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  • ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज के बाद जारी ताजा ICC ODI बल्लेबाजी रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा कायम है। कप्तान शुभमन गिल नंबर-1 बल्लेबाज बनने से सिर्फ एक रेटिंग अंक दूर हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा टॉप-5 में बने हुए हैं।

    बल्लेबाजी रैंकिंग: मुख्य बातें
    शुभमन गिल: इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 188 रन बनाने के बाद गिल के खाते में 801 रेटिंग अंक हो गए हैं। वह शीर्ष पर मौजूद न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल (802 अंक) से सिर्फ एक अंक पीछे हैं।

    विराट कोहली: 767 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    रोहित शर्मा: 758 अंकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं।

    श्रेयस अय्यर: दो स्थान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    इंग्लैंड के खिलाड़ियों को फायदा

    जो रूट: भारत के खिलाफ सीरीज में 249 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने गए जो रूट ने चार स्थान की छलांग लगाई है और अब आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    बेन डकेट: 11 पायदान चढ़कर संयुक्त रूप से 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    जैकब बेथेल: पांच स्थान के सुधार के साथ 64वें नंबर पर आ गए हैं।

    गेंदबाजी रैंकिंग का हाल
    कुलदीप यादव: भारत के स्टार स्पिनर को नुकसान हुआ है और वह टॉप-10 से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गए हैं।

    राशिद खान: अफगानिस्तान के राशिद खान गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं।

    जोफ्रा आर्चर: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में 5 विकेट लेने के बाद इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद उनसे ऊपर दूसरे स्थान पर हैं।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा

    वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला बर्मिंघम के ऐतिहासिक एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा जहां भारतीय टीम टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार का हिसाब बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। हालांकि हालिया टी20 प्रदर्शन भारत के पक्ष में नहीं रहा लेकिन वनडे क्रिकेट का इतिहास टीम इंडिया के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़े साफ बताते हैं कि इस प्रारूप में भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 110 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें से 61 मैच भारत ने अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड केवल 44 मुकाबलों में जीत दर्ज कर सका है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया ने लगातार इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा है और यही इतिहास एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा।

    हालांकि इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड अपेक्षाकृत संतुलित रहा है। इंग्लैंड में दोनों टीमों के बीच खेले गए 44 वनडे मुकाबलों में भारत ने 18 मैच जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 23 मुकाबलों में बाजी मारी है। एक मैच टाई रहा और दो मुकाबले बेनतीजा रहे। घरेलू परिस्थितियों का फायदा इंग्लैंड को जरूर मिलता रहा है लेकिन मौजूदा भारतीय टीम के पास अनुभव और संतुलन दोनों मौजूद हैं।

    टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी थी। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पाया। ऐसे में वनडे सीरीज में सभी की नजर रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर होगी। इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी से भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और टीम का अनुभव भी बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल पर एक बार फिर पारी की मजबूत शुरुआत कराने की जिम्मेदारी होगी जबकि मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल अहम भूमिका निभाएंगे।

    ऑलराउंडर विभाग में वॉशिंगटन सुंदर अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को संतुलन देंगे। तीनों खिलाड़ी बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर गेंदबाजी की अगुवाई तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह करेंगे जिनका अनुभव और सटीक लाइन लेंथ इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव और गुरनूर बरार तेज आक्रमण को मजबूती देंगे। चोट के कारण हर्षित इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

    स्पिन विभाग में कुलदीप यादव भारतीय टीम के सबसे बड़े हथियार होंगे। उनकी विविधता इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। रवि बिश्नोई को भी टीम में जगह मिली है जबकि चोट के चलते वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे।

    टी20 की निराशा को पीछे छोड़कर टीम इंडिया अब वनडे में नई शुरुआत करना चाहेगी। शानदार हेड टू हेड रिकॉर्ड मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारतीय टीम के पास इंग्लैंड को उसी की धरती पर हराकर सीरीज जीतने का सुनहरा मौका होगा।

  • टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में

    टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में


    नई दिल्ली । टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।
    टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी।

    वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है।

    तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे।

    गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

    शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।

  • श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से होगी जसप्रीत बुमराह की वापसी, लाल गेंद से अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाज ने दिए संकेत

    श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से होगी जसप्रीत बुमराह की वापसी, लाल गेंद से अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाज ने दिए संकेत

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे प्रमुख और घातक तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सफेद जर्सी में बल्लेबाजों के होश उड़ाने के लिए तैयार हैं। भारत और श्रीलंका के बीच आगामी अगस्त महीने में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकल के तहत आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। अपनी सटीक यॉर्कर और तूफानी गति से विपक्षी टीमों की गिल्लियां बिखेरने वाले बुमराह के आने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की ताकत दोगुनी होना तय है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक 504 विकेट चटका चुके इस मैच विनर गेंदबाज की मौजूदगी दुनिया के किसी भी मैदान पर भारतीय टीम का पलड़ा भारी कर देती है।

    मध्य प्रदेश । जसप्रीत बुमराह ने नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था, जिसके बाद से उन्होंने खेल के इस सबसे लंबे प्रारूप में हिस्सा नहीं लिया है। हाल ही में समाप्त हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से भी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे। बुमराह अब सीधे 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के जरिए मैदान पर वापसी करेंगे और इसके ठीक बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपनी धार दिखाएंगे। हाल ही में इस दिग्गज तेज गेंदबाज ने सोशल मीडिया पर लाल गेंद से अभ्यास करते हुए अपनी तस्वीरें साझा की हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि उन्होंने आगामी टेस्ट असाइनमेंट के लिए अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत एशियन गेम्स के बाद बुमराह को टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप से आराम दिया जा सकता है, ताकि वह आगामी वनडे विश्व कप 2027 तक पूरी तरह टेस्ट और वनडे प्रारूप पर अपना ध्यान केंद्रित रख सकें।

    आगामी दौरा वर्ष 2017 के बाद श्रीलंका की धरती पर भारत की पहली टेस्ट सीरीज होगी। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त तक गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मुकाबला 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा। वर्तमान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की अंक तालिका में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम नौ मैचों के बाद 48.15 के अंक प्रतिशत (पीसीटी) के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है, जबकि श्रीलंकाई टीम 44.44 पीसीटी के साथ छठे पायदान पर है। ऐसे में फाइनल की रेस में शीर्ष दो स्थानों पर जगह बनाने के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह सीरीज बेहद निर्णायक साबित होने वाली है।

    यदि 32 वर्षीय जसप्रीत बुमराह के टेस्ट करियर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने अब तक खेले 52 टेस्ट मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 234 विकेट अपने नाम किए हैं। इस दौरान उन्होंने 16 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है, जिसमें 86 रन देकर 9 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। इसके अलावा उन्होंने 89 वनडे मैचों में 149 विकेट और 95 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 121 विकेट चटकाए हैं। भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इन टेस्ट मैचों में बुमराह की वापसी न केवल भारतीय टीम के हौसलों को बढ़ाएगी, बल्कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश करेगी।

  • चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान का बड़ा फैसला, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी; सीरीज बचाने की आखिरी कोशिश में टीम ने किए कई बदलाव

    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही एकदिवसीय श्रृंखला के तीसरे और अंतिम मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में दोनों टीमों के लिए अलग-अलग लक्ष्य हैं। जहां भारतीय टीम श्रृंखला में क्लीन स्वीप दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरी है, वहीं अफगानिस्तान की कोशिश सम्मानजनक जीत हासिल कर दौरे का समापन करने की है।

    श्रृंखला के शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। लगातार दो जीत के साथ मेजबान टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में अंतिम मुकाबला परिणाम के लिहाज से भले ही निर्णायक न हो, लेकिन दोनों टीमों के लिए यह अपनी तैयारियों और संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

    टॉस जीतने के बाद अफगानिस्तान के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम प्रबंधन का मानना है कि चेन्नई की पिच शुरुआती चरण में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल हो सकती है और बड़ा स्कोर खड़ा कर दबाव बनाने की रणनीति टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसी सोच के तहत अफगानिस्तान ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव किए हैं, जिससे टीम को नया संतुलन और अतिरिक्त मजबूती देने का प्रयास किया गया है।

    दूसरी ओर भारतीय कप्तान ने भी स्वीकार किया कि यदि टॉस उनके पक्ष में जाता तो टीम पहले बल्लेबाजी को ही प्राथमिकता देती। हालांकि भारतीय खेमे का आत्मविश्वास मजबूत दिखाई दे रहा है, क्योंकि टीम ने पूरे दौरे में संतुलित और आक्रामक क्रिकेट का प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों ने प्रभावशाली योगदान दिया है।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो शीर्ष क्रम शानदार फॉर्म में नजर आ रहा है। पिछले मुकाबले में टीम के प्रमुख बल्लेबाजों ने बड़ी साझेदारी कर विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया था। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलित प्रदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजी को मजबूत बनाया है। मध्यक्रम में भी टीम के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो तेज गति से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारत को लगातार सफलता मिली है। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के संयोजन ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नई गेंद से शुरुआती सफलता और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता ने भारतीय टीम को श्रृंखला में बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    अफगानिस्तान के लिए अब तक की श्रृंखला चुनौतीपूर्ण रही है। टीम के कुछ बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सामूहिक प्रयास की कमी स्पष्ट दिखाई दी। शीर्ष क्रम के कुछ खिलाड़ियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। गेंदबाजी विभाग भी अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा, जिसके कारण टीम को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।

    तीसरे मुकाबले में अफगानिस्तान की उम्मीदें उसके अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। यदि शीर्ष क्रम मजबूत शुरुआत देने में सफल रहता है तो टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं भारत की नजर एक और प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ श्रृंखला को 3-0 से समाप्त करने पर होगी।

    चेन्नई में खेला जा रहा यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने और टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं के लिए विकल्प तलाशने का भी अवसर प्रदान कर रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या भारत क्लीन स्वीप पूरा कर पाएगा या अफगानिस्तान अंतिम मुकाबले में वापसी कर सम्मान बचाने में सफल रहेगा।

  • चेन्नई में सीरीज के आखिरी मुकाबले की जंग, भारत की नजर क्लीन स्वीप पर तो अफगानिस्तान के सामने सम्मान बचाने की चुनौती

    चेन्नई में सीरीज के आखिरी मुकाबले की जंग, भारत की नजर क्लीन स्वीप पर तो अफगानिस्तान के सामने सम्मान बचाने की चुनौती


    नई दिल्ली ।
    भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। शुरुआती दोनों मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर भारतीय टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है और अब उसकी नजर क्लीन स्वीप पर टिकी है। दूसरी ओर अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा बचाने का अवसर होगा। लगातार दो हार के बाद टीम अंतिम मैच में बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का समापन सकारात्मक अंदाज में करना चाहेगी।

    भारतीय टीम इस समय शानदार लय में दिखाई दे रही है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों ने प्रभावित किया है। कप्तान शुभमन गिल सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। उन्होंने शुरुआती दोनों मुकाबलों में लगातार रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी है। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को आत्मविश्वास प्रदान किया है। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी उपयोगिता साबित की है। पिछले मुकाबले में उनकी शतकीय पारी ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की मजबूती को और अधिक रेखांकित किया।

    रोहित शर्मा ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी। हालांकि अंतिम मुकाबले में टीम प्रबंधन की निगाहें यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों पर भी रहेंगी, जिनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। मध्यक्रम का मजबूत प्रदर्शन भारत को एक और बड़ी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। तेज गेंदबाजों और युवा खिलाड़ियों ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा है। नई गेंद से मिली सफलता और मध्य ओवरों में विकेट लेने की क्षमता ने भारत को दोनों मुकाबलों में बढ़त दिलाई। युवा गेंदबाजों ने भी अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    दूसरी तरफ अफगानिस्तान के लिए यह सीरीज अब तक निराशाजनक रही है। टीम के कुछ बल्लेबाजों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश खिलाड़ी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ मौकों पर संघर्ष जरूर किया, लेकिन साझेदारियों की कमी और लगातार विकेट गिरने के कारण टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। गेंदबाजी में भी अफगानिस्तान का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जिसका फायदा भारतीय बल्लेबाजों ने भरपूर उठाया।

    चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। यहां की सतह पर गेंद कुछ धीमी गति से आती है, जिससे बल्लेबाजों को धैर्य के साथ खेलना पड़ता है। हालांकि हाल के वर्षों में यहां बल्लेबाजों को भी मदद मिलती रही है और बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। ऐसे में दोनों टीमों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।

    मौसम भी मुकाबले को प्रभावित कर सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार मैच के दौरान बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि मौसम ने हस्तक्षेप किया तो मैच की गति और रणनीति दोनों प्रभावित हो सकती हैं। तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और सहनशक्ति भी परीक्षा में रहेगी।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला सीरीज परिणाम से अधिक दोनों टीमों की मानसिकता और प्रदर्शन का परीक्षण होगा। भारत जहां अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए क्लीन स्वीप का लक्ष्य लेकर उतरेगा, वहीं अफगानिस्तान सम्मानजनक जीत के साथ दौरे का समापन करने की पूरी कोशिश करेगा।

  • धर्मशाला वनडे: शुभमन गिल संग तालमेल में भारी चूक, रन आउट होकर गुस्से में पवेलियन लौटे रोहित शर्मा, तोड़ा 37 साल पुराना रिकॉर्ड

    धर्मशाला वनडे: शुभमन गिल संग तालमेल में भारी चूक, रन आउट होकर गुस्से में पवेलियन लौटे रोहित शर्मा, तोड़ा 37 साल पुराना रिकॉर्ड

    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला के सुरम्य मैदान पर खेले गए पहले वनडे मुकाबले में एक ऐसा नाटकीय मोड़ देखने को मिला, जिसने मैदान पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। शानदार बल्लेबाजी कर रहे अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा अपने जोड़ीदार और कप्तान शुभमन गिल के साथ रन लेने के दौरान हुई एक बड़ी गलतफहमी का शिकार हो गए। इस तालमेल की कमी के कारण ‘हिटमैन’ को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट होकर क्रीज छोड़नी पड़ी, जिसके बाद वे मैदान से बाहर जाते समय अपने गुस्से और निराशा को छुपा नहीं सके।

    बारिश के खलल के कारण इस मुकाबले को अंपायरों द्वारा 25-25 ओवर का कर दिया गया था, जहां भारतीय टीम को जीत के लिए 195 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला था। इस कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय सलामी जोड़ी ने टीम को एक बेहद सधी हुई और आक्रामक शुरुआत दिलाई। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने अफगानी गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाते हुए पहले विकेट के लिए महज 46 रन जोड़ दिए थे। दोनों ही खिलाड़ी बिना किसी जोखिम के आसानी से रन चुरा रहे थे और बाउंड्री बटोर रहे थे, जिससे भारतीय पारी बेहद मजबूत स्थिति की तरफ बढ़ रही थी।

    यह पूरा वाकया भारतीय पारी के छठे ओवर के दौरान घटित हुआ, जब अफगानिस्तान के युवा मिस्ट्री स्पिनर अल्लाह गजनफर गेंदबाजी मोर्चे पर तैनात थे। रोहित शर्मा ने उनकी एक गेंद को हल्के हाथों से मिडविकेट की दिशा में ढकेला और एक त्वरित सिंगल चुराने के लिए तेजी से दौड़ पड़े। उनके जोड़ीदार शुभमन गिल ने भी शुरुआत में इस रन के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अपने कदम आगे बढ़ाए, लेकिन फील्डर की फुर्ती को देखते हुए गिल ने अचानक अपना मन बदल लिया और बीच रास्ते से ही रोहित को वापस लौटने की ‘ना’ कह दी।

    शुभमन गिल का यह फैसला रोहित के लिए काफी देर से आया क्योंकि तब तक वे क्रीज से बहुत आगे निकल चुके थे और उनके लिए वापस मुड़ना लगभग असंभव था। इसके बावजूद रोहित शर्मा ने डाइव लगाकर क्रीज में सुरक्षित लौटने का पूरा प्रयास किया, लेकिन अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने बिना कोई गलती किए बेहद फुर्ती से गेंद को विकेटकीपर की तरफ थ्रो किया, जिन्होंने तुरंत गिल्लियां बिखेर दीं। यह रन आउट इतना साफ था कि थर्ड अंपायर द्वारा रिप्ले देखे जाने की औपचारिकता पूरी होने से पहले ही रोहित शर्मा बेहद गुस्से और झुंझलाहट में पवेलियन की तरफ चल दिए।

    रोहित शर्मा भले ही केवल 16 रन बनाकर आउट हो गए और एक बड़ी पारी खेलने से चूक गए, लेकिन इस संक्षिप्त उपस्थिति के दौरान भी उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया। 39 साल और 44 दिन की उम्र में इस मुकाबले में उतरते ही वे भारत के लिए वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही उन्होंने साल 1983 की विश्व विजेता टीम के महान सदस्य मोहिंदर अमरनाथ का करीब 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया, जिन्होंने 1989 में 39 साल और 36 दिन की उम्र में अपना आखिरी वनडे खेला था।

    इसके अतिरिक्त रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर ओपनर खेलते हुए अपने 16000 रन भी पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले वे देश के पहले सलामी बल्लेबाज बन गए हैं। हालांकि भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल की शानदार कप्तानी पारी की बदौलत इस मुकाबले को सात विकेट से अपने नाम कर लिया और सीरीज में बढ़त बना ली, लेकिन रोहित का यह रन आउट क्रिकेट पंडितों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना रहा। अब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान लखनऊ में होने वाले अगले वनडे मुकाबले में अपनी इस निराशा को भुलाकर एक धाकड़ पारी खेलने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।