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  • प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां

    प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां


    प्रयागराज। प्रयागराज में इंसानियत और मां की ममता की एक ऐसी दर्दनाक और साहसिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक मां ने अपने चार बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह घटना 12 मई की रात नैनी बाजार के चैंपियन गली इलाके में हुई, जहां एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई।

    जानकारी के अनुसार, आग घर के फर्स्ट फ्लोर पर बने गोदाम से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे मकान में फैल गई। उस समय घर की महिलाएं और बच्चे ऊपर की मंजिल पर फंस गए थे। नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और सभी लोग जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए। आग की लपटें और धुआं तेजी से बढ़ता जा रहा था, जिससे हालात बेहद भयावह हो गए।

    इसी दौरान मां ने असाधारण साहस दिखाते हुए अपने बच्चों को बचाने का फैसला किया। पहले उसने अपने एक साल के मासूम बच्चे को चादर में लपेटा और पड़ोसी की छत की ओर लगभग 12 फीट दूर उछाल दिया। पड़ोसियों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छत पर रखी सीढ़ी का सहारा लेकर उसने अपनी दो बेटियों को भी पड़ोसी की छत पर सुरक्षित पहुंचा दिया।

    इसके बाद उसने अपने भतीजे को भी सीढ़ी के जरिए दूसरी छत पर भेजकर बचा लिया। इस तरह उसने चार बच्चों को सुरक्षित कर दिया, लेकिन इस दौरान आग और धुएं ने पूरी छत को घेर लिया था। लगातार बढ़ती लपटों और घने धुएं के कारण वह खुद बाहर नहीं निकल सकी और आग की चपेट में आ गई।

    कुछ ही देर में वह बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही गंभीर हालत में पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम बाद में मौके पर पहुंची, लेकिन तंग गली होने के कारण राहत कार्य में काफी देर लगी। किसी तरह महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    बताया गया कि महिला का नाम अर्चना था, जिन्होंने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। उनकी 13 साल की बेटी भी इस हादसे में झुलस गई और आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य परिजन भी घायल हुए हैं।

    फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह हादसा पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना मां के अद्भुत साहस और बलिदान की मिसाल है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

  • इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना

    इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना


    नई दिल्ली । इंदौर के प्रजाप्रत नगर स्थित राम टेकरी इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खड़ी कार में अचानक आग लग गई। यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की बताई जा रही है। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब स्थानीय लोगों ने कार से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब 5 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक आग कार के आगे के हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी और वाहन को काफी नुकसान हो चुका था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उसे रोकना मुश्किल हो गया। कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और पुलिस दोनों ही इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि असल वजह सामने आ सके। अभी तक किसी तरह की साजिश या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जानकारी के मुताबिक, यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की है, जो द्वारकापुरी क्षेत्र के निवासी हैं और सुदामा नगर से जुड़े हुए हैं। वे प्रदेश युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उनका संबंध क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ के परिवार से भी बताया जाता है।

    घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तब ली जब दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह। वहीं फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • झांसी-खजुराहो फोरलेन पर दौड़ते डंपर में लगी भीषण आग, टोल प्लाजा के बूथ-बैरियर जले; फायर ब्रिगेड पहुंचने में हुई देरी

    झांसी-खजुराहो फोरलेन पर दौड़ते डंपर में लगी भीषण आग, टोल प्लाजा के बूथ-बैरियर जले; फायर ब्रिगेड पहुंचने में हुई देरी



    नई दिल्ली। छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह झांसी-खजुराहो फोरलेन स्थित देवगांव टोल प्लाजा पर एक डंपर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे डंपर को अपनी चपेट में ले लिया और टोल प्लाजा के सेंसर बैरियर व बूथ तक पहुंच गई। करीब एक घंटे तक डंपर धू-धू कर जलता रहा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि चालक समय रहते कूद गया और उसकी जान बच गई।

    जानकारी के मुताबिक, MP16ZF8199 नंबर का डंपर बमीठा से छतरपुर की ओर जा रहा था। सुबह करीब 8 बजे जैसे ही वाहन देवगांव टोल प्लाजा पहुंचा, अचानक केबिन से धुआं उठने लगा। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। चालक ने पहले खुद कंबल की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही मिनटों में लपटें तेज हो गईं और पूरा डंपर आग का गोला बन गया।

    डंपर में डस्ट भरी हुई थी, जिससे आग और तेजी से फैल गई। आग की ऊंची लपटों ने टोल प्लाजा के सेंसर बैरियर और बूथ को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद टोल कर्मचारियों और यात्रियों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल वाहन करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचा। तब तक डंपर पूरी तरह जल चुका था।

    फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, टोल प्लाजा को 2 से 3 लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है। वहीं डंपर पूरी तरह खाक हो गया। घटना के चलते फोरलेन पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी व्यस्त जगह पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। लोगों का कहना है कि अगर शुरुआती स्तर पर फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय होता, तो नुकसान कम हो सकता था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

