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  • एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, कबड्डी में दो गोल्ड समेत एक दिन में जीते 7 पदक

    एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, कबड्डी में दो गोल्ड समेत एक दिन में जीते 7 पदक


    नई दिल्ली । एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारत के लिए खास रहा, जब खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए। इनमें दो स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 30 हो गई। शनिवार का सबसे बड़ा आकर्षण कबड्डी रहा, जहां भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

    पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा और ईरानी टीम ने भारतीय खिलाड़ियों को लगातार चुनौती दी। हालांकि, निर्णायक समय में भारतीय टीम ने बेहतर खेल दिखाया और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    महिला कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 37-34 से मात दी। भारतीय महिलाओं ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और करीबी मुकाबले में जीत हासिल कर अपना खिताब बरकरार रखा। महिला टीम की इस सफलता से भारत को दिन का दूसरा स्वर्ण पदक मिला।

    एथलेटिक्स में तेजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉटपुट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। उनके प्रदर्शन से भारत को एथलेटिक्स में महत्वपूर्ण पदक मिला। पुरुषों की मैराथन में सावन बारवाल ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि लंबी दूरी की दौड़ में भारत के लिए महत्वपूर्ण रही।

    शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में तिलोत्तमा सेन, विदर्सा के. विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने कुल 1,763 अंक हासिल किए और स्वर्ण जीतने वाली चीन की टीम से 10 अंक पीछे रही। चीन ने 1,773 अंक बनाए।

    400 मीटर दौड़ में प्राची चौधरी ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और कांस्य पदक जीता। उन्होंने फाइनल में बेहतर रणनीति के साथ दौड़ पूरी की और कई ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए पोडियम पर जगह बनाई।

    स्क्वैश में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग की ली का यी और तांग मिंग होंग की जोड़ी को कड़ी चुनौती दी। भारतीय जोड़ी को 1-2 से हार मिली, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण उन्होंने कांस्य पदक पक्का कर लिया।

    हॉकी में भी भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अभिषेक ने शुरुआती दौर में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। इस तरह 26 सितंबर को कबड्डी के दो स्वर्ण समेत सात पदकों के साथ भारत की पदक तालिका और मजबूत हुई।

  • 10 मीटर एयर राइफल में भारत का सटीक निशाना! रुद्रांक्ष हिमांशु और पार्थ ने सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान

    10 मीटर एयर राइफल में भारत का सटीक निशाना! रुद्रांक्ष हिमांशु और पार्थ ने सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान

    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शूटिंग रेंज से भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाल दिया। 21 सितंबर को हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने कुल 1890.1 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

    भारत की इस टीम को चीन की मजबूत चुनौती का सामना करना पड़ा। चीन ने 1899.0 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता। चीन का स्कोर विश्व रिकॉर्ड के रूप में भी दर्ज हुआ। भारत और चीन के बीच 8.9 अंकों का अंतर रहा। दक्षिण कोरिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस पदक के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के खाते में शूटिंग से तीन मेडल हो गए थे।

    भारतीय टीम के लिए रुद्रांक्ष पाटिल ने सबसे ज्यादा 631.8 अंक जुटाए। हिमांशु ढिल्लों ने 630.0 अंक हासिल किए जबकि पार्थ माने ने 628.3 अंकों का योगदान दिया। तीनों निशानेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन ने भारत को पोडियम तक पहुंचाया। खास बात यह रही कि टीम स्पर्धा के प्रदर्शन ने व्यक्तिगत मुकाबले के लिए भी भारत की उम्मीदें बढ़ा दीं। रुद्रांक्ष और हिमांशु ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई।

    रुद्रांक्ष ने क्वालिफिकेशन में 631.8 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया जबकि हिमांशु 630.0 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे। पार्थ माने 628.3 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। हालांकि टीम इवेंट में उनके योगदान ने भारत के सिल्वर मेडल में अहम भूमिका निभाई।

