Tag: ShubmanGill

  • चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही एकदिवसीय श्रृंखला के तीसरे और अंतिम मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में दोनों टीमों के लिए अलग-अलग लक्ष्य हैं। जहां भारतीय टीम श्रृंखला में क्लीन स्वीप दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरी है, वहीं अफगानिस्तान की कोशिश सम्मानजनक जीत हासिल कर दौरे का समापन करने की है।

    श्रृंखला के शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। लगातार दो जीत के साथ मेजबान टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में अंतिम मुकाबला परिणाम के लिहाज से भले ही निर्णायक न हो, लेकिन दोनों टीमों के लिए यह अपनी तैयारियों और संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

    टॉस जीतने के बाद अफगानिस्तान के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम प्रबंधन का मानना है कि चेन्नई की पिच शुरुआती चरण में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल हो सकती है और बड़ा स्कोर खड़ा कर दबाव बनाने की रणनीति टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसी सोच के तहत अफगानिस्तान ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव किए हैं, जिससे टीम को नया संतुलन और अतिरिक्त मजबूती देने का प्रयास किया गया है।

    दूसरी ओर भारतीय कप्तान ने भी स्वीकार किया कि यदि टॉस उनके पक्ष में जाता तो टीम पहले बल्लेबाजी को ही प्राथमिकता देती। हालांकि भारतीय खेमे का आत्मविश्वास मजबूत दिखाई दे रहा है, क्योंकि टीम ने पूरे दौरे में संतुलित और आक्रामक क्रिकेट का प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों ने प्रभावशाली योगदान दिया है।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो शीर्ष क्रम शानदार फॉर्म में नजर आ रहा है। पिछले मुकाबले में टीम के प्रमुख बल्लेबाजों ने बड़ी साझेदारी कर विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया था। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलित प्रदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजी को मजबूत बनाया है। मध्यक्रम में भी टीम के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो तेज गति से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारत को लगातार सफलता मिली है। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के संयोजन ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नई गेंद से शुरुआती सफलता और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता ने भारतीय टीम को श्रृंखला में बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    अफगानिस्तान के लिए अब तक की श्रृंखला चुनौतीपूर्ण रही है। टीम के कुछ बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सामूहिक प्रयास की कमी स्पष्ट दिखाई दी। शीर्ष क्रम के कुछ खिलाड़ियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। गेंदबाजी विभाग भी अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा, जिसके कारण टीम को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।

    तीसरे मुकाबले में अफगानिस्तान की उम्मीदें उसके अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। यदि शीर्ष क्रम मजबूत शुरुआत देने में सफल रहता है तो टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं भारत की नजर एक और प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ श्रृंखला को 3-0 से समाप्त करने पर होगी।

    चेन्नई में खेला जा रहा यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने और टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं के लिए विकल्प तलाशने का भी अवसर प्रदान कर रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या भारत क्लीन स्वीप पूरा कर पाएगा या अफगानिस्तान अंतिम मुकाबले में वापसी कर सम्मान बचाने में सफल रहेगा।

  • चेन्नई में सीरीज के आखिरी मुकाबले की जंग, भारत की नजर क्लीन स्वीप पर तो अफगानिस्तान के सामने सम्मान बचाने की चुनौती

    चेन्नई में सीरीज के आखिरी मुकाबले की जंग, भारत की नजर क्लीन स्वीप पर तो अफगानिस्तान के सामने सम्मान बचाने की चुनौती


    नई दिल्ली ।
    भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। शुरुआती दोनों मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर भारतीय टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है और अब उसकी नजर क्लीन स्वीप पर टिकी है। दूसरी ओर अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा बचाने का अवसर होगा। लगातार दो हार के बाद टीम अंतिम मैच में बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का समापन सकारात्मक अंदाज में करना चाहेगी।

    भारतीय टीम इस समय शानदार लय में दिखाई दे रही है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों ने प्रभावित किया है। कप्तान शुभमन गिल सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। उन्होंने शुरुआती दोनों मुकाबलों में लगातार रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी है। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को आत्मविश्वास प्रदान किया है। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी उपयोगिता साबित की है। पिछले मुकाबले में उनकी शतकीय पारी ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की मजबूती को और अधिक रेखांकित किया।

    रोहित शर्मा ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी। हालांकि अंतिम मुकाबले में टीम प्रबंधन की निगाहें यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों पर भी रहेंगी, जिनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। मध्यक्रम का मजबूत प्रदर्शन भारत को एक और बड़ी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। तेज गेंदबाजों और युवा खिलाड़ियों ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा है। नई गेंद से मिली सफलता और मध्य ओवरों में विकेट लेने की क्षमता ने भारत को दोनों मुकाबलों में बढ़त दिलाई। युवा गेंदबाजों ने भी अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    दूसरी तरफ अफगानिस्तान के लिए यह सीरीज अब तक निराशाजनक रही है। टीम के कुछ बल्लेबाजों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश खिलाड़ी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ मौकों पर संघर्ष जरूर किया, लेकिन साझेदारियों की कमी और लगातार विकेट गिरने के कारण टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। गेंदबाजी में भी अफगानिस्तान का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जिसका फायदा भारतीय बल्लेबाजों ने भरपूर उठाया।

    चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। यहां की सतह पर गेंद कुछ धीमी गति से आती है, जिससे बल्लेबाजों को धैर्य के साथ खेलना पड़ता है। हालांकि हाल के वर्षों में यहां बल्लेबाजों को भी मदद मिलती रही है और बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। ऐसे में दोनों टीमों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।

    मौसम भी मुकाबले को प्रभावित कर सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार मैच के दौरान बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि मौसम ने हस्तक्षेप किया तो मैच की गति और रणनीति दोनों प्रभावित हो सकती हैं। तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और सहनशक्ति भी परीक्षा में रहेगी।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला सीरीज परिणाम से अधिक दोनों टीमों की मानसिकता और प्रदर्शन का परीक्षण होगा। भारत जहां अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए क्लीन स्वीप का लक्ष्य लेकर उतरेगा, वहीं अफगानिस्तान सम्मानजनक जीत के साथ दौरे का समापन करने की पूरी कोशिश करेगा।

  • धर्मशाला वनडे: शुभमन गिल संग तालमेल में भारी चूक, रन आउट होकर गुस्से में पवेलियन लौटे रोहित शर्मा, तोड़ा 37 साल पुराना रिकॉर्ड

    धर्मशाला वनडे: शुभमन गिल संग तालमेल में भारी चूक, रन आउट होकर गुस्से में पवेलियन लौटे रोहित शर्मा, तोड़ा 37 साल पुराना रिकॉर्ड

    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला के सुरम्य मैदान पर खेले गए पहले वनडे मुकाबले में एक ऐसा नाटकीय मोड़ देखने को मिला, जिसने मैदान पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। शानदार बल्लेबाजी कर रहे अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा अपने जोड़ीदार और कप्तान शुभमन गिल के साथ रन लेने के दौरान हुई एक बड़ी गलतफहमी का शिकार हो गए। इस तालमेल की कमी के कारण ‘हिटमैन’ को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट होकर क्रीज छोड़नी पड़ी, जिसके बाद वे मैदान से बाहर जाते समय अपने गुस्से और निराशा को छुपा नहीं सके।

    बारिश के खलल के कारण इस मुकाबले को अंपायरों द्वारा 25-25 ओवर का कर दिया गया था, जहां भारतीय टीम को जीत के लिए 195 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला था। इस कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय सलामी जोड़ी ने टीम को एक बेहद सधी हुई और आक्रामक शुरुआत दिलाई। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने अफगानी गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाते हुए पहले विकेट के लिए महज 46 रन जोड़ दिए थे। दोनों ही खिलाड़ी बिना किसी जोखिम के आसानी से रन चुरा रहे थे और बाउंड्री बटोर रहे थे, जिससे भारतीय पारी बेहद मजबूत स्थिति की तरफ बढ़ रही थी।

    यह पूरा वाकया भारतीय पारी के छठे ओवर के दौरान घटित हुआ, जब अफगानिस्तान के युवा मिस्ट्री स्पिनर अल्लाह गजनफर गेंदबाजी मोर्चे पर तैनात थे। रोहित शर्मा ने उनकी एक गेंद को हल्के हाथों से मिडविकेट की दिशा में ढकेला और एक त्वरित सिंगल चुराने के लिए तेजी से दौड़ पड़े। उनके जोड़ीदार शुभमन गिल ने भी शुरुआत में इस रन के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अपने कदम आगे बढ़ाए, लेकिन फील्डर की फुर्ती को देखते हुए गिल ने अचानक अपना मन बदल लिया और बीच रास्ते से ही रोहित को वापस लौटने की ‘ना’ कह दी।

    शुभमन गिल का यह फैसला रोहित के लिए काफी देर से आया क्योंकि तब तक वे क्रीज से बहुत आगे निकल चुके थे और उनके लिए वापस मुड़ना लगभग असंभव था। इसके बावजूद रोहित शर्मा ने डाइव लगाकर क्रीज में सुरक्षित लौटने का पूरा प्रयास किया, लेकिन अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने बिना कोई गलती किए बेहद फुर्ती से गेंद को विकेटकीपर की तरफ थ्रो किया, जिन्होंने तुरंत गिल्लियां बिखेर दीं। यह रन आउट इतना साफ था कि थर्ड अंपायर द्वारा रिप्ले देखे जाने की औपचारिकता पूरी होने से पहले ही रोहित शर्मा बेहद गुस्से और झुंझलाहट में पवेलियन की तरफ चल दिए।

    रोहित शर्मा भले ही केवल 16 रन बनाकर आउट हो गए और एक बड़ी पारी खेलने से चूक गए, लेकिन इस संक्षिप्त उपस्थिति के दौरान भी उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया। 39 साल और 44 दिन की उम्र में इस मुकाबले में उतरते ही वे भारत के लिए वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही उन्होंने साल 1983 की विश्व विजेता टीम के महान सदस्य मोहिंदर अमरनाथ का करीब 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया, जिन्होंने 1989 में 39 साल और 36 दिन की उम्र में अपना आखिरी वनडे खेला था।

    इसके अतिरिक्त रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर ओपनर खेलते हुए अपने 16000 रन भी पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले वे देश के पहले सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। हालांकि भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल की शानदार कप्तानी पारी की बदौलत इस मुकाबले को सात विकेट से अपने नाम कर लिया और सीरीज में बढ़त बना ली, लेकिन रोहित का यह रन आउट क्रिकेट पंडितों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना रहा। अब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान लखनऊ में होने वाले अगले वनडे मुकाबले में अपनी इस निराशा को भुलाकर एक धाकड़ पारी खेलने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।