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  • अमिताभ बच्चन ने शूटिंग के बीच डायरेक्टर को ही कर दिया सेट से बाहर

    अमिताभ बच्चन ने शूटिंग के बीच डायरेक्टर को ही कर दिया सेट से बाहर

    मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने अनुशासन और प्रोफेशनल अंदाज के लिए जाने जाते हैं। शूटिंग के दौरान वह अपने काम पर पूरी तरह फोकस रखने के लिए भी मशहूर रहे हैं। लेकिन एक दौर में एक ऐसा दिलचस्प किस्सा हुआ, जब अमिताभ बच्चन ने अपनी फिल्म के डायरेक्टर को ही सेट से बाहर जाने के लिए कह दिया था। खास बात यह है कि इसके पीछे कोई गुस्सा या विवाद नहीं, बल्कि डायरेक्टर की हंसी वजह बनी थी।

    जब बिग बी के डायलॉग पर बार-बार हंस रहे थे डायरेक्टर

    यह किस्सा साल 1982 में आई फिल्म ‘नमक हलाल’ की शूटिंग से जुड़ा है। फिल्म में अमिताभ बच्चन का एक डायलॉग बेहद लोकप्रिय हुआ था—‘आई कैन टॉक इंग्लिश, आई कैन वॉक इंग्लिश’

    बताया जाता है कि यह डायलॉग अमिताभ बच्चन ने शूटिंग के दौरान अपने अंदाज में इम्प्रोवाइज किया था। जब भी वह इस संवाद को बोलते, फिल्म के निर्देशक प्रकाश मेहरा को हंसी आ जाती थी।

    डायरेक्टर की हंसी से अमिताभ बच्चन का फोकस प्रभावित होने लगा। ऐसे में उन्होंने प्रकाश मेहरा से कुछ देर के लिए सेट से बाहर जाने को कह दिया।

    गुस्से में नहीं, सीन पूरा करने के लिए उठाया कदम

    अमिताभ बच्चन का यह फैसला किसी नाराजगी की वजह से नहीं था। वह चाहते थे कि शूटिंग के दौरान माहौल शांत रहे और वह अपना सीन पूरी एकाग्रता के साथ पूरा कर सकें।

    प्रकाश मेहरा ने भी अभिनेता की बात मानी और सेट से बाहर चले गए। इसके बाद अमिताभ ने अपना सीन पूरा किया। यही छोटा-सा किस्सा आज भी ‘नमक हलाल’ की शूटिंग से जुड़े दिलचस्प किस्सों में गिना जाता है।

    ‘नमक हलाल’ में अमिताभ का अंदाज बना यादगार

    ‘नमक हलाल’ में अमिताभ बच्चन के साथ शशि कपूर, स्मिता पाटिल, परवीन बाबी और वहीदा रहमान जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म में अमिताभ का किरदार गांव से शहर आए एक सीधे-सादे युवक का था, जिसके बोलने का अंदाज और कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई।

    फिल्म का ‘आई कैन टॉक इंग्लिश…’ वाला संवाद आज भी अमिताभ के सबसे चर्चित कॉमिक डायलॉग्स में शामिल है।

    उस दौर में बिग बी के सामने थी ‘हीरोइन क्राइसिस’

    ‘नमक हलाल’ के दौर को लेकर यह भी कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन के सामने लीडिंग एक्ट्रेसेज को लेकर कुछ चुनौतियां थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय उन्होंने रेखा के साथ काम करना बंद कर दिया था। राखी ज्यादा मैच्योर किरदार निभा रही थीं, जबकि परवीन बाबी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण लगातार काम नहीं कर पा रही थीं।

    नीतू सिंह भी फिल्मी करियर से दूरी बनाने की तैयारी में थीं। वहीं रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अमिताभ मौसमी चटर्जी और शबाना आजमी के साथ काम करने के इच्छुक नहीं थे। ऐसे में उस दौर में उनके लिए उपयुक्त हीरोइन तलाशना आसान नहीं था।

    शशि कपूर के साथ लीड हीरो के तौर पर आखिरी फिल्म

    ‘नमक हलाल’ अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की बतौर लीड हीरो साथ में आखिरी फिल्मों में से एक थी। इसके बाद दोनों ‘अकेला’ में नजर आए, लेकिन उसमें शशि कपूर का किरदार छोटा था और अमिताभ मुख्य भूमिका में थे।

    बाद में शशि कपूर ने फिल्म ‘अजूबा’ का निर्देशन किया, जिसमें अमिताभ बच्चन ने भी अभिनय किया था। इस तरह दोनों की जोड़ी ने पर्दे पर अभिनय के साथ-साथ एक निर्देशक-अभिनेता के रूप में भी साथ काम किया।