    भारत के लिए एशियन गेम्स के शूटिंग अभियान की शुरुआत भी शानदार रही थी। इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में इलावेनिल वलारिवन सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद की टीम ने सिल्वर मेडल जीता था। इसके अलावा इलावेनिल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया था। इस तरह पुरुष टीम के सिल्वर ने शूटिंग में भारत की पदक यात्रा को और मजबूत किया।

    इसके बाद पुरुषों की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी भारत को बड़ी सफलता मिली। हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता जबकि चीन के शेंग लिहाओ ने गोल्ड हासिल किया। यानी एक ही दिन भारत के इन दोनों निशानेबाजों ने टीम स्पर्धा के बाद व्यक्तिगत मुकाबले में भी पोडियम पर जगह बनाई।

    भारतीय शूटिंग दल का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में देश के अभियान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। रुद्रांक्ष हिमांशु और पार्थ की टीम ने दबाव के बीच सटीक निशाने लगाकर भारत को एक और रजत पदक दिलाया है और शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत चुनौती को कायम रखा है।

  • अमेरिका के बाल्टिमोर में रात करीब नौ बजे गोलीबारी, पांच लोगों को लगी गोली; पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू की

    अमेरिका के बाल्टिमोर में रात करीब नौ बजे गोलीबारी, पांच लोगों को लगी गोली; पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू की

    नई दिल्ली ।अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के बाल्टिमोर शहर में बुधवार रात गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें पांच लोगों को गोली लगने की जानकारी है। घटना पूर्वी बाल्टिमोर के 1400 ब्लॉक ईस्ट फायेट स्ट्रीट में हुई। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी में घायलों की उम्र, उनकी चोटों की गंभीरता और उन्हें किन अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस के मुताबिक अधिकारियों को रात करीब नौ बजे गोलीबारी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के इलाके को सुरक्षित किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्थिति का जायजा लेने के साथ गोलीबारी से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

    बाल्टिमोर मेयर कार्यालय के एक प्रवक्ता के अनुसार इस घटना में पांच लोगों को गोली लगी है। हालांकि शुरुआती जानकारी में घायलों की स्थिति को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। पुलिस ने भी घटना में कई लोगों के घायल होने की पुष्टि की है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में पीड़ितों की स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आई थी।

    गोलीबारी के बाद पुलिस ने ईस्ट फायेट स्ट्रीट और कैरोलिन स्ट्रीट को बंद कर दिया। इन सड़कों पर आवाजाही रोककर घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। पुलिस अधिकारी इलाके में मौजूद रहे और घटना से जुड़े सबूत जुटाने के साथ पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच करते रहे।

    जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि गोलीबारी किस वजह से हुई और घटना में कितने लोग शामिल थे। शुरुआती जानकारी के आधार पर किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। गोलीबारी के पीछे की वजह के बारे में भी पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई।

    घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई। अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए जांच की कार्रवाई आगे बढ़ाई। फिलहाल मामले से जुड़ी शुरुआती जानकारी ही सामने आई है और घायलों की स्थिति तथा घटना के अन्य पहलुओं से संबंधित जानकारी बाद में स्पष्ट होने की संभावना है।

    बाल्टिमोर में हुई इस गोलीबारी की घटना के संबंध में पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों की ओर से घटना की परिस्थितियों, संभावित संदिग्धों और गोलीबारी के कारण का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पांच लोगों को गोली लगी है, जबकि उनकी चोटों की गंभीरता और इलाज से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    घटना के बाद पुलिस ने संबंधित सड़कों को बंद कर दिया और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी में यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि गोलीबारी में कितने लोग शामिल थे। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में घायलों की स्थिति और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत, दो महीने बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ

    धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत, दो महीने बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ

    मध्य प्रदेश: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत देने का आदेश दिया है। जमानत मंजूर होने के बाद करीब दो महीने से जेल में बंद शालिग्राम की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच ने सुनाया।

    मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रघुराजनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि मोतीलाल कुशवाहा को स्कूल के पास रोककर उनके साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने गाली-गलौज की और साथ मौजूद सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाया।

