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  • शुजालपुर-पचोर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो-बाइक की टक्कर में चार गंभीर घायल, एंबुलेंस न मिलने से बढ़ी परेशानी

    शुजालपुर-पचोर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो-बाइक की टक्कर में चार गंभीर घायल, एंबुलेंस न मिलने से बढ़ी परेशानी


    मध्‍यप्रदेश । शुजालपुर-पचोर मार्ग पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। तलेन क्षेत्र में स्कॉर्पियो और बाइक की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस के अनुसार हादसे में बाइक सवार हनीफ खान (50), आयशा बी (40) और मुमताज बी (45) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं स्कॉर्पियो चालक गोकुल लोधा को भी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत कार्य शुरू किया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में एक महिला का हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि एक पुरुष का पैर कई जगह से टूट गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया।

    हालांकि, हादसे के बाद एक और बड़ी समस्या सामने आई। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूसरे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता थी, लेकिन शुजालपुर सिविल अस्पताल से यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजन घंटों तक वाहन की व्यवस्था करने के लिए भटकते रहे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई ऑटो चालकों ने भी मरीजों को ले जाने से इनकार कर दिया। आखिरकार परिजनों ने निजी साधनों की व्यवस्था कर घायलों को अन्य अस्पतालों तक पहुंचाया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शुजालपुर सिविल अस्पताल की दोनों एंबुलेंस लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने पर तत्काल परिवहन सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।

    पुलिस अधिकारी के.एल. यादव ने बताया कि सभी घायलों का उपचार कराया गया है। दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या अन्य किसी कारण से हुई।

  • शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद

    शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के सामने अचानक तीन गोवंश ट्रैक पर आ गए। ट्रेन की रफ्तार और स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को समय रहते रोक दिया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई।

    घटना के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को करीब 10 मिनट तक स्टेशन के पास ही रोकना पड़ा। ट्रेन रुकने के साथ ही रेलवे फाटक भी बंद हो गया, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और आम लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है जब रेलवे ट्रैक पर गोवंश आ जाने से ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई है। इस तरह की घटनाओं के कारण न केवल ट्रेनों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है, बल्कि रेलवे फाटकों पर भी लंबा जाम लग रहा है।

    रेलवे विभाग द्वारा ट्रैक की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर मेटल बाउंड्री बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद खुले में घूम रहे गोवंश ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

    गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में वंदे भारत ट्रेनों के सामने गोवंश आने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बाद रेलवे ने अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • नेवज नदी किनारे मंत्री परमार ने किया श्रमदान, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में चला विशेष स्वच्छता अभियान

    नेवज नदी किनारे मंत्री परमार ने किया श्रमदान, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में चला विशेष स्वच्छता अभियान


    मध्‍य प्रदेश । शुजालपुर में शनिवार को नेवज नदी के जटाशंकर मंदिर के पास एक विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नदी तट की सफाई में योगदान दिया। यह अभियान मध्यप्रदेश शासन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू किए गए जल स्रोत संरक्षण अभियान के तहत आयोजित किया गया था।

    इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री एवं शुजालपुर विधायक इंदर सिंह परमार स्वयं भी पहुंचे और उन्होंने श्रमदान कर लोगों के बीच सक्रिय सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। मंत्री परमार ने जे.एन.एस. कॉलेज के खेल मैदान में संचालित समर कैंप के सैकड़ों प्रतिभागियों के साथ मिलकर नदी किनारे सफाई अभियान में हिस्सा लिया।

    मंत्री परमार ने खुद तगाड़ी और फावड़ा उठाकर नदी तट की सफाई की, जिससे वहां मौजूद लोगों में भी उत्साह देखा गया। उन्होंने उपस्थित नागरिकों, युवाओं और विद्यार्थियों को स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया। अभियान के दौरान नगर पालिका का स्वच्छता अमला, पोकलेन और जेसीबी मशीनें भी लगाई गईं, जिनकी मदद से लगभग तीन घंटे तक व्यापक स्तर पर सफाई कार्य किया गया।

    इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही। एसडीएम राजकुमार हलदार, तहसीलदार किरण धाकड़, जिला खनिज निरीक्षक गणेश सोनारे, खेल प्रशिक्षक देवेंद्र कुंभकार सहित कई भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता भी अभियान में शामिल हुए और श्रमदान कर नदी क्षेत्र की स्वच्छता में सहयोग दिया।

    मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नदियों और जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए और अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जाना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखने की अपील की। इस स्वच्छता अभियान ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

  • शुजालपुर में गांजा तस्करी का 2019 से फरार वारंटी गिरफ्तार, 5 हजार का इनामी आरोपी दबोचा

    शुजालपुर में गांजा तस्करी का 2019 से फरार वारंटी गिरफ्तार, 5 हजार का इनामी आरोपी दबोचा


    मध्‍य प्रदेश । शुजालपुर में मंडी थाना पुलिस ने नशा तस्करी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में 2019 से फरार चल रहे स्थायी वारंटी शंकरलाल रघुवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला 22 अप्रैल 2019 का है, जब मुस्करा निवासी सीताराम खाती को 1.200 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान सीताराम ने अपने सहयोगी के रूप में घनसौदा निवासी शंकरलाल रघुवंशी का नाम बताया था। इसी आधार पर पुलिस ने शंकरलाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।

    मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। कई बार उसकी तलाश की गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका। इसी बीच न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया था। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई, जिसके चलते पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर दिया।

    हालांकि, हाल ही में पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और आरोपी को न्यायालय में पेश किया।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इस गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी पहचान छिपाकर बचता आ रहा था।

  • शुजालपुर में बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन ने दिलाया स्कूल बैगपुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला

    शुजालपुर में बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन ने दिलाया स्कूल बैगपुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला


    इंदौर। मध्यप्रदेश के शुजालपुर में एक तीसरी कक्षा की छात्रा की मासूम जिद और पढ़ाई के प्रति गहरी लगन ने पुलिस को भी भावुक कर दिया। मामला शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र का हैजहां सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाई करने वाली चेरी नायक का स्कूल बैग ऑटो में छूट गया। बैग में उसकी किताबें और वर्कबुक थींजिन्हें लेकर बच्ची बेहद चिंतित थी।

    गुरुवार को चेरी अपनी मां पूजादादी कृष्णा और बुआ रंजना के साथ स्कूल गई थी। घर लौटते समय उसका स्कूल बैग ऑटो में ही छूट गयाऔर जब वह घर पहुंची तो बैग नहीं मिला। यह देखकर चेरी फूट-फूटकर रोने लगीक्योंकि उसे इस बात की चिंता थी कि उसकी सारी किताबें और वर्कबुक उसी बैग में थीं।

    बच्ची की जिद ने पुलिस को प्रेरित किया

    परिवार ने चेरी को नया बैग और किताबें दिलाने का भरोसा दियालेकिन चेरी नहीं मानी। उसने कहा कि उसे वही बैग चाहिए और इसके लिए पुलिस से मदद लेनी होगी। उसकी यह मासूम जिद और पढ़ाई के प्रति प्यार ने उसके पिता संदीप नायक और दादा अशोक नायक को भी प्रेरित कियाऔर वे उसे शुजालपुर मंडी थाने ले गए।

    चेरी ने थाने में जाकर एसडीओपी निमिष देशमुख को अपनी परेशानी बताई। उसकी आंखों में आंसू देखकर एसडीओपी ने तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया और बैग ढूंढने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

    सीसीटीवी और ऑटो चालक से मिली मदद

    पुलिस ने शहर भर के सीसीटीवी कैमरे खंगालने की प्रक्रिया शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में चेरी एक ऑटो में बैठी दिखीलेकिन समस्या यह थी कि ऑटो की नंबर प्लेट नहीं थी। हालांकिपुलिस ने हार नहीं मानी और ऑटो पर लिखे नाम और उसके डिजाइन के आधार पर तलाश जारी रखी।

    कुछ पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने ऑटो चालक परवेज की पहचान की और उससे संपर्क किया। परवेज ने बताया कि उसे ऑटो में एक स्कूल बैग मिला थाजिसे वह सुरक्षित घर ले गया था। पुलिस ने परवेज से संपर्क किया और अगले दिन शुक्रवार सुबह वह बैग लेकर थाने पहुंचा।

    बच्ची की खुशी और पुलिस की मदद

    जब बैग पुलिस थाने में पहुंचातो चेरी को बुलाया गया। चेरी ने बैग देखकर खुशी से पुलिस को थैंक यू कहा। उसकी मुस्कान देखकर पुलिस टीम को भी संतोष मिला। बैग के मिलने से बच्ची के चेहरे पर चमक आ गईऔर उसकी पढ़ाई में रुकावट नहीं आई।

    पुलिस ने दी सीख

    एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन देखकर पूरी पुलिस टीम ने इस काम में बेहद मेहनत की। उन्होंने आगे कहा कि यह घटना समाज के लिए एक संदेश है कि हमें अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेना चाहिएचाहे वह किसी छोटी बच्ची की पढ़ाई के प्रति हो या किसी अन्य समाजिक काम में। साथ हीपुलिस ने ऑटो चालक परवेज को समझाइश दी कि यदि भविष्य में किसी को कोई सामान मिले तो वह उसे पुलिस के पास सौंपे।