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  • इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट से चलाता था गैंग, लाखों का माल बरामद

    इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट से चलाता था गैंग, लाखों का माल बरामद


    ग्वालियर । ग्वालियर पुलिस ने शहर में सक्रिय एक हाईटेक चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। इंदरगंज थाना पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 94 लाख 25 हजार रुपए मूल्य का चोरी का माल बरामद किया है। बरामदगी में सोना, चांदी, नकदी और चोरी के पैसों से खरीदी गई एक कार शामिल है। पुलिस इसे वर्ष 2026 की सबसे बड़ी रिकवरी मान रही है।

    इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह का मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति कंप्यूटर इंजीनियरिंग का छात्र रहा है। पुलिस के अनुसार, जल्दी और अधिक पैसा कमाने की चाह में उसने अपराध का रास्ता चुना और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया। गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से सूने मकानों को निशाना बनाते थे और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लेते थे।

    मामले की शुरुआत 5 मई 2026 को हुई थी, जब इंदरगंज क्षेत्र निवासी अजय शंकर मित्तल के घर में चोरी की बड़ी वारदात हुई। मकान सूना होने का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़ा और लाखों रुपए के जेवरात तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का सरगना विवेक प्रजापति अपने साथियों और परिजनों से संपर्क करने के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेजिंग एप का इस्तेमाल नहीं करता था। वह इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट फीचर का उपयोग करता था, ताकि उसकी बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। गिरफ्तारी के बाद भी उसने करीब 48 घंटे तक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसके साथी फरहान खान से मिली जानकारी ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस पनिहार टोल प्लाजा के आगे बीहड़ क्षेत्र में पहुंची, जहां चोरी का माल जमीन में गाड़कर और पत्थरों के नीचे छिपाकर रखा गया था। यहां से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बरामद की गई। पुलिस ने चोरी के गहने खरीदने के आरोप में एक सराफा कारोबारी विवेक सोनी को भी गिरफ्तार किया है।

    सीएसपी रोबिन जैन के मुताबिक अब तक गिरोह के कई सदस्य पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति, फरहान खान, आकाश माहौर, मयूर राठौर, एक नाबालिग आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाला सुनार शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 300 ग्राम सोना, साढ़े 14 किलो चांदी तथा चोरी की रकम से खरीदी गई आई-20 कार जब्त की है।

    पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित अपराधों और नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया हो सकता है।

  • गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी

    गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को चौंका दिया। तेज रफ्तार से जा रही एक वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि यह मामला शुरुआत में सामान्य सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जब पुलिस ने हादसे का शिकार हुई वैन की जांच की तो अंदर से भारी मात्रा में चांदी बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    यह हादसा पालघर जिले के चारोटी ब्रिज के पास सुबह के समय हुआ। बताया जा रहा है कि वैन गुजरात की ओर जा रही थी और उसमें भारी मात्रा में चांदी की प्लेटें लदी हुई थीं। दुर्घटना के दौरान वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण वैन पहले डिवाइडर से टकराई। इसके बाद पीछे से आ रहे एक ट्रक ने भी वैन को टक्कर मार दी, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

    स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वैन की तलाशी ली, तो उसमें करीब 600 किलोग्राम वजन की चांदी की 20 बड़ी प्लेटें बरामद हुईं। शुरुआती अनुमान के अनुसार बरामद चांदी की कीमत लगभग 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातु मिलने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई।

    जांच में सामने आया कि यह चांदी गुजरात की एक कंपनी तक पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने सभी प्लेटों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ चांदी के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी और कीमती सामान ले जाने वाले वाहनों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और सावधानी बेहद जरूरी होती है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे में मारे गए लोगों की पहचान तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। वहीं, इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और माल परिवहन नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।