    मामले में मोतीलाल कुशवाहा के पेट में गोली लगने का भी आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। शालिग्राम की ओर से इन आरोपों का विरोध किया गया था। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि राजनीतिक दबाव और पुरानी रंजिश के कारण उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

    बचाव पक्ष की ओर से अदालत में घटना से संबंधित मोबाइल वीडियो होने की बात भी रखी गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 296(B), 351(3) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

    शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को 15 जुलाई 2026 से जेल में रखा गया है। इससे पहले जिला अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन वहां से जमानत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की शरण ली।

    जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की पीठ में जमानत याचिका पर 10 सितंबर को सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सामने रखी गईं, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त रिहाई का आदेश दिया है।

    इस मामले में शालिग्राम पर मुख्य आरोप सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाने और घटना से जुड़े होने को लेकर लगाए गए हैं। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए राजनीतिक दबाव और पुरानी रंजिश का हवाला दिया है। अदालत के समक्ष घटना से संबंधित मोबाइल वीडियो होने की बात भी रखी गई थी।

    जिला अदालत से जमानत नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब शालिग्राम को राहत मिली है। अदालत के आदेश के अनुसार निजी मुचलका और निर्धारित शर्तों के आधार पर उनकी जेल से रिहाई हो सकेगी। वह 15 जुलाई से न्यायिक हिरासत में थे और जमानत मिलने के बाद करीब दो महीने बाद बाहर आएंगे।

  • एशियन गेम्स में पदकों का महामुकाबला: एथलेटिक्स से शूटिंग तक इन 5 खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें

    एशियन गेम्स में पदकों का महामुकाबला: एथलेटिक्स से शूटिंग तक इन 5 खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान के आइची नागोया में होने जा रही है। भारत ने इस बार अपने 503 खिलाड़ियों का दल तैयार किया है जो 35 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और इस बार भी कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदक जीतने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें एथलेटिक्स निशानेबाजी कुश्ती मुक्केबाजी और क्रिकेट प्रमुख हैं।

    एथलेटिक्स एशियन गेम्स में भारत के लिए लंबे समय से पदक दिलाने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत ने एशियन गेम्स के 19 संस्करणों में एथलेटिक्स से कुल 283 पदक जीते हैं। इनमें 85 स्वर्ण 102 रजत और 96 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर नजर रहेगी। मुरली श्रीशंकर गुलवीर सिंह अविनाश साबले तजिंदरपाल सिंह पारुल चौधरी राजेश रमेश और रोहित यादव से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

    निशानेबाजी भी भारत के लिए अहम खेल रहेगा। एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय निशानेबाजों ने अब तक 80 पदक हासिल किए हैं जिनमें 16 स्वर्ण 30 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीते थे। इस बार मनु भाकर के साथ ईशा सिंह ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर आशी चौकसे और सुरुचि जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी।

    कुश्ती में भी भारतीय पहलवान पदक के लिए जोर लगाएंगे। एशियन गेम्स में भारत ने इस खेल में अब तक 65 पदक जीते हैं। इनमें 11 स्वर्ण 15 रजत और 39 कांस्य पदक शामिल हैं। अमन सहरावत अंतिम पंघाल दीपक पूनिया मनीषा और सुजीत कलकल भारतीय चुनौती को मजबूत करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुश्ती को शामिल नहीं किए जाने के बाद भारतीय पहलवानों के लिए एशियन गेम्स एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा।

    मुक्केबाजी में भी भारत की उम्मीदें मजबूत हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन के बाद एशियन गेम्स को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। महिला वर्ग में साक्षी चौधरी प्रीति पवार और लवलीना बोरगोहेन पर नजर होगी। पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह सचिन सिवाच अंकुश और नरेंद्र बेरवाल भारतीय चुनौती पेश करेंगे।

    इस बार क्रिकेट भी एशियन गेम्स का हिस्सा है और भारत की पुरुष तथा महिला टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। पिछले एशियन गेम्स में दोनों भारतीय टीमों ने स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम 18 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी जबकि पुरुष टीम 28 सितंबर से अभियान शुरू करेगी। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन इन प्रमुख खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास तौर पर निर्भर रहेगा।

