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  • टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां

    टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें गेंदबाजों को बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखना होगा। कैफ के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर बनना अब एक बार की घटना नहीं रह गई है बल्कि यह लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न बन गया है।

    मोहम्मद कैफ ने अय्यर की कप्तानी में गेंदबाजी में बदलाव करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कप्तान को यह समझना जरूरी है कि किस गेंदबाज से किस समय गेंदबाजी करानी चाहिए। खासतौर पर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों को बचाकर रखना बेहद अहम होता है। कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के प्रमुख बाएं हाथ के गेंदबाज हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने का अनुभव है। ऐसे में कप्तान को इन गेंदबाजों के ओवर सही समय के लिए बचाकर रखने चाहिए।

    कैफ ने भारतीय टीम के खिलाफ बन रहे बड़े स्कोर का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 से पहले भारतीय पुरुष टी20 टीम ने कभी भी 250 या उससे ज्यादा रन नहीं दिए थे। लेकिन अय्यर की कप्तानी में महज चार महीनों के भीतर भारत को तीन बार इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन का स्कोर खड़ा किया जबकि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बना दिए। कैफ के मुताबिक लगातार इतने बड़े स्कोर बनना गेंदबाजी रणनीति की समीक्षा की जरूरत बताता है।

    हालांकि कैफ ने यह भी स्पष्ट किया कि हर महंगे गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ऑकलैंड में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बनाए। इस दौरान भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। कैफ ने अर्शदीप सिंह को भारतीय आक्रमण का ऐसा गेंदबाज बताया जिसने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा।

    नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका को लेकर भी कैफ ने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि नीतीश को पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। उनसे मुख्य तेज गेंदबाज जैसी जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके ओवर मध्यक्रम के दौरान पूरे कराए जाने चाहिए ताकि विशेषज्ञ गेंदबाजों पर दबाव कम रहे।

    श्रेयस अय्यर के लिए चिंता सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। उनका बल्ला भी पिछले कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाने के बाद अय्यर की पिछली आठ पारियों में 40 1 16 22 42 7 5 और 22 रन की पारियां शामिल हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उनकी कप्तानी के साथ बल्लेबाजी पर भी चर्चा तेज हो गई है।

  • 2027 वर्ल्ड कप पर रोहित शर्मा का बड़ा इशारा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को लेकर दिया दिलचस्प जवाब

    2027 वर्ल्ड कप पर रोहित शर्मा का बड़ा इशारा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को लेकर दिया दिलचस्प जवाब


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा एक बार फिर अपने मजेदार अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनके बयान की वजह साल 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप है। रोहित शर्मा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं इसलिए उन्हें भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल को खुश रखना होगा। उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया है। रोहित ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर में से किसी एक को चुनने के लिए कहा गया। अपने चुटीले जवाब से उन्होंने वहां मौजूद लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।

    दरअसल फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा कार्यक्रम के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान से एक दिलचस्प सवाल पूछा गया। उनसे जानना चाहा गया कि अगर उन्हें किसी आपात स्थिति में मदद के लिए फोन करना हो तो वह श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल में से किसे कॉल करेंगे। इस सवाल का जवाब देते हुए रोहित ने कहा कि दोनों ही भारतीय टीम के कप्तान हैं। शुभमन गिल फिलहाल उनके कप्तान हैं और वह 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं इसलिए उन्हें गिल को खुश रखना होगा। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर 2027 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करनी पड़ी तो उन्हें श्रेयस अय्यर को भी खुश रखना होगा। रोहित ने कहा कि उन्हें दोनों की जरूरत है।

    रोहित शर्मा का यह जवाब भले ही मजाकिया अंदाज में दिया गया हो लेकिन इससे उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उनके इस बयान को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। रोहित ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद इस प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया था। इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर केंद्रित किया। अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर उनकी दिलचस्पी ने प्रशंसकों के बीच नई उम्मीदें जगा दी हैं।

