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  • UP: श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा का आज शंखनाद, साध्वी ऋतंभरा समेत 12 संतों को पुलिस का रेड कार्ड नोटिस

    UP: श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा का आज शंखनाद, साध्वी ऋतंभरा समेत 12 संतों को पुलिस का रेड कार्ड नोटिस


    मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए कारसेवा की घोषणा का रविवार को मथुरा में शंखनाद होगा। राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हैंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में हवन-यज्ञ और शिला पूजन के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर देशभर से साधु-संतों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। 13 अखाड़ों के संतों और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है।

    कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए साध्वी ऋतंभरा, कथावाचक देवकीनंदन महाराज और महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज समेत 12 साधु-संतों को रेड कार्ड नोटिस जारी किया है।

    आश्रम से बाहर नहीं निकलेगी कारसेवा
    चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को अयोध्या में हुए श्रीराम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा का ऐलान किया था। इसके बाद 12 जुलाई को उन्होंने हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर समर्थन मांगा था।

    स्वामी सच्चिदानंद ने पहले कहा था कि 9 अगस्त को कारसेवा की विधिवत घोषणा की जाएगी। शुरुआत में यह संभावना जताई जा रही थी कि कार्यक्रम के बाद कारसेवक आश्रम से बाहर निकलेंगे, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि रविवार को सभी कार्यक्रम आश्रम परिसर में ही होंगे। उन्होंने बताया कि साधु-संत आश्रम में ही आगे की रणनीति पर मंथन करेंगे और कारसेवा की अगली दिशा को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

    बंसीपहाड़पुर से पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से भरतपुर के बंसीपहाड़पुर से गुलाबी पत्थर मंगाए जा रहे हैं। करीब 50 हजार घन फीट पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। इनमें से 350 घन फीट पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार देर रात चित्रगुप्त पीठ पहुंच चुकी है।

    इन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में भी किया गया है। कारसेवा के शंखनाद के बाद इन पत्थरों पर नक्काशी का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए ओडिशा से 20 कारीगरों को बुलाया गया है। कारीगर पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और राधा-कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े चित्र उकेरेंगे। उनके पहुंचते ही नक्काशी का काम शुरू होने की तैयारी है।

    12 संतों को नोटिस, सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र
    स्वामी सच्चिदानंद के मुताबिक कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से उन्हें और अन्य संतों को रेड कार्ड नोटिस दिए जा रहे हैं। इनमें साध्वी ऋतंभरा, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, श्रीचरणदास महाराज, सौरभ गौड़, सीतारामदास महाराज, संत अभिषेक ब्रह्मचारी, मोहिनी बिहारी शरण महाराज और महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज समेत 12 संत शामिल हैं।

    नोटिस में पुलिस ने धार्मिक भावनाओं की आड़ में समाज को उत्तेजित करने और कारसेवा के नाम पर सोशल मीडिया पर वीडियो या पोस्टर साझा किए जाने का हवाला दिया है। प्रशासन ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान और आसपास ऐसी गतिविधियों से बचने को कहा है, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उल्लंघन की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

    पत्थरों की दूसरी खेप फिलहाल रोकी गई
    स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि गुलाबी पत्थरों की दूसरी खेप फिलहाल रोक दी गई है। रविवार के कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिला पूजन और कारसेवा के शंखनाद पर जोर रहेगा। इसके बाद आश्रम में मौजूद साधु-संत आपस में विचार-विमर्श करेंगे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए प्रस्तावित कारसेवा की आगे की दिशा तय करेंगे।

  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 9 अगस्त से कारसेवा, मथुरा में जुटने लगे साधु-संत, पुलिस अलर्ट

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 9 अगस्त से कारसेवा, मथुरा में जुटने लगे साधु-संत, पुलिस अलर्ट

    मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए मथुरा में 9 अगस्त से प्रस्तावित कारसेवा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में 9 अगस्त को कारसेवा का शंखनाद किया जाएगा। आयोजन से पहले ही देश के अलग-अलग हिस्सों से साधु-संतों का मथुरा पहुंचना शुरू हो गया है। कार्यक्रम में 13 अखाड़ों के महंतों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। आयोजन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

    श्रीराम मंदिर में लगे पत्थरों की पहली खेप पहुंची
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए मंगाए गए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार देर रात चित्रगुप्त पीठ पहुंच गई। ये पत्थर राजस्थान के भरतपुर स्थित बंसीपहाड़पुर से मंगाए गए हैं। इसी क्षेत्र के गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण में भी किया गया है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज की ओर से इन पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। रविवार से शंखनाद कार्यक्रम के लिए पत्थरों को तराशने का काम शुरू किए जाने की तैयारी है।

    5 हजार मीट्रिक टन पत्थरों का दिया गया है ऑर्डर
    स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अनुसार, 9 अगस्त को आश्रम से विधिवत कारसेवा की घोषणा की जाएगी। इसके लिए एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 13 अखाड़ों के साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया है। इसके लिए गुलाबी रंग के करीब 5 हजार मीट्रिक टन पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। इनमें से एक खेप शुक्रवार देर रात पहुंच चुकी है।

    अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर कारसेवा का ऐलान
    स्वामी सच्चिदानंद ने इससे पहले 4 जुलाई को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा का ऐलान किया था। इसके बाद 12 जुलाई को उन्होंने हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर इस अभियान के लिए समर्थन मांगा था।

    अब 9 अगस्त को चित्रगुप्त पीठ में होने वाले कार्यक्रम पर सभी की नजर है। साधु-संतों के जुटने और कारसेवा के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां


    मथुरा ।
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) बनाम शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Mosque) मामले में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के विश्वरूप एवं अन्य देवों की मूर्तियों के तथ्य अदालत में पेश किए जाएंगे। ये मूर्तियां समय समय पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में कराई गई खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थीं जो इस समय मथुरा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। जन्मभूमि पक्ष ने पत्र के माध्यम से इन सभी के बारे में पूरी जानकारी संग्रहालय से प्राप्त कर ली है। जन्मभूमि पक्ष इसे अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।

    मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जन्मभूमि पक्ष यह बात रख रहा है कि जहां वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद बनी है वही क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है जबकि मस्जिद पक्ष इसका विरोध कर रहा है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट में जन्मभूमि पक्ष वाद बिंदू तय कराने के लिए अपनी दलील पेश कर रहा है जबकि मस्जिद पक्ष ने दलील दी है कि दूसरा पक्ष पहले यह तो साबित करे कि यह आस्था का विषय है। दोनों पक्ष अपनी अपनी बात के लिए तमाम साक्ष्य जुटा रहे हैं।

    इस मामले के वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीआई के माध्यम से राजकीय संग्रहालय से उन मूर्तियों की जानकारी जुटाई है जो विभिन्न समय पर इस क्षेत्र में हुई खुदाई में प्राप्त हुई हैं। वहां से विधिवत सूचना प्रेषित कर दी गई है। ऐसी सात मूर्तियां एवं स्तंभ की जानकारी दी गई जो यहां से प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन मूर्ति व एक स्तंभ ऐसा है जिसे हिंदू पक्ष अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।

    ये भगवान कार्तिकेय एवं अग्निदेव की, देवी गंगा एवं विश्वरूप विष्णु भगवान की हैं। अन्य भगवान बुद्ध एवं जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ से जुड़े हैं। ये सभी कटरा केशवदेव, श्रीकृष्ण जन्मस्थान से प्राप्त हुई हैं। यह पूरा क्षेत्र कटरा केशवदेव के ही नाम से जाना जाता है व अभिलेखों में भी दर्ज है।

    हमनें संग्रहालय से रखी इन मूर्तियों के बारे में जानकारी ली है। चाहे भगवान विष्णु का विश्वरूप हो या भगवान कार्तिकेय या नदी देवी की मूर्ति, सभी यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र हिंदू आस्था का केंद्र रहा है। खास तौर से भगवान कृष्ण से जुड़ा रहा है। हम ये सारे तथ्य अदालत में पेश कर रहे हैं।
    -एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास

    मामला अदालत में विचाराधीन है। इस दौरान विभिन्न साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाते हैं। जो भी सबूत वो कोर्ट में पेश करेंगे उसका अध्ययन कर हम अपनी दलील पेश करेंगे। पहले भी इस तरह के तथ्य पेश किए गए हैं।
    -एडवोकेट तनवीर अहमद, शाही ईदगाह मस्जिद सचिव एवं पैरोकार