  • ‘हनुमान अंश’ के सेट पर आध्यात्मिक माहौल, चंदन आनंद ने बताया बंदरों के पहुंचने से लेकर शूटिंग के अनुभव का दिलचस्प किस्सा

    ‘हनुमान अंश’ के सेट पर आध्यात्मिक माहौल, चंदन आनंद ने बताया बंदरों के पहुंचने से लेकर शूटिंग के अनुभव का दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली ।
    फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों चर्चा में है और इसकी कहानी बाबा नीम करौली के जीवन पर आधारित है। फिल्म में अभिनेता चंदन आनंद ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने फिल्म की शूटिंग के दौरान के अपने अनुभव साझा करते हुए सेट के माहौल, अपनी भूमिका और वहां हुई कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में बताया, जिन्हें उन्होंने चमत्कार जैसा अनुभव माना।

    चंदन आनंद के मुताबिक, वह फिल्म की शूटिंग के लिए शुरुआत में केवल तीन दिनों के लिए गए थे, जबकि उनकी शूटिंग सिर्फ एक दिन की थी। उन्हें नासिर अली नाम के सूबेदार की भूमिका के लिए बुलाया गया था। हालांकि अगले दिन निर्देशक ने उनसे दो-तीन दिन और रुकने को कहा।

    निर्देशक ने उनसे नरेटर यानी कथावाचक की भूमिका निभाने को लेकर भी बात की। चंदन आनंद के लिए यह जिम्मेदारी खास थी, क्योंकि इस भूमिका में फिल्म की पूरी कहानी को शब्दों के जरिए बताना था और बाबा नीम करौली के बारे में दर्शकों को जानकारी देनी थी। उन्होंने इसे अपने लिए आशीर्वाद जैसी बात बताया।

    अभिनेता ने बताया कि उन्होंने चित्रकूट में रुकने का फैसला किया और वहां बिताए दिनों का अनुभव उनके लिए अलग रहा। उनके अनुसार, फिल्म के सेट पर सुबह से ही एक विशेष तरह का माहौल रहता था। पूरी कास्ट सुबह उठती थी और सेट पर पूजा-पाठ किया जाता था।

    चंदन आनंद ने बताया कि उन्हें शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि शूटिंग के दौरान सात्विक भोजन करना है। उन्हें एक अच्छे गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। शाम के समय भी हनुमान जी के भजन-कीर्तन होते थे और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था।

    अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पहले इस तरह का माहौल नहीं देखा था, इसलिए उन्हें खुद को उसके अनुरूप ढालने में थोड़ा समय लगा। शूटिंग से जुड़े ड्राइवर पूरी कास्ट के लिए खाना बनाकर खिलाते थे। उनके मुताबिक, जब पूरी टीम साथ मिलकर काम करती है तो सभी लोग एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं।

    चंदन आनंद ने यह भी बताया कि वह वहां कुछ और दिन रुकना चाहते थे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। शूटिंग के दौरान चमत्कार से जुड़े अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने कास्ट के लोगों से सुना था कि वहां अचानक बंदरों का एक समूह पहुंच गया था।

    उनके मुताबिक, इससे पहले उस जगह पर बंदर दिखाई नहीं दिए थे। उन्होंने शूटिंग के लिए लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों का भी जिक्र किया। शुरुआत में लोकेशन की अनुमति नहीं मिल रही थी या उपयुक्त लोकेशन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इसके बाद अचानक लोकेशन मिल जाना भी उन्हें किसी चमत्कार से कम नहीं लगा।

    चंदन आनंद ने अपने खानपान से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं थी कि धूम्रपान और शराब से बचना है। वह कभी-कभी खुशी के मौके पर थोड़ा ड्रिंक कर लेते हैं। होटल में उन्होंने थोड़ा ड्रिंक लिया, लेकिन कुछ देर बाद ही उनके पेट में अचानक दर्द शुरू हो गया।