    रोहित शर्मा की हालिया फॉर्म भी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने 225 रन बनाए और भारतीय बल्लेबाजों में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वह अब भी बड़े मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि प्रशंसक उन्हें अगले वनडे वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखने की उम्मीद कर रहे हैं।

    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा भी रोहित शर्मा के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाद दोनों देशों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जानी है। वनडे मुकाबलों में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। दोनों दिग्गज बल्लेबाजों का अनुभव भारतीय टीम के लिए काफी अहम हो सकता है।

    फिलहाल रोहित शर्मा के सामने अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म को बनाए रखने की चुनौती है। 2027 वर्ल्ड कप तक उनकी निरंतरता और प्रदर्शन ही उनके चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके हालिया बयान ने यह जरूर साफ किया है कि वह अपने मजाकिया अंदाज में भविष्य की संभावनाओं को लेकर बात करने से पीछे नहीं हटते। अब देखना होगा कि आने वाले समय में रोहित का बल्ला किस तरह प्रदर्शन करता है और क्या वह 2027 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आते हैं।

  • भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज ड्रॉ, शाई होप बने सबसे बड़े हीरो, श्रेयस अय्यर ने मानी टीम इंडिया की रणनीति में कमी

    भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज ड्रॉ, शाई होप बने सबसे बड़े हीरो, श्रेयस अय्यर ने मानी टीम इंडिया की रणनीति में कमी


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हो गई। शनिवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां और निर्णायक मुकाबला बारिश के कारण नहीं खेला जा सका। लगातार बारिश और मैदान की परिस्थितियों को देखते हुए अंपायरों ने मैच रद्द करने का फैसला किया। इसके साथ ही सीरीज का परिणाम बराबरी पर रहा। मुकाबला रद्द होने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप के प्रदर्शन की तारीफ की और माना कि उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की।
    श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा कि भारतीय टीम दूसरे और चौथे टी20 मुकाबले में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। अगर इन मैचों में गेंदबाज अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर पाते तो परिणाम अलग हो सकता था। उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को शानदार बताते हुए कहा कि विरोधी टीम को उसके प्रदर्शन का पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। अय्यर के मुताबिक शाई होप ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और उनकी पारियों ने भारतीय टीम के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने होप को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी।
    इस सीरीज में शाई होप वेस्टइंडीज की सफलता के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने चार पारियों में दो शतकों की मदद से कुल 261 रन बनाए। इनमें से 204 रन उन्होंने केवल 95 गेंदों पर बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और वेस्टइंडीज को सीरीज में वापसी करने का मौका दिया। होप को उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
    सीरीज के दूसरे और चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को हराया था। इन दोनों मैचों में शाई होप ने शतक लगाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली। भारतीय टीम के लिए इन मुकाबलों में विपक्षी बल्लेबाजों को रोकना चुनौतीपूर्ण रहा। कप्तान अय्यर की टिप्पणी से भी साफ हुआ कि टीम को अपनी गेंदबाजी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने की जरूरत है।
    वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में शरफेन रदरफोर्ड का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने दूसरे टी20 में 37 गेंदों पर 84 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद चौथे मुकाबले में उन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। होप और रदरफोर्ड की पारियों ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को धार दी और भारतीय टीम के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा की।
    सीरीज बराबरी पर समाप्त होने के बाद शाई होप ने भी अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम जीत के काफी करीब पहुंची और इतने वर्षों में इस तरह की प्रतिस्पर्धा दिखाना खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। होप के अनुसार सीरीज में टीम ने खुद को अच्छा मौका दिया और यह संकेत है कि वेस्टइंडीज एक इकाई के रूप में आगे बढ़ रही है।
    पांचवें मुकाबले के बारिश में धुलने से दोनों टीमों को निर्णायक मैच खेलने का मौका नहीं मिला। भारतीय टीम जहां अपनी गेंदबाजी की कमियों से सबक लेकर आगे बढ़ना चाहेगी वहीं वेस्टइंडीज के लिए शाई होप और शरफेन रदरफोर्ड का प्रदर्शन सकारात्मक पहलू रहा। बराबरी पर खत्म हुई सीरीज ने दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाया।

