Tag: Shri Mahakaleshwar Temple

  • महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक

    महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक


    उज्जैन। उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान टीवी और फिल्म एक्ट्रेस कावेरी प्रियम भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने आरती में भाग लिया और नंदी हॉल में बैठकर इस दिव्य अनुष्ठान का अनुभव किया। आरती के बाद उन्होंने मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    ‘भस्म आरती में मिलती है अद्भुत ऊर्जा’


    दर्शन के बाद कावेरी प्रियम ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि बाबा महाकाल के दरबार की शक्ति को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। उन्होंने बताया, “मैं पिछले तीन वर्षों से यहां लगातार आ रही हूं। भस्म आरती के समय जो ऊर्जा महसूस होती है, वह सच में अद्भुत और अलौकिक है।”

    टीवी से फिल्मों तक बनाया खास मुकाम


    कावेरी प्रियम ने अपने करियर की शुरुआत टीवी शो नागिन 2 में बीके के किरदार से की थी। इसके बाद उन्होंने ये रिश्ते हैं प्यार के में कुहू माहेश्वरी राजवंश और जिद्दी दिल माने ना में डॉ. मोनामी महाजन की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच पहचान बनाई। फिल्मों में उन्होंने तिश्नगी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।
  • महाकाल के दरबार में भारतीय क्रिकेटर: कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल ने की भस्म आरती, कहा मिलती है सकारात्मक ऊर्जा

    महाकाल के दरबार में भारतीय क्रिकेटर: कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल ने की भस्म आरती, कहा मिलती है सकारात्मक ऊर्जा


    उज्जैन । धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आम भक्तों के साथ साथ देश विदेश की चर्चित हस्तियां भी बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रही हैं। इसी क्रम में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल मंगलवार तड़के महाकाल मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने भगवान महाकालेश्वर की प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर पूजा अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुबह ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दौरान दोनों क्रिकेटरों ने पूरे विधि विधान से दर्शन किए। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग के समक्ष उन्होंने ध्यान लगाया और नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। भस्म आरती के आध्यात्मिक वातावरण और मंत्रोच्चार के बीच दोनों खिलाड़ी श्रद्धा में लीन दिखाई दिए।

    भस्म आरती के उपरांत मंदिर समिति की ओर से दोनों खिलाड़ियों का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। उन्हें प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी क्रिकेटरों की एक झलक पाने के लिए उत्साह दिखाया हालांकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही।

    इस अवसर पर कर्ण शर्मा ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उन्हें बार बार उज्जैन आने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा जब भी बाबा बुलाते हैं मैं दर्शन के लिए जरूर आता हूं। यहां आकर मन को शांति मिलती है और मंदिर की व्यवस्थाएं भी अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने भस्म आरती को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि इस आरती में शामिल होना किसी भी श्रद्धालु के लिए विशेष सौभाग्य की बात है।

    वहीं सिद्धार्थ कौल ने भी बाबा महाकाल के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भस्म आरती के दौरान जो आध्यात्मिक वातावरण बनता है वह मन और आत्मा को एक अलग शक्ति देता है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार बाबा महाकाल की भस्म आरती में जरूर शामिल होना चाहिए कौल ने कहा।

    उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है। देश विदेश से श्रद्धालु इस अनूठी आरती के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। क्रिकेटरों की इस आध्यात्मिक यात्रा ने एक बार फिर यह साबित किया कि खेल जगत की हस्तियां भी अपनी आस्था से गहराई से जुड़ी हैं और महत्वपूर्ण अवसरों पर ईश्वर का आशीर्वाद लेना नहीं भूलतीं।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से हुआ भव्य श्रृंगार

    उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से हुआ भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार दोपहर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती संपन्न हुई। साल में केवल एक बार होने वाली यह भस्म आरती दोपहर 12 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। इससे पहले सुबह से ही चार प्रहर पूजन, अभिषेक और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया।

    रविवार रात 10:30 बजे से प्रारंभ हुए चार प्रहर पूजन में 11 ब्राह्मणों ने एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रों के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया। पंचामृत, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और केसर मिश्रित दूध से पूजा के बाद भगवान को नवीन वस्त्र और सप्तधान्य अर्पित किए गए। इसके बाद मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्पों से तैयार 3 क्विंटल का भव्य सेहरा बांधा गया और रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष माला सहित अन्य आभूषणों से अलंकरण किया गया।

    सेहरा आरती के बाद भस्म आरती के लिए भगवान का सेहरा उतारा गया और आभूषण, वस्त्र हटाकर भस्म अर्पित किया गया। इस भस्मारती में प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 2:30 बजे भोग आरती संपन्न हुई, जिसके बाद नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में ब्राह्मणों का भोजन कराते हुए दक्षिणा प्रदान की गई।

    भस्मारती के बाद संध्या पूजन, संध्या आरती और शयन आरती के साथ भगवान के पट बंद किए गए। महाशिवरात्रि पर्व का समापन 18 फरवरी को पंचमुखारविंद दर्शन के साथ होगा, जिसमें भगवान के पांच स्वरूपों का दर्शन किया जाएगा।

    महाशिवरात्रि पर मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब रहा। रविवार तक करीब 4 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। शहर के होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल हो चुके हैं, जिससे महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।

  • श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर की पूजा

    उज्‍जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर उज्जैन स्थित प्रसिद्ध श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दरबार में भक्ति भाव से पूजा कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर प्रदेश के विकास, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा सम्पन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में भक्तों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।