    अभिनेता ने कहा कि शूटिंग के दौरान उनके छह दिन चमत्कार जैसे रहे। इन दिनों उन्होंने मुख्य रूप से दाल और खिचड़ी खाई। उनके मुताबिक, फिल्म के सेट पर मिला आध्यात्मिक और सात्विक माहौल उनके लिए एक अलग अनुभव रहा।

  • ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मुश्किल मौसम में भी कियारा आडवाणी ने नहीं छोड़ा काम, हुमा कुरैशी ने की जमकर तारीफ

    ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मुश्किल मौसम में भी कियारा आडवाणी ने नहीं छोड़ा काम, हुमा कुरैशी ने की जमकर तारीफ

    नई दिल्ली ।फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज से पहले अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने शूटिंग से जुड़ा एक खास अनुभव साझा किया है। चेन्नई में आयोजित फिल्म के प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान हुमा ने कियारा आडवाणी की तारीफ करते हुए बताया कि एक दृश्य की शूटिंग के समय तेज बारिश के बावजूद कियारा लगातार अपने काम में जुटी रही थीं।

    हुमा ने बताया कि जिस दृश्य की शूटिंग हो रही थी, उस दौरान मौसम काफी चुनौतीपूर्ण था। दोनों अभिनेत्रियों को बारिश के बीच लगातार शूटिंग करनी थी। इस परिस्थिति में हुमा को तेज सिरदर्द भी हो रहा था और कई बार उन्हें शूटिंग की कठिन परिस्थितियों को लेकर शिकायत करने का मन हुआ।

    हालांकि, कियारा को देखकर उनका नजरिया बदल गया। हुमा के अनुसार, उस समय कियारा करीब छह महीने की प्रेग्नेंट थीं और इसके बावजूद वह बारिश में बिना शिकायत किए अपने सीन कर रही थीं। हुमा ने कहा कि कियारा को उस स्थिति में काम करते देखकर उन्हें खुद भी हिम्मत मिली।

    हुमा ने कियारा के रवैये की तारीफ करते हुए उन्हें बारिश में चट्टान की तरह खड़ा बताया। उनके मुताबिक, कियारा जिस तरह मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने काम पर ध्यान दे रही थीं, वह उनके लिए बेहद प्रेरणादायक था। इसी वजह से हुमा को अपनी परेशानी को लेकर शिकायत करने का विचार भी कम महत्वपूर्ण लगा।

    यह किस्सा हुमा ने चेन्नई में आयोजित ‘टॉक्सिक’ के तमिल प्री-रिलीज कार्यक्रम में साझा किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा सुनाया गया अनुभव फिल्म की कहानी से जुड़ा कोई स्पॉइलर नहीं है। कार्यक्रम में फिल्म की प्रमुख टीम मौजूद रही और रिलीज से पहले इसके प्रचार अभियान को आगे बढ़ाया गया।

    ‘टॉक्सिक’ का तमिल प्री-रिलीज कार्यक्रम 24 अगस्त को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में हुआ। यह आयोजन पहले 23 अगस्त को निर्धारित था, लेकिन बाद में इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। कार्यक्रम में यश, कियारा आडवाणी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी सहित फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकार शामिल हुए।

    फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश मुख्य भूमिका में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी भी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है।

    कियारा से जुड़ा हुमा का यह अनुभव फिल्म की शूटिंग के दौरान सामने आई कठिन परिस्थितियों को रेखांकित करता है। हालांकि यह घटना फिल्म की कहानी से अलग शूटिंग अनुभव से जुड़ी है, लेकिन हुमा की टिप्पणी ने कियारा के पेशेवर रवैये को चर्चा में ला दिया है।

    ‘टॉक्सिक’ दुनियाभर के सिनेमाघरों में 26 अगस्त को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले कलाकारों की ओर से साझा किए जा रहे अनुभव इसके प्रचार अभियान का हिस्सा बने हुए हैं। अब दर्शकों की नजर फिल्म की कहानी, कलाकारों के प्रदर्शन और सिनेमाघरों में मिलने वाली प्रतिक्रिया पर है।

