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  • ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मुश्किल मौसम में भी कियारा आडवाणी ने नहीं छोड़ा काम, हुमा कुरैशी ने की जमकर तारीफ

    ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मुश्किल मौसम में भी कियारा आडवाणी ने नहीं छोड़ा काम, हुमा कुरैशी ने की जमकर तारीफ

    नई दिल्ली ।फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज से पहले अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने शूटिंग से जुड़ा एक खास अनुभव साझा किया है। चेन्नई में आयोजित फिल्म के प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान हुमा ने कियारा आडवाणी की तारीफ करते हुए बताया कि एक दृश्य की शूटिंग के समय तेज बारिश के बावजूद कियारा लगातार अपने काम में जुटी रही थीं।

    हुमा ने बताया कि जिस दृश्य की शूटिंग हो रही थी, उस दौरान मौसम काफी चुनौतीपूर्ण था। दोनों अभिनेत्रियों को बारिश के बीच लगातार शूटिंग करनी थी। इस परिस्थिति में हुमा को तेज सिरदर्द भी हो रहा था और कई बार उन्हें शूटिंग की कठिन परिस्थितियों को लेकर शिकायत करने का मन हुआ।

    हालांकि, कियारा को देखकर उनका नजरिया बदल गया। हुमा के अनुसार, उस समय कियारा करीब छह महीने की प्रेग्नेंट थीं और इसके बावजूद वह बारिश में बिना शिकायत किए अपने सीन कर रही थीं। हुमा ने कहा कि कियारा को उस स्थिति में काम करते देखकर उन्हें खुद भी हिम्मत मिली।

    हुमा ने कियारा के रवैये की तारीफ करते हुए उन्हें बारिश में चट्टान की तरह खड़ा बताया। उनके मुताबिक, कियारा जिस तरह मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने काम पर ध्यान दे रही थीं, वह उनके लिए बेहद प्रेरणादायक था। इसी वजह से हुमा को अपनी परेशानी को लेकर शिकायत करने का विचार भी कम महत्वपूर्ण लगा।

    यह किस्सा हुमा ने चेन्नई में आयोजित ‘टॉक्सिक’ के तमिल प्री-रिलीज कार्यक्रम में साझा किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा सुनाया गया अनुभव फिल्म की कहानी से जुड़ा कोई स्पॉइलर नहीं है। कार्यक्रम में फिल्म की प्रमुख टीम मौजूद रही और रिलीज से पहले इसके प्रचार अभियान को आगे बढ़ाया गया।

    ‘टॉक्सिक’ का तमिल प्री-रिलीज कार्यक्रम 24 अगस्त को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में हुआ। यह आयोजन पहले 23 अगस्त को निर्धारित था, लेकिन बाद में इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। कार्यक्रम में यश, कियारा आडवाणी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी सहित फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकार शामिल हुए।

    फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश मुख्य भूमिका में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी भी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है।

    कियारा से जुड़ा हुमा का यह अनुभव फिल्म की शूटिंग के दौरान सामने आई कठिन परिस्थितियों को रेखांकित करता है। हालांकि यह घटना फिल्म की कहानी से अलग शूटिंग अनुभव से जुड़ी है, लेकिन हुमा की टिप्पणी ने कियारा के पेशेवर रवैये को चर्चा में ला दिया है।

    ‘टॉक्सिक’ दुनियाभर के सिनेमाघरों में 26 अगस्त को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले कलाकारों की ओर से साझा किए जा रहे अनुभव इसके प्रचार अभियान का हिस्सा बने हुए हैं। अब दर्शकों की नजर फिल्म की कहानी, कलाकारों के प्रदर्शन और सिनेमाघरों में मिलने वाली प्रतिक्रिया पर है।

  • 104 डिग्री बुखार में भी अविका गौर करती रहीं शूटिंग, डेंगू की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती

    104 डिग्री बुखार में भी अविका गौर करती रहीं शूटिंग, डेंगू की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती

    नई दिल्ली । टीवी अभिनेत्री अविका गौर की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभिनेत्री डेंगू से संक्रमित पाई गई हैं और पिछले कई दिनों से तेज बुखार से जूझ रही थीं। उनके पति मिलिंद चंदवानी ने सोशल मीडिया के जरिए अविका की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी साझा की और बताया कि वह 103 से 104 डिग्री तक तेज बुखार के बावजूद अपने काम से पीछे नहीं हटीं। हालत खराब होने के बावजूद उन्होंने अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट को पूरा करने के लिए लगातार शूटिंग की। अब अस्पताल में इलाज के दौरान उनके पति ने फैंस से अविका के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।

