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  • सिहोरा में सड़क की बदहाली बनी बच्चों की मुसीबत कीचड़ में फंसी स्कूल बस ढाई घंटे बाद ट्रैक्टर से निकली

    सिहोरा में सड़क की बदहाली बनी बच्चों की मुसीबत कीचड़ में फंसी स्कूल बस ढाई घंटे बाद ट्रैक्टर से निकली


    जबलपुर । जबलपुर जिले के सिहोरा की पालीवाल कॉलोनी में शनिवार सुबह सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आ गई। बच्चों को लेने पहुंची मेरिडियन स्कूल की बस कीचड़ और दलदल में इस तरह फंस गई कि उसे निकालने में करीब ढाई घंटे का समय लग गया। आखिरकार ट्रैक्टर की मदद से बस को बाहर निकाला जा सका। इस घटना ने न केवल कॉलोनी की खराब सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी बल्कि बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार खितौला नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 12 स्थित पालीवाल कॉलोनी में शनिवार सुबह लगभग नौ बजे मेरिडियन स्कूल की बस बच्चों को लेने पहुंची थी। कॉलोनी में सड़क का निर्माण नहीं होने और लगातार बारिश के कारण रास्ता पूरी तरह दलदल में बदल चुका था। जैसे ही बस अंदर पहुंची उसका पहिया कीचड़ में धंस गया और वाहन वहीं फंस गया। चालक ने काफी प्रयास किया लेकिन बस बाहर नहीं निकल सकी।

    बस के फंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और बस को निकालने की कोशिश शुरू की गई। करीब ढाई घंटे तक लगातार प्रयास करने के बाद ट्रैक्टर बुलाया गया। ट्रैक्टर से टोचन कर आखिरकार बस को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बस अपने निर्धारित अन्य स्टॉप तक नहीं पहुंच सकी जिससे कई बच्चों को समय पर स्कूल नहीं ले जाया जा सका।

    बस के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने से कई अभिभावकों को अपने बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा और सुबह का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की स्थिति समय रहते सुधारी गई होती तो ऐसी नौबत नहीं आती।

    रहवासियों ने बताया कि पालीवाल कॉलोनी के इस हिस्से में वर्षों से सड़क निर्माण नहीं हुआ है। हर बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर फंस जाते हैं। स्कूल बसों एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है और जिम्मेदार विभाग को कई बार शिकायतें भी दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण या जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि जल्द पक्की सड़क और बेहतर ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

    रहवासियों ने नगर पालिका और प्रशासन से मांग की है कि पालीवाल कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर सड़क का निर्माण कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके और बारिश के मौसम में लोगों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान होना जरूरी है।

  • सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे

    सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे


    मध्यप्रदेश । जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक टीम घंटों तक महिला को समझाने में जुटी रही।

    महिला ने आरोप लगाया कि उसके परिवार के ही कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस व प्रशासन उसकी फरियाद नहीं सुन रहे हैं। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर टावर पर चढ़ गई।

    घटना की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का कहना है कि उसके बड़े पिता के पुत्र संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह ने एक स्थानीय व्यवसायी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसने यह भी दावा किया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने, तहसील कार्यालय और अन्य विभागों में कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    मंगलवार सुबह करीब 9 बजे महिला थाने पहुंची थी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इसके बाद मौके पर पहुंची सिहोरा पुलिस ने लगातार समझाइश शुरू की। थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को सहित अन्य अधिकारी उसे शांत कराने में लगे रहे और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार महिला टावर से नीचे उतर आई, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए तलब किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही महिला की शिकायत को एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।