  • 104 डिग्री बुखार में भी अविका गौर करती रहीं शूटिंग, डेंगू की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती

    104 डिग्री बुखार में भी अविका गौर करती रहीं शूटिंग, डेंगू की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती

    नई दिल्ली । टीवी अभिनेत्री अविका गौर की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभिनेत्री डेंगू से संक्रमित पाई गई हैं और पिछले कई दिनों से तेज बुखार से जूझ रही थीं। उनके पति मिलिंद चंदवानी ने सोशल मीडिया के जरिए अविका की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी साझा की और बताया कि वह 103 से 104 डिग्री तक तेज बुखार के बावजूद अपने काम से पीछे नहीं हटीं। हालत खराब होने के बावजूद उन्होंने अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट को पूरा करने के लिए लगातार शूटिंग की। अब अस्पताल में इलाज के दौरान उनके पति ने फैंस से अविका के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।

    मिलिंद चंदवानी के मुताबिक, अविका गौर को करीब पांच दिनों तक तेज बुखार रहा। इस दौरान उनकी हालत इतनी खराब थी कि उन्हें सामान्य रूप से उठने-बैठने और खाना खाने में भी परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद एक प्रोजेक्ट की शूटिंग में उनका दो दिन का काम बाकी था। अविका ने तेज बुखार के बीच भी शूटिंग जारी रखी और अपने हिस्से की परफॉर्मेंस पूरी की। बताया गया कि उनका काम इतना प्रभावी रहा कि दो दिन का बचा हुआ शूट एक ही दिन में पूरा कर लिया गया।

    शूटिंग पूरी करने के बाद अविका को दो दिन का ब्रेक मिला। इस दौरान वह ज्यादातर समय बिस्तर पर रहीं और दवाइयां लेती रहीं। उनकी तबीयत सामान्य नहीं थी और चलने-फिरने के साथ-साथ खाना खाने में भी दिक्कत हो रही थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट को पूरा करने का फैसला किया। ब्रेक के बाद वह तेज बुखार की हालत में ही दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्हें एक विज्ञापन की शूटिंग करनी थी।

    दिल्ली में एड शूट से पहले अविका का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया था। हालांकि, मुंबई लौटने के बाद सामने आई रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके पति के अनुसार, उन्होंने अविका को आराम करने और शूटिंग आगे बढ़ाने के लिए कई बार समझाया था। उनका कहना था कि निर्माता उनकी स्थिति समझ सकते हैं और शूट को बाद में पूरा किया जा सकता है, लेकिन अविका अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध रहीं।

    अविका की टीम से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि दिल्ली में विज्ञापन की शूटिंग के दौरान उनकी हालत काफी खराब थी। वह ठीक से खड़ी तक नहीं हो पा रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शूट पूरा करने की कोशिश की। इस दौरान वह मुख्य रूप से ओआरएस के सहारे खुद को संभाल रही थीं और ठीक से खाना भी नहीं खा पा रही थीं। उनकी इस प्रतिबद्धता की जानकारी सामने आने के बाद इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों और फैंस ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

    मिलिंद चंदवानी ने भी अविका की मेहनत और काम के प्रति समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि अविका अपने काम के साथ-साथ दूसरों के समय और संसाधनों की भी कद्र करती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद काम को प्राथमिकता देना कितना कठिन हो सकता है। डेंगू की पुष्टि के बाद अब अविका अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनके प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

  • अमेरिका के सिएटल में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग, दो की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    अमेरिका के सिएटल में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग, दो की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । 
    अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के सिएटल शहर में आयोजित एक लोकप्रिय फूड फेस्टिवल के दौरान हुई गोलीबारी ने लोगों को झकझोर दिया। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई।

    जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार शाम सिएटल सेंटर परिसर में आयोजित फूड फेस्टिवल के दौरान हुई। उस समय बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में मौजूद थे। अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही क्षणों में पूरा आयोजन स्थल दहशत के माहौल में बदल गया।