    मिलिंद चंदवानी के मुताबिक, अविका गौर को करीब पांच दिनों तक तेज बुखार रहा। इस दौरान उनकी हालत इतनी खराब थी कि उन्हें सामान्य रूप से उठने-बैठने और खाना खाने में भी परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद एक प्रोजेक्ट की शूटिंग में उनका दो दिन का काम बाकी था। अविका ने तेज बुखार के बीच भी शूटिंग जारी रखी और अपने हिस्से की परफॉर्मेंस पूरी की। बताया गया कि उनका काम इतना प्रभावी रहा कि दो दिन का बचा हुआ शूट एक ही दिन में पूरा कर लिया गया।

    शूटिंग पूरी करने के बाद अविका को दो दिन का ब्रेक मिला। इस दौरान वह ज्यादातर समय बिस्तर पर रहीं और दवाइयां लेती रहीं। उनकी तबीयत सामान्य नहीं थी और चलने-फिरने के साथ-साथ खाना खाने में भी दिक्कत हो रही थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट को पूरा करने का फैसला किया। ब्रेक के बाद वह तेज बुखार की हालत में ही दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्हें एक विज्ञापन की शूटिंग करनी थी।

    दिल्ली में एड शूट से पहले अविका का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया था। हालांकि, मुंबई लौटने के बाद सामने आई रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके पति के अनुसार, उन्होंने अविका को आराम करने और शूटिंग आगे बढ़ाने के लिए कई बार समझाया था। उनका कहना था कि निर्माता उनकी स्थिति समझ सकते हैं और शूट को बाद में पूरा किया जा सकता है, लेकिन अविका अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध रहीं।

    अविका की टीम से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि दिल्ली में विज्ञापन की शूटिंग के दौरान उनकी हालत काफी खराब थी। वह ठीक से खड़ी तक नहीं हो पा रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शूट पूरा करने की कोशिश की। इस दौरान वह मुख्य रूप से ओआरएस के सहारे खुद को संभाल रही थीं और ठीक से खाना भी नहीं खा पा रही थीं। उनकी इस प्रतिबद्धता की जानकारी सामने आने के बाद इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों और फैंस ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

    मिलिंद चंदवानी ने भी अविका की मेहनत और काम के प्रति समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि अविका अपने काम के साथ-साथ दूसरों के समय और संसाधनों की भी कद्र करती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद काम को प्राथमिकता देना कितना कठिन हो सकता है। डेंगू की पुष्टि के बाद अब अविका अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनके प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

  • अमेरिका के सिएटल में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग, दो की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    अमेरिका के सिएटल में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग, दो की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । 
    अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के सिएटल शहर में आयोजित एक लोकप्रिय फूड फेस्टिवल के दौरान हुई गोलीबारी ने लोगों को झकझोर दिया। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई।

    जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार शाम सिएटल सेंटर परिसर में आयोजित फूड फेस्टिवल के दौरान हुई। उस समय बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में मौजूद थे। अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही क्षणों में पूरा आयोजन स्थल दहशत के माहौल में बदल गया।

    आपातकालीन सेवाओं और पुलिस दल ने सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायलों में एक दो वर्षीय बच्चा, एक 23 वर्षीय युवक और दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा करीब 40 वर्षीय एक महिला को मामूली चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार मौके पर ही किया गया और उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार भर्ती किए गए मरीजों में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका ऑपरेशन किया गया है। अन्य मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है ताकि उन्हें आवश्यक उपचार समय पर मिल सके।

    घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को खाली कराया और लोगों से जांच पूरी होने तक सिएटल सेंटर से दूर रहने की अपील की। यह परिसर शहर का प्रमुख सांस्कृतिक और मनोरंजन केंद्र माना जाता है, जहां वर्षभर बड़ी संख्या में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। घटना के समय भी फूड फेस्टिवल में हजारों लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम स्थल के भीतर लगातार कई गोलियों की आवाज सुनी। गोलीबारी के बाद लोग अपने परिवार और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करने लगे। कई लोग बिना सामान उठाए ही घटनास्थल से बाहर निकल गए। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस ने फिलहाल किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या गोलीबारी के संभावित कारणों के संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल के दिनों में अमेरिका के विभिन्न शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे पहले एरिजोना के टक्सन शहर में भी गोलीबारी की एक गंभीर घटना हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा और हथियारों से जुड़ी चुनौतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सिएटल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और लोगों से किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने की अपील की गई है।

  • राजा भैया ने शूटिंग में दिखाया दम, यूपी स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दर्ज कराई नई उपलब्धि

    राजा भैया ने शूटिंग में दिखाया दम, यूपी स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर दर्ज कराई नई उपलब्धि

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने इस बार राजनीतिक गतिविधियों से अलग खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार निशानेबाजी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया है। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि वह केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि खेलों में भी अपनी रुचि और क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।

    राजा भैया ने नई दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता 21 से 30 जून तक आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने प्रतियोगी संख्या 71 के रूप में भाग लिया। एस-25 क्ले पिजन ट्रैप शूटिंग (एनआर) स्पर्धा में उन्होंने 25 पॉइंट का स्कोर हासिल किया और इसी प्रदर्शन के आधार पर कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के परिणाम बुधवार को घोषित किए गए।

    निशानेबाजी के प्रति राजा भैया की रुचि काफी पुरानी रही है। वह लंबे समय से शूटिंग खेल से जुड़े हुए हैं और हथियारों तथा निशानेबाजी में उनकी दिलचस्पी सार्वजनिक रूप से भी चर्चा में रही है। वह नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लाइफटाइम सदस्य भी हैं। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनकी रुचि के पीछे पारिवारिक प्रेरणा भी बताई जाती है।

    राजा भैया ने पहले भी बताया था कि उनके पिता उदय प्रताप सिंह स्वयं शूटर रहे हैं और उन्हीं से प्रेरित होकर उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत की थी। परिवार से मिली इस प्रेरणा ने उन्हें इस खेल से लंबे समय तक जोड़े रखा। समय के साथ उन्होंने अभ्यास जारी रखा और अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

    शूटिंग के अलावा राजा भैया अपने पारंपरिक शस्त्रों के प्रति लगाव को लेकर भी कई बार चर्चा में रहे हैं। हर वर्ष दशहरे के अवसर पर वह अपने शस्त्रागार में रखे हथियारों की पूजा करते हैं। उनके शस्त्र संग्रह को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, कुछ मौकों पर इससे जुड़े विवाद भी सामने आए हैं, जिनका संबंध पारिवारिक और कानूनी मामलों से रहा है।

    राजनीतिक जीवन की बात करें तो रघुराज प्रताप सिंह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार सातवीं बार विधायक हैं। वह जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी छवि एक प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता के रूप में रही है।

    शूटिंग प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। समर्थक इसे उनके व्यक्तित्व के एक अलग पहलू के रूप में देख रहे हैं, जहां उन्होंने राजनीति के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल किया गया यह पदक उनके लिए खेल उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • भारतीय निशानेबाजी को बड़ा झटका: दिग्गज शूटर और कोच Jaspal Rana के निधन पर खेल जगत शोकाकुल

    भारतीय निशानेबाजी को बड़ा झटका: दिग्गज शूटर और कोच Jaspal Rana के निधन पर खेल जगत शोकाकुल


    नई दिल्ली । भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे सितारे को खो दिया है, जिसने देश में निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दिग्गज शूटर और कोच Jaspal Rana के असामयिक निधन से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 49 वर्ष की उम्र में उनका निधन भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐसी क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती।

    शुक्रवार को दिल्ली में उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित आवास ले जाया गया, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार Manikarnika Ghat में किया जाना है। परिवारजन उनके पार्थिव शरीर को निजी विमान से वाराणसी लेकर पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई।

    वाराणसी एयरपोर्ट पर मौजूद उनके साथियों और पूर्व खिलाड़ियों ने भावुक होकर उन्हें याद किया। पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में उनका निधन बेहद दुखद है और खेल जगत ने एक महान प्रतिभा को खो दिया है।

    अंतरराष्ट्रीय कोच रोहित जैन ने उन्हें भारतीय पिस्टल शूटिंग का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने देश में निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके अनुसार, जब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एक राज्य हुआ करते थे, तब जसपाल राणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पूरे देश का ध्यान इस खेल की ओर आकर्षित किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में उनके जैसा समर्पित और सफल कोच मिलना बेहद कठिन है।

    पूर्व राष्ट्रीय शूटर रामेंद्र शर्मा ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने 1987 से जसपाल राणा को खेलते देखा था। उनके मुताबिक, राणा देश के पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने जूनियर विश्व स्तर पर बड़ी सफलता हासिल कर भारतीय निशानेबाजी को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा की उपलब्धियों ने देश के हजारों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया और शूटिंग खेल को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।

    पूर्व राइफल शूटर पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि जसपाल राणा ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी विदेशों में भी विश्वस्तरीय सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया और विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। श्रीवास्तव ने बताया कि कम उम्र में ही उन्हें Arjuna Award से सम्मानित किया गया था। बाद में उन्हें Padma Shri सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी, मार्गदर्शक और कोच के रूप में जसपाल राणा का योगदान भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और भारतीय खेल जगत हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा।

