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  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शुजालपुर स्टेशन पर यात्री पर चाकू से हमला कर लूट, सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

    शुजालपुर स्टेशन पर यात्री पर चाकू से हमला कर लूट, सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शुजालपुर रेलवे स्टेशन पर हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात को हुए सात दिन बीत चुके हैं लेकिन रेलवे पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। घायल यात्री का अस्पताल में उपचार जारी है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश का दावा कर रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना 13 जुलाई की रात करीब तीन बजे की है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगरिया निवासी केशव सविता गोरखपुर उज्जैन ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। ट्रेन जब शुजालपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुकी तो वे चने खरीदने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।

    बदमाशों ने केशव पर चाकू से वार किया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला करने के बाद दोनों आरोपी उनका पर्स और बैग लेकर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। घायल यात्री को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बदमाशों द्वारा फेंका गया पर्स और आधार कार्ड बरामद कर लिया गया जिसे बाद में पीड़ित को लौटा दिया गया। हालांकि बैग और अन्य सामान के साथ फरार हुए आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    घटना के सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यात्रियों का कहना है कि देर रात स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा बल की मौजूदगी नहीं होने का फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।

    इधर स्टेशन पर एक और समस्या भी सामने आई है। यात्रियों ने शिकायत की है कि कुछ किन्नर जबरन पैसे मांगते हैं और कई बार ऑनलाइन भुगतान करने का दबाव भी बनाते हैं। इस संबंध में काजी एस रहमान ने शिकायत पुस्तिका में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टेशन परिसर में ऐसी गतिविधियों पर भी सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए ताकि यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

    रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं यह घटना एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत की ओर इशारा कर रही है।

  • शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर में शुरू हुआ प्रसादम काउंटर अब देश विदेश तक ऑनलाइन पहुंचेगा बाबा का प्रसाद

    शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर में शुरू हुआ प्रसादम काउंटर अब देश विदेश तक ऑनलाइन पहुंचेगा बाबा का प्रसाद


    शुजालपुर । शुजालपुर के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री जटाशंकर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा की शुरुआत की गई है। मंदिर परिसर में सोमवार को प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया जहां अब भक्त भगवान को अर्पित शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से बने प्रसाद को सशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि अब देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से बाबा का प्रसाद अपने घर तक मंगवा सकेंगे। इस पहल से मंदिर की धार्मिक परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    प्रसादम काउंटर पर सांची के शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से तैयार बेसन के लड्डू उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन्हें दो पैक में रखा गया है। 100 ग्राम का पैकेट 40 रुपए और 200 ग्राम का पैकेट 80 रुपए में उपलब्ध होगा। प्रतिदिन प्रातः और संध्याकालीन आरती के दौरान भगवान को भोग लगाने के बाद यही प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित और विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाएगा जिससे भक्तों को मंदिर का पवित्र प्रसाद सहजता से मिल सके।

    इस व्यवस्था की सबसे विशेष बात यह है कि अब मंदिर आने की आवश्यकता नहीं होगी। देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन माध्यम से प्रसाद मंगवा सकेंगे। इससे दूर बैठे भक्त भी बाबा जटाशंकर महादेव की कृपा और आशीर्वाद से जुड़ सकेंगे। प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि में प्रति किलोग्राम 100 रुपए का अंशदान मंदिर को समर्पित किया जाएगा जिससे मंदिर के विकास और धार्मिक गतिविधियों को भी सहयोग मिलेगा।

    प्रसादम व्यवस्था की शुरुआत शुजालपुर निवासी कृष्णपाल ने की है जो इससे पहले नलखेड़ा स्थित माता बगुलामुखी मंदिर और बोलाई हनुमान मंदिर में भी इस तरह की व्यवस्था का सफल संचालन कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण में इस पूरी व्यवस्था का संचालन और खर्च निजी विक्रेता द्वारा वहन किया जाएगा। इससे मंदिर प्रबंधन पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

    शुभारंभ कार्यक्रम में भगवान जटाशंकर महादेव का विधिवत पूजन कर प्रसाद का भोग लगाया गया जिसके बाद प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष बबीता परमार सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधा का सुंदर संगम बताया।

    श्रद्धालुओं ने भी इस नई व्यवस्था का स्वागत किया। पहले ही दिन प्रसादम काउंटर पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और केवल दो घंटे के भीतर लगभग एक क्विंटल प्रसाद की बिक्री हो गई। इससे साफ है कि श्रद्धालुओं में इस सुविधा को लेकर उत्साह है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ साथ देश विदेश में बसे भक्तों के लिए भी आस्था का मजबूत माध्यम बनेगी।

  • शुजालपुर-पचोर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो-बाइक की टक्कर में चार गंभीर घायल, एंबुलेंस न मिलने से बढ़ी परेशानी

    शुजालपुर-पचोर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो-बाइक की टक्कर में चार गंभीर घायल, एंबुलेंस न मिलने से बढ़ी परेशानी


    मध्‍यप्रदेश । शुजालपुर-पचोर मार्ग पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। तलेन क्षेत्र में स्कॉर्पियो और बाइक की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस के अनुसार हादसे में बाइक सवार हनीफ खान (50), आयशा बी (40) और मुमताज बी (45) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं स्कॉर्पियो चालक गोकुल लोधा को भी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत कार्य शुरू किया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में एक महिला का हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि एक पुरुष का पैर कई जगह से टूट गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया।

    हालांकि, हादसे के बाद एक और बड़ी समस्या सामने आई। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूसरे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता थी, लेकिन शुजालपुर सिविल अस्पताल से यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजन घंटों तक वाहन की व्यवस्था करने के लिए भटकते रहे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई ऑटो चालकों ने भी मरीजों को ले जाने से इनकार कर दिया। आखिरकार परिजनों ने निजी साधनों की व्यवस्था कर घायलों को अन्य अस्पतालों तक पहुंचाया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शुजालपुर सिविल अस्पताल की दोनों एंबुलेंस लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने पर तत्काल परिवहन सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।

    पुलिस अधिकारी के.एल. यादव ने बताया कि सभी घायलों का उपचार कराया गया है। दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या अन्य किसी कारण से हुई।

  • शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद

    शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के सामने अचानक तीन गोवंश ट्रैक पर आ गए। ट्रेन की रफ्तार और स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को समय रहते रोक दिया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई।

    घटना के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को करीब 10 मिनट तक स्टेशन के पास ही रोकना पड़ा। ट्रेन रुकने के साथ ही रेलवे फाटक भी बंद हो गया, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और आम लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है जब रेलवे ट्रैक पर गोवंश आ जाने से ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई है। इस तरह की घटनाओं के कारण न केवल ट्रेनों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है, बल्कि रेलवे फाटकों पर भी लंबा जाम लग रहा है।

    रेलवे विभाग द्वारा ट्रैक की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर मेटल बाउंड्री बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद खुले में घूम रहे गोवंश ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

    गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में वंदे भारत ट्रेनों के सामने गोवंश आने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बाद रेलवे ने अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • नेवज नदी किनारे मंत्री परमार ने किया श्रमदान, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में चला विशेष स्वच्छता अभियान

    नेवज नदी किनारे मंत्री परमार ने किया श्रमदान, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में चला विशेष स्वच्छता अभियान


    मध्‍य प्रदेश । शुजालपुर में शनिवार को नेवज नदी के जटाशंकर मंदिर के पास एक विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नदी तट की सफाई में योगदान दिया। यह अभियान मध्यप्रदेश शासन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू किए गए जल स्रोत संरक्षण अभियान के तहत आयोजित किया गया था।

    इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री एवं शुजालपुर विधायक इंदर सिंह परमार स्वयं भी पहुंचे और उन्होंने श्रमदान कर लोगों के बीच सक्रिय सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। मंत्री परमार ने जे.एन.एस. कॉलेज के खेल मैदान में संचालित समर कैंप के सैकड़ों प्रतिभागियों के साथ मिलकर नदी किनारे सफाई अभियान में हिस्सा लिया।

    मंत्री परमार ने खुद तगाड़ी और फावड़ा उठाकर नदी तट की सफाई की, जिससे वहां मौजूद लोगों में भी उत्साह देखा गया। उन्होंने उपस्थित नागरिकों, युवाओं और विद्यार्थियों को स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया। अभियान के दौरान नगर पालिका का स्वच्छता अमला, पोकलेन और जेसीबी मशीनें भी लगाई गईं, जिनकी मदद से लगभग तीन घंटे तक व्यापक स्तर पर सफाई कार्य किया गया।

    इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही। एसडीएम राजकुमार हलदार, तहसीलदार किरण धाकड़, जिला खनिज निरीक्षक गणेश सोनारे, खेल प्रशिक्षक देवेंद्र कुंभकार सहित कई भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता भी अभियान में शामिल हुए और श्रमदान कर नदी क्षेत्र की स्वच्छता में सहयोग दिया।

    मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नदियों और जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए और अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जाना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखने की अपील की। इस स्वच्छता अभियान ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

  • शुजालपुर में गांजा तस्करी का 2019 से फरार वारंटी गिरफ्तार, 5 हजार का इनामी आरोपी दबोचा

    शुजालपुर में गांजा तस्करी का 2019 से फरार वारंटी गिरफ्तार, 5 हजार का इनामी आरोपी दबोचा


    मध्‍य प्रदेश । शुजालपुर में मंडी थाना पुलिस ने नशा तस्करी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में 2019 से फरार चल रहे स्थायी वारंटी शंकरलाल रघुवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला 22 अप्रैल 2019 का है, जब मुस्करा निवासी सीताराम खाती को 1.200 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान सीताराम ने अपने सहयोगी के रूप में घनसौदा निवासी शंकरलाल रघुवंशी का नाम बताया था। इसी आधार पर पुलिस ने शंकरलाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।

    मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। कई बार उसकी तलाश की गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका। इसी बीच न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया था। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई, जिसके चलते पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर दिया।

    हालांकि, हाल ही में पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और आरोपी को न्यायालय में पेश किया।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इस गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी पहचान छिपाकर बचता आ रहा था।

  • शुजालपुर में बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन ने दिलाया स्कूल बैगपुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला

    शुजालपुर में बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन ने दिलाया स्कूल बैगपुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला


    इंदौर। मध्यप्रदेश के शुजालपुर में एक तीसरी कक्षा की छात्रा की मासूम जिद और पढ़ाई के प्रति गहरी लगन ने पुलिस को भी भावुक कर दिया। मामला शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र का हैजहां सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाई करने वाली चेरी नायक का स्कूल बैग ऑटो में छूट गया। बैग में उसकी किताबें और वर्कबुक थींजिन्हें लेकर बच्ची बेहद चिंतित थी।

    गुरुवार को चेरी अपनी मां पूजादादी कृष्णा और बुआ रंजना के साथ स्कूल गई थी। घर लौटते समय उसका स्कूल बैग ऑटो में ही छूट गयाऔर जब वह घर पहुंची तो बैग नहीं मिला। यह देखकर चेरी फूट-फूटकर रोने लगीक्योंकि उसे इस बात की चिंता थी कि उसकी सारी किताबें और वर्कबुक उसी बैग में थीं।

    बच्ची की जिद ने पुलिस को प्रेरित किया

    परिवार ने चेरी को नया बैग और किताबें दिलाने का भरोसा दियालेकिन चेरी नहीं मानी। उसने कहा कि उसे वही बैग चाहिए और इसके लिए पुलिस से मदद लेनी होगी। उसकी यह मासूम जिद और पढ़ाई के प्रति प्यार ने उसके पिता संदीप नायक और दादा अशोक नायक को भी प्रेरित कियाऔर वे उसे शुजालपुर मंडी थाने ले गए।

    चेरी ने थाने में जाकर एसडीओपी निमिष देशमुख को अपनी परेशानी बताई। उसकी आंखों में आंसू देखकर एसडीओपी ने तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया और बैग ढूंढने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

    सीसीटीवी और ऑटो चालक से मिली मदद

    पुलिस ने शहर भर के सीसीटीवी कैमरे खंगालने की प्रक्रिया शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में चेरी एक ऑटो में बैठी दिखीलेकिन समस्या यह थी कि ऑटो की नंबर प्लेट नहीं थी। हालांकिपुलिस ने हार नहीं मानी और ऑटो पर लिखे नाम और उसके डिजाइन के आधार पर तलाश जारी रखी।

    कुछ पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने ऑटो चालक परवेज की पहचान की और उससे संपर्क किया। परवेज ने बताया कि उसे ऑटो में एक स्कूल बैग मिला थाजिसे वह सुरक्षित घर ले गया था। पुलिस ने परवेज से संपर्क किया और अगले दिन शुक्रवार सुबह वह बैग लेकर थाने पहुंचा।

    बच्ची की खुशी और पुलिस की मदद

    जब बैग पुलिस थाने में पहुंचातो चेरी को बुलाया गया। चेरी ने बैग देखकर खुशी से पुलिस को थैंक यू कहा। उसकी मुस्कान देखकर पुलिस टीम को भी संतोष मिला। बैग के मिलने से बच्ची के चेहरे पर चमक आ गईऔर उसकी पढ़ाई में रुकावट नहीं आई।

    पुलिस ने दी सीख

    एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन देखकर पूरी पुलिस टीम ने इस काम में बेहद मेहनत की। उन्होंने आगे कहा कि यह घटना समाज के लिए एक संदेश है कि हमें अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेना चाहिएचाहे वह किसी छोटी बच्ची की पढ़ाई के प्रति हो या किसी अन्य समाजिक काम में। साथ हीपुलिस ने ऑटो चालक परवेज को समझाइश दी कि यदि भविष्य में किसी को कोई सामान मिले तो वह उसे पुलिस के पास सौंपे।