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  • आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस की तीन बोगियां पटरी से उतरीं, यात्रियों में मची अफरातफरी, अप लाइन का परिचालन प्रभावित

    आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस की तीन बोगियां पटरी से उतरीं, यात्रियों में मची अफरातफरी, अप लाइन का परिचालन प्रभावित


    नई दिल्ली । बिहार के भोजपुर जिले में आरा स्टेशन पर बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। यहां महानंदा एक्सप्रेस की तीन बोगियां बेपटरी हो गईं। अलीपुरद्वार जंक्शन-दिल्ली जाने वाली 15483 महानंदा एक्सप्रेस आरा जंक्शन पर करीब सवा चार बजे प्लेटफार्म नम्बर दो पर पहुंची थी। इसके बाद यहां से पं दीनदयाल उपाध्याय के रास्ते दिल्ली की ओर रवाना हुई।

    कुछ ही देर में महानंदा एक्सप्रेस के इंजन समेत तीन बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। इस हादसे के बाद रेलवे स्टाफ और ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि समस्या के कारण ट्रेन का सिग्नल सासाराम लाइन की ओर चले जाने की बात सामने आ रही है। इसके बाद इंजन समेत एसएलआर और एच-1 कोच पटरी से उतर गए।

    करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद पटरी से उतरे तीनों कोच को दोबारा ट्रैक पर चढ़ा दिया गया है। हालांकि अप लाइन पर परिचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है।

    घटना के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक व सिग्नल सिस्टम की जांच शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि सिग्नल सासाराम लाइन की ओर क्यों गया और इस कारण ट्रेन गलत दिशा में कैसे चली गई। हादसे के कारण रेल परिचालन प्रभावित होने की सूचना है। रेलवे की ओर से परिचालन को सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

    यात्रियों में मची अफरातफरी

    सुबह-सुबह हुई घटना से ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल तकनीकी टीम ट्रैक, सिग्नल और परिचालन व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • 1 मार्च से सख्ती: सिम कार्ड के बिना नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram? सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से किया इनकार

    1 मार्च से सख्ती: सिम कार्ड के बिना नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram? सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से किया इनकार

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सिम बाइंडिंग नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। 1 मार्च से लागू होने जा रहे इन नए प्रावधानों के तहत यदि मोबाइल फोन में वह सक्रिय सिम कार्ड मौजूद नहीं है जिससे मैसेजिंग ऐप रजिस्टर है तो WhatsApp Telegram और Signal जैसे ऐप्स का उपयोग सीमित या बंद हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड फर्जी नंबरों और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा पहले की नीति के तहत सिम बाइंडिंग नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

    क्या होगा बड़ा बदलाव? नए नियमों के अनुसार:

    जिस सिम से अकाउंट रजिस्टर है उसका मोबाइल में सक्रिय रहना जरूरी होगा। यदि सिम मौजूद नहीं है तो ऐप की सेवाएं बाधित हो सकती हैं। WhatsApp Web या कंप्यूटर लॉगिन हर 6 घंटे में स्वतः लॉगआउट हो जाएगा। दोबारा उपयोग के लिए QR कोड स्कैन करना होगा। भारत में करोड़ों यूजर्स एक ही नंबर से कई डिवाइस पर WhatsApp चलाते हैं। ऐसे में जिन यूजर्स ने अलग अलग डिवाइस पर अकाउंट एक्टिव कर रखा है या जो बार बार सिम बदलते रहते हैं वे सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।

    छोटे कारोबारियों पर असर

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि 60–80% तक छोटे व्यवसाय जो WhatsApp आधारित संचार और ऑर्डर मैनेजमेंट पर निर्भर हैं उन्हें शुरुआती दिनों में ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर वे बिजनेस जो एक नंबर को कई सिस्टम पर चलाते हैं उन्हें हर कुछ घंटों में दोबारा लॉगिन की प्रक्रिया अपनानी होगी।

    सिर्फ WhatsApp नहीं व्यापक असर

    यह बदलाव केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है। Telegram Signal और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भी इसके दायरे में बताए जा रहे हैं। यानी यह डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम में एक बड़ा नीतिगत परिवर्तन साबित हो सकता है। फिलहाल सरकार अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है। 1 मार्च की डेडलाइन को लेकर टेक कंपनियों और करोड़ों यूजर्स की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नियमों का क्रियान्वयन किस स्तर पर और किस सख्ती से किया जाता है और आम यूजर्स के डिजिटल अनुभव में कितना बदलाव आता है।