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  • मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव..

    मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव..

    नई दिल्ली।
    मई 2026 की शुरुआत देश के उपभोक्ताओं और बाजार पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ते हुए हुई है। एक तरफ जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिससे बाजार में मिला-जुला माहौल बना हुआ है।

    तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम पहले जैसे ही बने हुए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की गई है, ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके।

    हालांकि, कमर्शियल LPG सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में तेज बढ़ोतरी की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं की लागत बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर सेवा क्षेत्र की लागत पर पड़ सकता है, जो अंततः उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है। राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।

    दूसरी ओर सर्राफा बाजार में भी हलचल देखने को मिली है। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी लगातार तीसरे दिन सस्ती हुई है। सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत लेकर आई है। जहां कुछ लोग इसे खरीदारी का अवसर मान रहे हैं, वहीं कुछ निवेशक अभी भी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क बने हुए हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार दोनों पर देखा जा रहा है। वैश्विक निवेश और केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव भी इन कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले समय में बाजार में और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

    आर्थिक जानकारों का यह भी मानना है कि कच्चे तेल और कीमती धातुओं की कीमतें वैश्विक घटनाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इन बाजारों में स्थिरता फिलहाल चुनौती बनी हुई है। सोने की कीमतों में दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती


    नई दिल्ली । सोना और चांदी की कीमतों में आज 23 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 927 रुपए घटकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया। एक दिन पहले यानी 22 अप्रैल को यह 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी कमी आई है और यह 4,700 रुपए गिरकर 2.43 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है, जो पहले 2.48 लाख रुपए थी।

    इस साल अब तक महंगा ही रहा सोना-चांदी
    हालांकि ताजा गिरावट के बावजूद 2026 में सोने-चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर बढ़त बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच चुका है, यानी करीब 18 हजार रुपए की तेजी। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है।

    ऊंचाई से नीचे आए दाम

    इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस दिन सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब 25 हजार रुपए और चांदी लगभग 1.42 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है।

    वैश्विक संकेतों का असर, बाजार में उतार-चढ़ाव
    विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, कीमतों में आई ताजा गिरावट ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए कुछ राहत जरूर लेकर आई है।