    आपातकालीन सेवाओं और पुलिस दल ने सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायलों में एक दो वर्षीय बच्चा, एक 23 वर्षीय युवक और दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा करीब 40 वर्षीय एक महिला को मामूली चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार मौके पर ही किया गया और उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार भर्ती किए गए मरीजों में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका ऑपरेशन किया गया है। अन्य मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है ताकि उन्हें आवश्यक उपचार समय पर मिल सके।

    घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को खाली कराया और लोगों से जांच पूरी होने तक सिएटल सेंटर से दूर रहने की अपील की। यह परिसर शहर का प्रमुख सांस्कृतिक और मनोरंजन केंद्र माना जाता है, जहां वर्षभर बड़ी संख्या में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। घटना के समय भी फूड फेस्टिवल में हजारों लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम स्थल के भीतर लगातार कई गोलियों की आवाज सुनी। गोलीबारी के बाद लोग अपने परिवार और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करने लगे। कई लोग बिना सामान उठाए ही घटनास्थल से बाहर निकल गए। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस ने फिलहाल किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या गोलीबारी के संभावित कारणों के संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल के दिनों में अमेरिका के विभिन्न शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे पहले एरिजोना के टक्सन शहर में भी गोलीबारी की एक गंभीर घटना हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा और हथियारों से जुड़ी चुनौतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सिएटल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और लोगों से किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने की अपील की गई है।

  • राजा भैया ने शूटिंग में दिखाया दम, यूपी स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दर्ज कराई नई उपलब्धि

    राजा भैया ने शूटिंग में दिखाया दम, यूपी स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दर्ज कराई नई उपलब्धि

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने इस बार राजनीतिक गतिविधियों से अलग खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार निशानेबाजी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया है। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि वह केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि खेलों में भी अपनी रुचि और क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।

    राजा भैया ने नई दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता 21 से 30 जून तक आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने प्रतियोगी संख्या 71 के रूप में भाग लिया। एस-25 क्ले पिजन ट्रैप शूटिंग (एनआर) स्पर्धा में उन्होंने 25 पॉइंट का स्कोर हासिल किया और इसी प्रदर्शन के आधार पर कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के परिणाम बुधवार को घोषित किए गए।

    निशानेबाजी के प्रति राजा भैया की रुचि काफी पुरानी रही है। वह लंबे समय से शूटिंग खेल से जुड़े हुए हैं और हथियारों तथा निशानेबाजी में उनकी दिलचस्पी सार्वजनिक रूप से भी चर्चा में रही है। वह नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लाइफटाइम सदस्य भी हैं। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनकी रुचि के पीछे पारिवारिक प्रेरणा भी बताई जाती है।

    राजा भैया ने पहले भी बताया था कि उनके पिता उदय प्रताप सिंह स्वयं शूटर रहे हैं और उन्हीं से प्रेरित होकर उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत की थी। परिवार से मिली इस प्रेरणा ने उन्हें इस खेल से लंबे समय तक जोड़े रखा। समय के साथ उन्होंने अभ्यास जारी रखा और अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

    शूटिंग के अलावा राजा भैया अपने पारंपरिक शस्त्रों के प्रति लगाव को लेकर भी कई बार चर्चा में रहे हैं। हर वर्ष दशहरे के अवसर पर वह अपने शस्त्रागार में रखे हथियारों की पूजा करते हैं। उनके शस्त्र संग्रह को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, कुछ मौकों पर इससे जुड़े विवाद भी सामने आए हैं, जिनका संबंध पारिवारिक और कानूनी मामलों से रहा है।

    राजनीतिक जीवन की बात करें तो रघुराज प्रताप सिंह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार सातवीं बार विधायक हैं। वह जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी छवि एक प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता के रूप में रही है।

    शूटिंग प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। समर्थक इसे उनके व्यक्तित्व के एक अलग पहलू के रूप में देख रहे हैं, जहां उन्होंने राजनीति के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल किया गया यह पदक उनके लिए खेल उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।