  • 'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गीत के फिल्मांकन के समय कगार पर थी दो बड़े सितारों की जान, धर्मेंद्र की सूझबूझ से बची अभिनेत्री राखी

    'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गीत के फिल्मांकन के समय कगार पर थी दो बड़े सितारों की जान, धर्मेंद्र की सूझबूझ से बची अभिनेत्री राखी

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर की यादें जितनी दिलचस्प हैं, उतनी ही रोमांचित करने वाली उनकी शूटिंग से जुड़ी कहानियां भी हैं। सत्तर के दशक में तकनीकों और विशेष प्रभावों की कमी के कारण अक्सर निर्देशकों को वास्तविक लोकेशंस पर जाकर ही जोखिम भरे दृश्य फिल्माने पड़ते थे। ऐसा ही एक अविस्मरणीय और डरा देने वाला वाकया अभिनेता धर्मेंद्र और दिग्गज अभिनेत्री राखी के साथ घटित हुआ था। दोनों कलाकार अपनी एक बेहद मशहूर फिल्म के रोमांटिक गीत की शूटिंग कर रहे थे, जहां अचानक प्रकृति के एक अनपेक्षित खतरे से उनका आमना-सामना हो गया और सेट पर मौजूद सभी लोगों की जान हलक में आ गई थी।

    यह पूरी घटना निर्देशक राजश्री प्रोडक्शंस की साल 1970 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म जीवन मृत्यु के फिल्मांकन के समय की है। इस फिल्म का एक बेहद लोकप्रिय और कालजयी गीत झिलमिल सितारों का आंगन होगा दर्शकों के बीच आज भी उतना ही पसंद किया जाता है। आनंद बक्शी के लिखे और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के मधुर संगीत से सजे इस गीत को महान गायक मोहम्मद रफी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। इस बेहद शांत और रोमांटिक मिजाज के गाने को एक खूबसूरत झील के बीच नाव के ऊपर फिल्माया जा रहा था, जहां दोनों मुख्य कलाकार स्क्रिप्ट के अनुसार एक-दूसरे के आकर्षण में पूरी तरह डूबे हुए थे।

    शेड्यूल के मुताबिक जब कैमरे रोल हो रहे थे और धर्मेंद्र व राखी नाव पर सवार होकर रोमांटिक शॉट दे रहे थे, तभी अचानक पानी में कुछ संदिग्ध हलचल शुरू हुई। किनारे पर खड़े क्रू मेंबर्स और कैमरे के पीछे मौजूद टीम ने जब ध्यान से देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि एक विशालकाय मगरमच्छ तैरता हुआ सीधे कलाकारों की छोटी सी नाव की तरफ बढ़ रहा था। जंगली जानवर को इतने करीब देखकर सेट पर हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मचने की स्थिति पैदा हो गई। नाव बीच पानी में होने के कारण दोनों ही स्टार्स बेहद असुरक्षित स्थिति में थे और जरा सी चूक एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

    ऐसी विपरीत और जानलेवा परिस्थिति में अभिनेता धर्मेंद्र ने गजब के साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। मगरमच्छ को नाव के बिल्कुल करीब पाकर उन्होंने घबराने के बजाय सबसे पहले अभिनेत्री राखी को सुरक्षित करने का प्रयास किया। उन्होंने राखी को पकड़कर धीरे से नाव के उस कोने से हटाया जिसके पास मगरमच्छ मंडरा रहा था और उन्हें सुरक्षित छोर पर ले आए। हालांकि इस भयानक घटना से दोनों ही कलाकार अंदर से काफी डर गए थे, लेकिन पेशेवर प्रतिबद्धता दिखाते हुए उन्होंने स्थिति सामान्य होने के बाद अपना काम जारी रखा और उस खूबसूरत गाने की शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया।

    उल्लेखनीय है कि इसी फिल्म जीवन मृत्यु के जरिए अभिनेत्री राखी ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था और धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। बाद में इस जोड़ी ने ब्लैकमेल और क्षत्रिय जैसी कई अन्य यादगार फिल्मों में भी साथ काम किया, जिनके गाने जैसे पल पल दिल के पास आज भी एवरग्रीन माने जाते हैं। धर्मेंद्र ने खुद कई सालों बाद एक टेलीविजन रियलिटी शो के मंच पर इस मगरमच्छ वाली घटना का जिक्र करते हुए पुरानी यादों को ताजा किया था। यह किस्सा साबित करता है कि परदे पर दिखने वाले खूबसूरत नजारों के पीछे कलाकारों को कितनी कठिन और खतरनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था।