  • होलकर स्टेडियम में आज बनेगा इतिहास? अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं सूर्या के दो रिकॉर्ड, ईशान और श्रेयस के पास भी बड़ा मौका

    होलकर स्टेडियम में आज बनेगा इतिहास? अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं सूर्या के दो रिकॉर्ड, ईशान और श्रेयस के पास भी बड़ा मौका


    नई दिल्ली। इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की नजरें सूर्यकुमार यादव के दो बड़े रिकॉर्ड पर टिकी हैं। वहीं ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर के पास भी भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने का मौका है। ऐसे में इस मुकाबले में रोमांचक क्रिकेट के साथ कई व्यक्तिगत उपलब्धियों पर भी दर्शकों की निगाहें रहेंगी।
    अभिषेक शर्मा इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनके पास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है। अभिषेक अब तक 64 मुकाबलों की 63 पारियों में 1967 रन बना चुके हैं और इसके लिए उन्होंने 1009 गेंदों का सामना किया है। तीसरे टी20 में 33 रन बनाते ही वह 2000 रन के आंकड़े तक पहुंच जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम है जिन्होंने अपनी 1164वीं गेंद पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन पूरे किए थे। अभिषेक को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए सूर्यकुमार से कम गेंदों में यह आंकड़ा पार करना होगा। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच और ग्लेन मैक्सवेल भी शामिल हैं।
    अभिषेक के निशाने पर सूर्यकुमार का एक और बड़ा रिकॉर्ड है। एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सूर्यकुमार शीर्ष पर हैं। उन्होंने 2022 में 31 मुकाबलों में 68 छक्के लगाए थे। अभिषेक 2026 में अब तक 31 मैचों में 63 छक्के जड़ चुके हैं। उन्हें सूर्यकुमार का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तीसरे टी20 में कम से कम छह छक्के लगाने होंगे। अगर अभिषेक ऐसा करने में सफल रहते हैं तो वह एक कैलेंडर वर्ष में पूर्ण सदस्य देशों के बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं।
    अभिषेक के पास टी20 क्रिकेट के सभी मुकाबलों में भी अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका है। उन्होंने 2025 में 41 मैचों में 108 छक्के लगाए थे। इस साल वह 46 मुकाबलों में 106 छक्के लगा चुके हैं। यानी अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए उन्हें तीन और छक्कों की जरूरत है। इंदौर में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी इस उपलब्धि को खास बना सकती है।
    ईशान किशन भी इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। उन्होंने 2026 में अब तक 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1085 रन बनाए हैं। भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल सूर्यकुमार यादव के नाम है जिन्होंने 2022 में 1164 रन बनाए थे। ईशान को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए तीसरे टी20 में कम से कम 80 रन बनाने होंगे। ऐसे में उनकी बल्लेबाजी भी मैच का अहम आकर्षण रहेगी।
    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के पास भी रिकॉर्ड बनाने का अवसर है। उन्होंने 2026 में भारत की कप्तानी करते हुए 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 551 रन बनाए हैं। एक कैलेंडर वर्ष में भारतीय कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। रोहित ने 2022 में 29 मैचों में 656 रन बनाए थे। श्रेयस को उनसे आगे निकलने के लिए 106 रन बनाने होंगे। कुल मिलाकर इंदौर में होने वाला यह मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए उपलब्धियों के लिहाज से बेहद खास हो सकता है। अब देखना होगा कि अभिषेक ईशान और श्रेयस में से कौन अपने प्रदर्शन से नया इतिहास रचता है।
  • कोहली, रोहित और धोनी की राह पर श्रेयस अय्यर, रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ रिकॉर्ड सुधारने उतरेगा भारत

    कोहली, रोहित और धोनी की राह पर श्रेयस अय्यर, रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ रिकॉर्ड सुधारने उतरेगा भारत

    नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे हैं। सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। अब टीम की कोशिश दूसरे मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने की होगी। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा।

    रांची का मैदान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए अब तक अच्छा साबित हुआ है। यहां खेले गए चार मुकाबलों में भारत ने तीन में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस बार वेस्टइंडीज की टीम पहली बार रांची में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेगी। ऐसे में मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान के रिकॉर्ड को कायम रखने के इरादे से उतरेगी, जबकि कैरेबियाई टीम के सामने इस मैदान पर अपनी पहली चुनौती का सामना करने का मौका होगा।

    रांची में भारतीय टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एकमात्र हार न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी। 27 जनवरी 2023 को खेले गए उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 21 रन से हराया था। उस समय भारतीय टीम की कप्तानी हार्दिक पंड्या के हाथों में थी। इसके अलावा भारत ने इस मैदान पर श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले खेले हैं और तीन मैचों में जीत हासिल की है।

    रांची में भारत की जीतों का सिलसिला अलग-अलग कप्तानों के नेतृत्व में देखने को मिला है। यहां पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 12 फरवरी 2016 को खेला गया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को 69 रन से हराया था। इसके बाद 7 अक्टूबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम ने विराट कोहली के नेतृत्व में नौ विकेट से जीत दर्ज की। वहीं, 19 नवंबर 2021 को रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से मात दी थी। अब श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम के सामने इसी जीत के रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने का अवसर है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के कुल रिकॉर्ड में भी भारतीय टीम आगे है। दोनों देशों के बीच अब तक 32 मैच खेले गए हैं। इनमें भारत ने 21 मुकाबले जीते हैं, जबकि वेस्टइंडीज को 10 मैचों में सफलता मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस आंकड़े के आधार पर भारत का पलड़ा भारी दिखाई देता है, लेकिन दूसरे टी20 में टीम को जीत दर्ज करने के लिए मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

    दूसरे मुकाबले के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और मयंक यादव शामिल हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन दोनों विकेटकीपर के विकल्प हैं। भारतीय टीम के घोषित स्क्वॉड में वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव और नीतीश कुमार रेड्डी समेत 15 खिलाड़ी शामिल हैं।

    वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग इलेवन में शाई होप, कामिल पूरन, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज, अकील हुसैन, शमर स्प्रिंगर और शमर जोसेफ के नाम हैं। टीम के घोषित स्क्वॉड में आमिर जंगू, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल और क्वेंटिन सैम्पसन भी शामिल हैं। रांची में होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए सीरीज में बढ़त मजबूत करने और अपने घरेलू रिकॉर्ड को कायम रखने का मौका होगा।

  • श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला

    श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुकाबलों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के कुछ अहम नॉकआउट मुकाबलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर में खेले जाने वाले मुकाबले अब जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजे की जगह 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे। इसका सीधा असर भारतीय टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर भी पड़ेगा। हालांकि महिला क्रिकेट के मुकाबलों की टाइमिंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेलेगी। यह मैच जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। जापान भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है इसलिए भारतीय दर्शक इस मुकाबले को सुबह 10 बजे से देख सकेंगे। वहीं सुबह के स्लॉट में होने वाले मुकाबले पहले की तरह जापान में सुबह 9 बजे शुरू होंगे जिसका मतलब भारत में इनका प्रसारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट से होगा।

    टाइमिंग में यह बदलाव केवल क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं है। 1 अक्टूबर को होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भी जापान के समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा। भारतीय टीम के इस चरण तक पहुंचने की पूरी संभावना मानी जा रही है। इसके बाद 3 अक्टूबर को होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला भी दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू किया जाएगा। ऐसे में अगर श्रेयस अय्यर की टीम फाइनल तक पहुंचती है तो भारत में क्रिकेट फैंस को गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला सुबह 10 बजे से देखने को मिलेगा। वहीं पहला क्वार्टर फाइनल जिसमें पाकिस्तान शामिल है पहला सेमीफाइनल और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला सुबह 9 बजे के जापानी समय से ही खेले जाएंगे।

    मैचों की टाइमिंग में बदलाव की वजह भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जिस स्थान पर एशियन गेम्स के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए जाएंगे वहां फ्लडलाइट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जापान में शाम जल्दी होने के कारण आयोजकों को लंबे चलने वाले पुरुष मुकाबलों को समय से पहले समाप्त कराने की जरूरत महसूस हुई। इसी वजह से दोपहर वाले मैचों को आधा घंटा पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस बदलाव की जानकारी सभी संबंधित पक्षों तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी। भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों ने भी इस संबंध में अनभिज्ञता जताई थी जबकि आधिकारिक कार्यक्रम में संशोधित समय अपडेट कर दिया गया है।

    एशियन गेम्स में भारत की टीम को बेहद मजबूत माना जा रहा है। पिछली बार ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर वरुण चक्रवर्ती रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में होना है। भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को होने वाला टी20 मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। यह मुकाबला अलग कार्यक्रम के तहत सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की मजबूत स्क्वॉड को देखते हुए इस बार भी गोल्ड मेडल की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

  • सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती

    सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे की कोशिश वापसी करते हुए सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने की होगी।

    पहले टी20 में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया था। तेज गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को महज 125 रन पर समेट दिया। युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो सफलताएं हासिल कीं, जबकि अशोक शर्मा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया।

    बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही। युवा बल्लेबाज ने केवल 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। ईशान किशन ने भी 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पहले मुकाबले में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। वेस्ली मधेवेरे ने 39 रन और रयान बर्ल ने 26 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दो विकेट लेकर प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पहले मुकाबले में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई थी। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजों ने भी यहां खुलकर रन बनाए। इस मैदान पर अब तक 84 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 45 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 37 मैच जीते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन, जबकि दूसरी पारी का औसत 133 रन रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार दूसरे टी20 के दौरान हरारे में मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेगी। यदि टीम इंडिया पहले मैच जैसी लय बरकरार रखती है तो उसके पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका होगा। वहीं जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड

    वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत टीम इंडिया ने बेहद शानदार अंदाज में की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को 7 विकेट से करारी शिकस्त देते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी रही जिन्होंने अपनी तूफानी पारी से मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। भारत ने 126 रन के लक्ष्य को सिर्फ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला समाप्त कर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 120 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गेंदों के लिहाज से अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    इस मुकाबले में पहले गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद भी विकेटों का पतन लगातार जारी रहा और 32 रन तक जिम्बाब्वे अपने चार प्रमुख बल्लेबाज गंवा चुका था। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ के साथ मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    मुश्किल परिस्थिति में रेयान बर्ल और वेस्ली मधेवेरे ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को कुछ हद तक संकट से बाहर निकाला। मधेवेरे ने बाद में तादिवानाशे मारुमानी के साथ भी उपयोगी रन जोड़े जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर सम्मानजनक स्थिति तक पहुंच सका। मधेवेरे ने 39 रन बनाए जबकि मारुमानी 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। रेयान बर्ल ने 26 रन का योगदान दिया और जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए।

    भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई ने भी एक-एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को कभी खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अनुशासित गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम ने लक्ष्य को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।

    126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने से हुई लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक तेवर से मैच का रंग बदल दिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ तेज साझेदारी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें चार चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। इस अर्धशतक के साथ उन्होंने इतिहास रचते हुए 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा पुरुष बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

    वैभव के आउट होने के बाद ईशान किशन ने 35 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन बनाकर जीत की औपचारिकता पूरी की। अंत में तिलक वर्मा ने भी नाबाद रहकर टीम को आसान जीत तक पहुंचाया। जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने दो विकेट लिए जबकि रिचर्ड नगारवा को एक सफलता मिली।

    यह मुकाबला कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रहा क्योंकि बतौर कप्तान उन्हें लगातार निराशाओं के बाद पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत मिली। इससे पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब भारत की नजरें शेष दो मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर खेले जाने वाले अगले दोनों मैचों में भारतीय टीम अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी जबकि जिम्बाब्वे वापसी की कोशिश करेगा।

  • भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का रोमांच शुरू, इन पांच खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का रुख

    भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का रोमांच शुरू, इन पांच खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का रुख


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज गुरुवार से होने जा रहा है। इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया अब नई चुनौती के लिए तैयार है। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और उनका लक्ष्य कप्तान के रूप में विजयी शुरुआत करना होगा। सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा, जबकि कुछ अनुभवी चेहरे भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में पांच भारतीय खिलाड़ियों पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहने वाली है।

    सबसे पहले बात करें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले वैभव उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे। लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहने के बाद अब उनके पास जिम्बाब्वे के खिलाफ खुद को साबित करने का शानदार अवसर है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वैभव से टीम इंडिया को तेज शुरुआत की उम्मीद होगी।

    सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी इस सीरीज के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है और उन्होंने छह टी20 मुकाबलों में 179 रन बनाए हैं। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम तीन मैचों में उनका बल्ला शांत रहा था। ऐसे में वह इस दौरे पर दमदार वापसी करने के इरादे से उतरेंगे। अभिषेक के पास कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका है।

    कप्तान श्रेयस अय्यर पर भी सभी की नजरें रहेंगी। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी और अब उसी लय को टी20 प्रारूप में भी बरकरार रखना चाहेंगे। अय्यर की सबसे बड़ी ताकत परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना है। वह जरूरत पड़ने पर पारी को संभाल भी सकते हैं और तेजी से रन भी बना सकते हैं। कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

    तेज गेंदबाज प्रिंस यादव भी इस सीरीज में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपनी रफ्तार और सटीक यॉर्कर से प्रभावित किया था, हालांकि विकेट उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिले। जिम्बाब्वे के खिलाफ वह नई गेंद और डेथ ओवरों दोनों में टीम के लिए प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनकी गति विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

    वहीं तेज गेंदबाज मयंक यादव की वापसी भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साह का विषय है। अपनी तेज रफ्तार के कारण आईपीएल में सुर्खियां बटोर चुके मयंक लंबे समय तक चोट से जूझते रहे हैं। अनुभवी गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की संभावना है। यदि वह अपनी पुरानी लय में दिखाई देते हैं तो भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को नई धार मिल सकती है।

    युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के इस संतुलित संयोजन के साथ टीम इंडिया जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब देखना होगा कि इन पांच खिलाड़ियों में कौन अपने प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ता है और भारत को सीरीज में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।

  • भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत

    भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज में 3-0 से पिछड़ चुकी भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं है। इस मैच में उसकी प्रतिष्ठा के साथ आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी दांव पर लगा है। यदि इंग्लैंड अंतिम मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन सकता है।

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी सीरीज में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी लगातार संघर्ष करती नजर आई। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मिले मौकों का फायदा नहीं उठा सके, जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रन बनाने के लिए जूझते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी अब तक शांत रहा है।

    हालांकि चौथे मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम संघर्ष करती नजर आई है। अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। स्पिन आक्रमण में भी अक्षर पटेल और अन्य गेंदबाज अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का प्रदर्शन पूरी सीरीज में संतुलित और प्रभावशाली रहा है। कप्तान हैरी ब्रूक ने उदाहरण पेश करते हुए चौथे टी20 में 35 गेंदों पर 79 रन की विस्फोटक पारी खेली। फिल साल्ट, जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी बल्लेबाजी में लगातार योगदान दिया है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद ने मध्य ओवरों में विकेट निकालकर टीम को मजबूती दी।

    रोज बाउल की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है, जबकि दूसरी पारी का औसत 138 रन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 8 मुकाबलों में जीत मिली है।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। पूर्वानुमान के अनुसार साउथैम्पटन में शनिवार को आसमान साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है।

    भारतीय टीम के लिए यह मैच सीरीज में सम्मानजनक विदाई के साथ-साथ अपनी नंबर-1 रैंकिंग बचाने का सुनहरा मौका भी है। वहीं इंग्लैंड इस जीत के साथ सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा साबित करने और टी20 क्रिकेट की नई नंबर-1 टीम बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा।