-पांव वाले भैया’ के नाम से जाना गया, तो कभी लाड़ली बहनों के भाई के रूप में उनकी छवि सामने आई। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने आम लोगों के बीच अपनी सहज उपस्थिति बनाए रखने की कोशिश की थी।

    अब बुधनी और विदिशा से जुड़े सांसद के रूप में उनकी भूमिका के बीच कुसमी की घटना पर उनकी तीखी प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी है। सवाल यह उठ रहा है कि उनकी नाराजगी केवल अधिकारियों की कार्यशैली तक सीमित है या इसके राजनीतिक मायने भी हैं। कांग्रेस इस घटनाक्रम को शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच संभावित मतभेदों से जोड़कर देख रही है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किसी टकराव की पुष्टि करने वाली जानकारी सामने नहीं आई है।

    बुधनी शिवराज सिंह चौहान का लंबे समय तक राजनीतिक आधार रहा है, जहां से वह लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। ऐसे में इसी क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घरों पर हुई कार्रवाई के बाद उनका खुद गांव पहुंचना और अधिकारियों के खिलाफ खुलकर बोलना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

  • MP: गरीबों के घर तोड़ने पर भड़के शिवराज…. मुख्य सचिव को लगाया फोन, बोले- जुल्म की हो गई इंतहा

    MP: गरीबों के घर तोड़ने पर भड़के शिवराज…. मुख्य सचिव को लगाया फोन, बोले- जुल्म की हो गई इंतहा


    सीहोर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की हाई-प्रोफाइल बुधनी विधानसभा (Budhni Assembly ) इलाके के कोसमी गांव (Kosmi Village) में गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले ने बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) रविवार को खुद मौके पर पहुंचे. वहां उजाड़े गए गरीब परिवारों की आपबीती सुनकर और तबाही का मंजर देखकर शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा फूट पड़ा।

    केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए साफ कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने, उनकी फसलें चौपट करने और पीने के पानी के कुएं को मिट्टी से भरने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


    मुख्य सचिव और प्रदेशाध्यक्ष को लगाया फोन

    घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान वन विभाग और जिला प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने गहरा आक्रोश जताया. उन्होंने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर पूरी स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने साफ किया कि वह इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से व्यक्तिगत रूप से बात कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

    प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर हुई तबाही का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”गरीबों के आशियाने उजाड़ने के साथ-साथ उनके खेतों में खड़ी मक्के और तुअर की फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. हद तो यह हो गई कि उनके सिंचाई और पीने के पानी के एकमात्र साधन कुएं को भी मिट्टी से भर दिया गया. यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय कृत्य है.”

    केंद्रीय मंत्री शिवराज ने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए ऐलान किया कि जिन गरीब परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें नया पक्का घर बनाकर दिया जाएगा. जब तक उनके रहने की स्थाई व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने का अस्थायी इंतजाम तुरंत किया जाएगा।


    ‘यह पार्टी को बदनाम करने की साजिश’

    पीड़ितों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”ये जो अन्याय हुआ है, उसकी पूरी जानकारी मुझे मुख्यमंत्री महोदय को देनी है. सिसकती हुई इनकी सिसकियां, इनकी आंखों के आंसू, इनके कुचले हुए खेत और इनका चौपट किया हुआ भविष्य… यह सब मैं माननीय मुख्यमंत्री जी को बताऊंगा. मुझे तो यह मुख्यमंत्री जी को भी बदनाम करने की साजिश लगती है।

    अच्छा, ये वो लोग हैं जो हमेशा बीजेपी को ही वोट देते हैं. इन्होंने लोकसभा में भी वोट दिए और विधानसभा में भी दिए. यह तो पार्टी को बदनाम करने की कुछ अधिकारियों की साजिश है. इन्हीं के वोट से हम लोग जीतते हैं और इन्हीं के वोट से मोहन जी मुख्यमंत्री बने. यह सचमुच में मेरे लिए बहुत दुखद है. मैंने पहले भी निवेदन किया था कि वर्षों से इनका जमीन पर कब्जा है, इसलिए इन्हें तंग न किया जाए.”

  • बिहार में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, सम्राट चौधरी के साथ बोट से प्रभावित गांवों और खेतों का किया दौरा

    बिहार में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, सम्राट चौधरी के साथ बोट से प्रभावित गांवों और खेतों का किया दौरा

    नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बिहार के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने बोट से हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ के पानी में डूबे खेतों और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को करीब से देखा।

    बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने लोगों से बाढ़ के कारण हुए नुकसान के बारे में पूछा। ग्रामीणों से फसलों, मकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी ली गई। इस दौरान प्रभावित लोगों ने बाढ़ के कारण सामने आ रही परेशानियों के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को बताया।

    शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोट के जरिए उन इलाकों का निरीक्षण किया, जहां बाढ़ का पानी फैला हुआ है। तेरसिया और सरायपुर गांवों के साथ आसपास के खेतों में पानी भरने की स्थिति को भी देखा गया। दौरे का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों की मौजूदा स्थिति और उन्हें हो रही परेशानियों की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से लेना था।

    मौके पर मौजूद अधिकारियों से भी बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की स्थिति से केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री को अवगत कराया। शिवराज सिंह चौहान ने राहत कार्यों की प्रगति भी देखी और प्रभावित इलाकों में लोगों तक पहुंचाई जा रही सहायता की जानकारी ली।

    दौरे के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को समझने के लिए ग्रामीणों से बातचीत की और नुकसान की जानकारी ली।

    बिहार के हाजीपुर क्षेत्र में बाढ़ के कारण गांवों और खेतों में पानी पहुंचने से प्रभावित लोगों के सामने कई तरह की परेशानियां खड़ी हुई हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त दौरा स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभावित गांवों, जलमग्न खेतों और राहत कार्यों की स्थिति पर ध्यान दिया गया।

    शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उनके सामने मौजूद समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने फसल और मकानों को हुए नुकसान की जानकारी ली, जबकि अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने की बात दोहराई गई।

  • मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज

    मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज


    मध्य प्रदेश: में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली पहुंचने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भी नई दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली बुलाए जाने की बात कही जा रही है।

    कई वरिष्ठ नेताओं के एक ही समय पर दिल्ली में मौजूद होने से मध्य प्रदेश भाजपा के राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और कैलाश विजयवर्गीय पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस तरह प्रदेश से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की राजधानी में मौजूदगी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

    दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय को लेकर बैठक होने की चर्चा भी है। हालांकि, इस संभावित बैठक को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी या इसका निश्चित एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी और अलग-अलग स्तर पर हो रही मुलाकातों को देखते हुए संगठन तथा आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों पर संभावनाएं जताई जा रही हैं।

    हालांकि, सभी नेताओं के दिल्ली पहुंचने की वजह एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ नेता ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में भी राजधानी पहुंचे हैं। ऐसे में दिल्ली में मौजूद सभी नेताओं के दौरे को सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की राजनीति से जोड़ना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे प्रमुख नेताओं की एक साथ दिल्ली में मौजूदगी ने फिर भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के राजधानी पहुंचने से संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े संभावित विमर्श को लेकर चर्चा बढ़ी है।

    मध्य प्रदेश में भाजपा की राजनीति से जुड़े मामलों में वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और मुलाकातों को लेकर अक्सर राजनीतिक कयास लगाए जाते रहे हैं। मौजूदा स्थिति में भी संभावित समन्वय बैठक की चर्चा के कारण कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे या उसमें होने वाली संभावित चर्चा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता एक साथ दिल्ली में हैं और इस वजह से प्रदेश की राजनीति में हलचल महसूस की जा रही है। ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण कुछ नेताओं की दिल्ली यात्रा होने की बात भी सामने आई है। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी होगा।

  • महंगी चीनी के सवाल पर शिवराज बोले- सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…

    महंगी चीनी के सवाल पर शिवराज बोले- सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…


    रायसेन।
    केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) अपने एक दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) पहुंचे. इस दौरान वह छात्राओं के कार्यक्रम में शामिल हुए, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और केंद्र सरकार (Central government) की योजनाओं की समीक्षा की. हालांकि, जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति यानी दिशा की मीटिंग के दौरान चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर पूछे गए सवाल ने भी ध्यान खींचा.

    मीटिंग से कुर्सी छोड़ते समय जब महंगी चीनी को लेकर सवाल किया गया तो शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…”

    शासकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक कारणों से किसी भी होनहार बेटी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। छात्राओं की सहूलियत के लिए स्थापित हेल्प डेस्क के जरिए अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना की पात्रता नियम, आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध कराई गई है।

    केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी शासकीय महाविद्यालयों की छात्राओं से संवाद किया और समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया.

    छात्रों को लैपटॉप वितरण और कंप्यूटर लैब का लोकार्पण
    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. इसके बाद उन्होंने परिसर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब का फीता काटकर लोकार्पण किया और लैब का जायजा लेते हुए छात्राओं से बातचीत की. पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कॉलेज परिसर में पौधारोपण किया।


    दिशा बैठक में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा

    दौरे के अंतिम चरण में शिवराज सिंह चौहान कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने दिशा समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


    चीनी की देश में कोई कमी नहीं: ISMA

    उधर, चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल के बीच इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने कहा कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने तथा कारोबारियों एवं थोक उपभोक्ताओं पर भंडारण सीमा लगाने से आने वाले दिनों में खुदरा कीमतें घटने की उम्मीद है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलो रही, जो एक महीने पहले के 48.73 रुपये से 29 प्रतिशत अधिक है. अधिकतम खुदरा कीमत 75 रुपये और मॉडल कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो रही.

  • MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!

    MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र (Vidisha-Raisen Parliamentary Constituency) में सोमवार को चल रहे सांसद खेल महोत्सव (MP Sports Festival) का समापन हुआ, और इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने रायसेन को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। शिवराज ने घोषणा की कि उन्हें भारत सरकार से रायसेन के किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, किले के भीतर एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिसमें रायसेन के इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।


    किले तक पहुँचने का आसान रास्ता मिलेगा: रोप-वे का निर्माण होगा

    रायसेन का किला एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिससे वहां पहुंचना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है। अब रोप-वे के निर्माण से श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से किले तक पहुँच सकेंगे। शिवराज ने इस बारे में रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को भारत सरकार से प्राप्त आदेश की कॉपी भी सौंपी। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि किले तक रोप-वे निर्माण के साथ-साथ वहां एक शानदार म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा, जो इलाके के समृद्ध इतिहास को संजोएगा। म्यूजियम में रायसेन की ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति की झलक मिल सकेगी, जो न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    रायसेन में होगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि अप्रैल महीने में 12, 13 और 14 तारीख को रायसेन में ‘किसान कुंभ’ और किसानों का मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिवराज ने कहा, “रायसेन अब सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि एक आदर्श जिले के रूप में भी विकसित होगा।”

    शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “रायसेन के लोग, आपकी मुस्कान ही मेरी जिंदगी है। मैं वचन देता हूँ कि आपकी खुशियों के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।” उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक था, और उन्होंने रायसेन के विकास की दिशा में और भी योजनाएं बनाने की बात की।


    प्रभुराम चौधरी ने दी रायसेन के विकास की दिशा में नई दिशा

    कार्यक्रम के दौरान रायसेन के विधायक और पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से हमें रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति मिली है। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, किले में एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिससे रायसेन की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी। हम अपने जिले के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    रायसेन किला: ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक
    रायसेन का किला मध्य प्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है, और यह राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। किले का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ हुआ करता था। बाद में इस किले पर अफगान और मुग़ल शासकों का भी अधिकार रहा। किले में हिंदू और मुग़ल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। किले के अंदर कई महत्वपूर्ण स्थल हैं जैसे बादल महल, रानी महल, जलाशय, मंदिर और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह, जहां हर साल उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु आते हैं।

    किले तक रोप-वे बनने से, न केवल किले तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। किले में बने म्यूजियम से रायसेन की ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगी और स्थानीय संस्कृति को संजोने में मदद करेगी।


    समारोह में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की उपस्थिति

    मध्य प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा भी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर एक रोड शो में हिस्सा लिया और खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    नए विकास की दिशा में शिवराज की पहल

    शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर जोर दिया कि रायसेन में और भी विकास योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनसे जिले का समग्र विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रायसेन अब हिंदुस्तान के आदर्श जिलों में शामिल होगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और किसानों के लिए योजनाएं संचालित की जाएंगी। कुल मिलाकर, रायसेन को रोप-वे और म्यूजियम जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिल रही हैं, जो न केवल जिले के विकास को गति देंगी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेंगी।