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  • Earthquake : पड़ोसी देश चीन के सिचुआन प्रांत में आया भूकंप… 5.5 रही तीव्रता

    Earthquake : पड़ोसी देश चीन के सिचुआन प्रांत में आया भूकंप… 5.5 रही तीव्रता


    बीजिंग।
    वेनेजुएला (Venezuela) में भूकंप (Earthquake) की तबाही से दुनिया अब तक गमगीन है. वेनेजुएला के बाद जापान और अमेरिका में भूकंप आया. भारत और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस हुए. अब भूकंप की आहट भारत के पड़ोस में सुनाई दी है. जी हां, भारत के पड़ोस यानी चीन (China) में भूकंप आया है. दक्षिण-पश्चिम चीन (Southwest China) के सिचुआन प्रांत (Sichuan Province) में 5.5 तीव्रता का तेज भूकंप आया है. स्थानीय समयानुसार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

    दरअसल, दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के यिबिन शहर में देर रात 5.5 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया. इस भूकंप के झटके चेंगदू और चोंगकिंग जैसे बड़े क्षेत्रीय केंद्रों तक महसूस किए गए. इस भूकंप से लोगों में खौफ का माहौल है. आधी रात को लोग अपने घरों से बाहर की ओर भागते दिखे. भूकंप का केंद्र गाओक्सियन काउंटी में जमीन से महज 6 किलोमीटर की गहराई पर था।

    अभी तक की जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप से केंद्र के पास की कुछ इमारतों की दीवारों को मामूली नुकसान पहुंचा है और आपातकालीन टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं. अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. बता दें इससे दो दिन पहले यानी शनिवार को अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था. इस भूकंप के कारण दिल्ली-एनसीआर के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए थे।


    संडे को जापान में भूकंप

    इसके बाद रविवार को जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इवाते प्रांत के तट के पास रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजकर 25 मिनट पर भूकंप आया. इसका केंद्र करीब 40 किलोमीटर (25 मील) की गहराई में था. भूकंप के झटके आओमोरी प्रांत और आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी महसूस किए गए. राहत की बात यह थी कि इसमें किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई।


    वेनेजुएला में भूकंप की तबाही

    वहीं, वेनेज़ुएला में आए भूकंप के झटकों से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. वेनेजुएला में अब तक 1500 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. अधिकारियों के अनुसार, परिवारों ने कम से कम 68,900 लोगों के लापता होने की जानकारी दी. इस सबके बीच लोगों में हताशा बढ़ती जा रही है. वेनेज़ुएला के सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में से एक, ला ग्वायरा में, अपने प्रियजनों और पड़ोसियों की तलाश कर रहे लोग फावड़ों, भारी मशीनों, रस्सियों और अपने हाथों का इस्तेमाल करके कंक्रीट के ढेर को हटाने की कोशिश करते दिखे।

  • चीन के नए परमाणु केंद्र पर बढ़ीं आशंकाएं, उपग्रह तस्वीरों में दिखीं नई इमारतें और मशीनें

    चीन के नए परमाणु केंद्र पर बढ़ीं आशंकाएं, उपग्रह तस्वीरों में दिखीं नई इमारतें और मशीनें

    बीजिंग। चीन ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर गतिविधियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत से करीब 1,400 किलोमीटर दूर सिचुआन प्रांत में बनाए जा रहे एक नए परमाणु केंद्र (new nuclear center) में कई नई इमारतों का निर्माण पूरा होने की जानकारी सामने आई है।

    ताजा उपग्रह तस्वीरों ने इस परियोजना को लेकर नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं।

    बताया जा रहा है कि चीन ने कुछ गांवों को खाली कराकर इस विशाल परमाणु सुविधा का निर्माण किया है। उपग्रह चित्रों में रेडिएशन मॉनिटर, धमाका-रोधी दरवाजों और यूरेनियम व प्लूटोनियम से जुड़े उपकरणों की संभावित मौजूदगी के संकेत मिले हैं। साइट को ‘साइट-906’ नाम दिया गया है और यहां काम तेज गति से आगे बढ़ता दिख रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार बड़े ट्रालों में रखी मशीनें भी देखी गई हैं, जिन्हें यूरेनियम या प्लूटोनियम संवर्धन से जुड़ा माना जा रहा है। बताया गया है कि इस स्थल को तीन अन्य परमाणु ठिकानों से जोड़ा गया है, जिससे चीन की परमाणु क्षमताओं के विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं।

    सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में इस परियोजना के लिए स्थानीय ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय अधिकारियों ने इसे सरकार की गुप्त योजना बताया था। अब सामने आए उपग्रह चित्र संकेत देते हैं कि गांव खाली कराकर तेज गति से परमाणु ढांचे का विकास किया गया।
    भौगोलिक रूप से दुर्गम माने जाने वाले सिचुआन क्षेत्र में यह सुविधा विकसित की गई है। यहां यांग्जी नदी और उसकी सहायक नदियों—मिन नदी, तुओ नदी और जियालिंग नदी—के आसपास का इलाका शामिल है, जहां पहुंचना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है।

    उपग्रह तस्वीरों से यह भी संकेत मिला है कि गांवों की लगभग 600 इमारतें हटाकर नई संरचनाएं बनाई गई हैं और परियोजना का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। हाल के दिनों में कई उपकरण लगाए जाने से इस सुविधा के जल्द संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।