  • US में थम नहीं रही गोलीबारी की घटनाएं, आयोवा राज्य के मुस्काटीन शहर में फायरिंग में 7 लोगों की मौत

    US में थम नहीं रही गोलीबारी की घटनाएं, आयोवा राज्य के मुस्काटीन शहर में फायरिंग में 7 लोगों की मौत


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) का आयोवा राज्य (Iowa State) सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को गोलियों की आवाज से दहल उठा। यहां के एक शहर में कई जगहों पर हुई गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक संदिग्ध आरोपी ने पहले 6 लोगों की गोली मारकर हत्या की और फिर पुलिस के सामने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कहा है कि शुरुआती जांच से यह मामला पारिवारिक विवाद (Family dispute) का लगता है।

    रिपोर्ट के मुताबिक दिल दहला देने वाली यह घटना आयोवा के मुस्काटीन शहर (Muscatine City) में हुई। यहां हमलावर ने दो घरों और एक दुकान में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मुस्काटीन पुलिस प्रमुख एंथनी कीस ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली। हालांकि जब तक पुलिस वहां पहुंची तब तक लोगों की मौत हो चुकी थी। घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद हुए।

    वहीं पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी घटनास्थल से फरार हो चुका था। पुलिस के मुताबिक संदिग्ध की पहचान 52 वर्षीय रयान विलिस मैकफारलैंड के रूप में हुई है। पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर उसे खोज निकाला। हालांकि जैसे ही अधिकारी उसे पकड़ने वाले थे, उसने खुद को गोली मार ली। पुलिस प्रमुख कीस ने बताया, “अधिकारियों और डॉक्टर्स की टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो गई।”

    वहीं जांच के दौरान पुलिस को कुछ और जगहों पर भी गोलीबारी की सूचना मिली। इसके बाद एक अन्य घर और पास के एक दुकान से दो और लोगों के शव बरामद किए गए। सबकी मौत गोली लगने की वजह से ही हुई। मुस्काटीन पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह गोलीबारी घरेलू विवाद का नतीजा थी। सभी पीड़ितों के आरोपी के परिवार का सदस्य होने की आशंका है।”

  • दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

    दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया में मंगलवार सुबह एक भाजपा पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब पार्षद मंदिर से लौट रहे थे। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना सुबह करीब 8:30 बजे सेवढ़ा चुंगी चौराहे पर हुई।

    ऐसे हुआ हमला

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 के पार्षद कल्लू कुशवाहा रोज की तरह चौराहे पर टहलने पहुंचे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने दो राउंड फायर किए। एक गोली कल्लू कुशवाहा के सिर में लगी, जबकि दूसरी पीठ में जा लगी। गोली लगते ही वे मौके पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    कई आपराधिक मामले दर्ज थे

    दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन के मुताबिक, कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में मामला वर्चस्व की रंजिश से जुड़ा माना जा रहा है।

    पहले भी हत्या के मामले में मिली थी सजा

    कल्लू कुशवाहा 2022 में वार्ड नंबर 1 से भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे। 18 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट ने पूर्व पार्षद बाल किशन कुशवाहा की हत्या के मामले में कल्लू सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। वह करीब चार महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित

    पार्षद की हत्या के बाद नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में सभी पार्षदों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला ने बताया कि बजट पहले ही प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) में पारित हो चुका है, इसलिए इसे स्वतः मंजूर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।

  • असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग

    असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग


    नई दिल्ली।
    भाजपा (BJP) की असम इकाई (Assam Unit) द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो को कांग्रेस (Congress) ने नरसंहार का खुला आह्वान बताया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या’ दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है। साथ ही कहा कि न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे। इनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था।

    कांग्रेस महासचिव ने क्या लिखा
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने कहाकि भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।


    क्या अदालतें सो रही हैं

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाने वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी एक्स पर कहाकि नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं। लेकिन आपके नेता हिमंता बिस्वा सरमा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।


    क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी

    शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट पर ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहाकि भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।


    घृणित और परेशान करने वाला

    विपक्षी दल ने कहाकि यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ट्रोल सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है। इसमें कहा गया कि यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहाकि नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

    इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी। कांग्रेस ने कहाकि नफरत भाजपा के डीएनए में हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

  • मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों को किया गया अलर्ट; सरकार बनाने की कयावद जारी

    मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों को किया गया अलर्ट; सरकार बनाने की कयावद जारी


    नई दिल्ली । मणिपुर में मंगलवार रात हुई गोलीबारी के बाद एक बार फिर राज्य में तनाव का माहौल बन गया है। बिष्णुपुर जिले के बाहरी इलाकों में खासकर चूड़ाचांदपुर जिले की सीमा से लगे तोरबंग और फौगाकचाओ इखाई इलाकों के पास कई बार गोलीबारी हुई जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। अधिकारियों के मुताबिक गोलीबारी के कारणों और इसके मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

    घटना के बाद सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर भेजा गया और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में ताजा गोलीबारी ने पहले से भड़क चुके जातीय संघर्ष को और उग्र बना दिया है। मणिपुर में 3 मई 2023 से जारी हिंसा के बाद यह पहली बार नहीं है जब गोलीबारी की घटना सामने आई है।

    इस बीच राज्य में सरकार गठन की कवायद भी जारी है। बीजेपी नेतृत्व ने मणिपुर में स्थिरता लाने के लिए राज्य के बीजेपी विधायकों के साथ कई दौर की बातचीत की है। इनमें कुकी और मैतेई समुदाय के बीजेपी विधायक भी शामिल हैं। मणिपुर विधानसभा के स्पीकर सत्यब्रत और पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह समेत 34 विधायक हाल ही में पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए एक साथ बैठे थे। यह मुलाकातें हिंसा के बाद पहली बार हुई थीं जब दोनों समुदायों के विधायक एक साथ बातचीत में शामिल हुए थे।

    राज्य में जातीय हिंसा के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है और सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। बीजेपी नेतृत्व का उद्देश्य मणिपुर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करते हुए राज्य में एक मजबूत और समावेशी सरकार का गठन करना है।बीजेपी के नेताओं का कहना है कि विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली और समझौते के आधार पर ही राज्य में शांति की स्थिति बहाल की जा सकती है। हालांकि मणिपुर में संघर्ष की जड़ें गहरी हैं और हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा कई बार सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा चुकी है। मणिपुर में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच राज्य के लिए आगामी समय में स्थिरता लाना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

  • 22KM तक पीछा कर युवक पर जानलेवा हमला: भोपाल में पुरानी रंजिश में मारी गोली पत्नी-बहन को भी चाकू

    22KM तक पीछा कर युवक पर जानलेवा हमला: भोपाल में पुरानी रंजिश में मारी गोली पत्नी-बहन को भी चाकू


    भोपाल  के ईटखेड़ी में एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ पुरानी रंजिश में एक युवक को बेरहमी से गोली मारी गई और चाकुओं से गोदा गया। दर्दनाक घटनाक्रम: हमले का शिकार हुए दानिश अली अब होश में हैं और उन्होंने घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात वह पत्नी के साथ दोस्त की रिसेप्शन पार्टी से लौट रहे थे। ईटखेड़ी कलारी के पास जब उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो रोकी तभी पहले दो बाइक सवार युवक आए और संदेह होने पर वह कार में बैठ गए। इसके तुरंत बाद दो और बाइकों पर सवार होकर आए करीब आधा दर्जन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।

    दानिश के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें कार से घसीटकर बाहर निकाला और तीन से अधिक राउंड फायरिंग की जिसमें दो गोलियां उन्हें लगीं। इसके बाद उन पर चाकुओं से भी कई वार किए गए जिससे उन्हें हाथ और पांव में गंभीर चोटें आईं। पत्नी को भी लगी चोट: हमले के दौरान दानिश की पत्नी मदद के लिए चिल्लाती रहीं लेकिन दहशत के कारण राहगीर आगे नहीं आए। इस दौरान बचाव करने आईं उनकी पत्नी खबर के एक हिस्से में बहन का भी ज़िक्र है के हाथ में भी चाकू लग गया। भागते समय आरोपियों ने धमकाते हुए कहा हमने बोला था गोली मारेंगे गोली मार दी।

    22KM तक किया पीछा: दानिश ने बताया कि उनका आरोपियों से पुराना झगड़ा था जो स्टेशन पर रहने वाले रूसी से हुआ था। उनके ही साथियों ने यह हमला किया। दानिश के अनुसार हमलावर करीब 22 किलोमीटर तक उनका पीछा करते रहे और पार्टी से निकलते ही मौका देखकर हमला कर दिया। पुलिस कार्रवाई और पीड़ित की हालत: शनिवार देर रात पुलिस ने आरोपी शाहबेज और फरदीन को हिरासत में लिया है। फरार चल रहे शन्नू और जुबैर समेत अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। सर्जरी के बाद दानिश के पांव से गोली निकाली गई है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है हालांकि वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें चाकू से एक दर्जन से अधिक वार किए गए हैं और अलग-अलग जख्मों पर करीब 42 टांके लगाए गए हैं।