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  • रीवा घटना के विरोध में सड़क पर उतरा जैन समाज, सतना में दिखा आक्रोश

    रीवा घटना के विरोध में सड़क पर उतरा जैन समाज, सतना में दिखा आक्रोश


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के सतना में सोमवार को जैन समाज ने रीवा में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के विरोध में मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जिसमें समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में संतों की सुरक्षा से जुड़े पोस्टर थे और पूरे मार्ग में मौन रहकर श्रद्धांजलि और विरोध दर्ज कराया गया। यह जुलूस पन्नीलाल चौक से शुरू होकर सिटी कोतवाली परिसर में समाप्त हुआ।

     जीतू पटवारी समेत सर्व समाज की भागीदारी
    इस मौन जुलूस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari भी शामिल हुए। उनके साथ सर्व समाज के लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर हादसे में जान गंवाने वाली साध्वियों को श्रद्धांजलि दी और न्याय की मांग उठाई। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

     राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
    प्रदर्शन के बाद सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया को सौंपा। इसमें मांग की गई कि-
    जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष नीति बनाई जाए
    रीवा हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो
    यदि साजिश की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए

    क्या है पूरा मामला?
    यह घटना रीवा में उस समय हुई जब पैदल विहार कर रही तीन जैन आर्यिका माताओं को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दो साध्वियों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

    न्याय की मांग तेज
    सतना में हुए इस मौन जुलूस ने पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता और न्याय की मांग को और मजबूत कर दिया है। समाज का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • सागर में मौन जुलूस: जैन समाज का विरोध, साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठी मांग

    सागर में मौन जुलूस: जैन समाज का विरोध, साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठी मांग


    मध्य प्रदेश । Sagar में सोमवार को जैन समाज ने रीवा में 20 मई को हुए सड़क हादसे में दो साध्वियों की मौत के विरोध में शांत लेकिन प्रभावशाली मौन जुलूस निकाला। इस घटना के बाद पूरे समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है, जिसके चलते शहर में धार्मिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है।

    सुबह करीब 8 बजे समाज के लोग गौराबाई और पार्श्वनाथ मंदिर, कटरा नमकमंडी में एकत्र हुए। इसके बाद सफेद वस्त्रों में पुरुष और पीले-केसरिया वस्त्रों में महिलाएं शांतिपूर्वक कोतवाली थाने तक मौन जुलूस के रूप में पहुंचे। पूरे जुलूस के दौरान लोगों ने किसी नारेबाजी के बजाय गंभीरता और शांति के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।

    कोतवाली पहुंचकर सकल दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन और सीएसपी कश्यप को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सड़क दुर्घटना के दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के साथ-साथ इस घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।

    समाज ने इस मौके पर यह भी कहा कि संतों और साध्वियों की सुरक्षा को लेकर अब ठोस और राष्ट्रीय स्तर की नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ज्ञापन में ‘संत सुरक्षा प्रोटोकॉल’ लागू करने और इसे विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

    इस आंदोलन का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Sagar जिले के बांदरी और जरुआखेड़ा जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिला, जहां जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

    बांदरी में जुलूस के दौरान समाज के लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और थाने पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। वहीं जरुआखेड़ा में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पुलिस चौकी को ज्ञापन सौंपा गया।

    समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जाएगा।