  • कटनी के DAV स्कूल में भीषण आग कंप्यूटर लैब खाक सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल

    कटनी के DAV स्कूल में भीषण आग कंप्यूटर लैब खाक सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल

    कटनी । मध्यप्रदेश के कटनी में स्थित DAV पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक स्कूल भवन से उठती आग की लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कंप्यूटर लैब समेत कई कमरे जलकर राख हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी छात्र या स्टाफ की जान नहीं गई लेकिन नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर के समय स्कूल भवन से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह आग इतनी तेजी से फैल जाएगी लेकिन देखते ही देखते कंप्यूटर लैब में आग ने विकराल रूप ले लिया। लैब में रखे दर्जनों कंप्यूटर फर्नीचर और जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इससे स्कूल के संचालन और छात्रों के रिकॉर्ड पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची। पहले एक फायर ब्रिगेड वाहन भेजा गया लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त वाहन भी बुलाए गए। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बड़े हादसे को टालने में सफलता हासिल की। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह और भी बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा सकती थी।

    इस हादसे ने स्कूल प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कई उपकरण या तो काम नहीं कर रहे थे या उनकी संख्या बेहद कम थी। इसी कारण आग तेजी से फैलती चली गई और उसे शुरुआती स्तर पर नियंत्रित नहीं किया जा सका।

    सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि आग लगने के दौरान आपातकालीन निकास व्यवस्था और बचाव प्रक्रिया भी प्रभावी नजर नहीं आई। स्टाफ के पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण या संसाधन नहीं थे जिससे स्थिति और बिगड़ सकती थी। हालांकि सौभाग्य से उस समय सभी छात्र सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए और कोई जनहानि नहीं हुई।

    प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है लेकिन पुलिस और प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कुठला थाना पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए नियमित निरीक्षण और अपडेटेड फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य हैं। अब देखना होगा कि इस हादसे के बाद प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत

    इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत


    भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीर जांच का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के मद्देनजर ईवी चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लेकर एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

    घटना के तुरंत बाद सीएम ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे और भोपाल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर भेजी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं लेकिन इनके उपयोग में सावधानी बेहद जरूरी है।

    गौरतलब है कि इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ था। रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें।

  • इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में बंगाली चौराहा के पास बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुगलिया परिवार के मकान में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे छह लोग जिंदा जल गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    कैसे हुआ हादसा?

    पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज की जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और कार ने आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के भीतर फैल गई। घर में लगभग दस से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आते ही सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए। कम से कम चार सिलेंडर एक-के-बाद-एक फटने से तेज धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।

    हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण कई सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे। अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बिजली कटने के कारण घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक भी काम नहीं कर पाए, जिससे लोग अंदर फंस गए।

    राहत और बचाव अभियान

    सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

    मृतक और घायल

    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें मनोज जैन पुगलिया (65 वर्ष), सिमरन (30 वर्ष), विजय सेठिया (65 वर्ष), सुमन सेठिया (60 वर्ष), राशि (12 वर्ष) और छोटू सेठिया (22 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में सौरभ (32 वर्ष), सुनीता (58 वर्ष) और सोमिल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घर के बाहर चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ और आग घर में फैल गई। घर में कुछ ज्वलनशील रसायन भी रखे हुए थे। उन्होंने कहा, “इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे।”

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि दमकल और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान चलाया। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग की दो मंजिलों को खाली कर दिया गया है। तीसरी मंजिल की जांच अभी जारी है।

  • सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर जिले के बहरोल में शुक्रवार की सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई जब सेंट्रल बैंक की शाखा में आग लग गई। सुबह करीब नौ बजे बैंक में धुआं उठते देख स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस और बैंक कर्मचारियों को सूचना दी। बहरोल थाना से पुलिस और बंडा नगर पंचायत की दमकल मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने के लिए आनन-फानन में कार्रवाई की।

    जैसे ही दमकल टीम बैंक की शटर खोली और अंदर पहुंची तो आग कैश काउंटर के पास लगी हुई दिखाई दी। वहां रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें आग की चपेट में आ गईं। हालांकि त्वरित पानी डालने और दमकल कर्मियों की सतर्क कार्रवाई से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बैंक में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    आग लगने की सूचना पाते ही बैंक के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। लोग धुआं और आग को देखकर चिंतित नजर आए और तुरंत पुलिस को सूचना देने में मदद की। बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कैश काउंटर के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पूरी जांच अभी चल रही है।

    इस घटना के कारण शाखा में फिलहाल कामकाज बंद कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बैंक के दस्तावेजों के नुकसान की भरपाई और जांच का काम जल्द ही शुरू होगा।

