एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1 लाख 38 हजार 485 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को इसमें 518 रुपए यानी करीब 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1 लाख 39 हजार 3 रुपए पर कारोबार की शुरुआत हुई। दिन के दौरान खरीदारी और तेज हुई तो सोने ने 694 रुपए यानी 0.50 प्रतिशत की छलांग लगाई। इसके बाद भाव बढ़कर 1 लाख 39 हजार 179 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया। कई दिनों की कमजोरी के बाद आई इस तेजी को बाजार में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा मजबूती देखने को मिली। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र में 1 लाख 79 हजार 132 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। सोमवार को यह 1962 रुपए की बढ़त के साथ 1 लाख 81 हजार 94 रुपए पर खुली। कारोबार के दौरान इसमें तेजी और बढ़ गई। एक समय चांदी 3569 रुपए यानी करीब 1.99 प्रतिशत उछलकर 1 लाख 82 हजार 701 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इस तेजी ने चांदी के खरीदारों और निवेशकों के बीच हलचल बढ़ा दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में मजबूती दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना करीब 0.33 प्रतिशत चढ़कर 3911.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी में 2.24 प्रतिशत की तेजी आई और इसका भाव 50.380 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक हाल के सप्ताहों में कीमतों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की है। इसी वजह से दोनों कीमती धातुओं को सहारा मिला है।
हालांकि सोमवार की तेजी के बावजूद सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों से काफी नीचे बने हुए हैं। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 28 प्रतिशत नीचे है जबकि चांदी में रिकॉर्ड स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। ऐसे में मौजूदा तेजी को अभी पूरी तरह से गिरावट का अंत मानना जल्दबाजी होगी।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी शेयर बाजार में आई कमजोरी ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को बढ़ाया है। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड का असर देखने को मिल सकता है। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमती धातुओं में और तेजी आ सकती है। हालांकि त्योहारों से पहले खरीदारी करने वाले लोगों को केवल एक दिन की तेजी देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और खरीदारी से पहले ताजा भाव तथा स्थानीय ज्वेलर के रेट की जानकारी लेना जरूरी है।