    स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। अधिकारी बता रहे हैं कि आग फैलने का खतरा कम था, लेकिन यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बैंक शाखाओं में सुरक्षा और आग सुरक्षा उपायों को नियमित रूप से लागू करना कितना आवश्यक है।

    पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी बैंक शाखा या सार्वजनिक स्थल पर असामान्य धुआं या आग का संकेत देखें तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। वहीं बैंक प्रशासन भी आग से सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दस्तावेजों के रखरखाव पर नजर रखेगा।

    इस घटना ने बैंकिंग और वित्तीय सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। दस्तावेजों का नुकसान भले ही अपूरणीय है, लेकिन किसी के हताहत न होने से राहत की सांस ली जा सकती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • खंडवा में आग का कहर: 6 मकान जलकर खाक, 20 बकरियां जिंदा जलीं

    खंडवा में आग का कहर: 6 मकान जलकर खाक, 20 बकरियां जिंदा जलीं


    खंडवा। खंडवा जिले के आदिवासी फाल्या में बुधवार दोपहर को आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पंधाना तहसील की शेखपुरा ग्राम पंचायत, जामली खुर्द खापरी गांव में धनतर मामा के फाल्या पर बने एक ही परिवार के 6 मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

    आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 बकरियां भी जिंदा जल गईं, जबकि मकानों में रखा पूरा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया।आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 बकरियां भी जिंदा जल गईं, जबकि मकानों में रखा पूरा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया। घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

     घटना का समय और शुरुआती जानकारी
    घटना दोपहर 1 बजे की बताई जा रही है। आग लगने के समय परिवार के सदस्य गेहूं की कटाई के लिए बाहर गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग को रोकने के लिए ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों का उपयोग किया और खेतों में कल्टीवेटर चलाकर आग की लपटों को गेहूं की खड़ी फसलों तक फैलने से रोका।

    जान-माल का भारी नुकसान
    मौके पर पहुंचे पटवारी प्रेमसिंह रावत ने बताया कि आग लगने के कारण फिलहाल अज्ञात हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई है, लेकिन जांच अभी जारी है।20 बकरियां जिंदा जल गई6 मकान पूरी तरह खाक हो गए, जिसमें 100 फीसदी नुकसान हुआ।घरों में रखी नकदी और चांदी भी आग की भेंट चढ़ गई।

    पीड़ितों ने बताया कि घरों में लगभग 5 लाख रुपए की नकदी रखी थी। एक परिवार के पास 2 लाख रुपए ट्रैक्टर की किश्त भरने के लिए थे। इसके अलावा महिलाओं के पास लगभग 5 किलो चांदी की ज्वैलरी थी।

    प्रशासन की कार्रवाई
    पटवारी रावत ने कहा कि पंचानामा बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे जल्द ही तहसीलदार के समक्ष पेश किया जाएगा, ताकि सरकारी मदद और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो सके।

     ग्रामीणों का सहयोग
    ग्रामीणों ने आग के फैलाव को रोकने के लिए तत्काल ट्रैक्टर और खेतों में कल्टीवेटर का इस्तेमाल किया। इससे आसपास की फसलें सुरक्षित रह सकीं और आग और अधिक व्यापक नहीं फैल सकी

  • आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें

    आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें


    ग्वालियरमध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात भीषण आग की घटना सामने आई। नाका चंद्रवदनी इलाके में स्थित एक टेंट गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जो दूर सड़क से साफ दिखाई दे रही थीं। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के रहवासी इलाकों में हड़कंप मच गया।

    घटना हीरा भूमिया मंदिर के पास स्थित टेंट व्यवसायी अवधेश सिंह यादव के गोदाम की बताई जा रही है। अवधेश शादी समारोहों में टेंट और डेकोरेशन का काम करते हैं और उनका पूरा सामान इसी गोदाम में रखा था। बताया गया कि होलिका अष्टक के चलते विवाह समारोह फिलहाल बंद थे, इसलिए अलग-अलग स्थानों से लाया गया सारा टेंट और सजावटी सामान एक ही जगह स्टोर कर दिया गया था।

    रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक आग भड़क उठी। जब तक लोगों को जानकारी मिली, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सात दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें गोदाम तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

    आग इतनी भीषण थी कि चारों ओर से पानी डालने के बावजूद काबू में नहीं आ रही थी। अंततः दमकल कर्मियों को गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके। टेंट का कपड़ा, प्लास्टिक और डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली वायरिंग के कारण आग तेजी से फैलती रही। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7 बजे आग पर काबू पाया जा सका।

    घटना में गोदाम में रखा टेंट, सजावटी सामग्री, सीजन के लिए खरीदा गया नया सामान, एक लोडिंग वाहन और एक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गोदाम मालिक के अनुसार कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

    सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि आग रिहायशी इलाके तक नहीं फैली। यदि लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच जातीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।